मोबाइल-छाता थामे होलिका बनी चर्चा का केंद्र, शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखे अंदाज में दहन मोबाइल-छाता थामे होलिका बनी चर्चा का केंद्र, शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखे अंदाज में दहन सागर: हाथ में छाता, कान में मोबाइल और बगल में लग्जरी पर्स लटकाए...यह कोई हीरोइन या मॉडल नहीं बल्कि बुंदेलखंड की होलिका हैं। भक्त प्रहलाद की बुआ 'होलिका' को यहां गजब का सुंदर लुक दिया गया है। पहली नजर में यह प्रतिमा किसी बॉलीवुड की हीरोइन जैसी नजर आती है, इसे होलिका दहन के साथ जलाया जाएगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी में देवरी में 'होलिका दहन' इस बार बिल्कुल नए और आकर्षक और अनोखे अंदाज में दिखाई दे रहा है। शिक्षा सदन चौराहे पर महाकाली गणेश उत्सव समिति द्वारा तैयार की गई होलिका की प्रतिमा सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है। दरअसल मूर्तिकार ने प्रतिमा को इतना गजब का मॉडर्न लुक दिया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान हैं। दरअसल होली के अवसर पर देवरी में होलिका दहन में कुछ नया और रचनात्मक करने का निर्णय लिया गया। इसमें भक्त प्रहलाद की बुआ होलिका को आधुनिक 'न्यू मॉडल' प्रतिमा के रूप में तैयार कराया गया है। इनके एक हाथ में मोबाइल तो दूसरे में छाता थामे हैं। कमर में करधन और कांधे पर लेडीज पर्स लटक रहा है। पहली नजर में ही प्रतिमा लोगों का ध्यान खींच लेती है। प्रतिमा के साथ भक्त प्रहलाद की आकृति भी स्थापित की गई है, जिससे परंपरा और संदेश दोनों को सशक्त रूप मिला है। समिति के सदस्यों राहुल नामदेव और गोलू मिश्रा ने बताया कि इस अनोखी कल्पना को जबलपुर की तर्ज पर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। हर साल कुछ नया करने का प्रयास, शहर में घुमाया शहर के शिक्षा सदन चौराहे पर होलिका दहन का आयोजन पिछले 18 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। समिति के अनुसार इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी और तब से हर साल कुछ नया और रचनात्मक प्रस्तुत करने की परंपरा बनी हुई है। शहर का सबसे बड़ा आयोजन नगर में 20 से 30 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारियां होती हैं, लेकिन शिक्षा सदन चौराहे का आयोजन सबसे भव्य माना जाता है। विधिवत पूजन-अर्चना के बाद रात्रि में होलिका दहन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि आधुनिकता और परंपरा के इस अनोखे संगम ने शिक्षा सदन चौराहे की होलिका को खास बना दिया है। यही वजह है कि यह आयोजन इस बार नगर की पहचान बनकर उभर रहा है।
मोबाइल-छाता थामे होलिका बनी चर्चा का केंद्र, शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखे अंदाज में दहन मोबाइल-छाता थामे होलिका बनी चर्चा का केंद्र, शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखे अंदाज में दहन सागर: हाथ में छाता, कान में मोबाइल और बगल में लग्जरी पर्स लटकाए...यह कोई हीरोइन या मॉडल नहीं बल्कि बुंदेलखंड की होलिका हैं। भक्त प्रहलाद की बुआ 'होलिका' को यहां गजब का सुंदर लुक दिया गया है। पहली नजर में यह प्रतिमा किसी बॉलीवुड की हीरोइन जैसी नजर आती है, इसे होलिका दहन के साथ जलाया जाएगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी में देवरी में 'होलिका दहन' इस बार बिल्कुल नए और
आकर्षक और अनोखे अंदाज में दिखाई दे रहा है। शिक्षा सदन चौराहे पर महाकाली गणेश उत्सव समिति द्वारा तैयार की गई होलिका की प्रतिमा सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है। दरअसल मूर्तिकार ने प्रतिमा को इतना गजब का मॉडर्न लुक दिया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान हैं। दरअसल होली के अवसर पर देवरी में होलिका दहन में कुछ नया और रचनात्मक करने का निर्णय लिया गया। इसमें भक्त प्रहलाद की बुआ होलिका को आधुनिक 'न्यू मॉडल' प्रतिमा के रूप में तैयार कराया गया है। इनके एक हाथ में मोबाइल तो दूसरे में छाता थामे हैं। कमर में करधन और कांधे
