धान की फसल में पत्ती लपेटक एवं तना छेदक कीट के प्रकोप से बचाव हेतु किसानों को सलाह रायबरेली : जनपद रायबरेली में धान खरीफ मौसम की प्रमुख फसल है तथा सर्वाधिक क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। वर्तमान समय में जनपद के कुछ क्षेत्रों में धान की फसल में पत्ती लपेटक कीट एवं तना छेदक कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। इन कीटों के समय से नियंत्रण न किए जाने पर फसल की पत्तियों एवं तनों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ उत्पादन में कमी हो सकती है। पत्ती लपेटक कीट के लक्षण पत्ती लपेटक कीट की छोटी सुंडी धान की पत्ती को किनारे से मोड़कर/लपेटकर उसके अंदर रहकर पत्ती की हरी सतह को खुरचकर खाती है। प्रभावित पत्तियों पर सफेद अथवा पारदर्शी धारियां दिखाई देती हैं तथा कई पत्तियां लंबाई में मुड़ी हुई या नलीनुमा दिखाई देती हैं। अधिक प्रकोप होने पर पौधे की हरी पत्तियों का क्षेत्रफल कम होने से प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है। तना छेदक कीट के लक्षण तना छेदक कीट की सुंडी पौधे के तने में प्रवेश कर अंदरूनी भाग को खाती है। प्रारम्भिक अवस्था में पौधे की बीच की पत्ती सूखकर पीली पड़ जाती है, जिसे ‘डेड हार्ट’ (मृत गोभ) कहा जाता है। फसल में बालियां निकलने के समय प्रकोप होने पर बालियां सूखकर सफेद दिखाई देती हैं और उनमें दाने नहीं बनते। इस अवस्था को ‘व्हाइट ईयर’ (सफेद बाली) कहा जाता है। किसानों के लिए समेकित नियंत्रण उपाय खेत का नियमित निरीक्षण करें तथा प्रभावित पत्तियों एवं पौधों को पहचानकर यथासंभव नष्ट करें। तना छेदक की निगरानी के लिए फेरोमोन ट्रैप का प्रयोग किया जा सकता है। खेत में कीट की स्थिति के अनुसार निगरानी करते हुए समय से नियंत्रण उपाय अपनाएं। अत्यधिक नत्रजन/यूरिया के असंतुलित प्रयोग से बचें। संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने से कीटों के अनुकूल अत्यधिक कोमल फसल वृद्धि को कम किया जा सकता है। रासायनिक नियंत्रण यदि पत्ती लपेटक अथवा तना छेदक का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर तक पहुंच रहा हो, तो निम्न में से किसी एक कीटनाशी का लेबल/अनुमोदित उपयोग के अनुसार छिड़काव करें— कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50% SP धान में तना छेदक (Stem Borer), पत्ती लपेटक (Leaf Folder) तथा व्हर्ल मैगॉट (Whorl Maggot) के नियंत्रण के लिए इसका व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। मात्रा: 400 ग्राम प्रति एकड़। प्रयोग विधि: पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। छिड़काव का घोल पौधों के निचले भाग तथा पत्तियों की भंवरी/गुच्छे (Whorl) में अच्छी तरह पहुँचे, जहाँ कीट अधिक पाए जाते हैं। छिड़काव का उपयुक्त समय: तापमान कम होने पर सुबह जल्दी या शाम को छिड़काव करना बेहतर रहता है। अथवा लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 5% EC धान में कीट नियंत्रण के लिए प्रयुक्त कीटनाशी है। मात्रा: सामान्यतः लगभग 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी अथवा लगभग 400 मिलीलीटर प्रति एकड़। उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न रसायनों में से कोई एक का भी प्रयोग किया जाता है कीटनाशी| मात्रा प्रति हेक्टेयर| उपयोग Chlorantraniliprole 18.5 SC (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी)| 150 मिली/हेक्टेयर| पत्ती लपेटक एवं तना छेदक Flubendiamide 480 SC (फ्लूबेन्डियामाइड 480 एस सी)| 50 मिली/हेक्टेयर| पत्ती लपेटक एवं तना छेदक कीटनाशी की वास्तविक मात्रा फसल, कीट की स्थिति और अनुशंसित लेबल मात्रा के अनुसार रखी जानी चाहिए। प्रयोग विधि:कीटनाशी का छिड़काव करते समय साफ पानी की अनुशंसित मात्रा में दवा को अच्छी तरह मिलाकर पत्तियों एवं पौधों के प्रभावित भागों पर समान रूप से छिड़काव करें। दवा की मात्रा निर्धारित मात्रा से अधिक न करें तथा एक साथ कई कीटनाशियों को बिना तकनीकी सलाह के मिलाकर प्रयोग न करें। किसान भाई किसी कीट की पहचान अथवा कीटनाशी के चयन में भ्रम होने पर अपने निकटतम राजकीय कृषि रक्षा इकाई/कृषि विभाग के कर्मचारी से सलाह प्राप्त करें।
