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मध्य प्रदेश के खंडवा में वन भूमि से बेदखल किए जाने और अतिक्रमण के विरोध में सर्व आदिवासी समाज द्वारा धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान जयस की राष्ट्रीय प्रभारी सीमा वास्कले ने वन विभाग और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सीमा वास्कले का सीधा आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया है, जिसके खिलाफ आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और वे इसके विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।
Ramchandra Kasde
मध्य प्रदेश के खंडवा में वन भूमि से बेदखल किए जाने और अतिक्रमण के विरोध में सर्व आदिवासी समाज द्वारा धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान जयस की राष्ट्रीय प्रभारी सीमा वास्कले ने वन विभाग और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सीमा वास्कले का सीधा आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया है, जिसके खिलाफ आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और वे इसके विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।
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- नर्मदापुरम के डोलरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम डूडूगांव स्थित मां गीता वेयर हाउस पर ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर आज तोल कांटे का पूजन किया गया। सेवा सहकारी समिति गुनोरा द्वारा आयोजित इस पूजन कार्यक्रम के अवसर पर वेयर हाउस संचालक श्री सुधीर पाठक और सेवा सहकारी समिति गुनोरा के प्रबंधक दुर्गेश गौर उपस्थित रहे। इसके साथ ही अर्जुन गौर, अरुण रघुवंशी, गोपाल प्रजापति, चिमन प्रजापति, ऑपरेटर दौलत यादव सहित अन्य लोग भी इस दौरान मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव स्थित 'सात खाली' गाँव में विकास के दावों के बीच रूह कंपा देने वाली बदहाली सामने आई है। यहाँ रहने वाले आदिवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में कीचड़ भरे रास्तों और जानलेवा सफर के बीच जीने को मजबूर हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद इस गाँव के हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो गया है और बीमारों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। गाँव की इस बदहाली पर प्रशासन और पूरा सिस्टम आँखें मूँद कर बैठा है, जिसे लेकर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इन आदिवासियों का जीवन इतना सस्ता है? गरीब लोगों को केवल सांत्वना देकर छोड़ देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की माँग की गई है।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद पुलिस थाने में "मैं भी पुलिस" पहल के तहत स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता और निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और समस्त पुलिस स्टाफ द्वारा नगर के पैरंट्स प्राईड इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों को थाने में बुलाकर पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि अपराध घटित होने पर पुलिस किस तरह सक्रिय होती है और अपने दायित्वों का निर्वाह कैसे करती है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भी उन्हीं की तरह हैं और पुलिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उनमें से ही कोई बड़ा होकर भविष्य में पुलिस बन सकता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि यदि उन्हें कुछ भी संदिग्ध लगे या वे कोई बात अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षक या मित्रों से साझा न कर पाएं, तो बेझिझक पुलिस को बताएं। इस दौरान स्कूल की बालिकाओं को समाज में बढ़ रहे अपराधों के प्रति जागरूक किया गया और स्कूल आते-जाते समय किसी भी असहजता या गंभीर व सामान्य घटना की स्थिति में तुरंत मित्र पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर संदीप कुशवाह, रविंद्र चौहान, श्री कृष्णा बिरला, अंतिम बाला भूरिया, गंभीर मीणा और आर विशराम सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित रहा।4
- खरगोन के बड़वाह में पुलिस ने गुम हुई 2 नाबालिग बालिकाओं को मात्र 12 घंटे के भीतर दस्तयाब कर लिया है।1
- कन्नौद के सिविल अस्पताल के सभा कक्ष में दस्तक अभियान के सफल संचालन के लिए आशा और आशा सुपरवाइजर को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. लोकेश मीणा ने निर्देश दिए कि गठित दल घर-घर दस्तक देकर बच्चों में मौसमी बीमारियों की समय पर पहचान करें और प्रोटोकॉल के अनुसार उनका उपचार व रेफरल सुनिश्चित करें। यह दस्तक अभियान आगामी 14 जुलाई से 31 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। अभियान के तहत गठित दल हर ग्राम में घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेगा। इस दौरान प्रत्येक बच्चे के अनुसार परिवार को दो ओआरएस के पैकेट और 14 जिंक की गोलियां दी जाएंगी। साथ ही बच्चों को विटामिन ए तथा आयरन सिरप की खुराक पिलाकर डायरिया, निमोनिया व कुपोषण जैसी मौसमी बीमारियों की पहचान की जाएगी। डॉ. मीणा ने बताया कि गंभीर लक्षण मिलने पर बच्चों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रेफर करना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीईई दिनेश साहू, बीपीएम प्रदीप पवार, बीसीएम विनोद भंवर, मलेरिया निरीक्षक धूम सिंह बघेल और विकासखंड की आशा व आशा सुपरवाइजर मौजूद रहीं।4
- बैतूल के भैंसदेही जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सोमवार को जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंदिरा कॉलोनी से वार्ड क्रमांक 4 तक लगभग 376 मीटर सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब ₹9.98 लाख की स्वीकृति और तकनीकी मंजूरी मिलने के बावजूद आज तक धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री के नाम पर सीमेंट और रेत के फर्जी भुगतान दर्शा दिए गए हैं, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने पंचायत पोर्टल से निकाले गए भुगतान संबंधी दस्तावेज भी सीईओ को सौंपे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने नल-जल योजना और राशन दुकान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई मोहल्लों में पानी पहुंच ही नहीं रहा है और ग्रामीणों को सप्ताह में केवल एक बार पानी मिलने से पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं, पंचायत की राशन दुकान का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण दुकान का संचालन किसी दूसरे स्थान से किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।3
- खंडवा में महिला एवं पॉक्सो मामलों में नर्मदानगर, मान्धाता और धनगांव पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन तीनों थानों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- खरगोन के ओखला स्थित अखिलेश्वर धाम में रोहिणी नक्षत्र में सिद्ध हनुमान जी की प्रतिमा का चोलावरण संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर धाम में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।1
- खरगोन के खरगोन-सनावद मार्ग और निदान वाली गली की बदहाल स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। सड़कों की हालत देखकर यह सवाल उठ रहा है कि यहाँ गड्ढे हैं या मौत का कुआं? प्रशासन की अनदेखी के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति की जान खतरे में पड़ी हुई है। सड़कों की इस जर्जर हालत के कारण रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में जनता अपनी जान जोखिम में डालकर इन रास्तों पर चलने को मजबूर है। प्रशासन से पुरजोर मांग की जा रही है कि इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरा जाए और सड़कों का पूरी तरह से कायाकल्प किया जाए।1