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पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनपद बस्ती के विकासखंड बनकटी की महिला प्रधान लक्ष्मी गुप्ता को आज सशक्त नेत्री के रूप में भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया🎉🌹♥️🥰🙏 आज का दिन हमारे चाचा जी के लिए बहुत ही गर्व की बात की बात है क्योंकि जिस बस्ती जिले में विकास की गलत नीतियों का आए दिन हमें सोशल मीडिया पर देखने को मिलता है उसे जिले में अगर किसी प्रधान को वह भी महिला प्रधान को ऐसे सम्मानित किया जा रहा है तो पूर जिले के गर्भ की बात है जय हिंद जयभारत🇮🇳🙏♥️🎉🥰🌹
अनिल कुमार गुप्ता
पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनपद बस्ती के विकासखंड बनकटी की महिला प्रधान लक्ष्मी गुप्ता को आज सशक्त नेत्री के रूप में भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया🎉🌹♥️🥰🙏 आज का दिन हमारे चाचा जी के लिए बहुत ही गर्व की बात की बात है क्योंकि जिस बस्ती जिले में विकास की गलत नीतियों का आए दिन हमें सोशल मीडिया पर देखने को मिलता है उसे जिले में अगर किसी प्रधान को वह भी महिला प्रधान को ऐसे सम्मानित किया जा रहा है तो पूर जिले के गर्भ की बात है जय हिंद जयभारत🇮🇳🙏♥️🎉🥰🌹
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- ईरान इजरायल अमेरिका मेडलिस्ट में बढ़ रहे तनाव से अभी हमारे इंडिया में भी असर दिखने लगा है घरेलू गैस का यह हाल है क्योंकि सप्लाई वहीं से सब आता है अभी तो पेट्रोल का हाल बाकि है1
- बस्ती। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों की पोल एक बार फिर बस्ती जनपद में खुल गई है। यहाँ बड़ेबन पुलिस चौकी से महज 30 मीटर की दूरी पर आधा दर्जन बेखौफ गुंडों ने एक पत्रकार के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उनकी जान लेने की कोशिश और असलहा छीनने का दुस्साहस भी किया। यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि बस्ती में अब गुंडों को न तो कानून का डर है और न ही वर्दी का खौफ। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, पत्रकार ने जब देखा कि कुछ दबंग एक छोटे दुकानदार के साथ गाली-गलौज और अभद्रता कर रहे हैं, तो उन्होंने अपने पेशेवर धर्म का पालन करते हुए वीडियो बनाना शुरू किया। बस यही बात उन 'सफेदपोश' गुंडों को नागवार गुजरी। पुलिस की नाक के नीचे तांडव हैरानी की बात यह है कि जहाँ परिंदा भी पर मारने से पहले पुलिस की मौजूदगी महसूस करता है, वहाँ चौकी से चंद कदमों की दूरी पर: आधा दर्जन गुंडों ने पत्रकार को घेर लिया। हाथों से मोबाइल छीनकर साक्ष्य (वीडियो) डिलीट कराया गया। पत्रकार का असलहा छीनने का प्रयास किया गया। सरेराह गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। बड़ा सवाल: क्या बस्ती की पुलिस इतनी लाचार हो गई है कि उसकी चौखट पर पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं? अगर बीच सड़क पर एक सजग पत्रकार के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या? चौकी इंचार्ज और कप्तान साहब ध्यान दें यह हमला सिर्फ पत्रकार पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। वीडियो डिलीट करा देना इस बात का प्रमाण है कि हमलावर पेशेवर अपराधी हैं और उन्हें साक्ष्य मिटाने की तकनीक बखूबी पता है। पत्रकार के साथ हुई यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती है। क्या इन गुंडों पर बुलडोजर वाली कार्रवाई होगी या फिर पुलिस 'जांच जारी है' का रटा-रटाया जुमला बोलकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगी? सम्पादकीय टिप्पणी: पत्रकारिता का गला घोंटने की कोशिश करने वाले ये तत्व समाज के लिए कैंसर हैं। अगर समय रहते इन पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो बस्ती की गलियों में कलम की आवाज दब जाएगी और गुंडाराज का उदय होगा।1
- अब नहीं होगी गैस की किल्लत, भक्तों के पॉपॉ ने बता दिया उपाय1
- सरसों का फसल1
- संतकबीरनगर जनपद के Khalilabad कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरही में एक महिला के घर से लापता होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार Sant Kabir Nagar के निवासी कल्पनाथ पुत्र स्व. रामसमुझ की बहू मायके जाने की बात कहकर घर से निकली और लगभग 10 हजार रुपये व अपने छोटे बेटे आकाश को साथ लेकर चली गई। महिला तीन बच्चों की मां बताई जा रही है, जबकि उसका पति रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब में रहता है। परिजनों के अनुसार महिला के घर न लौटने से परिवार चिंतित है और उसकी तलाश की जा रही है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।1
