सुकमा जिले में बढ़ती बिजली दरों और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुतला दहन कर बिजली बिलों में राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बिजली दरों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में बढ़े हुए बिजली बिल लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी ने बताया कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने बिजली बिल आधा करने और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वे इन वादों को भूल गए। कवासी ने कहा कि पहले जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल 500 से 1000 रुपये तक आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक राशि के बिल मिल रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने, बिजली दरों में कमी करने और किसानों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस कमेटी, NSI, और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दरों में राहत नहीं दी गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।
सुकमा जिले में बढ़ती बिजली दरों और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुतला दहन कर बिजली बिलों में राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बिजली दरों
में वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में बढ़े हुए बिजली बिल लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी ने बताया कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव
के दौरान भाजपा नेताओं ने बिजली बिल आधा करने और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वे इन वादों को भूल गए। कवासी ने कहा कि पहले जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल 500 से 1000 रुपये तक आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक राशि के बिल मिल रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने सरकार से चुनावी वादों
को पूरा करने, बिजली दरों में कमी करने और किसानों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस कमेटी, NSI, और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दरों में राहत नहीं दी गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।
- Roshan chouhanसुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़🤝20 hrs ago
- सुकमा जिले में बढ़ती बिजली दरों और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुतला दहन कर बिजली बिलों में राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बिजली दरों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में बढ़े हुए बिजली बिल लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी ने बताया कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने बिजली बिल आधा करने और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वे इन वादों को भूल गए। कवासी ने कहा कि पहले जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल 500 से 1000 रुपये तक आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक राशि के बिल मिल रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने, बिजली दरों में कमी करने और किसानों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस कमेटी, NSI, और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दरों में राहत नहीं दी गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।4
- भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिल गई थी, लेकिन गोवा 1961 तक पुर्तगाली शासन के अधीन रहा। इस दौरान गोवा के लोगों ने आज़ाद भारत में रहते हुए भी लगभग 14 साल तक गुलामी का दंश झेला। यह सवाल उठाया गया है कि जब पुर्तगाली सेना को हटाने में भारतीय सेना को केवल 36 घंटे लगे, तो दिल्ली की हुकूमत ने वे 14 साल क्यों गंवाए। यह पूरा मामला कूटनीति का एक चक्रव्यूह माना जा रहा है, और इसमें हुई गलती पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने बीमार होने पर भी पुर्तगाली साम्राज्य की बंदूक के आगे झुकने से इनकार कर दिया था, और उनके सत्य को इतिहास की किताबों से कथित तौर पर गायब कर दिया गया। यह दावा किया जा रहा है कि इतिहास का यह पन्ना किसी के लिए बहुत असुविधाजनक था। पूरी सच्चाई जानने के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- बस्तर जिले के अंतर्गत आने वाले करपावंड-गदियापारा रोड की मौजूदा हालत बेहद खस्ता है, जिस पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, विशेषकर आगामी बरसात के मौसम को लेकर। उनकी मुख्य चिंता यह है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाएगी, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसे देखते हुए, संबंधित अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत और सुधार पर तत्काल ध्यान देने की पुरजोर मांग की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन तथा चिकित्सकीय स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि युवक की जान समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन से जवाब तलब करने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच करने और मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने की बात कही है। वहीं, प्रशासन ने भी इस पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी और आक्रोश का माहौल बरकरार है। मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1
- *✰परमेश्वर कबीर साहेब जी के 629वें प्रकट दिवस✰* सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल (मध्य प्रदेश) आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं *✰परमेश्वर कबीर साहेब जी के 629वें प्रकट दिवस✰* सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल (मध्य प्रदेश) आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं1
- यह मोटर बनाने की एक दुकान है, जहाँ ग्राहकों को बहुत ही सस्ते दामों पर सभी प्रकार की मोटर ठीक करवाने की सुविधा मिल रही है। दुकान में सबमर्सिबल मोटरों सहित 1 एचपी, 2 एचपी, 3 एचपी, 4 एचपी और 5 एचपी तक की क्षमता वाली सभी तरह की मोटरें बनाई जाती हैं।1
- कांकेर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को 'कॉप ऑफ द मंथ' सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को दिया गया जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य किए हैं।1
- नारायणपुर जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र के मसपुर-गुड़रापाल के जंगलों में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन और लैंड सैनिटाइजेशन अभियान के तहत, जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा डंप बरामद किया है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नियमित रूप से सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था, इसी दौरान जवानों को जंगल में एक संदिग्ध स्थान पर नक्सलियों का छिपाया हुआ हथियारों का जखीरा मिला। तलाशी के दौरान, सुरक्षाबलों ने BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) लॉन्चर, BGL गन, 12 बोर राइफल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बरामद किए गए ये हथियार और विस्फोटक सामग्री नक्सलियों ने भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से छिपाकर रखी थी। सुरक्षाबलों की सतर्कता और लगातार अभियानों के कारण नक्सलियों की यह साजिश समय रहते विफल कर दी गई है। बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है, और ऐसी सफलताएं नक्सली संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं। बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच की जा रही है।1