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मुंगेली जिले के पथरिया स्थित एक कृषि केंद्र पर कृषि विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अन्य सामग्री जबरन देने की शिकायतों की जाँच में सही पाए जाने के बाद की गई। विभाग ने कृषि केंद्र के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।
CG RIGHT TIMES NEWS
मुंगेली जिले के पथरिया स्थित एक कृषि केंद्र पर कृषि विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अन्य सामग्री जबरन देने की शिकायतों की जाँच में सही पाए जाने के बाद की गई। विभाग ने कृषि केंद्र के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।
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- मुंगेली जिले के पथरिया स्थित एक कृषि केंद्र पर कृषि विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अन्य सामग्री जबरन देने की शिकायतों की जाँच में सही पाए जाने के बाद की गई। विभाग ने कृषि केंद्र के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।1
- रायपुर ब्रेकिंग: पत्रकार पर झूठी FIR और मारपीट के विरोध में तेलीबांधा थाने के सामने डटे शहर के पत्रकार, निलंबन की मांग रायपुर के तेलीबांधा थाने से एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है, जिसने पुलिसिया कार्यप्रणाली और मीडिया के बीच की तल्खी को एक बार फिर चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। सुर्खियों में एक बार फिर वही नाम है, जो अपनी 'खास कार्यशैली' के लिए हमेशा चर्चा में रहता है—अजय झा। जी हां, बलौदाबाजार में अपनी तैनाती के दौरान जनता और पत्रकारों के साथ 'विशेष' व्यवहार के लिए मशहूर रहे पूर्व थाना प्रभारी अजय झा अब रायपुर के तेलीबांधा में अपनी नई 'पारी' खेल रहे हैं, और विवादों ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा है। इस बार मामला सीधे चौथे स्तंभ यानी मीडिया से टकरा गया है, जिसके बाद तेलीबांधा थाना परिसर आधी रात को किसी राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। शराब के नशे में धुत्त आरक्षक पर लगा मारपीट का आरोप पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रायपुर के एक स्थानीय पत्रकार और तेलीबांधा थाने में पदस्थ आरक्षक रमेश वर्मा के बीच आमना-सामना हुआ। आरोप है कि आरक्षक रमेश वर्मा ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पूरी तरह धुत्त थे। बात इतनी बढ़ी कि आरक्षक ने अपनी वर्दी की हनक दिखाते हुए पत्रकार के साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि उसके साथ जमकर मारपीट भी कर डाली। हैरानी की बात तो यह है कि पीड़ित पत्रकार जब न्याय की आस में थाने पहुंचा, तो वहां के 'मिजाज' से वाकिफ लोगों को जो डर था, वही हुआ। मारपीट के शिकार पत्रकार की सुनने के बजाय, पुलिसिया रसूख का इस्तेमाल करते हुए उल्टा पत्रकार के ऊपर ही आनन-फानन में FIR दर्ज कर दी गई। पुलिस की थ्योरी: "साहब, हमारे शासकीय कार्य में बाधा डाली गई!" इधर, आरोपी आरक्षक रमेश वर्मा और पुलिस महकमे ने इस पूरी कहानी को एक अलग ही रंग देने की कोशिश की है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में आरक्षक ने बयान दिया है कि पत्रकार महोदय ने उनके "शासकीय कार्य में बाधा" पहुंचाई है। आरक्षक का दावा है कि वह अपनी ड्यूटी कर रहे थे और पत्रकार ने न सिर्फ उनके काम में टांग अड़ाई, बल्कि उन्हें देख लेने और भुगत लेने की खुली धमकी भी दी। अब इस 'शासकीय कार्य' में कितनी सच्चाई थी और कितनी शराब की 'अमरबेल', यह तो जांच का विषय है, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पत्रकार को ही आरोपी बना डाला। थाने के सामने 'दंगल': आधी रात को धरने पर बैठे शहर के सारे पत्रकार जैसे ही यह खबर रायपुर के मीडिया जगत में फैली, पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। अपने साथी के साथ हुई इस बर्बरता और ऊपर से फर्जी FIR की कार्रवाई से नाराज रायपुर के तमाम प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकार एकजुट होकर तेलीबांधा थाने पहुंच गए। "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और सच दिखाने वाले को ही सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी हो, तो चुप बैठना गुनाह है।" इसी आक्रोश के साथ पत्रकारों ने थाने के सामने ही डेरा डाल दिया और जबरदस्त धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आधी रात को थाने के बाहर गूंजते नारों और पत्रकारों के तीखे तेवरों ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फुला दिए। पत्रकारों की साफ मांग है कि आरोपी आरक्षक रमेश वर्मा को तत्काल निलंबित किया जाए और पत्रकार पर की गई झूठी FIR को बिना शर्त वापस लिया जाए। अजय झा का 'बलौदाबाजार वाला अंदाज' रायपुर में भी बरकरार! इस पूरे विवाद के केंद्र में जो नाम सबसे ज्यादा गूंज रहा है, वह है थाना प्रभारी अजय झा