- साइबर ठगी के शिकार युवक को पुलिस ने लौटाए 3765 रुपये क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत दुधारा थाना साइबर सेल की कार्रवाई, तकनीकी विश्लेषण से फ्रीज कराई गई रकम संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत थाना दुधारा की साइबर सेल ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को उसकी पूरी धनराशि वापस दिलाई है। पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से पीड़ित के खाते में 3765 रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि वापस कराई गई। पुलिस के अनुसार थाना दुधारा क्षेत्र के ग्राम मीरापुर निवासी प्रदीप के साथ 6 जनवरी 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने 3765 रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने सूझबूझ दिखाते हुए अगले दिन 7 जनवरी 2026 को साइबर थाना दुधारा में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की टीम ने तत्काल तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। पुलिस टीम ने संबंधित पेमेंट गेटवे और बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर धोखाधड़ी की राशि को फ्रीज कराया। लगातार फॉलोअप के बाद पुलिस ने पीड़ित के बैंक खाते में पूरी 3765 रुपये की धनराशि वापस करवा दी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनिल मिश्रा, आरक्षी हेमंत कुमार, आरक्षी अनुज कुमार और आरक्षी ऋषिकेश यादव की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की अपील: संतकबीरनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। बैंक अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल या संदेशों पर विश्वास न करें। किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश के माध्यम से अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर सेल को सूचना दें।1
- अभी जिस हिसाब से ईरान अमेरिका इजरायल फुल स्क्रीन वार कर रहे हैं इस हिसाब से दुनिया में बहुत ही भयानक तबाही आने वाली है और सबसे पहले जितने भी हमारे मेडलिस्ट में इंडियन भाई हैं सरकार से निवेदन है कि जल्द से जल्द उनको इंडिया बुलवाया जाए जय हिंद 🇮🇳2
- संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर सेल थाना दुधारा जनपद संतकबीरनगर द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 3765 रुपये की शत प्रतिशत धनराशि पीडित के खाते में वापस कराई गयी । प्रकरण का संक्षिप्त विवरण थाना दुधारा क्षेत्र के ग्राम मीरापुर निवासी प्रदीप के साथ दिनांक 06.01.2026 को अज्ञात साइबर ठगों द्वारा 3765 रुपये की धोखाधड़ी की गई थी । ठगी का शिकार होने के उपरांत आवेदक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल अगले दिन दिनांक 07.01.2026 को साइबर थाना दुधारा में अपनी शिकायत दर्ज कराई । पुलिस टीम की कार्यप्रणाली मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दुधारा की साइबर टीम ने अविलंब तकनीकी विश्लेषण शुरू किया, टीम के सदस्य आरक्षी ऋषिकेश यादव, हेमन्त कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित गेटवे और बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया और फ्रॉड की गई राशि को फ्रीज कराया, निरंतर फॉलोअप के परिणामस्वरूप आज आवेदक के बैंक खाते में धोखाधड़ी की 3765 रुपये की शत प्रतिशत धनराशि पीडित के खाते में वापस कराई गयी । सराहनीय भूमिका निभाने वाली साइबर सेल थाना दुधारा पुलिस टीम • उ0नि0 अनिल मिश्रा • आरक्षी हेमन्त कुमार • आरक्षी अनुज कुमार • आरक्षी ऋषिकेश यादव संतकबीरनगर पुलिस द्वारा आम जनमानस से अपील करती है कि •किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी अज्ञात खाते में पैसा ट्रांसफर न करें । •बैंक अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल / मैसेज पर विश्वास न करें । •किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है । •साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर सेल को सूचित करें ।1
- लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के लिए एसपी ने की समीक्षा बैठक कोतवाली व दुधारा थाने के विवेचकों को दिए निर्देश, छह माह से अधिक लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर जोर संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बुधवार को थाना कोतवाली व थाना दुधारा के विवेचकों के साथ लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के निस्तारण से असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की समस्याओं पर भी चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित पड़े मामलों की स्थिति की समीक्षा कर उनमें आ रही विधिक व व्यावहारिक बाधाओं को दूर करना तथा मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना रहा। पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को निर्देश दिया कि छह माह से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिला संबंधी अपराध, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों (फॉरेंसिक एविडेंस) के संकलन पर जोर दिया, ताकि न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही कोतवाली व दुधारा क्षेत्र में विभिन्न मामलों में फरार चल रहे अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और आवश्यक होने पर कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों से कहा कि वे पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं को विवेचना की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराते रहें, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। समीक्षा के दौरान कुछ विवेचनाएं तकनीकी रिपोर्ट के अभाव में लंबित पाए जाने पर संबंधित लैब से समन्वय स्थापित कर शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले विवेचकों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक प्रगति न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदमन सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1