सब्जी की फसल देखने गए किसान की गमछा से फांसी लगाकर हत्या, मौके पर मारपीट के निशान, सब्जी के दाम बढ़ने के बाद से हो रही थी चोरी बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना अंतर्गत सुबह चार बजे सब्जी की फसल देखने गए किसान का शव मिला है, मृतक के गले में काला गमछा बंधा है जिससे उन्हे फांसी लगाकर हत्या कर दी गई है, वहीं मौके पर बैगन की फसल टूटी है जिससे किसान और चोर के बीच जमकर मारपीट होना प्रतीत होता है। मृतक की पहचान पंडारक थाना क्षेत्र के पैठानीचक गांव निवासी बिहारी महतो (50) के तौर पर हुई है। इन्दु देवी ने बताया कि उनकी सब्जी की फसल रोज चोरी हो रही थी, वह कई दिनों से सुबह में फसल निगरानी की बात कह रहे थे लेकिन वह मना करती थी आज सुबह 3:00 बजे वह घर से निकल गए और जानवर को चारा देने के बाद वह खेत आ गए। खेत में फसल चोरी करते हुए चोर को पकड़ लिए होंगे दोनों के बीच मारपीट होने के निशान है इनकी गले में गमछा से फांसी लगाकर हत्या की गई है। गौरव कुमार नहीं बताया कि पिछले कई दिनों से सब्जी की फसल चोरी हो रही थी, इसको लेकर वह सुबह 4:00 बजे ही अपने फसल देखने आए थे किसान के घर से खेत की दूरी लगभग एक किलोमीटर है उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। वह मौके पर पहुंचे तो देखकर अनुमान लगाए की चोर और किसान के बीच जमकर मारपीट हुई है यह चोर को चोरी करते खेत में पकड़ लिए होंगे। ग्रामीण ने बताया कि पहले से सब्जी फल चोरी हो रही थी वह सुबह 4:00 बजे फसल देखने आए थे यह खेत पहुंचे तो चोर से हाथापाई के निशान है गले में गमछा से फांसी लगा दी गई है और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई है, किसान का ही गमछा छीनकर फांसी लगा दी, सब्जी का दाम बढ़ने के बाद चोरी में बढोत्तरी हुई है। लगभग 10 से 12 दिनों से पूरे एरिया में चोरी हो रही है। दिनेश प्रसाद ने बताया कि वह सुबह 5:00 बजे खेत आ रहे थे तभी उन्हें घटनास्थल से कुछ दूर पहले ही बताया गया कि एक व्यक्ति मृत पड़ा है, देखते-देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वह लोगों को शव के पास जाने से रोकते रहे लेकिन लोग नहीं रुके मौके पर दो व्यक्ति के बीच मारपीट के निशान है। वह अनुमान लगाते हैं कि चोर भी एक ही था और दोनों के बीच कुश्ती हुई है और इन्हीं का गमछा छीनकर उन्हें गले में फांसी लगाकर उनकी हत्या कर दी गई है। पंडारक थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने कहा कि मृतक के गले में काला गमछा से फांसी लगाने के निशान है, आसपास फसल भी टूटा है, मारपीट के निशान प्रतीत हो रहा है। ग्रामीण का कहना है कि दो तीन दिन पहले भी फसल चोरी की घटना हुई थी।
सब्जी की फसल देखने गए किसान की गमछा से फांसी लगाकर हत्या, मौके पर मारपीट के निशान, सब्जी के दाम बढ़ने के बाद से हो रही थी चोरी बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना अंतर्गत सुबह चार बजे सब्जी की फसल देखने गए किसान का शव मिला है, मृतक के गले में काला गमछा बंधा है जिससे उन्हे फांसी लगाकर हत्या कर दी गई है, वहीं मौके पर बैगन की फसल टूटी है जिससे किसान और चोर के बीच जमकर मारपीट होना प्रतीत होता है। मृतक की पहचान पंडारक थाना क्षेत्र के पैठानीचक गांव निवासी बिहारी महतो (50) के तौर पर हुई है। इन्दु देवी ने बताया कि उनकी सब्जी की फसल रोज चोरी हो रही थी, वह कई दिनों से सुबह में फसल निगरानी की बात कह रहे थे लेकिन वह मना करती थी आज सुबह 3:00 बजे वह घर से निकल गए और जानवर को चारा देने के बाद वह खेत आ गए। खेत में फसल चोरी करते हुए चोर को पकड़ लिए होंगे दोनों के बीच मारपीट होने के निशान है इनकी गले में गमछा से फांसी लगाकर हत्या की गई है। गौरव कुमार नहीं बताया कि पिछले कई दिनों से सब्जी की फसल चोरी हो रही थी, इसको लेकर वह सुबह 4:00 बजे ही अपने फसल देखने आए थे किसान के घर से खेत की दूरी लगभग एक किलोमीटर है उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। वह मौके पर पहुंचे तो देखकर अनुमान लगाए की चोर और किसान के बीच जमकर मारपीट हुई है यह चोर को चोरी करते खेत में पकड़ लिए होंगे। ग्रामीण ने बताया कि पहले से सब्जी फल चोरी हो रही थी वह सुबह 4:00 बजे फसल देखने आए थे यह खेत पहुंचे तो चोर से हाथापाई के निशान है गले में गमछा से फांसी लगा दी गई है और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई है, किसान का ही गमछा छीनकर फांसी लगा दी, सब्जी का दाम बढ़ने के बाद चोरी में बढोत्तरी हुई है। लगभग 10 से 12 दिनों से पूरे एरिया में चोरी हो रही है। दिनेश प्रसाद ने बताया कि वह सुबह 5:00 बजे खेत आ रहे थे तभी उन्हें घटनास्थल से कुछ दूर पहले ही बताया गया कि एक व्यक्ति मृत पड़ा है, देखते-देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वह लोगों को शव के पास जाने से रोकते रहे लेकिन लोग नहीं रुके मौके पर दो व्यक्ति के बीच मारपीट के निशान है। वह अनुमान लगाते हैं कि चोर भी एक ही था और दोनों के बीच कुश्ती हुई है और इन्हीं का गमछा छीनकर उन्हें गले में फांसी लगाकर उनकी हत्या कर दी गई है। पंडारक थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने कहा कि मृतक के गले में काला गमछा से फांसी लगाने के निशान है, आसपास फसल भी टूटा है, मारपीट के निशान प्रतीत हो रहा है। ग्रामीण का कहना है कि दो तीन दिन पहले भी फसल चोरी की घटना हुई थी।
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- 5 मिनट में समझिए हिमालय के सीने पर हुई सबसे बड़ी त्रासदी की पूरी इनसाइड स्टोरी! डेटा, वैज्ञानिक आंकड़ों और AI तकनीक के साथ NDTV का यह खास वीडियो नेपाल हादसे के हर पहलू को बारीकी से समझाता है। सटीक और प्रामाणिक जानकारी सभी तक पहुँचाने के लिए इस वीडियो को आगे री-ट्वीट और शेयर करें #NepalDisaster #DataDrivenJournalism #NepalExplained #NDTVBharatKaVishwas #MustWatch1
- मोकामा प्रखण्ड के बरहपुर गांव में मक्का और सब्जी की लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो गयी। मोकामा में गंगा नदी का कोहराम बढ़ता ही जा रहा है।शनिवार की रात से मोकामा के कई नये इलाकों को गंगा ने अपनी चपेट में ले लिया है। इस प्रखंड के मोर पूर्वी, बरहपुर,शिवनार और महेंद्रपुर गंगा की चपेट में कराह रहा है।हर तरफ त्राहिमाम मच गयी है।सड़क, दियारा और झोपड़ियों में गंगा के पानी से हाहाकार मचा हुआ है।गंगा नदी के इस रौंद्र रुप से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।मक्का और सब्जी की लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो गयी।इस जल प्रहार से सैकड़ों लोग घरों में जल कैदी बने हुए हैं।नेशनल हाईवे पर बड़े वाहनों का परिचालन बाधित हो गया है।इस जल तांडव से कराह rahi जनता का हाल जानने मोकामा बीडीओ, सीओ और सामाजिक कार्यकर्त्ता भोला सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।सामाजिक कार्यकर्त्ता सुधीर सिंह ने फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।1
- लेमुआबाद पंचायत में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।1
- बख्तियारपुर में पूर्व मुखिया कृष्णनंदन शर्मा की श्रद्धांजलि सभा में उमड़े लोग, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि।। बख्तियारपुर में रविवार 6 सितंबर को पूर्व मुखिया स्वर्गीय कृष्णनंदन शर्मा की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में पंचायत और बख्तियारपुर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन शामिल हुए। लोगों ने स्वर्गीय शर्मा जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके समाज सेवा, सादगी और जनसेवा के योगदान को याद किया गया। मंच का संचालन ललन कुमार शर्मा ने किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि शर्मा जी का निधन पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।1
- वैशाली से बड़ी खबर रिंग बांध टूटने के बाद अखिलाबाद में बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी वैशाली से बड़ी खबर रिंग बांध टूटने के बाद अखिलाबाद में बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी #हाजीपुर #अखिलाबाद #वैशाली #बाढ़ #रिंगबांध #रिंगबांधटूटा #बाढ़ग्राउंडरिपोर्ट #ग्राउंडजीरो #बाढ़कहर #राहतकार्य #बाढ़पीड़ित #नाव #सरकारीनाव #ग्रामीणोंकीपरेशानी #बिहारबाढ़ #VaishaliNews #HajipurNews #BiharFlood #GroundReport #BreakingNews #ABAPNewsNetwork1
- मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। 4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा। मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।1
- कार लूटपाट कांड का महज 03 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा, चार अपराधी गिरफ्तार1