कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई। शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई। शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
- बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत फीका रहा, जहाँ जनता की भागीदारी बेहद निराशाजनक दर्ज की गई। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, और जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन अपने-अपने स्टॉल पर मौजूद रहे। शिविर का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का पंजीयन कर त्वरित निराकरण करना भी था, लेकिन दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। स्थिति इतनी खराब थी कि करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी निराशाजनक रही; शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की इस अनुपस्थिति ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां पहुंचने में असुविधा हो रही थी। जनता की गैर-मौजूदगी ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है और यह सोचने पर मजबूर किया है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।1
- कवर्धा जिले के बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था। इसका एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, जनता की भागीदारी निराशाजनक रही और दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी इसकी पुष्टि करती है: शिक्षा विभाग में केवल एक आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चार आवेदन, जबकि जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल एक-एक आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति के पीछे कई कारणों की पड़ताल की गई है, जैसे कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है। एक अन्य संभावित कारण यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां तक पहुंचने में असुविधा हो रही थी। यह पहला दिन इस बात पर सोचने को मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।2
- लडकी पर भरोसा मतकरना यकीन मत करना मेरे दोस्त क्योकि समय के साथ ओ भि बदलकर चला गया है मोबाइल नंबर9209052534/7774053534 लडकी पर भरोसा मतकरना यकीन मत करना मेरे दोस्त क्योकि समय के साथ ओ भि बदलकर चला गया है मोबाइल नंबर9209052534/77740535341
- डिंडोरी में लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड निर्माण कार्य योजना के तहत तीन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। ये निर्माण कार्य विभाग द्वारा वर्ष 2026 में प्रगति पर बताए गए हैं।2
- मुंगेली जिले के पथरिया स्थित एक कृषि केंद्र पर कृषि विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अन्य सामग्री जबरन देने की शिकायतों की जाँच में सही पाए जाने के बाद की गई। विभाग ने कृषि केंद्र के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।1
- खैरागढ़ जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय में सरकारी कार्यसंस्कृति को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ड्यूटी समय के दौरान दो कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर शराब का सेवन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे कर्मचारी आबकारी विभाग के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पूरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव बताए जा रहे हैं। दावा है कि दोनों ने कार्यालयीन समय में ही विभागीय परिसर में शराब पार्टी की, जिससे विभाग की साख पर सवाल उठ गए हैं। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह उसी विभाग से जुड़ी है जिसका काम शराब के विक्रय, नियंत्रण और नियमों की निगरानी करना है। लोगों का कहना है कि जब नियम लागू करने वाले ही दफ्तर में जाम छलकाएंगे, तो व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? बता दें कि कुछ दिन पहले ही खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय से भी ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था, जो लगातार आ रहे इन मामलों से दफ्तरों की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। मामला गरमाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोषियों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर खैरागढ़ के एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मीडिया के जरिए यह उनके संज्ञान में आया है और संबंधित आबकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने जिला प्रशासन को एक असहज स्थिति में डाल दिया है।3
- कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई। शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना अंतर्गत केशला में बुधवार शाम एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से पैदल चल रहे एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। बिल्हा पुलिस से गुरुवार दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, कैलाश कोसले (49), निवासी केशला बिल्हा, ने बुधवार रात 10:06 बजे बिल्हा थाने में रिपोर्ट और मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया कि उनके भाई शंकर कोसले (47) की मौत वाहन ट्रेक्टर इंजन क्रमांक CG 10 AC 5669 के चालक द्वारा वाहन को तेज और लापरवाहीपूर्वक चलाकर ठोकर मारने से हुई है। कैलाश कोसले के अनुसार, बुधवार 17/06/2026 की शाम लगभग 6:15 बजे उनके भतीजे सतकुमार ने फोन कर बताया कि उनके भाई शंकर कोसले का एक्सीडेंट बिल्हा केशला प्राथमिक शाला पानी टंकी के पास सीसी रोड पर हो गया है और उन्हें सीने में चोट लगी है। मौके पर पहुंचने पर कैलाश ने देखा कि भीड़ लगी थी और उनके भाई शंकर कोसले वहीं पड़े थे, जिन्हें सीने में चोट आई थी। लोगों के सहयोग से उन्हें ई-रिक्शा से बिल्हा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर वाहन चालक के विरुद्ध अपराध धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद रात में ही बिल्हा पुलिस बिल्हा अस्पताल पहुंची और मृतक के शव को बिल्हा के चिर घर में रखवाया। गुरुवार दोपहर 1 बजे शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।1