*संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे विपक्ष : गिरीश पति त्रिपाठी अयोध्या। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनावी पराजय की खीझ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। चुनाव हारने के बाद निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना समस्या का समाधान नहीं है। महापौर ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग स्थिति स्पष्ट कर चुका है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि एसआईआर समेत प्रमुख निर्णय आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू प्रक्रिया तक निर्णय आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध माना है। उन्होंने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर कहा कि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पत्र आयोग की किसी नीति अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़े प्रशासनिक विषय तक सीमित था। इसी प्रकार फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार गैर-एसआईआर अवधि में पूर्व निर्धारित नियम ही लागू हैं और प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। महापौर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी राजनीति का हिस्सा रहा है। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर आरोप लगाने और न्यायपालिका पर दबाव होने संबंधी बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए बयानों से देश की संस्थाओं की छवि प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने राफेल सौदे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस की ओर से “चौकीदार चोर है” जैसे राजनीतिक आरोप लगाए गए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्याख्या को लेकर राहुल गांधी को बाद में अदालत में खेद व्यक्त करना पड़ा था। महापौर ने कहा कि राजनीतिक आरोपों और न्यायिक निष्कर्षों के बीच अंतर रखा जाना चाहिए। महापौर ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सैन्य अभियानों पर भी राजनीतिक बयानबाजी की गई। उन्होंने तवांग झड़प का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय जवानों की पिटाई किए जाने संबंधी बयान पर सेना और सरकार ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर राजनीतिक विमर्श तथ्यों और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी ईवीएम, कभी निर्वाचन आयोग, कभी सुप्रीम कोर्ट और कभी अन्य संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास करता है। लोकतंत्र में संस्थाओं की आलोचना का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। *तथ्यों के आधार पर बात रखे विपक्ष : रोली सिंह* जिला पंचायत प्रशासक रोली सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और एसआईआर जैसे विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक तथ्यों को जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपना स्पष्टीकरण दे चुका है और लोकतंत्र में मतदाता की भागीदारी तथा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र मौजूद रहे।
*संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे विपक्ष : गिरीश पति त्रिपाठी अयोध्या। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनावी पराजय की खीझ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। चुनाव हारने के बाद निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना समस्या का समाधान नहीं है। महापौर ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग स्थिति स्पष्ट कर चुका है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि एसआईआर समेत प्रमुख निर्णय आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर
विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू प्रक्रिया तक निर्णय आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध माना है। उन्होंने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर कहा कि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पत्र आयोग की किसी नीति अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़े प्रशासनिक विषय तक सीमित था। इसी प्रकार फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार गैर-एसआईआर अवधि में पूर्व निर्धारित नियम ही लागू हैं और प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। महापौर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी राजनीति का हिस्सा रहा है। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने, निर्वाचन आयोग
