कोटा के जंगलों में घायल मिले एक बुजुर्ग। राहगीरों और अभियंता ने दिखाई मानवता। चलती बाइक से गिरकर घायल हुए चारभुजा निवासी बुजुर्ग। समय पर मदद से बची जान। रावतभाटा से कोटा के बीच जंगल क्षेत्र में एक बुजुर्ग के घायल अवस्था में मिलने पर राहगीरों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। रावतभाटा पन बिजलीघर के अधिशाषी अभियंता आशीष जैन और पंजाबी समाज के अध्यक्ष बाल किशन गुलाटी ने तत्परता दिखाते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाकर मानवता का फर्ज निभाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार चारभुजा निवासी मदन नाम के बुजुर्ग रावतभाटा से कोटा की ओर मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वे बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी मार्ग से गुजर रहे अधिशासी अभियंता आशीष जैन, समाजसेवी बाल किशन गुलाटी, राहुल निजावन और अन्य राहगीरों ने तुरंत घायल को संभाला और प्राथमिक सहायता दी। सभी ने मिलकर घायल बुजुर्ग को कोटा अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में कोटा से आ-जा रही कुछ महिलाओं ने भी मानवता दिखाते हुए सुनसान सड़क पर घायल को फल-फ्रूट खिलाकर सहयोग किया। अस्पताल में उपचार के दौरान बुजुर्ग के टांके लगाए गए और प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद परिजन उन्हें सुरक्षित रावतभाटा लेकर लौट आए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में इंसान ही इंसान के काम आता है।
कोटा के जंगलों में घायल मिले एक बुजुर्ग। राहगीरों और अभियंता ने दिखाई मानवता। चलती बाइक से गिरकर घायल हुए चारभुजा निवासी बुजुर्ग। समय पर मदद से बची जान। रावतभाटा से कोटा के बीच जंगल क्षेत्र में एक बुजुर्ग के घायल अवस्था में मिलने पर राहगीरों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। रावतभाटा पन बिजलीघर के अधिशाषी अभियंता आशीष जैन और पंजाबी समाज के अध्यक्ष बाल किशन गुलाटी ने तत्परता दिखाते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाकर मानवता का फर्ज निभाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार चारभुजा निवासी मदन नाम के बुजुर्ग रावतभाटा से कोटा की ओर मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वे बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी मार्ग से गुजर रहे अधिशासी अभियंता आशीष जैन, समाजसेवी बाल किशन गुलाटी, राहुल निजावन और अन्य राहगीरों ने तुरंत घायल को संभाला और प्राथमिक सहायता दी। सभी ने मिलकर घायल बुजुर्ग को कोटा अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में कोटा से आ-जा रही कुछ महिलाओं ने भी मानवता दिखाते हुए सुनसान सड़क पर घायल को फल-फ्रूट खिलाकर सहयोग किया। अस्पताल में उपचार के दौरान बुजुर्ग के टांके लगाए गए और प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद परिजन उन्हें सुरक्षित रावतभाटा लेकर लौट आए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में इंसान ही इंसान के काम आता है।
- दिल्ली में सीपीआईएम और उससे जुड़े तमाम संगठनों की तरफ से 24 मार्च को चार लेबर कोड, मनरेगा, स्मार्ट मीटर सहित कई मामलों को लेकर महारैली का आयोजन किया गया है, कल कोटा जिले से सैकड़ों लोग इसमें शामिल होने के लिए रवाना हुए: कोटा जिले के इटावा में रवाना होने से पहले महारैली के बारे में जानकारी देते सीपीआईएम के पीपल्दा तहसील सचिव कॉमरेड मुकुट बिहारी जंगम साहब...1
- कोटा, राजस्थान कोटा। एलबीएस एजुकेशन ग्रुप (एलबीएस कॉलेज) का वार्षिकोत्सव एवं ‘एलबीएस फाउंडेशन महोत्सव’ उत्साह और गरिमा के साथ रानपुर केम्पस में आयोजित किया गया। चेयरमेन कुलदीप माथुर ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं वर्षभर की खेल एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विंग कमांडर एनसीसी डॉ. अनुराग पाण्डेय एवं चेयरमैन कुलदीप माथुर ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी, तिलक एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर केक काटकर एवं गुब्बारे आकाश में छोड़कर हर्ष व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उर्मिला माथुर,कपिल सिद्धार्थ, सुदर्शन माथुर सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संस्था के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने अपने स्वागत भाषण में एलबीएस ग्रुप की 35 वर्षों की संघर्षपूर्ण एवं उपलब्धियों से भरी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय सुरेन्द्र माथुर द्वारा वर्ष 1991 में रखी गई नींव आज एक मजबूत शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित हो चुकी है। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ खेल, एनसीसी एवं अन्य गतिविधियों में भागीदारी से व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। निदेशक सुदर्शन माथुर ने बताया कि विद्यार्थियों ने बॉलीवुड एवं पंजाबी गीतों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। विशिष्ट अतिथि गायक क्षितिज तारे ने अपनी मधुर आवाज से समां बांधते हुए ‘मौलो मेरा’ और ‘तोसे नैना लागे’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।1
- चेचट कस्बे में सोमवार को एक अद्भुत हास्य कलाकार ने फिल्मों कि तर्ज पर एक व्यक्ति द्वारा ड़ाकू का वैसे बूसा पहनकर हाथ में नकली ऐरगनल लेकर बाजारों में घूमता हुआं दिखा जिसने भी देखा वह दग रह गया कि यह कोन लेकिन वह बस मनोरंजन करने बाजारों में घूमने वाला हास्य कलाकार था1
- Post by VKH NEWS1
- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर दरा स्टेशन के समीप रविवार को एक ट्रक खराब होने के बाद शुरू हुआ जाम सोमवार को भी बरकरार रहा। दरा घाटी क्षेत्र में वाहनों का दबाव इतना अधिक रहा कि यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। सोमवार को दिनभर हालात ऐसे रहे कि वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते नजर आए। स्थिति यह रही कि दरा घाटी पार करने में एक-एक वाहन को एक घंटे से अधिक समय लग रहा था। दरा स्टेशन के आसपास सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। प्रशासन का दावा- जाम नहीं, लेकिन धीमी रफ्तार सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कनवास थाना के एसआई ने बताया कि एनएच-52 पर जाम की स्थिति नहीं है, लेकिन रविवार से ही वाहनों का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। सुबह से कोटा से झालावाड़ और झालावाड़ से कोटा आने वाली दोनों लेन पर लगातार ट्रैफिक बना रहा, जिससे वाहन धीमी गति से चलते रहे। पुलिस-प्रशासन मौके पर स्थिति को संभालने के लिए सांगोद डीएसपी के नेतृत्व में आरएसी के जवान, मोड़क थाना और कनवास थाना का जाप्ता मौके पर तैनात रहा। पुलिसकर्मी घाटी क्षेत्र में यातायात सुचारू करने के प्रयास में जुटे रहे और एक-एक कर वाहनों को निकाला गया। संकरीघाटी बनी परेशानी की वजह दरअसल, दरा की नाल में सिंगल-लेन संकरा पुल होने के कारण यह क्षेत्र बॉटलनेक बन जाता है। आमने-सामने से आने वाले भारी वाहनों की वजह से अक्सर यहां यातायात बाधित हो जाता है और जाम की स्थिति बन जाती है। अंडरपास निर्माण से मिलेगी राहत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पश्चिम-मध्य रेलवे के कोटा मंडल द्वारा दरा घाटी में रेलवे अंडरपास निर्माण के लिए करीब 9.5 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। अंडरपास बनने के बाद इस मार्ग पर जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।1
- रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में सोमवार को फिर से मौसम का मिजाज बदल गया और शाम 4 बजे बाद अचानक मौसम बदला और हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई जिससे किसानों कि चिंता बढ़ गई और खेतों में कटी पड़ी फसलें बिग गईं अचानक हुईं इस बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट आई है उपखंड क्षेत्र के पीपल्दा भोलू धायपुरा हमाऊ बड़ोदिया कलां गुमानपुरा गणेशपुरा आदि गांवों में बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसलें बिग गईं किसान तिरपालों से फसलों को बचाने में लगें रहें10
- दिल्ली में सीपीआईएम और उससे जुड़े तमाम संगठनों की तरफ से 24 मार्च को चार लेबर कोड, मनरेगा, स्मार्ट मीटर सहित कई मामलों को लेकर महारैली का आयोजन किया गया है, कल कोटा जिले से सैकड़ों लोग इसमें शामिल होने के लिए रवाना हुए, कोटा के सोगरिया रेलवे स्टेशन पर महिला संगठन एडवा की तरफ से ट्रेन रवाना होने से पहले जबरदस्त प्रदर्शन किया गया...1
