बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हवा-हवाई, सीएचसी चोपनखुद हुआ बीमार वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीज परेशान चोपन (सोनभद्र)। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चोपन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई वर्षों से धूल फांक रही है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सक और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे कि वर्तमान समय में मशीन धूल फांक रही है। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगने के बाद उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मशीन उपयोग में नहीं आ सकी, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, अस्पताल में एक्स-रे मशीन और तकनीशियन की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच नहीं होने से मरीजों को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति की निगरानी और अन्य आवश्यक जांच के लिए अल्ट्रासाउंड अनिवार्य होता है।सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कई महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञों के पास रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रसव से संबंधित करीब 70 से 80 प्रतिशत मामलों में अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। इसके बावजूद सीएचसी में यह सुविधा वर्षों से ठप पड़ी है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुभाष ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष उस्मान अली ने भी इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि चोपन एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी सीएचसी पर निर्भर है।अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड सेवा सुचारु रूप से शुरू कराई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हवा-हवाई, सीएचसी चोपनखुद हुआ बीमार वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीज परेशान चोपन (सोनभद्र)। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चोपन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई वर्षों से धूल फांक रही है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सक और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे कि वर्तमान समय में मशीन धूल फांक रही है। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगने के बाद उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मशीन उपयोग में नहीं आ सकी, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, अस्पताल में एक्स-रे मशीन और तकनीशियन की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच नहीं होने से मरीजों को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति की निगरानी और अन्य आवश्यक जांच के लिए अल्ट्रासाउंड अनिवार्य होता है।सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कई महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञों के पास रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रसव से संबंधित करीब 70 से 80 प्रतिशत मामलों में अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। इसके बावजूद सीएचसी में यह सुविधा वर्षों से ठप पड़ी है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुभाष ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष उस्मान अली ने भी इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि चोपन एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी सीएचसी पर निर्भर है।अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड सेवा सुचारु रूप से शुरू कराई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
- 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र सोन नदी में जाल उठाते समय 65 वर्षीय मछुआरे लल्लू केवट पर मगरमच्छ ने किया घातक हमला। 🐊 मगरमच्छ ने जबड़ों में जकड़कर पानी में खींचने की कोशिश की, ग्रामीणों के साहस से बची जान। घायल को CHC चोपन से जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर किया गया। 📍 करगरा, चोपन थाना क्षेत्र मगरमच्छों की बढ़ती मौजूदगी से मछुआरा समुदाय में दहशत। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की। #Sonbhadra #Chopan #CrocodileAttack #BreakingNews1
- जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने तहसील समाधान दिवस में 89 शिकायतें सुनी, 8 का निस्तारण दुद्धी (सोनभद्र)। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में विभिन्न मामलों से जुड़े 89 शिकायतें पंजीकृत हुईं। इनमें से मौके पर 7 शिकायतों का निस्तारण किया गया जबकि 1 मामले में संबंधित स्थान पर टीम भेजकर तत्काल कार्रवाई कर कुल 8 मामलों का समाधान किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने की। मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, डीपीआरओ, जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार, तहसीलदार दुद्धी अंजनी गुप्ता सहित तहसील व जिले के कई अधिकारी–कर्मचारी मौजूद रहे। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित फरियादियों के आवेदन पत्र एक एक कर सुने और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का न सिर्फ समयबद्ध बल्कि गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने बताया कि आज के समाधान दिवस में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान ही सुशासन की पहचान है और अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।3
- आंध्र प्रदेश के भोगपुरम से लाइव भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ। आंध्र प्रदेश के भोगपुरम से लाइव भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ।1
- 16 वर्षीय नाबालिका को बरगवां पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्य से किया दस्तयाब1
- जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिखाई संवेदनशीलता, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल पहुंचाया अस्पताल सोनभद्र, दिनांक 01 अगस्त, 2026। सम्पूर्ण समाधान दिवस, दुद्धी में प्रतिभाग करने के लिए जाते समय गुरमुरा के समीप सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को देखकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। दोनों अधिकारियों ने तत्काल अपना काफिला रुकवाकर घायल व्यक्ति का हालचाल जाना और बिना किसी विलंब के अपने स्कॉर्ट वाहन से उसे निकटवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाकर उपचार सुनिश्चित कराया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं तथा उपचार में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई से घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। मौके पर उपस्थित लोगों ने दोनों अधिकारियों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की।1