छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला को ₹54 हजार का बिजली बिल मिलने के बाद उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े। इस बड़ी राशि के बिल को देखकर महिला हैरान रह गईं और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस उम्र में बुजुर्गों को आराम और सहारे की आवश्यकता होती है, उस उम्र में इतना बड़ा बिल आना उन्हें गहरा सदमा पहुँचा सकता है। यह घटना बिजली विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है कि ऐसे मामलों में उसकी क्या जिम्मेदारी है। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि इस सदमे से महिला को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। यह मामला गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने और व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। जनता सवाल उठा रही है कि क्या बिजली विभाग को ऐसे मामलों की जांच और सुधार की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। बिजली की आवश्यकता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण व्यवस्था में मानवीय संवेदनशीलता भी है, विशेषकर गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के प्रति। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और बिजली विभाग से इस मामले में न्याय और समाधान की मांग करती है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला को ₹54 हजार का बिजली बिल मिलने के बाद उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े। इस बड़ी राशि के बिल को देखकर महिला हैरान रह गईं और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस उम्र में बुजुर्गों को आराम और सहारे की आवश्यकता होती है, उस उम्र में इतना बड़ा बिल आना उन्हें गहरा सदमा पहुँचा सकता है। यह घटना बिजली विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है कि ऐसे मामलों में उसकी क्या जिम्मेदारी है। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि इस सदमे से महिला को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। यह मामला गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने और व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। जनता सवाल उठा रही है कि क्या बिजली विभाग को ऐसे मामलों की जांच और सुधार की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। बिजली की आवश्यकता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण व्यवस्था में मानवीय संवेदनशीलता भी है, विशेषकर गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के प्रति। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और बिजली विभाग से इस मामले में न्याय और समाधान की मांग करती है।
- छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री साय ने रात 8:30 बजे मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला को ₹54 हजार का बिजली बिल मिलने के बाद उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े। इस बड़ी राशि के बिल को देखकर महिला हैरान रह गईं और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस उम्र में बुजुर्गों को आराम और सहारे की आवश्यकता होती है, उस उम्र में इतना बड़ा बिल आना उन्हें गहरा सदमा पहुँचा सकता है। यह घटना बिजली विभाग की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है कि ऐसे मामलों में उसकी क्या जिम्मेदारी है। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि इस सदमे से महिला को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। यह मामला गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने और व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। जनता सवाल उठा रही है कि क्या बिजली विभाग को ऐसे मामलों की जांच और सुधार की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। बिजली की आवश्यकता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण व्यवस्था में मानवीय संवेदनशीलता भी है, विशेषकर गरीब और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के प्रति। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और बिजली विभाग से इस मामले में न्याय और समाधान की मांग करती है।1
- छत्तीसगढ़ शासन के 'खेत बचाओ अभियान' और एक्सटेंशन रिफॉर्म (आत्मा) योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत जोगीगुफा (लिटिया) में कृषि विभाग दुर्ग द्वारा एक जिला स्तरीय किसान मेला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री गजेंद्र यादव जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में जिला पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा जी भी शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और अहिवारा विधायक माननीय श्री डोहनलाल कोर्सेवाडा जी, साजा विधायक माननीय श्री ईश्वर साहू जी, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू जी, जिला पंचायत दुर्ग की सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर जी और श्री जितेंद्र यादव जी, विधायक प्रतिनिधि अहिवारा विधानसभा श्री सतीश साहू जी, जनपद पंचायत धमधा के अध्यक्ष श्री लीमन साहू जी और उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवांगन जी उपस्थित रहे। इनके साथ ही मंडल अध्यक्ष श्री बीरबल पटेल जी, महामंत्री श्री नीलांबर साहू जी, श्री सूरज देशमुख जी, कृषि विभाग के अधीनस्थ अधिकारी, किसान बंधु, क्षेत्रीय सरपंचगण, भाजपा के पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण, और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें भी मौजूद रहीं। मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्देश्य किसान भाइयों को अपनी आय दोगुनी करने और खेती को उन्नत बनाने के लिए नई दिशा प्रदान करना था।1
