छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन तथा चिकित्सकीय स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि युवक की जान समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन से जवाब तलब करने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच करने और मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने की बात कही है। वहीं, प्रशासन ने भी इस पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी और आक्रोश का माहौल बरकरार है। मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन तथा चिकित्सकीय स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि युवक की जान समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन से जवाब तलब करने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच करने और मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने की बात कही है। वहीं, प्रशासन ने भी इस पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी और आक्रोश का माहौल बरकरार है। मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
- कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में एक अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जिले में अपराधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और उन्हें कम करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिसिंग में सुधार लाना और जनता के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना था। सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया गया, जिससे अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल सके।1
- धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार को हुई तेज़ गरज-चमक और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 39 भेड़ों और 1 बकरी सहित कुल 40 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पशुपालक परिवार को गहरा आर्थिक नुकसान पहुँचा है। बताया जा रहा है कि ये पशु राजस्थान से आए खानाबदोश पशुपालकों के थे, जो अपने पशुओं के साथ डूमरपाली गाँव के आसपास डेरा डाले हुए थे। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम मगरलोड विकासखंड के ग्राम डूमरपाली में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से पशु एक स्थान पर इकट्ठा होने के बावजूद असमय मौत का शिकार हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक इसकी गूंज सुनाई दी। हादसे के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया और वे रो-रोकर बेहाल हो गए, क्योंकि ये पशु ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे, और एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत की खबर पूरे गाँव व क्षेत्र में फैल गई, जिससे सनसनी का माहौल बन गया। इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस घटना की सूचना दे दी गई है, और प्रशासनिक टीम द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है।1
- छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री साय ने रात 8:30 बजे मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई है।1
- सुकमा जिले में बढ़ती बिजली दरों और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पुतला दहन कर बिजली बिलों में राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बिजली दरों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में बढ़े हुए बिजली बिल लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष लखमा हरीश कवासी ने बताया कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने बिजली बिल आधा करने और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वे इन वादों को भूल गए। कवासी ने कहा कि पहले जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल 500 से 1000 रुपये तक आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक राशि के बिल मिल रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने, बिजली दरों में कमी करने और किसानों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस कमेटी, NSI, और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दरों में राहत नहीं दी गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।4
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला को ₹54 हजार का बिजली बिल मिलने के बाद उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े। इस बड़ी राशि के बिल को देखकर महिला हैरान रह गईं और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस उम्र में बुजुर्गों को आराम और सहारे की आवश्यकता होती है, उस उम्र में इतना बड़ा बिल आना उन्हें गहरा सदमा पहुँचा सकता है। यह घटना बिजली विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है कि ऐसे मामलों में उसकी क्या जिम्मेदारी है। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि इस सदमे से महिला को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। यह मामला गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने और व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। जनता सवाल उठा रही है कि क्या बिजली विभाग को ऐसे मामलों की जांच और सुधार की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। बिजली की आवश्यकता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण व्यवस्था में मानवीय संवेदनशीलता भी है, विशेषकर गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के प्रति। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और बिजली विभाग से इस मामले में न्याय और समाधान की मांग करती है।1
- राज टॉकीज रायपुर अपने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। सिनेमा हॉल से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए इच्छुक लोग दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों के साथ साझा करने का भी अनुरोध किया गया है ताकि वे भी ग्रुप में शामिल हो सकें।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। दर्शक सीधे 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं या BookMyShow के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, सिनेमा हॉल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए दर्शक दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों को ग्रुप से जोड़ने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।1
- गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तर्री में गुरुवार को प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया। तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में ग्राम पंचायत की पंच खेबती बाई साहू के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया, जो कथित तौर पर 40 साल से वहां काबिज थीं। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस मामले में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने बताया कि खसरा नंबर 584 शासकीय वन भूमि है और 26 मई 2026 को उक्त भूमि से बेदखली का आदेश पारित किया गया था। उनके अनुसार, इसी आदेश के पालन में आज कब्जा हटाया गया है। तहसीलदार ने दावा किया कि तहसील और सिविल न्यायालय में यह प्रकरण समाप्त हो चुका है, और एसडीएम न्यायालय से मिला 15 तारीख तक का स्टे भी हट गया था, जिसके बाद ही यह कार्रवाई की गई। वहीं, पीड़ित पक्ष ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित खेबती बाई साहू का कहना है कि मामला अभी भी सिविल न्यायालय में विचाराधीन है, और एसडीएम न्यायालय ने भी 30 जून को प्रकरण में अगली पेशी की तारीख तय की है। उन्होंने यह भी बताया कि वे 40 साल से इस जगह पर निवास कर रहे हैं और उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक बुलडोजर चलाकर उनके मकान को तोड़ दिया गया, जिससे उनका परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ित पक्ष ने इस कार्रवाई को एकतरफा और न्यायालय में अंतिम निर्णय से पहले की गई गलत कार्रवाई करार देते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। खेबती बाई साहू के समर्थन में आधा दर्जन पंच भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी इस कार्रवाई को गलत बताया। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़िता खेबती बाई ने यह आरोप भी लगाया कि उनके घर के पीछे लगानी भूमि है जहां से आने-जाने के लिए बकायदा रास्ता भी है, ऐसे में रास्ते के नाम पर उनके घर को तुड़वाना समझ से परे है। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि इसके पीछे उनकी घर वाली 2.5 डिसमिल जमीन पर शासकीय भूमि के नाम पर कब्जा करने की मंशा हो सकती है। उन्होंने स्थानीय जिम्मेदार लोगों से मिलीभगत की आशंका जताते हुए एक बार फिर उच्चाधिकारियों से जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।1
- राजनांदगांव के मनगटा इलाके में 24 वर्षीय मुस्कान तिवारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है। मुस्कान तिवारी भिलाई-3 की निवासी थीं। इस मामले में पुलिस को फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी जो घटना के समय मुस्कान के साथ मौजूद थे।1