मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। 4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा। मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। 4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा। मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
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- बेगूसराय- लाखो थाना की पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को किया मोबाइल सुपुर्द, SP ने दी जानकारी लाखो थाना की पुलिस में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को मोबाइल सुपुर्द करने का काम किया है. इस बात की जानकारी रविवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में SP ने बताया कि बेगूसराय पुलिस खोए हुए मोबाइल अथवा चोरी किए गए मोबाइल को ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद करते हुए वास्तविक धारक को सुपुर्द करने का काम करती है. इस कार्य से आमलोगों में खुशी का वातावरण है.1
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- सब्जी की फसल देखने गए किसान की गमछा से फांसी लगाकर हत्या, मौके पर मारपीट के निशान, सब्जी के दाम बढ़ने के बाद से हो रही थी चोरी बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना अंतर्गत सुबह चार बजे सब्जी की फसल देखने गए किसान का शव मिला है, मृतक के गले में काला गमछा बंधा है जिससे उन्हे फांसी लगाकर हत्या कर दी गई है, वहीं मौके पर बैगन की फसल टूटी है जिससे किसान और चोर के बीच जमकर मारपीट होना प्रतीत होता है। मृतक की पहचान पंडारक थाना क्षेत्र के पैठानीचक गांव निवासी बिहारी महतो (50) के तौर पर हुई है। इन्दु देवी ने बताया कि उनकी सब्जी की फसल रोज चोरी हो रही थी, वह कई दिनों से सुबह में फसल निगरानी की बात कह रहे थे लेकिन वह मना करती थी आज सुबह 3:00 बजे वह घर से निकल गए और जानवर को चारा देने के बाद वह खेत आ गए। खेत में फसल चोरी करते हुए चोर को पकड़ लिए होंगे दोनों के बीच मारपीट होने के निशान है इनकी गले में गमछा से फांसी लगाकर हत्या की गई है। गौरव कुमार नहीं बताया कि पिछले कई दिनों से सब्जी की फसल चोरी हो रही थी, इसको लेकर वह सुबह 4:00 बजे ही अपने फसल देखने आए थे किसान के घर से खेत की दूरी लगभग एक किलोमीटर है उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। वह मौके पर पहुंचे तो देखकर अनुमान लगाए की चोर और किसान के बीच जमकर मारपीट हुई है यह चोर को चोरी करते खेत में पकड़ लिए होंगे। ग्रामीण ने बताया कि पहले से सब्जी फल चोरी हो रही थी वह सुबह 4:00 बजे फसल देखने आए थे यह खेत पहुंचे तो चोर से हाथापाई के निशान है गले में गमछा से फांसी लगा दी गई है और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई है, किसान का ही गमछा छीनकर फांसी लगा दी, सब्जी का दाम बढ़ने के बाद चोरी में बढोत्तरी हुई है। लगभग 10 से 12 दिनों से पूरे एरिया में चोरी हो रही है। दिनेश प्रसाद ने बताया कि वह सुबह 5:00 बजे खेत आ रहे थे तभी उन्हें घटनास्थल से कुछ दूर पहले ही बताया गया कि एक व्यक्ति मृत पड़ा है, देखते-देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वह लोगों को शव के पास जाने से रोकते रहे लेकिन लोग नहीं रुके मौके पर दो व्यक्ति के बीच मारपीट के निशान है। वह अनुमान लगाते हैं कि चोर भी एक ही था और दोनों के बीच कुश्ती हुई है और इन्हीं का गमछा छीनकर उन्हें गले में फांसी लगाकर उनकी हत्या कर दी गई है। पंडारक थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने कहा कि मृतक के गले में काला गमछा से फांसी लगाने के निशान है, आसपास फसल भी टूटा है, मारपीट के निशान प्रतीत हो रहा है। ग्रामीण का कहना है कि दो तीन दिन पहले भी फसल चोरी की घटना हुई थी।1
- रंजन कुमार बाढ़ 9430090495खेत में चोरी रोकने पहुंचे किसान की हत्या, गमछे से गला घोंटने का आरोप बाढ़। पंडारक थाना क्षेत्र के पैठानी चक स्थित तेलिया बागी में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में करीब 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने की सूचना इलाके में तेजी से फैल गई। मृतक की पहचान बिहारी महतो के रूप में बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, बिहारी महतो अपने खेत में लगी बैंगन और परवल की फसल की निगरानी के लिए सोमवार सुबह करीब चार बजे खेत पहुंचे थे। बताया गया कि उनके खेत से लगातार परवल और बैंगन की चोरी हो रही थी। आसपास के खेतों में भी चोरी की घटनाओं से किसान परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने चोरों को पकड़ने का फैसला किया था। परिजनों का आरोप है कि खेत में पहुंचने के बाद उनकी चोरों से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर चोरों को पहचान लिया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। आरोप है कि इसी दौरान चोरों ने खुद को बचाने के लिए बिहारी महतो के गमछे से उनका गला घोंट दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही पंडारक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हत्या के वास्तविक कारण और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस जांच जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।1