की निष्पक्षता पर आरोप लगाने और न्यायपालिका पर दबाव होने संबंधी बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए बयानों से देश की संस्थाओं की छवि प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने राफेल सौदे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस की ओर से “चौकीदार चोर है” जैसे राजनीतिक आरोप लगाए गए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्याख्या को लेकर राहुल गांधी को बाद में अदालत में खेद व्यक्त करना पड़ा था। महापौर ने कहा कि राजनीतिक आरोपों और न्यायिक निष्कर्षों के बीच अंतर रखा जाना चाहिए। महापौर ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सैन्य अभियानों पर भी राजनीतिक बयानबाजी की गई। उन्होंने तवांग झड़प का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय जवानों की पिटाई किए जाने संबंधी बयान पर सेना और सरकार ने आपत्ति जताई थी।
उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर राजनीतिक विमर्श तथ्यों और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी ईवीएम, कभी निर्वाचन आयोग, कभी सुप्रीम कोर्ट और कभी अन्य संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास करता है। लोकतंत्र में संस्थाओं की आलोचना का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। *तथ्यों के आधार पर बात रखे विपक्ष : रोली सिंह* जिला पंचायत प्रशासक रोली सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और एसआईआर जैसे विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक तथ्यों को जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपना स्पष्टीकरण दे चुका है और लोकतंत्र में मतदाता की भागीदारी तथा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र मौजूद रहे।
- टिकट, विदेश या राजनीति? पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने खुद बता दी अपने दिल की बात1
- कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ दोषियों के खिलाफ होगा धरना बिपिन पांडेय संवाददाता लोकेशन अयोध्या अयोध्या (नगर पंचायत भरतकुंड/भदरसा) कार्यवाही नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ और दोषियों के खिलाफ होगा धरना वन विभाग के कर्मचारी धर्मराज यादव की भी सरकारी पेड़ सागौन कटाने की आ रही भूमिका सूत्र ग्रामीण अत्याचार की प्रकाष्ठा पार कार्यवाही में मिलीभगत हुई तो होगा धरना पूरा गांव क्षेत्र उतरेगा धरने पर बताते चले रविवार की रात्रि कुछ लोगों ने नगर पंचायत भरतकुंड /भदरसा के अंतर्गत पिपरी गांव के वार्ड संख्या 16 में चोरी से सरकारी जमीन पर सागौन के पेड़ काट लिए गए जिसका मामला गंभीर होता जा रहा है जिस पर सोमवार को उपजिलाधिकारी सोहावल आदित्य विक्रम अग्रवाल घटना स्थल पर पहुंच कर चोरी हुए सागौन के कुछ लकड़ी को बरामद कर लिया वही सूत्रों की माने एक वाहन से चोरी की गई लकड़ी को एक आरा मशीन पर बेचने पहुंचे थे जहां कुछ लोग और वन विभाग के एक कर्मचारी धर्मराज यादव का नाम आ रहा है जिसकी सत्यता की जांच की गई तो जांच में लोगो ने वन विभाग के कर्मचारी की आने की बात बताई वही पूरे मामले में ईओ नगर पंचायत विनय दुबे ने चुप्पी साध ली है माना जा रहा विनय दुबे आरोपियों को बचाने में लगे है वही मामले में जब विनय दुबे से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जब उपजिलाधिकारी सोहावल आ गए है तो करना होगा उपजिलाधिकारी करेंगे हम कुछ नहींकर सकते मामले में यह पहली चोरी पेड़ो की नगर पंचायत में नहीं इससे पहले लगभग 3 वर्ष पहले लाखों के सरकारी पेड़ सागौन के चोरी करके बेच लिए गए थे वही कैल में चोरी गए पेड़ो में पहले लेखपाल ने 42 पेड़ो के चोरी की रिपोर्ट दी फिर लेखपाल आकाश सिंह ने रिपोर्ट संशोधन करते हुए 14 पेड़ चोरी की रिपोर्ट बतायी और रिपोर्ट दर्ज कराते कराते 9 पेड़ चोरी की रिपोर्ट चोरी की दर्ज हुई वही मामले में ऐ डी एम प्रशासन एवं जिलाधिकारी अयोध्या ने कड़ी कार्यवाही की बात कही वहीं ग्रामीण भी अब कार्यवाही पर अड़ गए ग्रामीणों एवं भाजपा सभासदों का कहना है यदि कार्यवाही नहीं हुई तो आरोपियों पर कार्यवाही को लेकर जल्द ही वे सभी धरने पर उतरेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के वार्ड संख्या 16 पिपरी का मामला रविवार की रात्रि चोरी से सरकारी जमीन पर काटे कर उठा लिए गए सागौन के सरकारी पेड़2
