दिनदहाड़े पुआल (पराली) जलाने से खतरा, सूचना के बाद भी पुलिस ने नहीं उठाया फोन — प्रशासन की चुप्पी पर सवाल देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राम भरोसे चौराहे के पास एक खेत में दिनदहाड़े पराली जलाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज धूप और हवा के बीच खेत में आग लगाकर पुआल जलाया जा रहा था, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें और धुआं तेजी से फैल रहा था। क्षेत्र में कई घर और झोपड़ियां पास में स्थित हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल इस घटना की सूचना संबंधित थाने को देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने फोन तक नहीं उठाया। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी कर दिन में ही आग लगाई जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों के जीवन और संपत्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि जब प्रशासन को समय रहते सूचना दी गई, तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस इस तरह की गंभीर शिकायतों पर भी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं? क्या किसी बड़े नुकसान के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, पुलिस की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा बहाल किया जा सके।
दिनदहाड़े पुआल (पराली) जलाने से खतरा, सूचना के बाद भी पुलिस ने नहीं उठाया फोन — प्रशासन की चुप्पी पर सवाल देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राम भरोसे चौराहे के पास एक खेत में दिनदहाड़े पराली जलाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों
के अनुसार, तेज धूप और हवा के बीच खेत में आग लगाकर पुआल जलाया जा रहा था, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें और धुआं तेजी से फैल रहा था।
क्षेत्र में कई घर और झोपड़ियां पास में स्थित हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल इस घटना की सूचना संबंधित थाने को देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने फोन तक नहीं उठाया। गौरतलब है
कि प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी कर दिन में ही आग लगाई जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों के जीवन और संपत्ति पर
भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि जब प्रशासन को समय रहते सूचना दी गई, तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? इस
घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस इस तरह की गंभीर शिकायतों पर भी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं? क्या किसी बड़े नुकसान के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि
मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, पुलिस की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा बहाल किया जा सके।
- पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों के रोकथाम के लिए वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनन्द कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन व क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के कुशल पर्यवेक्षण में थाना बघौचघाट पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 08/2026 धारा 191(2),191(3),352,351(3),109(1),125(b) बीएनएस व 7 CLA Act 1932 से संबंधित प्रकाश में आए अभियुक्त शैलेष यादव उर्फ टाइगर पुत्र रामसुमेर यादव साकिन भटवलिया वार्ड नं0 05,देवरिया थाना कोतवाली जनपद देवरिया उम्र करीब 27 वर्ष को आज दिनांक 23.04.2026 को मुखबिर की सूचना पर विशुनपुरा सबयां बिहार बार्डर के पास से समय करीब 04.40 बजे सुबह गिरफ्तार करते हुए नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है। अवगत कराना है कि दिनांक 17.01.2026 को थाना बघौचघाट क्षेत्रान्तर्गत धूस देवरिया में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट के सम्बन्ध में थाना बघौचघाट पर मु0अ0सं0-08/2026 धारा 191(2),191(3),352,351(3),109(1),125(b) बीएनएस व 7 CLA Act 1932 का अभियोग पंजीकृत किया गया था, *जिसमें नामजद अभियुक्त भोला उर्फ हृदय प्रकाश तिवारी पुत्र विजयनाथ तिवारी निवासी सिधावे (धर्मागत पट्टी वार्ड नं0 14) थाना तरकुलवा जनपद देवरिया को दिनांक 17.02.2026 को तथा प्रकाश में आए अभियुक्त रत्नेश पाण्डेय उर्फ रतन पाण्डेय पुत्र अजय पाण्डेय साकिन न्यू कालोनी देवरिया थाना कोतवाली जनपद देवरिया को दिनांक 04.04.2026 को थाना बघौचघाट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है ।1
- देवरिया: हत्या के प्रयास के मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, बघौचघाट पुलिस को मिली सफलता देवरिया जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बघौचघाट पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के अंतर्गत हत्या के प्रयास के एक गंभीर प्रकरण में वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आनन्द कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में की गई। थाना बघौचघाट पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त शैलेष यादव उर्फ टाइगर (उम्र लगभग 27 वर्ष), पुत्र रामसुमेर यादव, निवासी भटवलिया वार्ड नंबर 05, थाना कोतवाली, जनपद देवरिया को 23 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 04:40 बजे विशुनपुरा सबयां बिहार बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ थाना बघौचघाट में मु0अ0सं0 08/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 191(2), 191(3), 352, 351(3), 109(1), 125(b) तथा 7 CLA Act 1932 के अंतर्गत मामला दर्ज था। यह मामला 17 जनवरी 2026 को थाना क्षेत्र के धूस देवरिया गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें हत्या के प्रयास का आरोप भी शामिल है। गौरतलब है कि इस प्रकरण में पहले ही नामजद अभियुक्त भोला उर्फ हृदय प्रकाश तिवारी को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा प्रकाश में आए एक अन्य अभियुक्त रत्नेश पाण्डेय उर्फ रतन पाण्डेय को 4 अप्रैल 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब तीसरे वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा।1
