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समस्तीपुर मुसरीघरारी लोगों को आने जाने में हो रही परेशानी समस्तीपुर मुसरीघरारी मार्ग

3 hrs ago
user_Shekhar press
Shekhar press
Press advisory बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
3 hrs ago

समस्तीपुर मुसरीघरारी लोगों को आने जाने में हो रही परेशानी समस्तीपुर मुसरीघरारी मार्ग

More news from Bihar and nearby areas
  • 06/09/2026 : बाढ़ का स्थाई समाधान ही बाढ़ राहत का एकमात्र उपाय : मुखिया कन्हैया कुमार टन्नू ( अकबरपुर बरारी पंचायत शाम्हो बेगूसराय ) Mobile Tv News
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    06/09/2026 : बाढ़ का स्थाई समाधान ही बाढ़ राहत का एकमात्र उपाय : मुखिया कन्हैया कुमार टन्नू ( अकबरपुर बरारी पंचायत शाम्हो बेगूसराय )
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    user_मोबाइल टीवी न्यूज
    मोबाइल टीवी न्यूज
    Media house Begusarai, Bihar•
    6 hrs ago
  • श्रीकृष्ण जन्मोत्सव माँ दुर्गा मंदिर मेला समिति का डॉ0 अन्नू श्री कुमारी ने किया फीता काट कर उद्घाटन
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    श्रीकृष्ण जन्मोत्सव माँ दुर्गा मंदिर मेला समिति का डॉ0 अन्नू श्री कुमारी ने किया फीता काट कर उद्घाटन
    user_Anant kumar
    Anant kumar
    Lawyer बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    19 hrs ago
  • बेगूसराय।बलिया लोकसभा की पूर्व सांसद, बिहार लोकसेवा आयोग की सदस्य रही शिक्षाविद प्रो चंद्रभानु देवी जी की पुण्यतिथि बेगूसराय।बलिया लोकसभा की पूर्व सांसद, बिहार लोकसेवा आयोग की सदस्य रही शिक्षाविद प्रो चंद्रभानु देवी जी की पुण्यतिथि आज सीबीआरकेसी फाउंडेशन कार्यालय पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों एवं आम लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय चंद्रभानु देवी को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने चंद्रभानु देवी के सार्वजनिक जीवन, उनके सामाजिक सरोकार और आम लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और जनसेवा की भावना आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जिले में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और उनके व्यक्तिगत व्यक्तिगत व्यवहार और आचरण को भी लोगों ने याद किया। पुण्यतिथि के अवसर पर सेवा कार्य को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विधायक अमिता भूषण संरक्षित cbrkc फाउंडेशन द्वारा सदर अस्पताल, बेगूसराय में सैकड़ों मरीजों के बीच फल का वितरण भी किया गया। मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि केवल स्मरण करने से नहीं, बल्कि उनके सेवा और मानवता के संदेश को अपने जीवन में उतारने से मिलती है। चंद्रभानु देवी की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी भावना का प्रतीक रहा। कार्यक्रम में कांग्रेस विचार मंच के जिलाध्यक्ष राम पदारथ यादव, अधिवक्ता दीपक कुमार , पुष्कर गौतम, कुश्मेश शांडिल्य, अभिषेक कुमार, मोहित सिंह, आर्यन राज, सचिन कुमार, रत्नेश कुमार टुल्लू, विनोद कुमार,आदि लोग शामिल रहे।
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    बेगूसराय।बलिया लोकसभा की पूर्व सांसद, बिहार लोकसेवा आयोग की सदस्य रही शिक्षाविद प्रो चंद्रभानु देवी जी की पुण्यतिथि
बेगूसराय।बलिया लोकसभा की पूर्व सांसद, बिहार लोकसेवा आयोग की सदस्य रही शिक्षाविद प्रो चंद्रभानु देवी जी की पुण्यतिथि आज सीबीआरकेसी फाउंडेशन कार्यालय पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों एवं आम लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय चंद्रभानु देवी को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने चंद्रभानु देवी के सार्वजनिक जीवन, उनके सामाजिक सरोकार और आम लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और जनसेवा की भावना आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जिले में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और उनके व्यक्तिगत व्यक्तिगत व्यवहार और आचरण को भी लोगों ने याद किया। 
पुण्यतिथि के अवसर पर सेवा कार्य को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विधायक अमिता भूषण संरक्षित  cbrkc फाउंडेशन द्वारा सदर अस्पताल, बेगूसराय में सैकड़ों मरीजों के बीच फल का वितरण भी किया गया। मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि केवल स्मरण करने से नहीं, बल्कि उनके सेवा और मानवता के संदेश को अपने जीवन में उतारने से मिलती है। चंद्रभानु देवी की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी भावना का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में  कांग्रेस विचार मंच के जिलाध्यक्ष राम पदारथ यादव, अधिवक्ता दीपक कुमार , पुष्कर गौतम, कुश्मेश शांडिल्य, अभिषेक कुमार, मोहित सिंह, आर्यन राज, सचिन कुमार, रत्नेश कुमार टुल्लू, विनोद कुमार,आदि लोग शामिल रहे।
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    21 hrs ago
  • मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। 4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा। मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