- पूर्व नौकरशाह दिव्या मित्तल के अलग राजनीतिक संगठन बनाने के ऐलान से यूपी की सियासत में चर्चा। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अलग राजनीतिक दल बनाने का किया ऐलान। अयोध्या। खबर लखनऊ से पूर्व नौकरशाह दिव्या मित्तल के अलग राजनीतिक संगठन बनाने के ऐलान से यूपी की सियासत में चर्चा तेज।, 3 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति में नई पारी शुरू करेंगी दिव्या मित्तल। दिव्या मित्तल ने IAS सेवा से इस्तीफे के बाद राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की। किसी स्थापित दल में शामिल होने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाएंगी दिव्या मित्तल। उत्तर प्रदेश से अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल। वीडियो संदेश के जरिए दिव्या मित्तल ने लोगों से शुरू किया सीधा संवाद। दिव्या मित्तल ने लोगों से कहा- लगे यह आपकी भी आवाज है तो WhatsApp पर भेजें संदेश। 29 सितंबर को अगले कदम के ऐलान का था इंतजार, दिव्या मित्तल ने किया राजनीतिक दल का ऐलान। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पहल।1
- अयोध्या में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह और महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की। कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जिला अस्पताल के सामने रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह, रामदास वर्मा, रामअवध पासी और प्रवक्ता शीतला पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।1
- आओ चले जीवन हरा-भरा जीवन* बनाये बाहर पेड़ नहीं, अंदर भी शांति और सेहत। के पेड़ पौधे लगाए, बहुत सुंदर सोच है आपकी - *हरा-भरा जीवन* मतलब सिर्फ बाहर पेड़ नहीं, अंदर भी शांति और सेहत। आपके जीवन को हरा-भरा बनाने के लिए 5 छोटे नियम बना लीजिए: *1. घर को हरा कीजिए:* रोज सुबह 10 मिनट पौधों के साथ बिताइए। तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा से शुरू कीजिए। ये हवा साफ करेंगे और मन भी शांत रहेगा। *2. शरीर को हरा कीजिए:* - प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील की बोतल- रोज एक फल, हरी सब्जी जरूर - सुबह 20 मिनट धूप और सैर *3. मन को हरा कीजिए:* फोन पर कम समय, प्रकृति में ज्यादा। जैसे शिक्षक क्लास में फोन में busy रहते हैं तो क्लास सूख जाती है, वैसे ही हम फोन में busy रहेंगे तो हमारा जीवन भी सूख जाएगा। *4. आदतों को हरा कीजिए:* - पानी बचाना - नल बंद करना - बिजली बचाना - जरूरत न हो तो लाइट-पंखा बंद - कचरा अलग-अलग रखना *5. एक संकल्प लीजिए:* इस महीने सिर्फ 1 पेड़ लगाइए और उसका नाम रख दीजिए। जब आप उसे बड़ा होते देखेंगे, आपका जीवन खुद-ब-खुद हरा-भरा लगने लगेगा। आप चाहें तो मैं आपके नाम का एक *"हरा-भरा जीवन संकल्प पत्र"* बना दूँ जिसे आप अपने घर में लगा सकते हैं? बताइए, आप गांव में रहते हैं या शहर में? उसी हिसाब से मैं आपको पौधों के नाम बताता हूँ। आओ चले जीवन हरा-भरा जीवन* बनाये बाहर पेड़ नहीं, अंदर भी शांति और सेहत। के पेड़ पौधे लगाए, बहुत सुंदर सोच है आपकी - *हरा-भरा जीवन* मतलब सिर्फ बाहर पेड़ नहीं, अंदर भी शांति और सेहत। आपके जीवन को हरा-भरा बनाने के लिए 5 छोटे नियम बना लीजिए: *1. घर को हरा कीजिए:* रोज सुबह 10 मिनट पौधों के साथ बिताइए। तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा से शुरू कीजिए। ये हवा साफ करेंगे और मन भी शांत रहेगा। *2. शरीर को हरा कीजिए:* - प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील की बोतल- रोज एक फल, हरी सब्जी जरूर - सुबह 20 मिनट धूप और सैर *3. मन को हरा कीजिए:* फोन पर कम समय, प्रकृति में ज्यादा। जैसे शिक्षक क्लास में फोन में busy रहते हैं तो क्लास सूख जाती है, वैसे ही हम फोन में busy रहेंगे तो हमारा जीवन भी सूख जाएगा। *4. आदतों को हरा कीजिए:* - पानी बचाना - नल बंद करना - बिजली बचाना - जरूरत न हो तो लाइट-पंखा बंद - कचरा अलग-अलग रखना *5. एक संकल्प लीजिए:* इस महीने सिर्फ 1 पेड़ लगाइए और उसका नाम रख दीजिए। जब आप उसे बड़ा होते देखेंगे, आपका जीवन खुद-ब-खुद हरा-भरा लगने लगेगा। आप चाहें तो मैं आपके नाम का एक *"हरा-भरा जीवन संकल्प पत्र"* बना दूँ जिसे आप अपने घर में लगा सकते हैं? बताइए, आप गांव में रहते हैं या शहर में? उसी हिसाब से मैं आपको पौधों के नाम बताता हूँ।1