- बकाया भुगतान की मांग को लेकर 394 वें दिन भी जारी रह धरना कोटा। जे.के. सिंथेटिक्स फैक्ट्री कोटा के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बुधवार को 394 वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। 18 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस लंबे संघर्ष में सीटू के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और उनके परिजन शामिल हैं। मजदूर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 18% ब्याज सहित 28 वर्षों का बकाया वेतन (मूल रूप से 260 करोड़ से अधिक, अब ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से ज्यादा) का भुगतान करवाने की मांग पर डटे हुए हैं। सरकार ने फैक्ट्री प्लांट की जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन मजदूरों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राजनीतिक समर्थन और विरोध की आवाजें बुधवार को धरने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को खुलकर समर्थन दिया और कहा कि मैं जे.के. मजदूरों के साथ हूं। आप कोटा के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। गुंजल ने कांग्रेस नेताओं से इस न्यायपूर्ण संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों और सरकार की नाकामी पर भी प्रदर्शन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी रामगंजमंडी से इंटक के उपाध्यक्ष और मजदूर नेता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने धरने को संबोधित करते हुए कोटा के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मजदूर-विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय से जे.के. मजदूर न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जो मजदूर आंदोलन का इतिहास रच रहा है। इंटक के सभी साथी इस संघर्ष में मजदूरों के साथ हैं। सिस्टम पर गंभीर आरोप, जीत का भरोसा सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि प्रहलाद गुंजल लगातार धरने पर आकर समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कोटा के चुने हुए विधायक और सांसद मजदूरों के हित में दो शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने दुख जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सब मिलकर मजदूरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। रिश्वत-दलाली के चक्र में मजदूरों का कुठाराघात हो रहा है, लेकिन सिस्टम बिकाऊ है और एक दिन जीत जरूर होगी। दलालों के चेहरे उजागर होंगे। भुगतान होने तक नहीं उठेगा धरना धरने को कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह, गोपाल शर्मा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण हो चुकी है, अब जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक) सुप्रीम कोर्ट आदेशानुसार भुगतान किया जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि पूरा भुगतान नहीं होने तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। मानव श्रृंखला और जोरदार नारेबाजी सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, अशोक सिंह, केदार जोशी, गिरजाशंकर पांडे, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, शिशुपाल, मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, हनुमान सिंह, मलखान सिंह यादव, छीतर लाल बैरवा सहित महिला मजदूर नेता निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी और सैकड़ों मजदूरों व परिजनों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार नारेबाजी की।1
- कोटा शहर में एक बार फिर शिक्षा की रौनक लौटती नजर आ रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का रुझान दोबारा कोटा की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट: कोटा शहर में इन दिनों कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए देशभर से छात्र-छात्राएं फिर से कोटा का रुख कर रहे हैं। कोचिंग हब के रूप में पहचान रखने वाले कोटा में लंबे समय बाद फिर से रौनक लौटती नजर आ रही है। विभिन्न कोचिंग संस्थानों में छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। छात्रों का कहना है कि कोटा में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी फैकल्टी और प्रतियोगी माहौल उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित करता है। वहीं अभिभावक भी कोटा को अभी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक भरोसेमंद केंद्र मानते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कोटा में छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे एक बार फिर शहर अपनी पुरानी पहचान के साथ पूरी तरह सक्रिय होता नजर आए गा कोटा शैक्षणिक नगरी3