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    मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मोकामा घाट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की धूम, गंगा किनारे उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मोकामा। मोकामा घाट में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है। 4 सितंबर से शुरू हुए इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मेले में छोटे-बड़े बच्चों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, बतख, आसमानी तारा, नाव, मिक्की माउस, घोड़ा समेत कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं। वहीं, मेले में रंग-बिरंगी दुकानों की भी खूब रौनक है। खिलौने, नमकीन, मिठाई, आइसक्रीम समेत खाने-पीने और जरूरत के कई सामानों की दुकानें सजाई गई हैं।
मेले का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां हैं। यहां श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ-साथ श्रीकृष्ण के माता-पिता वासुदेव और देवकी की जेल यात्रा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मेले के अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं।
वहीं, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
बता दें कि बाढ़ अनुमंडल का यह एक प्रमुख श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला मोकामा प्रखंड के मोकामा घाट में आयोजित होता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इधर, मेला स्थल गंगा नदी के किनारे होने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर प्रशासन भी सतर्क है। गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं को खतरे से सावधान करने के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं।
4 सितंबर से शुरू हुए जन्माष्टमी मेले का अंतिम मेला 9 सितंबर को श्रीकृष्ण की छठी के साथ होगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में छठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा और इसी के साथ मेले का समापन होगा।
मोकामा घाट में इस समय भक्ति, आस्था और मेले की रौनक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
    user_Swaraj Bharat Live
    Swaraj Bharat Live
    Local News Reporter मोकामा, पटना, बिहार•
    13 hrs ago
  • लेमुआबाद पंचायत में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।
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    लेमुआबाद पंचायत में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन
बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।
    user_न्यूज 30 बिहार
    न्यूज 30 बिहार
    Pandarak, Patna•
    15 hrs ago
  • तेघड़ा का ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला: आस्था का सैलाब, लेकिन सुविधाओं पर उठे सवाल बेगूसराय | तेघड़ा बेगूसराय जिले के तेघड़ा में आयोजित प्रसिद्ध जन्माष्टमी मेला इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और मेले का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार है। हालांकि, इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी श्रद्धालुओं के मुताबिक, मेले में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और गर्मी के बीच सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को हो रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि 100वें वर्ष जैसे ऐतिहासिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र, प्याऊ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी। सीढ़ियों पर बैठने को लेकर श्रद्धालुओं और पुजारी में बहस इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मंदिर परिसर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं और पुजारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि थके हुए श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे कुछ देर आराम करने के लिए सीढ़ियों पर बैठ गए थे। इस दौरान पुजारी द्वारा उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया। पुजारी की ओर से रास्ते में बैठने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और भीड़ नियंत्रण में परेशानी होने की बात कही गई। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले लोग घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने या आराम करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें मंदिर परिसर में असुविधा का सामना न करना पड़े। 100वें वर्ष के आयोजन में बेहतर व्यवस्था की मांग स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा पूजा समिति से मांग की है कि मेले की ऐतिहासिकता को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी का यह 100वां मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि तेघड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना आयोजन की गरिमा के अनुरूप होगा। श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की भव्यता के साथ यदि व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए, तो यह ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला लंबे समय तक यादगार बन सकता है।
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    तेघड़ा का ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला: आस्था का सैलाब, लेकिन सुविधाओं पर उठे सवाल
बेगूसराय | तेघड़ा
बेगूसराय जिले के तेघड़ा में आयोजित प्रसिद्ध जन्माष्टमी मेला इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और मेले का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार है।
हालांकि, इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं।
पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी
श्रद्धालुओं के मुताबिक, मेले में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और गर्मी के बीच सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को हो रही है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि 100वें वर्ष जैसे ऐतिहासिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र, प्याऊ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी।
सीढ़ियों पर बैठने को लेकर श्रद्धालुओं और पुजारी में बहस
इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मंदिर परिसर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं और पुजारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि थके हुए श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे कुछ देर आराम करने के लिए सीढ़ियों पर बैठ गए थे। इस दौरान पुजारी द्वारा उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया। पुजारी की ओर से रास्ते में बैठने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और भीड़ नियंत्रण में परेशानी होने की बात कही गई।
वहीं, कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले लोग घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने या आराम करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें मंदिर परिसर में असुविधा का सामना न करना पड़े।
100वें वर्ष के आयोजन में बेहतर व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा पूजा समिति से मांग की है कि मेले की ऐतिहासिकता को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी का यह 100वां मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि तेघड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना आयोजन की गरिमा के अनुरूप होगा।
श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की भव्यता के साथ यदि व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए, तो यह ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला लंबे समय तक यादगार बन सकता है।
    user_VINOD KUMAR SHARMA
    VINOD KUMAR SHARMA
    Bachhwara, Begusarai•
    18 hrs ago
  • समस्तीपुर मुसरीघरारी लोगों को आने जाने में हो रही परेशानी समस्तीपुर मुसरीघरारी मार्ग
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    समस्तीपुर मुसरीघरारी  लोगों को आने जाने में हो रही परेशानी
समस्तीपुर मुसरीघरारी मार्ग
    user_Shekhar press
    Shekhar press
    Press advisory बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    3 hrs ago
  • 06/09/2026 : बाढ़ प्रभावितों के लिए कम्यूनिटी किचन जहाँ डेढ़ किलो प्याज में 600 लोगों का खाना बनेगा ! शाम्हो बेगूसराय | Mobile Tv News
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    06/09/2026 : बाढ़ प्रभावितों के लिए कम्यूनिटी किचन जहाँ डेढ़ किलो प्याज में 600 लोगों का खाना बनेगा ! शाम्हो बेगूसराय |
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    user_मोबाइल टीवी न्यूज
    मोबाइल टीवी न्यूज
    Media house Begusarai, Bihar•
    6 hrs ago
  • जंजीरा में सैकड़ों लोग बाढ़ में फंसे, प्रशासन-जनप्रतिनिधि बेखबर! भोला सिंह ने पहुंचकर कराया रेस्क्यू, बांटी राहत सामग्री मोकामा के जंजीरा में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। यहां सैकड़ों लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावित लोगों की सुध लेने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दी। मुसीबत में फंसे लोगों तक जब सरकारी मदद नहीं पहुंची, तो सामाजिक कार्यकर्ता भोला सिंह जंजीरा पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और फंसे हुए पीड़ितों के रेस्क्यू में मदद की। इतना ही नहीं, भोला सिंह की ओर से जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री भी बांटी गई। बाढ़ के पानी में फंसे ग्रामीणों की आंखें अब भी मदद की राह देख रही हैं। सवाल यह है कि आखिर जंजीरा में फंसे इन सैकड़ों लोगों की सुध कब ली जाएगी? स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों के लिए रेस्क्यू, भोजन, पेयजल और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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    जंजीरा में सैकड़ों लोग बाढ़ में फंसे, प्रशासन-जनप्रतिनिधि बेखबर! भोला सिंह ने पहुंचकर कराया रेस्क्यू, बांटी राहत सामग्री
मोकामा के जंजीरा में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। यहां सैकड़ों लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
सबसे गंभीर बात यह है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावित लोगों की सुध लेने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दी।
मुसीबत में फंसे लोगों तक जब सरकारी मदद नहीं पहुंची, तो सामाजिक कार्यकर्ता भोला सिंह जंजीरा पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और फंसे हुए पीड़ितों के रेस्क्यू में मदद की।
इतना ही नहीं, भोला सिंह की ओर से जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री भी बांटी गई।
बाढ़ के पानी में फंसे ग्रामीणों की आंखें अब भी मदद की राह देख रही हैं। सवाल यह है कि आखिर जंजीरा में फंसे इन सैकड़ों लोगों की सुध कब ली जाएगी?
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों के लिए रेस्क्यू, भोजन, पेयजल और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
    user_Swaraj Bharat Live
    Swaraj Bharat Live
    Local News Reporter मोकामा, पटना, बिहार•
    13 hrs ago
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