धान की फसल में पत्ती लपेटक एवं तना छेदक कीट के प्रकोप से बचाव हेतु किसानों को सलाह रायबरेली : जनपद रायबरेली में धान खरीफ मौसम की प्रमुख फसल है तथा सर्वाधिक क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। वर्तमान समय में जनपद के कुछ क्षेत्रों में धान की फसल में पत्ती लपेटक कीट एवं तना छेदक कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। इन कीटों के समय से नियंत्रण न किए जाने पर फसल की पत्तियों एवं तनों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ उत्पादन में कमी हो सकती है। पत्ती लपेटक कीट के लक्षण पत्ती लपेटक कीट की छोटी सुंडी धान की पत्ती को किनारे से मोड़कर/लपेटकर उसके अंदर रहकर पत्ती की हरी सतह को खुरचकर खाती है। प्रभावित पत्तियों पर सफेद अथवा पारदर्शी धारियां दिखाई देती हैं तथा कई पत्तियां लंबाई में मुड़ी हुई या नलीनुमा दिखाई देती हैं। अधिक प्रकोप होने पर पौधे की हरी पत्तियों का क्षेत्रफल कम होने से प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है। तना छेदक कीट के लक्षण तना छेदक कीट की सुंडी पौधे के तने में प्रवेश कर अंदरूनी भाग को खाती है। प्रारम्भिक अवस्था में पौधे की बीच की पत्ती सूखकर पीली पड़ जाती है, जिसे ‘डेड हार्ट’ (मृत गोभ) कहा जाता है। फसल में बालियां निकलने के समय प्रकोप होने पर बालियां सूखकर सफेद दिखाई देती हैं और उनमें दाने नहीं बनते। इस अवस्था को ‘व्हाइट ईयर’ (सफेद बाली) कहा जाता है। किसानों के लिए समेकित नियंत्रण उपाय खेत का नियमित निरीक्षण करें तथा प्रभावित पत्तियों एवं पौधों को पहचानकर यथासंभव नष्ट करें। तना छेदक की निगरानी के लिए फेरोमोन ट्रैप का प्रयोग किया जा सकता है। खेत में कीट की स्थिति के अनुसार निगरानी करते हुए समय से नियंत्रण उपाय अपनाएं। अत्यधिक नत्रजन/यूरिया के असंतुलित प्रयोग से बचें। संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने से कीटों के अनुकूल अत्यधिक कोमल फसल वृद्धि को कम किया जा सकता है। रासायनिक नियंत्रण यदि पत्ती लपेटक अथवा तना छेदक का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर तक पहुंच रहा हो, तो निम्न में से किसी एक कीटनाशी का लेबल/अनुमोदित उपयोग के अनुसार छिड़काव करें— कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50% SP धान में तना छेदक (Stem Borer), पत्ती लपेटक (Leaf Folder) तथा व्हर्ल मैगॉट (Whorl Maggot) के नियंत्रण के लिए इसका व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। मात्रा: 400 ग्राम प्रति एकड़। प्रयोग विधि: पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। छिड़काव का घोल पौधों के निचले भाग तथा पत्तियों की भंवरी/गुच्छे (Whorl) में अच्छी तरह पहुँचे, जहाँ कीट अधिक पाए जाते हैं। छिड़काव का उपयुक्त समय: तापमान कम होने पर सुबह जल्दी या शाम को छिड़काव करना बेहतर रहता है। अथवा लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 5% EC धान में कीट नियंत्रण के लिए प्रयुक्त कीटनाशी है। मात्रा: सामान्यतः लगभग 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी अथवा लगभग 400 मिलीलीटर प्रति एकड़। उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न रसायनों में से कोई एक का भी प्रयोग किया जाता है कीटनाशी| मात्रा प्रति हेक्टेयर| उपयोग Chlorantraniliprole 18.5 SC (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी)| 150 मिली/हेक्टेयर| पत्ती लपेटक एवं तना छेदक Flubendiamide 480 SC (फ्लूबेन्डियामाइड 480 एस सी)| 50 मिली/हेक्टेयर| पत्ती लपेटक एवं तना छेदक कीटनाशी की वास्तविक मात्रा फसल, कीट की स्थिति और अनुशंसित लेबल मात्रा के अनुसार रखी जानी चाहिए। प्रयोग विधि:कीटनाशी का छिड़काव करते समय साफ पानी की अनुशंसित मात्रा में दवा को अच्छी तरह मिलाकर पत्तियों एवं पौधों के प्रभावित भागों पर समान रूप से छिड़काव करें। दवा की मात्रा निर्धारित मात्रा से अधिक न करें तथा एक साथ कई कीटनाशियों को बिना तकनीकी सलाह के मिलाकर प्रयोग न करें। किसान भाई किसी कीट की पहचान अथवा कीटनाशी के चयन में भ्रम होने पर अपने निकटतम राजकीय कृषि रक्षा इकाई/कृषि विभाग के कर्मचारी से सलाह प्राप्त करें।
- डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक सम्पन्न, 01 से 31 अक्टूबर तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक से पूर्व जनपद में 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले दस्तक अभियान की तैयारियों के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दोनों अभियानों को प्रभावी एवं व्यापक रूप से संचालित किया जाए तथा अभियान से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित दायित्वों का समयबद्ध ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता के साथ-साथ साफ-सफाई, जलभराव की स्थिति का निराकरण, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित लक्षण वाले मरीजों की समय से जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि दस्तक अभियान के दौरान आशा एवं अन्य फील्ड कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क कर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए तथा संभावित रोगियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अभियान के दौरान साफ-सफाई एवं स्वच्छता गतिविधियों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराने तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जनपद स्तर तक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग की जाए तथा अभियान की प्रगति की रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े अभियानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- कौशाम्बी। पुलिस लाइन कौशाम्बी में बुधवार को क्षेत्राधिकारी लाइन जनेश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की परेड कराई गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी, अनुशासन और टर्नआउट का निरीक्षण किया गया। क्षेत्राधिकारी ने पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुए पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। परेड के दौरान पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की समस्याओं और सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।1
- युवकों के झुंड ने एक युवक को बीच सड़क घेर कर पीटा, वीडियो हुआ वायरल, लात घुसो से पीटते दिख रहे दबंग मेरठ में युवकों के झुंड ने एक युवक को बीच सड़क घेर कर पीटा, वीडियो हुआ वायरल, लात घुसो से पीटते दिख रहे दबंग मेरठ में एक युवक को घेर कर पीटने का वीडियो सोशल पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है वायरल वीडियो में पुलिस से बेवकूफ युवकों का झुंड एक युवक को सरेराह बेरहमी से पीटता नजर आ रहा हैं वायरल वीडियो सदर बाजार क्षेत्र का बताया जा रहा है फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है बता दे मंगलवार सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो सदर बाजार थाना क्षेत्र के हनुमान चौक का बताया जा रहा है बताया जा रहा है कि विजयनगर का रहने वाला सचिन हनुमान चौक के पास काम करता है आरोपी की दो दिन पहले कुछ युवक उसके काम करने की जगह पर बैठकर शराब पी रहे थे इसी बात को लेकर सचिन का युवकों से विवाद हो गया था इसी रंजिश के चलते युवकों ने बीच सड़क उसे पर हमला कर दिया दबंग की इस करतूत को किसी शख्स ने मोबाइल में कैद किया जिसमें दबंग बेरहमी से सचिन के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है1
- किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा बिजली विभाग? कौशांबी। महेवाघाट के तिवारी का पुरवा गांव में 11 हजार वोल्ट का विद्युत पोल करीब 25 दिनों से सड़क पर गिरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शाहपुर महेवाघाट पावर हाउस को मोबाइल के माध्यम से सूचना देने के बावजूद अब तक पोल नहीं हटाया गया। इसी रास्ते से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, ग्रामीण और पशु गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कौशांबी में अधिकारियों के कार्य करने का तरीका भी सवालों के घेरे में है—क्या घटना होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी? ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल रास्ता खाली कराया जाए, विद्युत पोल को सही कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। खबरों से जुड़े रहने के लिए हमारे साथ बने रहिए और देखते रहिए डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश। रिपोर्ट: सत्यम कुमार चीफ एडिटर, डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।1
