Shuru
Apke Nagar Ki App…
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री साय ने रात 8:30 बजे मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई है।
Jaideep Sharma
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री साय ने रात 8:30 बजे मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। दर्शक सीधे 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं या BookMyShow के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, सिनेमा हॉल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए दर्शक दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों को ग्रुप से जोड़ने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।1
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा पैकरा ने उन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है, जिनमें अस्पताल में कूलर और छह पंखों के बंद होने तथा इलेक्ट्रिशियन की लापरवाही का जिक्र किया गया था। डॉ. पैकरा के अनुसार, अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं और विद्युत उपकरणों का रखरखाव भी नियमित रूप से किया जाता है।1
- धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार को हुई तेज़ गरज-चमक और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 39 भेड़ों और 1 बकरी सहित कुल 40 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पशुपालक परिवार को गहरा आर्थिक नुकसान पहुँचा है। बताया जा रहा है कि ये पशु राजस्थान से आए खानाबदोश पशुपालकों के थे, जो अपने पशुओं के साथ डूमरपाली गाँव के आसपास डेरा डाले हुए थे। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम मगरलोड विकासखंड के ग्राम डूमरपाली में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से पशु एक स्थान पर इकट्ठा होने के बावजूद असमय मौत का शिकार हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक इसकी गूंज सुनाई दी। हादसे के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया और वे रो-रोकर बेहाल हो गए, क्योंकि ये पशु ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे, और एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत की खबर पूरे गाँव व क्षेत्र में फैल गई, जिससे सनसनी का माहौल बन गया। इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस घटना की सूचना दे दी गई है, और प्रशासनिक टीम द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है।1
- कांकेर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को 'कॉप ऑफ द मंथ' सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को दिया गया जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य किए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पखवाड़े भर के भीतर दूसरी बार पहुँचकर ₹650 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उनके साथ प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री आदिवासी समाज के एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने ₹1 करोड़ से अधिक लागत के गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया और ₹63 लाख के नए कार्यों की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। उन्होंने पिछली सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छल करने का आरोप दोहराया और बताया कि उनकी सरकार ने 18 लाख में से 10 लाख आवास बनवा दिए हैं, शेष भी जल्द पूरे किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू की मांग पर जिला मुख्यालय गरियाबंद में जल्द ही एक ऑडिटोरियम बनाने का भी आश्वासन दिया।2
- रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस क्रम में, परिशांति भंग कर उपद्रव फैलाने वाले चार असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस को विभिन्न स्थानों से इन असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन विवाद, लड़ाई-झगड़ा और उपद्रव करने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तब भी वे अत्यधिक उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने सभी आरोपियों को तत्काल धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद, चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों का एक अलग डोजियर भी तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। जेल भेजे गए आरोपियों की पहचान संजय वर्मा (23 वर्ष), ग्राम ताराशिव; विजय कोसले (21 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; रवि यादव (23 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; और शोभू साहू (19 वर्ष), जोता फाटक के पास, तिल्दा के रूप में हुई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं, जिसमें 7 दिसंबर 2025 के लिए भी बुकिंग उपलब्ध है। अधिक जानकारी या सहायता के लिए राज टॉकीज से 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। सिनेमाघर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक साझा किया गया है; लोगों को यह लिंक दूसरों के साथ भी साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में एक अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जिले में अपराधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और उन्हें कम करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिसिंग में सुधार लाना और जनता के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना था। सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया गया, जिससे अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल सके।1
- कवर्धा जिले के बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था। इसका एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, जनता की भागीदारी निराशाजनक रही और दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी इसकी पुष्टि करती है: शिक्षा विभाग में केवल एक आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चार आवेदन, जबकि जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल एक-एक आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति के पीछे कई कारणों की पड़ताल की गई है, जैसे कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है। एक अन्य संभावित कारण यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां तक पहुंचने में असुविधा हो रही थी। यह पहला दिन इस बात पर सोचने को मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।2