- खैरागढ़ जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय में सरकारी कार्यसंस्कृति को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ड्यूटी समय के दौरान दो कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शराब का सेवन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे कर्मचारी आबकारी विभाग के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पूरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव बताए जा रहे हैं। दावा है कि दोनों ने कार्यालयीन समय में ही विभागीय परिसर में शराब पार्टी की, जिससे विभाग की साख पर सवाल उठ गए हैं। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह उसी विभाग से जुड़ी है जिसका काम शराब के विक्रय, नियंत्रण और नियमों की निगरानी करना है। लोगों का कहना है कि जब नियम लागू करने वाले ही दफ्तर में जाम छलकाएंगे, तो व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? बता दें कि कुछ दिन पहले ही खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय से भी ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था, जो लगातार आ रहे इन मामलों से दफ्तरों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। मामला गरमाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोषियों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर खैरागढ़ के एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मीडिया के जरिए यह उनके संज्ञान में आया है और संबंधित आबकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने जिला प्रशासन को एक असहज स्थिति में डाल दिया है।3
- राज टॉकीज रायपुर अपने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। सिनेमा हॉल से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए इच्छुक लोग दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों के साथ साझा करने का भी अनुरोध किया गया है ताकि वे भी ग्रुप में शामिल हो सकें।1
- गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तर्री में गुरुवार को प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया। तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में ग्राम पंचायत की पंच खेबती बाई साहू के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया, जो कथित तौर पर 40 साल से वहां काबिज थीं। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस मामले में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने बताया कि खसरा नंबर 584 शासकीय वन भूमि है और 26 मई 2026 को उक्त भूमि से बेदखली का आदेश पारित किया गया था। उनके अनुसार, इसी आदेश के पालन में आज कब्जा हटाया गया है। तहसीलदार ने दावा किया कि तहसील और सिविल न्यायालय में यह प्रकरण समाप्त हो चुका है, और एसडीएम न्यायालय से मिला 15 तारीख तक का स्टे भी हट गया था, जिसके बाद ही यह कार्रवाई की गई। वहीं, पीड़ित पक्ष ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित खेबती बाई साहू का कहना है कि मामला अभी भी सिविल न्यायालय में विचाराधीन है, और एसडीएम न्यायालय ने भी 30 जून को प्रकरण में अगली पेशी की तारीख तय की है। उन्होंने यह भी बताया कि वे 40 साल से इस जगह पर निवास कर रहे हैं और उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक बुलडोजर चलाकर उनके मकान को तोड़ दिया गया, जिससे उनका परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ित पक्ष ने इस कार्रवाई को एकतरफा और न्यायालय में अंतिम निर्णय से पहले की गई गलत कार्रवाई करार देते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। खेबती बाई साहू के समर्थन में आधा दर्जन पंच भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी इस कार्रवाई को गलत बताया। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़िता खेबती बाई ने यह आरोप भी लगाया कि उनके घर के पीछे लगानी भूमि है जहां से आने-जाने के लिए बकायदा रास्ता भी है, ऐसे में रास्ते के नाम पर उनके घर को तुड़वाना समझ से परे है। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि इसके पीछे उनकी घर वाली 2.5 डिसमिल जमीन पर शासकीय भूमि के नाम पर कब्जा करने की मंशा हो सकती है। उन्होंने स्थानीय जिम्मेदार लोगों से मिलीभगत की आशंका जताते हुए एक बार फिर उच्चाधिकारियों से जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।1
- लांजी पुलिस ने एक सूने मकान में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी हुए जेवरात और नकदी बरामद कर ली है। यह चोरी लांजी निवासी फरियादी रूपेश बड़मे के सूने मकान में हुई थी, जहां अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घुसकर जेवरात और नकदी चुराई गई थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध विकास बड़मे, जो पूर्वाटोला का निवासी है, और लांजी निवासी मनीष नागेन्द्र को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना को स्वीकार किया और बताया कि उन्होंने पीछे का दरवाजा खोलकर घर में प्रवेश किया तथा आभूषण और नकदी चोरी किए थे। इसके बाद पुलिस ने चोरी किया गया सारा जेवरात और नकदी बरामद कर ली।1
- राजनांदगांव के मनगटा इलाके में 24 वर्षीय मुस्कान तिवारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है। मुस्कान तिवारी भिलाई-3 की निवासी थीं। इस मामले में पुलिस को फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी जो घटना के समय मुस्कान के साथ मौजूद थे।1