- सांप से खेलते मासूम बच्चे का वीडियो वायरल, देखने वालों की अटकी सांसें सोशल मीडिया 😊😊😊पर इन दिनों एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मासूम बच्चा सांप के साथ खेलता नजर आ रहा है। वीडियो में बच्चा बिना किसी डर के सांप को हाथ में उठा रहा है, जबकि सांप उसके आसपास लिपटा हुआ है। वीडियो देखकर लोगों की सांसें अटकी हुई हैं, वहीं कई लोग बच्चे के परिजनों की लापरवाही पर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कब का है और किस स्थान का है, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग और जानकारों ने लोगों से अपील की है कि सांपों के साथ इस तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती है, बच्चों को ऐसे जहरीले जीवों से दूर रखें।1
- चोरी के बाद घर में फेंकी गई पर्ची, सहमा परिवार कुतूपुर गांव में घटना से ग्रामीणों में भी बढ़ी चिंता, पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग जगतपुर, रायबरेली। कुतूपुर गांव में बीते दिनों हुई चोरी की वारदात के बाद अब उसी परिवार के घर में पर्ची फेंके जाने का मामला सामने आया है। पर्ची मिलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। परिजनों का कहना है कि बीती रात घर में एक पर्ची फेंकी गई। चोरी के बाद इस घटना से परिवार के लोग सहमे हुए हैं और रात में घर की सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। बताया गया कि कुछ दिन पहले चोरों ने रात के समय घर को निशाना बनाया था। चोर दीवार के रास्ते घर में दाखिल हुए और तीन बक्सों के ताले तोड़कर जेवर समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच शुरू की गई थी। अब घर में पर्ची फेंके जाने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। पर्ची किसने फेंकी और उसका उद्देश्य क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कही है। घटना की जानकारी फैलने के बाद ग्रामीणों में भी चिंता है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने, पर्ची फेंकने वाले का पता लगाने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है।1
- डीएम की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न, जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के दिए गए निर्देश रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन (शहरी/ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद में संचालित विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, निर्माणाधीन कार्यों की वर्तमान स्थिति, परियोजनाओं की प्रगति तथा पाइप लाइन बिछाने के दौरान कटिंग की गई सड़कों के रेस्टोरेशन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, उनमें आवश्यक कार्रवाई करते हुए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि परियोजनाओं के कार्य में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो तथा संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाएं नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने पाइप लाइन बिछाने के दौरान कटिंग की गई सड़कों के संबंध में विशेष रूप से निर्देश दिए कि सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कराया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा न हो। उन्होंने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जन सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम (शहरी) मो० अफजल खान, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग महिपाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- कौशाम्बी। करारी थाना क्षेत्र के भिखियापुर गांव में कथित तौर पर खुलेआम जुए की फड़ सजने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित रूप से जुआ खेलते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि थाना पुलिस की जानकारी या संरक्षण में जुए की फड़ संचालित हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- कौशाम्बी- कोर्ट से लौटने के बाद घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला किशोर। मिली जानकारी अनुसार किशोर पर गांव की लड़की भगा ले जाने के मामले में लगभग तीन महीने गया था जेल। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच में जुटी। मामला कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरई कटरा मोहल्ला की है।1