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खैरागढ़ जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय में सरकारी कार्यसंस्कृति को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ड्यूटी समय के दौरान दो कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शराब का सेवन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे कर्मचारी आबकारी विभाग के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पूरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव बताए जा रहे हैं। दावा है कि दोनों ने कार्यालयीन समय में ही विभागीय परिसर में शराब पार्टी की, जिससे विभाग की साख पर सवाल उठ गए हैं। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह उसी विभाग से जुड़ी है जिसका काम शराब के विक्रय, नियंत्रण और नियमों की निगरानी करना है। लोगों का कहना है कि जब नियम लागू करने वाले ही दफ्तर में जाम छलकाएंगे, तो व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? बता दें कि कुछ दिन पहले ही खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय से भी ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था, जो लगातार आ रहे इन मामलों से दफ्तरों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। मामला गरमाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोषियों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर खैरागढ़ के एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मीडिया के जरिए यह उनके संज्ञान में आया है और संबंधित आबकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने जिला प्रशासन को एक असहज स्थिति में डाल दिया है।

6 hrs ago
user_Kailash chaturvedi
Kailash chaturvedi
खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

खैरागढ़ जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय में सरकारी कार्यसंस्कृति को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ड्यूटी समय के दौरान दो कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शराब का सेवन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे कर्मचारी आबकारी विभाग के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पूरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव बताए

जा रहे हैं। दावा है कि दोनों ने कार्यालयीन समय में ही विभागीय परिसर में शराब पार्टी की, जिससे विभाग की साख पर सवाल उठ गए हैं। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह उसी विभाग से जुड़ी है जिसका काम शराब के विक्रय, नियंत्रण और नियमों की निगरानी करना है। लोगों का कहना है कि जब नियम लागू करने वाले ही दफ्तर में जाम छलकाएंगे, तो व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? बता दें कि कुछ दिन पहले ही खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय से भी ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था, जो लगातार आ रहे

इन मामलों से दफ्तरों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। मामला गरमाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोषियों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर खैरागढ़ के एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मीडिया के जरिए यह उनके संज्ञान में आया है और संबंधित आबकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने जिला प्रशासन को एक असहज स्थिति में डाल दिया है।

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  • रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। दर्शक सीधे 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं या BookMyShow के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, सिनेमा हॉल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए दर्शक दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों को ग्रुप से जोड़ने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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    रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। दर्शक सीधे 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं या BookMyShow के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, सिनेमा हॉल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए दर्शक दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह लिंक अन्य लोगों को ग्रुप से जोड़ने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    9 min ago
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय एक बार फिर अपने पारंपरिक अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज़ उठा रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जल, जंगल और जमीन उनके लिए महज़ संसाधन नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, जीवन और पहचान का आधार हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं और जंगलों से जुड़े मुद्दों को लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि विकास के नाम पर लिए जाने वाले फैसलों में स्थानीय लोगों की सहमति और ग्राम सभा की भूमिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आदिवासी संगठन ज़ोर देते हैं कि जंगलों पर उनकी निर्भरता सदियों पुरानी है और वन अधिकार कानून तथा पेसा कानून के तहत मिले अधिकारों का पूरी तरह से पालन होना आवश्यक है। इस बीच, सरकार जनजातीय विकास और संसाधन संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह स्थिति विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती पेश करती है, और छत्तीसगढ़ के जंगलों में चल रहा यह संघर्ष आने वाले समय में आदिवासी अधिकारों तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की दिशा निर्धारित कर सकता है।
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    छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय एक बार फिर अपने पारंपरिक अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज़ उठा रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जल, जंगल और जमीन उनके लिए महज़ संसाधन नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, जीवन और पहचान का आधार हैं।

बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं और जंगलों से जुड़े मुद्दों को लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि विकास के नाम पर लिए जाने वाले फैसलों में स्थानीय लोगों की सहमति और ग्राम सभा की भूमिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आदिवासी संगठन ज़ोर देते हैं कि जंगलों पर उनकी निर्भरता सदियों पुरानी है और वन अधिकार कानून तथा पेसा कानून के तहत मिले अधिकारों का पूरी तरह से पालन होना आवश्यक है। इस बीच, सरकार जनजातीय विकास और संसाधन संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह स्थिति विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती पेश करती है, और छत्तीसगढ़ के जंगलों में चल रहा यह संघर्ष आने वाले समय में आदिवासी अधिकारों तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की दिशा निर्धारित कर सकता है।
    user_Dhanesh Bariha
    Dhanesh Bariha
    Voice of people औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा पैकरा ने उन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है, जिनमें अस्पताल में कूलर और छह पंखों के बंद होने तथा इलेक्ट्रिशियन की लापरवाही का जिक्र किया गया था। डॉ. पैकरा के अनुसार, अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं और विद्युत उपकरणों का रखरखाव भी नियमित रूप से किया जाता है।
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    रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा पैकरा ने उन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है, जिनमें अस्पताल में कूलर और छह पंखों के बंद होने तथा इलेक्ट्रिशियन की लापरवाही का जिक्र किया गया था। डॉ. पैकरा के अनुसार, अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं और विद्युत उपकरणों का रखरखाव भी नियमित रूप से किया जाता है।
    user_PRATEEK SINGH SENGAR
    PRATEEK SINGH SENGAR
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    9 hrs ago
  • कवर्धा जिले के बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था। इसका एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, जनता की भागीदारी निराशाजनक रही और दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी इसकी पुष्टि करती है: शिक्षा विभाग में केवल एक आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चार आवेदन, जबकि जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल एक-एक आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति के पीछे कई कारणों की पड़ताल की गई है, जैसे कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है। एक अन्य संभावित कारण यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां तक पहुंचने में असुविधा हो रही थी। यह पहला दिन इस बात पर सोचने को मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
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    कवर्धा जिले के बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था। इसका एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था।

इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, जनता की भागीदारी निराशाजनक रही और दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी इसकी पुष्टि करती है: शिक्षा विभाग में केवल एक आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चार आवेदन, जबकि जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल एक-एक आवेदन ही प्राप्त हुए।

जनता की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति के पीछे कई कारणों की पड़ताल की गई है, जैसे कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है। एक अन्य संभावित कारण यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां तक पहुंचने में असुविधा हो रही थी। यह पहला दिन इस बात पर सोचने को मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
    user_Deepesh Jangde
    Deepesh Jangde
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत फीका रहा, जहाँ जनता की भागीदारी बेहद निराशाजनक दर्ज की गई। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, और जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन अपने-अपने स्टॉल पर मौजूद रहे। शिविर का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का पंजीयन कर त्वरित निराकरण करना भी था, लेकिन दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। स्थिति इतनी खराब थी कि करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी निराशाजनक रही; शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की इस अनुपस्थिति ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां पहुंचने में असुविधा हो रही थी। जनता की गैर-मौजूदगी ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है और यह सोचने पर मजबूर किया है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
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    बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत फीका रहा, जहाँ जनता की भागीदारी बेहद निराशाजनक दर्ज की गई। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, और जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन अपने-अपने स्टॉल पर मौजूद रहे।

शिविर का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का पंजीयन कर त्वरित निराकरण करना भी था, लेकिन दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। स्थिति इतनी खराब थी कि करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी निराशाजनक रही; शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए।

जनता की इस अनुपस्थिति ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां पहुंचने में असुविधा हो रही थी। जनता की गैर-मौजूदगी ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है और यह सोचने पर मजबूर किया है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
    user_राजेश कुमार कश्यप
    राजेश कुमार कश्यप
    बोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस क्रम में, परिशांति भंग कर उपद्रव फैलाने वाले चार असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस को विभिन्न स्थानों से इन असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन विवाद, लड़ाई-झगड़ा और उपद्रव करने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तब भी वे अत्यधिक उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने सभी आरोपियों को तत्काल धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद, चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों का एक अलग डोजियर भी तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। जेल भेजे गए आरोपियों की पहचान संजय वर्मा (23 वर्ष), ग्राम ताराशिव; विजय कोसले (21 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; रवि यादव (23 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; और शोभू साहू (19 वर्ष), जोता फाटक के पास, तिल्दा के रूप में हुई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
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    रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस क्रम में, परिशांति भंग कर उपद्रव फैलाने वाले चार असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस को विभिन्न स्थानों से इन असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन विवाद, लड़ाई-झगड़ा और उपद्रव करने की सूचना मिली थी।

पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तब भी वे अत्यधिक उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने सभी आरोपियों को तत्काल धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय तिल्दा-नेवरा में पेश किया। अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद, चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों का एक अलग डोजियर भी तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

जेल भेजे गए आरोपियों की पहचान संजय वर्मा (23 वर्ष), ग्राम ताराशिव; विजय कोसले (21 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; रवि यादव (23 वर्ष), ग्राम तुलसी नेवरा; और शोभू साहू (19 वर्ष), जोता फाटक के पास, तिल्दा के रूप में हुई है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    Journalist टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • रायपुर स्थित राज टॉकीज ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं, जिसमें 7 दिसंबर 2025 के लिए भी बुकिंग उपलब्ध है। अधिक जानकारी या सहायता के लिए राज टॉकीज से 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। सिनेमाघर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक साझा किया गया है; लोगों को यह लिंक दूसरों के साथ भी साझा करने का आग्रह किया गया है।
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    रायपुर स्थित राज टॉकीज ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं, जिसमें 7 दिसंबर 2025 के लिए भी बुकिंग उपलब्ध है। अधिक जानकारी या सहायता के लिए राज टॉकीज से 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। सिनेमाघर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक साझा किया गया है; लोगों को यह लिंक दूसरों के साथ भी साझा करने का आग्रह किया गया है।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 min ago
  • कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई। शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
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    कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई।

शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए।

इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
    user_राजेश कुमार कश्यप
    राजेश कुमार कश्यप
    बोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • जनपद पंचायत खैरलांजी में 18 जून, गुरुवार को कार्यवाहक जनपद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित किया गया। इस चुनाव में जनपद सदस्य खुशबू गिरीश बिसेन ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जनपद सदस्य रीतू योगेश सुलाखिया को 6 मतों के अंतर से पराजित किया। चुनावी नतीजों के अनुसार, खुशबू गिरीश बिसेन को 14 मत प्राप्त हुए, जबकि रीतू योगेश सुलाखिया को 8 मत मिले और एक मतपत्र निरस्त हुआ। जनपद पंचायत खैरलांजी में कुल 24 जनपद सदस्य हैं, जिनमें से 23 सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया में मतदान किया। एक जनपद सदस्य का निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 19 से माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जानकारी दी गई है कि पूर्व जनपद अध्यक्ष आशु गुनाराम बघेले का निर्वाचन भी महाराष्ट्र के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित मामले में माननीय न्यायालय द्वारा जनपद सदस्य और जनपद अध्यक्ष पद से शून्य घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण यह चुनाव हुआ। नव निर्वाचित कार्यवाहक अध्यक्ष खुशबू गिरीश बिसेन ने अपनी जीत का श्रेय जनपद सदस्यों और समर्थकों को दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास पर जोर देने की बात कही। खुशबू बिसेन की जीत के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए रैली निकाली और नगर भ्रमण किया। इस दौरान कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें जिला पंचायत सदस्य सुनीता मानसिंह बल्लेटवार, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गिरीश बिसेन, समाजसेवी सागर बिसेन, पूर्व जनपद अध्यक्ष राकेश बनोटे, मंडल भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला, कटोरी भाजपा मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश रांगहडाले, भाजपा ब्लॉक उपाध्यक्ष राजकुमार बोटवार, नरेंद्र साहू, फिरोज ठाकरे, भंडारबोडी के पूर्व सरपंच देवेंद्र लिल्हारे, अभिषेक सेलोकर, पलास बिसेन, देवेंद्र लिल्हारे और डालिराम नागपुरे सहित अन्य समर्थक शामिल थे। खैरलांजी जनपद पंचायत में भाजपा की खुशबू बिसेन ने अध्यक्ष पद पर बाजी मारी।
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    जनपद पंचायत खैरलांजी में 18 जून, गुरुवार को कार्यवाहक जनपद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित किया गया। इस चुनाव में जनपद सदस्य खुशबू गिरीश बिसेन ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जनपद सदस्य रीतू योगेश सुलाखिया को 6 मतों के अंतर से पराजित किया। चुनावी नतीजों के अनुसार, खुशबू गिरीश बिसेन को 14 मत प्राप्त हुए, जबकि रीतू योगेश सुलाखिया को 8 मत मिले और एक मतपत्र निरस्त हुआ।

जनपद पंचायत खैरलांजी में कुल 24 जनपद सदस्य हैं, जिनमें से 23 सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया में मतदान किया। एक जनपद सदस्य का निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 19 से माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जानकारी दी गई है कि पूर्व जनपद अध्यक्ष आशु गुनाराम बघेले का निर्वाचन भी महाराष्ट्र के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित मामले में माननीय न्यायालय द्वारा जनपद सदस्य और जनपद अध्यक्ष पद से शून्य घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण यह चुनाव हुआ। नव निर्वाचित कार्यवाहक अध्यक्ष खुशबू गिरीश बिसेन ने अपनी जीत का श्रेय जनपद सदस्यों और समर्थकों को दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास पर जोर देने की बात कही।

खुशबू बिसेन की जीत के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए रैली निकाली और नगर भ्रमण किया। इस दौरान कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें जिला पंचायत सदस्य सुनीता मानसिंह बल्लेटवार, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गिरीश बिसेन, समाजसेवी सागर बिसेन, पूर्व जनपद अध्यक्ष राकेश बनोटे, मंडल भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला, कटोरी भाजपा मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश रांगहडाले, भाजपा ब्लॉक उपाध्यक्ष राजकुमार बोटवार, नरेंद्र साहू, फिरोज ठाकरे, भंडारबोडी के पूर्व सरपंच देवेंद्र लिल्हारे, अभिषेक सेलोकर, पलास बिसेन, देवेंद्र लिल्हारे और डालिराम नागपुरे सहित अन्य समर्थक शामिल थे। खैरलांजी जनपद पंचायत में भाजपा की खुशबू बिसेन ने अध्यक्ष पद पर बाजी मारी।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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