पर लेडीज पर्स लटक रहा है। पहली नजर में ही प्रतिमा लोगों का ध्यान खींच लेती है। प्रतिमा के साथ भक्त प्रहलाद की आकृति भी स्थापित की गई है, जिससे परंपरा और संदेश दोनों को सशक्त रूप मिला है। समिति के सदस्यों राहुल नामदेव और गोलू मिश्रा ने बताया कि इस अनोखी कल्पना को जबलपुर की तर्ज पर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। हर साल कुछ नया करने का प्रयास, शहर में घुमाया शहर के शिक्षा सदन चौराहे पर होलिका दहन का आयोजन पिछले 18 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। समिति के अनुसार इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी
और तब से हर साल कुछ नया और रचनात्मक प्रस्तुत करने की परंपरा बनी हुई है। शहर का सबसे बड़ा आयोजन नगर में 20 से 30 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारियां होती हैं, लेकिन शिक्षा सदन चौराहे का आयोजन सबसे भव्य माना जाता है। विधिवत पूजन-अर्चना के बाद रात्रि में होलिका दहन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि आधुनिकता और परंपरा के इस अनोखे संगम ने शिक्षा सदन चौराहे की होलिका को खास बना दिया है। यही वजह है कि यह आयोजन इस बार नगर की पहचान बनकर उभर रहा है।
- सागर जिले की रहली विधानसभा के तहत गढाकोटा रहस मेले मे राई का आयोजन किया गया इसी दौरान सुरक्षा मे लगे पुलिस के जवान को युवक ने धक्का दे दिया और पुलिस आरक्षक पर हाथ भी उठाया फिर जो हुआ..... देखे Live Video1
- वक्त और विश्वास एक ऐसा पक्षी है, जो एक बार उड़ जाए तो वापस नहीं आते, वैसे ही समय भी है, समय चला जाएगा वापस कभी नहीं आएगा..! शुभ संध्या फ्रेंड्स 🌃🌹💫🌟🌠2
- Ham jiyenge aur marenge ae watan Tere Dil Diya Hai Jaan bhi denge aye watan Tere1
- बंडा जिसमें लेख हैं कि म.प्र.शासन के समस्त विभागों में कई वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अब तक के सबसे बड़े अन्याय के शिकार है, जिन्हें ना तो न्यनतम वेतन मिलता है, और वेतन मिलता भी है तो वो भी समय पर नहीं मिलता है, और ना ही पीएफ जमा होता हैं, तथा हमेशा नौकरी से निकाले जाने का संकट बना रहता है, आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी हमेशा चलती रहती है, तथा वो हमारी कोई जबावदेही लेने को भी तैयार नहीं हैं, शासन स्तर से आये हुए, आदेशों की अवहेलना आम बात है, एजेंसियों के लिये और विगत 04 माह से हमें वेतन भी नहीं मिला है, और हमारी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है। मध्य प्रदेश सरकार सबकी होती है और सबके लिए समान रूप से कार्य करती है, आउटसोर्स कर्मचारी भी संविदा कर्मचारी की श्रेणी में आते हैं, संविदा सम्मेलन में अपने आउटसोर्स कर्मचारियों का जिक्र तक नहीं किया, रोजगार सहायकों की तरह हम सभी भी आपके शासनकाल में अपनी सेवाये पूर्ण लगन और अथक परिश्रम से दे रहे है। नौकरियों में आउटसोर्स प्रथा समाप्त कर हम सभी डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों को विभाग में संविलियन किया जायें।समस्त आउटसोर्स डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों का न्यनतम वेतन बढ़ाया जाये, जिससे बढ़ती महगाई में अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।हम सबको आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है, कि माननीय महोदय जी हम सबके द्वारा की गई उचित मांगो को ध्यान में रखते हुए पूर्ण निराकरण कर हम सबको आर्शीवाद प्रदान करेंगे।2
- जरा सी लापरवाही व जल्दबाजी बनी मुसीबत1
- भगबती जगत जननी मां दुर्गा जी का चालीसा पाठ किया किया एवं महा आरती व प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया स्थान उमेश राठौर टेंट हाउस नाहर मऊ1
- राजस्व अमले पर रिश्वत का आरोप ग्राम मेंवली में सीमांकन बना संग्राम ₹5000 रिश्वत लेने का आरोप आरआई बोले–आरोप बेबुनियाद बीना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कौरजा के ग्राम मेंवली में जमीन सीमांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव के एक निवासी द्वारा राजस्व अमले पर रिश्वत लेने और गलत सीमांकन करने के आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।1
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