- ई ओ और वन विभाग ने लोगों ने फोन पर खुद कबूला किसने कटाया था पेड़ भाजपा के ही सभासद पर लगा पेड़ कटाने का आरोप अयोध्या। ई ओ और वन विभाग ने लोगों ने फोन पर खुद कबूला किसने कटाया था पेड़ भाजपा के ही सभासद पर लगा पेड़ कटाने का आरोप नगर पंचायत भरतकुंड के वार्ड नम्बर 16 में रविवार को रात्रि काटे गए लाखों के पेड़ उपजिलाधिकारी सोहावल भी पहुंचे वन विभाग के यार्ड बरामद की काटे हुए सागौन की लकड़ी नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के पिपरी के वार्ड संख्या 16 में काट लिए गए थे सरकारी जमीन से सरकारी सागौन के पेड़ चोरी का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी सोहावल एवं थाना पूराकलंदर से हुई थी शिकायत अभी तक नगर पंचायत के ई ओ ने नहीं दी तहरीर मामले में लीपापोती का आरोप भाजपा के ही सभासद पर लगा चोरी से पेड़ कटाने का आरोप नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के पिपरी के वार्ड संख्या 16 में रविवार की रात्रि चोरी से सागौन का पेड़ काटने का आरोप हुई थी शिकायत न्यूज ग्रुप ऑडियो की पुष्टि नहीं करता ऑडियो हुई वायरल1
- नगर पंचायत भरतकुंड पर भ्रष्टाचार का आरोप सरकारी जमीन से सागौन के सरकारी पेड़ बेचने का आरोप नगर पंचायत भरतकुंड पर भ्रष्टाचार का आरोप सरकारी जमीन से सागौन के सरकारी पेड़ बेचने का आरोप । अयोध्या। नगर पंचायत भरतकुंड /भदरसा/ पुराकलंदर नगर पंचायत भरतकुंड पर भ्रष्टाचार का आरोप सरकारी जमीन से सागौन के सरकारी पेड़ बेचने का आरोप उपजिलाधिकारी सोहावल से हुई शिकायत उपजिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश लाखों के कीमती पेड़ बेच डालने का आरोप पहले भी नगर पंचायत में कटे है सागौन के कई लाखों से चोरी के पेड़ खानापूर्ति में चलती है पेड़ो की चोरी का मामला कार्यवाही ऐसी होती है न सांप मरे न लाठी टूटे नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के बार्ड संख्या 16 का मामला1
- कार्यवाही नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ और दोषियों के खिलाफ होगा धरना। वन विभाग के कर्मचारी धर्मराज यादव की भी सरकारी पेड़ सागौन कटाने की आ रही भूमिका-सूत्र। अयोध्या। ग्रामीण अत्याचार की प्रकाष्ठा पार कार्यवाही में मिलीभगत हुई तो होगा धरना पूरा गांव क्षेत्र उतरेगा धरने पर बताते चले रविवार की रात्रि कुछ लोगों ने नगर पंचायत भरतकुंड /भदरसा के अंतर्गत पिपरी गांव के वार्ड संख्या 16 में चोरी से सरकारी जमीन पर सागौन के पेड़ काट लिए गए जिसका मामला गंभीर होता जा रहा है जिस पर सोमवार को उपजिलाधिकारी सोहावल आदित्य विक्रम अग्रवाल घटना स्थल पर पहुंच कर चोरी हुए सागौन के कुछ लकड़ी को बरामद कर लिया वही सूत्रों की माने एक वाहन से चोरी की गई लकड़ी को एक आरा मशीन पर बेचने पहुंचे थे जहां कुछ लोग और वन विभाग के एक कर्मचारी धर्मराज यादव का नाम आ रहा है जिसकी सत्यता की जांच की गई तो जांच में लोगो ने वन विभाग के कर्मचारी की आने की बात बताई। वही पूरे मामले में ईओ नगर पंचायत विनय दुबे ने चुप्पी साध ली है माना जा रहा विनय दुबे आरोपियों को बचाने में लगे है वही मामले में जब विनय दुबे से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जब उपजिलाधिकारी सोहावल आ गए है तो करना होगा उपजिलाधिकारी करेंगे हम कुछ नहींकर सकते, मामले में यह पहली चोरी पेड़ो की नगर पंचायत में नहीं इससे पहले लगभग 3 वर्ष पहले लाखों के सरकारी पेड़ सागौन के चोरी करके बेच लिए गए थे। वही कैल में चोरी गए पेड़ो में पहले लेखपाल ने 42 पेड़ो के चोरी की रिपोर्ट दी फिर लेखपाल आकाश सिंह ने रिपोर्ट संशोधन करते हुए 14 पेड़ चोरी की रिपोर्ट बतायी और रिपोर्ट दर्ज कराते कराते 9 पेड़ चोरी की रिपोर्ट चोरी की दर्ज हुई। वही मामले में ऐ डी एम प्रशासन एवं जिलाधिकारी अयोध्या ने कड़ी कार्यवाही की बात कही वहीं ग्रामीण भी अब कार्यवाही पर अड़ गए ग्रामीणों एवं भाजपा सभासदों का कहना है यदि कार्यवाही नहीं हुई तो आरोपियों पर कार्यवाही को लेकर जल्द ही वे सभी धरने पर उतरेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के वार्ड संख्या 16 पिपरी का मामला रविवार की रात्रि चोरी से सरकारी जमीन पर काटे कर उठा लिए गए सागौन के सरकारी पेड़1