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तेघड़ा का ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला: आस्था का सैलाब, लेकिन सुविधाओं पर उठे सवाल बेगूसराय | तेघड़ा बेगूसराय जिले के तेघड़ा में आयोजित प्रसिद्ध जन्माष्टमी मेला इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और मेले का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार है। हालांकि, इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी श्रद्धालुओं के मुताबिक, मेले में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और गर्मी के बीच सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को हो रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि 100वें वर्ष जैसे ऐतिहासिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र, प्याऊ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी। सीढ़ियों पर बैठने को लेकर श्रद्धालुओं और पुजारी में बहस इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मंदिर परिसर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं और पुजारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि थके हुए श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे कुछ देर आराम करने के लिए सीढ़ियों पर बैठ गए थे। इस दौरान पुजारी द्वारा उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया। पुजारी की ओर से रास्ते में बैठने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और भीड़ नियंत्रण में परेशानी होने की बात कही गई। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले लोग घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने या आराम करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें मंदिर परिसर में असुविधा का सामना न करना पड़े। 100वें वर्ष के आयोजन में बेहतर व्यवस्था की मांग स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा पूजा समिति से मांग की है कि मेले की ऐतिहासिकता को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी का यह 100वां मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि तेघड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना आयोजन की गरिमा के अनुरूप होगा। श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की भव्यता के साथ यदि व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए, तो यह ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला लंबे समय तक यादगार बन सकता है।

18 hrs ago
user_VINOD KUMAR SHARMA
VINOD KUMAR SHARMA
Bachhwara, Begusarai•
18 hrs ago

तेघड़ा का ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला: आस्था का सैलाब, लेकिन सुविधाओं पर उठे सवाल बेगूसराय | तेघड़ा बेगूसराय जिले के तेघड़ा में आयोजित प्रसिद्ध जन्माष्टमी मेला इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और मेले का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार है। हालांकि, इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी श्रद्धालुओं के मुताबिक, मेले में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और गर्मी के बीच सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को हो रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि 100वें वर्ष जैसे ऐतिहासिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र, प्याऊ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी। सीढ़ियों पर बैठने को लेकर श्रद्धालुओं और पुजारी में बहस इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मंदिर परिसर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं और पुजारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि थके हुए श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे कुछ देर आराम करने के लिए सीढ़ियों पर बैठ गए थे। इस दौरान पुजारी द्वारा उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया। पुजारी की ओर से रास्ते में बैठने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और भीड़ नियंत्रण में परेशानी होने की बात कही गई। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले लोग घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने या आराम करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें मंदिर परिसर में असुविधा का सामना न करना पड़े। 100वें वर्ष के आयोजन में बेहतर व्यवस्था की मांग स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा पूजा समिति से मांग की है कि मेले की ऐतिहासिकता को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी का यह 100वां मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि तेघड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना आयोजन की गरिमा के अनुरूप होगा। श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की भव्यता के साथ यदि व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए, तो यह ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला लंबे समय तक यादगार बन सकता है।