- जिला अधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की पहल ,मिशन शक्ति से बालिकाओं को मिला आत्म विश्वास, कई फरियादियों को सुनी एक दिन की जिला अधिकारी साक्षी दुबे।2
- एंकर--देवरिया में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली,जहां मिशन शक्ति अभियान के तहत एक छात्रा को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया। इस अनोखे कार्यक्रम ने बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा दी है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर चल रहे मिशन शक्ति फेज-5 के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में “एक दिन की जिलाधिकारी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चयनित छात्रा साक्षी दूबे को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। साक्षी दूबे ने जिलाधिकारी कार्यालय में बैठकर प्रशासनिक कार्यों को करीब से समझा और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की और निर्णय प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। यह कार्यक्रम DM दिव्या मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक समझ विकसित करना है।2
- वार्ड नंबर 3 पूर्व मेहरा के सभा सब ने एनजीओ के माध्यम से गरीबों में किया साइकिल वितरण लोगों ने की इसकी सराहना1
- देवरिया। सरकारी धन का किस तरह दुरुपयोग किया जाता है, इसकी एक बानगी देवरिया जिले में देखने को मिल रही है। यहाँ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नवनिर्मित भवन में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलम यह है कि उद्घाटन से पहले ही भवन की दीवारों में दरारें और प्लास्टर के झड़ने की खबरें आने लगी हैं, जिससे विभाग और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। लाखों की लागत, पर काम में भारी लापरवाही मिली जानकारी के अनुसार, इस भवन के निर्माण में तय मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि निर्माण के दौरान प्रयुक्त की गई ईंटों, सीमेंट और बालू का मिश्रण मानकों के विपरीत था। छत से पानी टपकने और दीवारों की फिनिशिंग में आई गड़बड़ियों ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। मुख्य बिंदु जो निर्माण पर उठाते हैं सवाल: दीवारों में दरारें: भवन पूरी तरह से सुपुर्द होने से पहले ही मुख्य दीवारों में दरारें दिखने लगी हैं। घटिया सामग्री का प्रयोग: प्लास्टर को छूते ही वह रेत की तरह झड़ रहा है, जो खराब गुणवत्ता वाले सीमेंट की पुष्टि करता है। अधूरी फिनिशिंग: बिजली और पानी की फिटिंग में भी तकनीकी खामियां देखी जा रही हैं। प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल हैरानी की बात यह है कि जिस सूचना विभाग की जिम्मेदारी सरकार की योजनाओं को पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँचाना है, उसी का अपना कार्यालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण के दौरान भौतिक निरीक्षण किया था? और यदि किया था, तो ऐसी खामियां नजरअंदाज कैसे हो गईं? जांच की मांग तेज जिले के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार व इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राम भरोसे चौराहे के पास एक खेत में दिनदहाड़े पराली जलाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज धूप और हवा के बीच खेत में आग लगाकर पुआल जलाया जा रहा था, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें और धुआं तेजी से फैल रहा था। क्षेत्र में कई घर और झोपड़ियां पास में स्थित हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल इस घटना की सूचना संबंधित थाने को देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने फोन तक नहीं उठाया। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी कर दिन में ही आग लगाई जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों के जीवन और संपत्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि जब प्रशासन को समय रहते सूचना दी गई, तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस इस तरह की गंभीर शिकायतों पर भी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं? क्या किसी बड़े नुकसान के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, पुलिस की लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा बहाल किया जा सके।7
- देवरिया में “एक दिन की जिलाधिकारी” बनीं साक्षी दूबे, मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं में बढ़ा आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में डीएम दिव्या मित्तल के मार्गदर्शन में छात्राओं ने समझी प्रशासनिक कार्यप्रणाली, बड़े सपने देखने की मिली प्रेरणा।6