Shuru
Apke Nagar Ki App…
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके पूर्व विधानसभा क्षेत्र करहल में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और मुख्य चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उग्र कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तुरंत रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए करहल क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। मौके पर करहल कोतवाली पुलिस के अलावा आसपास के थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और धरना खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, सपा नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र पर हमला है और जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
Nafish Ali पत्रकार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके पूर्व विधानसभा क्षेत्र करहल में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और मुख्य चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उग्र कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तुरंत रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए करहल क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। मौके पर करहल कोतवाली पुलिस के अलावा आसपास के थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और धरना खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, सपा नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र पर हमला है और जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके पूर्व विधानसभा क्षेत्र करहल में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और मुख्य चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उग्र कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तुरंत रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए करहल क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। मौके पर करहल कोतवाली पुलिस के अलावा आसपास के थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और धरना खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, सपा नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र पर हमला है और जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।2
- जसवंतनगर के ग्राम दुर्गापुरा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें सावित्री देवी घायल हो गईं। ग्राम दुर्गापुरा निवासी सावित्री देवी (पत्नी रामशंकर) ने अपनी देवरानी और उनके पुत्र पर जमीन के विवाद को लेकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना में घायल होने के बाद महिला ने थाना पुलिस से इस मामले की शिकायत की। शिकायत की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल सावित्री देवी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई है। फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- मैनपुरी जिले की भोगांव तहसील और थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम व पोस्ट अहिरवा में सड़क की हालत बेहद खराब बनी हुई है। पूरी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और रास्ते में जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।1
- इटावा में जिलाधिकारी और भरथना के उपजिलाधिकारी को व्हाट्सएप तथा प्रार्थना पत्र के माध्यम से संबंधित वीडियो भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी गई है। प्रार्थी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से बौखलाए लेखपाल पर धमकाने का आरोप है। शिकायत से बौखलाए लेखपाल द्वारा धमकाए जाने के इस पूरे मामले में प्रार्थी की ओर से निस्तारण रिपोर्ट भी डाली जाएगी।1
- NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा। सदन में सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और इस विषय पर सभी दलों के साथ नियमों के अनुसार सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इसके बावजूद विपक्ष के लगातार हंगामे और इस्तीफे की मांग के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या केवल चर्चा कराने से इस मुद्दे का समाधान निकलेगा, या फिर विपक्ष की मांग के मुताबिक जवाबदेही तय करने की दिशा में भी कोई कदम उठाए जाएंगे।1
- इटावा के बकेवर स्थित ग्राम सराय मिटठे के प्राथमिक विद्यालय में छात्र झाड़ू लगाते दिख रहे हैं। विद्यालय में बच्चे झाड़ू लगा रहे हैं और अध्यापक उन्हें रोकने या पढ़ाने के बजाय वहीं खड़े होकर देखते और मस्ती करते नज़र आ रहे हैं। इस स्थिति पर तीखा सवाल उठाया गया है कि समझ नहीं आता कि बच्चे स्कूल में पढ़ने आते हैं या फिर झाड़ू लगाने। शासन बेखौफ घूम रहा है और अध्यापक बिना किसी डर के आराम से खड़े होकर विद्यालय में छात्रों से झाड़ू लगवा रहे हैं।1
- इटावा में शासन के निर्देश पर आयोजित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों और आमंत्रित अन्य विभागों के अफसरों की अनुपस्थिति से नाराज व्यापारी संगठनों ने बैठक का सामूहिक बहिष्कार कर दिया। बैठक के नाम पर केवल खानापूर्ति किए जाने से आक्रोशित व्यापारी नेताओं ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन विरोधी नारे लगाए। इसके बाद व्यापारी प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी श्री शुभ्रांत शुक्ला से मुलाकात कर गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह चौहान के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई पदाधिकारी शामिल हुए। बहिष्कार करने वालों में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ एके शर्मा, जिला महामंत्री रमेश यादव, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनीत पांडे, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष उमेश वर्मा, जिला मंत्री गिरीश शुक्ला, जिला मंत्री पुंडरीक अग्निहोत्री, जिला मंत्री इदरीश भाई और बैटरी संगठन के अध्यक्ष सरदार मोहन सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।1
- इटावा के जसवंतनगर अंतर्गत ग्राम कुरसेना में स्थित जाहर सिंह स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य जागरूकता पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को आयुर्वेद का महत्व समझाने के साथ-साथ औषधीय पौधों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया गया। व्याख्यान के दौरान आयुर्वेदाचार्य डॉ. धर्मेन्द्र ने छात्र-छात्राओं को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और स्वस्थ दिनचर्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को तुलसी, नीम, गिलोय और एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों के महत्व के बारे में बताया तथा पर्यावरण संरक्षण और नियमित स्वास्थ्य देखभाल पर भी विशेष बल दिया। इस जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर त्रिभुवन सिंह, प्रबंधक रेखा रानी, प्रधानाचार्य गौरव और शिक्षक संजीव कुमार, मनीष यादव, रामबाबू सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।1