का। बलौदाबाजार के लोग आज भी उनके कार्यकाल को याद कर मुस्कुरा देते हैं या फिर अपना सिर पकड़ लेते हैं। बलौदाबाजार में रहते हुए जनता और पत्रकारों के साथ तमीज से बात न करना और हमेशा एक अकड़ में रहना मानो उनकी आदत का हिस्सा बन चुका था। वहां तो यह बातें आम हो चुकी थीं, लेकिन रायपुर की जागरूक मीडिया के सामने उनका यह पुराना 'बलौदाबाजार वाला ढर्रा' इस बार भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। बड़ा सवाल: क्या तेलीबांधा पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी? या फिर अपने रसूखदार आरक्षक और थाना प्रभारी के पुराने ढर्रे को बचाने के लिए चौथे स्तंभ की आवाज को दबा दिया जाएगा? फिलहाल, थाने के बाहर डटे पत्रकारों के हौसले यह साफ कर रहे हैं कि वे इस बार बिना 'न्याय' के पीछे हटने वाले नहीं हैं।1
- बिलासपुर में शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने ऑटो चालकों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 100 से अधिक ऑटो चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक माह में कुल 1177 वाहन चालकों के खिलाफ चालान और न्यायालयीन कार्रवाई की जा चुकी है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाकर एक लड़की की तस्वीरें वायरल की थीं। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।1
- छत्तीसगढ़ के बहतराई खेल केंद्र में एक स्टेडियम का निर्माण कार्य साल 2017 से रुका पड़ा है, जिस पर अब साल 2026 में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस लंबे समय से चली आ रही सुस्ती को देखते हुए, डिप्टी सीएम अरुण साव ने एक बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने इस परियोजना में हुई देरी और धीमी गति के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।1
- बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में चार से पांच बोरवेल होने के बावजूद पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को हर दिन घंटों लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। यह समस्या दीपावली के समय से शुरू हुई थी और अभी तक बनी हुई है। रहवासियों ने बताया कि कई निजी बोरवेल और सबमर्सिबल पंप भी घरों में पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। वार्ड पार्षद द्वारा टैंकरों से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लोग इसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं मानते। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइनें नालियों के बीच से गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति की आशंका भी बनी हुई है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की है।1
- मुंगेली जिले के ठेका नवागांव निवासी 25 वर्षीय शुभम खांडे 9 जून 2026 से लापता हैं। उनके परिवार और परिचित लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। परिजनों ने आम लोगों से शुभम की तलाश में मदद की अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को शुभम खांडे के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे कृपया 9238097362 या 9617818632 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। परिवार ने लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है ताकि शुभम अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुँच सकें।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना अंतर्गत केशला में बुधवार शाम एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से पैदल चल रहे एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। बिल्हा पुलिस से गुरुवार दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, कैलाश कोसले (49), निवासी केशला बिल्हा, ने बुधवार रात 10:06 बजे बिल्हा थाने में रिपोर्ट और मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया कि उनके भाई शंकर कोसले (47) की मौत वाहन ट्रेक्टर इंजन क्रमांक CG 10 AC 5669 के चालक द्वारा वाहन को तेज और लापरवाहीपूर्वक चलाकर ठोकर मारने से हुई है। कैलाश कोसले के अनुसार, बुधवार 17/06/2026 की शाम लगभग 6:15 बजे उनके भतीजे सतकुमार ने फोन कर बताया कि उनके भाई शंकर कोसले का एक्सीडेंट बिल्हा केशला प्राथमिक शाला पानी टंकी के पास सीसी रोड पर हो गया है और उन्हें सीने में चोट लगी है। मौके पर पहुंचने पर कैलाश ने देखा कि भीड़ लगी थी और उनके भाई शंकर कोसले वहीं पड़े थे, जिन्हें सीने में चोट आई थी। लोगों के सहयोग से उन्हें ई-रिक्शा से बिल्हा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर वाहन चालक के विरुद्ध अपराध धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद रात में ही बिल्हा पुलिस बिल्हा अस्पताल पहुंची और मृतक के शव को बिल्हा के चिर घर में रखवाया। गुरुवार दोपहर 1 बजे शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।1