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    तेघड़ा का ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला: आस्था का सैलाब, लेकिन सुविधाओं पर उठे सवाल
बेगूसराय | तेघड़ा
बेगूसराय जिले के तेघड़ा में आयोजित प्रसिद्ध जन्माष्टमी मेला इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और मेले का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार है।
हालांकि, इतने बड़े और ऐतिहासिक आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं।
पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी
श्रद्धालुओं के मुताबिक, मेले में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और गर्मी के बीच सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को हो रही है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि 100वें वर्ष जैसे ऐतिहासिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र, प्याऊ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी।
सीढ़ियों पर बैठने को लेकर श्रद्धालुओं और पुजारी में बहस
इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मंदिर परिसर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं और पुजारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि थके हुए श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे कुछ देर आराम करने के लिए सीढ़ियों पर बैठ गए थे। इस दौरान पुजारी द्वारा उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया। पुजारी की ओर से रास्ते में बैठने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और भीड़ नियंत्रण में परेशानी होने की बात कही गई।
वहीं, कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले लोग घंटों भीड़ में खड़े रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने या आराम करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें मंदिर परिसर में असुविधा का सामना न करना पड़े।
100वें वर्ष के आयोजन में बेहतर व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा पूजा समिति से मांग की है कि मेले की ऐतिहासिकता को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की भव्यता के साथ यदि व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए, तो यह ऐतिहासिक 100वां जन्माष्टमी मेला लंबे समय तक यादगार बन सकता है।
    user_VINOD KUMAR SHARMA
    VINOD KUMAR SHARMA
    Bachhwara, Begusarai•
    18 hrs ago
  • लेमुआबाद पंचायत में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।
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    लेमुआबाद पंचायत में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन
बाढ़ प्रभावितों के बीच मुखिया निक्की देवी ने बांटी तिरपाल, चूड़ा-गुड़, पशुओं के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।
    user_न्यूज 30 बिहार
    न्यूज 30 बिहार
    Pandarak, Patna•
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  • समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत जलालपुर पंचायत के शाहपुर बारात गांव के वार्ड संख्या 14 में बांध में पानी का रिसाव होने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप।
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    समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत जलालपुर पंचायत के शाहपुर बारात गांव के वार्ड संख्या 14 में बांध में पानी का रिसाव होने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप।
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    19 hrs ago
  • "विकास की ओर अग्रसर: सरायरंजन प्रखंड का नवाचक पंचायत". Samastipur
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    "विकास की ओर अग्रसर: सरायरंजन प्रखंड का नवाचक पंचायत".
Samastipur
    user_Shekhar press
    Shekhar press
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    1 hr ago
  • अथमलगोला में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार; जेल से छूटते ही फिर शुरू किया अवैध हथियारों का धंधा
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    अथमलगोला में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार; जेल से छूटते ही फिर शुरू किया अवैध हथियारों का धंधा
    user_JMBNEWS
    JMBNEWS
    पत्रकार बाढ़, पटना, बिहार•
    2 hrs ago
  • 5 मिनट में समझिए हिमालय के सीने पर हुई सबसे बड़ी त्रासदी की पूरी इनसाइड स्टोरी! डेटा, वैज्ञानिक आंकड़ों और AI तकनीक के साथ NDTV का यह खास वीडियो नेपाल हादसे के हर पहलू को बारीकी से समझाता है। सटीक और प्रामाणिक जानकारी सभी तक पहुँचाने के लिए इस वीडियो को आगे री-ट्वीट और शेयर करें #NepalDisaster #DataDrivenJournalism #NepalExplained #NDTVBharatKaVishwas #MustWatch
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    5 मिनट में समझिए हिमालय के सीने पर हुई सबसे बड़ी त्रासदी की पूरी इनसाइड स्टोरी! 

डेटा, वैज्ञानिक आंकड़ों और AI तकनीक के साथ NDTV का यह खास वीडियो नेपाल हादसे के हर पहलू को बारीकी से समझाता है।

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#NepalDisaster #DataDrivenJournalism #NepalExplained #NDTVBharatKaVishwas #MustWatch
    user_GOVIND KUMAR
    GOVIND KUMAR
    Local News Reporter बाढ़, पटना, बिहार•
    2 hrs ago
  • ढिबर पंचायत में बाढ़ विधायक के पहुंचने के बाद लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दिया ढिबर पंचायत में बाढ़ विधायक के पहुंचने के बाद लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दिया
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    ढिबर पंचायत में बाढ़ विधायक के पहुंचने के बाद लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दिया
ढिबर पंचायत में बाढ़ विधायक के पहुंचने के बाद लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दिया
    user_न्यूज 30 बिहार
    न्यूज 30 बिहार
    Pandarak, Patna•
    18 hrs ago
  • इमारत ढह गई 😱🚨 दिल्ली के सत्य निकेतन के पास कई छात्र फँसे; 2 को बचाया गया 😨🙌 पोस्ट का हिंदी अनुवाद: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के पास रविवार दोपहर एक इमारत ढहने के बाद कई छात्रों के फँसे होने की आशंका है। दिल्ली अग्निशमन सेवा को दोपहर करीब 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। बचाव दल करीब 1:50 बजे घटनास्थल पर पहुँचे और तलाशी अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर तलाशी एवं बचाव दल, श्वसन उपकरण दल और पानी के टैंकरों वाली कई टीमें तैनात की गई हैं।
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    इमारत ढह गई 😱🚨
दिल्ली के सत्य निकेतन के पास कई छात्र फँसे; 2 को बचाया गया 😨🙌
पोस्ट का हिंदी अनुवाद:
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के पास रविवार दोपहर एक इमारत ढहने के बाद कई छात्रों के फँसे होने की आशंका है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा को दोपहर करीब 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। बचाव दल करीब 1:50 बजे घटनास्थल पर पहुँचे और तलाशी अभियान शुरू किया।
घटनास्थल पर तलाशी एवं बचाव दल, श्वसन उपकरण दल और पानी के टैंकरों वाली कई टीमें तैनात की गई हैं।
    user_Monazeer hassan
    Monazeer hassan
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    21 hrs ago
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