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अजमेर सहित आसपास के इलाकों में हो रही झमाझम बरसात पीसांगन कस्बे में हुई ओलावृष्टि मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी तापमान में हुई गिरावट से पर्यटन स्थल भी हुए आबाद अजमेर सहित आसपास के इलाकों में हो रही झमाझम बरसात पीसांगन कस्बे में हुई ओलावृष्टि मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी तापमान में हुई गिरावट से पर्यटन स्थल भी हुए आबाद

4 hrs ago
user_Yogesh Kumar Gupta
Yogesh Kumar Gupta
पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

अजमेर सहित आसपास के इलाकों में हो रही झमाझम बरसात पीसांगन कस्बे में हुई ओलावृष्टि मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी तापमान में हुई गिरावट से पर्यटन स्थल भी हुए आबाद अजमेर सहित आसपास के इलाकों में हो रही झमाझम बरसात पीसांगन कस्बे में हुई ओलावृष्टि मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी तापमान में हुई गिरावट से पर्यटन स्थल भी हुए आबाद

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  • राजस्थान में अक्सर एसपी के ट्रांसफर के दौरान घोड़ी, गाजे-बाजे और पारंपरिक अंदाज में विदाई दी जाती है, लेकिन रामपुर में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां से ट्रांसफर हुए एसपी IPS विद्यासागर मिश्र की विदाई बेहद भावुक रही। विदाई समारोह के दौरान पुलिस स्टाफ खुद को संभाल नहीं पाया और कई जवानों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि विद्यासागर मिश्र ने सिर्फ एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी कार्यशैली, व्यवहार और इंसानियत ने उन्हें स्टाफ के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था। जहां एक ओर कई जगहों पर विदाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है, वहीं रामपुर में यह पल एक भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बन गया।
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    राजस्थान में अक्सर एसपी के ट्रांसफर के दौरान घोड़ी, गाजे-बाजे और पारंपरिक अंदाज में विदाई दी जाती है, लेकिन रामपुर में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां से ट्रांसफर हुए एसपी IPS विद्यासागर मिश्र की विदाई बेहद भावुक रही।
विदाई समारोह के दौरान पुलिस स्टाफ खुद को संभाल नहीं पाया और कई जवानों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि विद्यासागर मिश्र ने सिर्फ एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
उनकी कार्यशैली, व्यवहार और इंसानियत ने उन्हें स्टाफ के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था। जहां एक ओर कई जगहों पर विदाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है, वहीं रामपुर में यह पल एक भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बन गया।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • राजस्थान में मौसम ने खाया अचानक पलटा , अजमेर के पीसांगन में जबरदस्त ओलावृष्टि
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    राजस्थान में मौसम ने खाया अचानक पलटा , अजमेर के पीसांगन में जबरदस्त ओलावृष्टि
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा, 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
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    दौसा, 2 अप्रैल 2026
अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे।
स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी।
मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे।
फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कभी सोचा है कि दोस्ती की कोई सीमा नहीं होती? इस दिल छू लेने वाले वीडियो में एक कुत्ता और बंदर की ऐसी अनोखी दोस्ती देखने को मिलती है, जिसे देखकर आप भी भावुक हो जाएंगे। जैसे ही दोनों एक-दूसरे को देखते हैं, बिना किसी डर या झिझक के दौड़कर गले लग जाते हैं। ये वीडियो हमें सिखाता है कि सच्चा प्यार और अपनापन किसी भाषा, जाति या प्रजाति का मोहताज नहीं होता। आज के समय में जहां इंसान इंसान से दूर होता जा रहा है, वहीं ये जानवर हमें असली दोस्ती का मतलब समझा रहे हैं। अगर आपको भी ये वीडियो पसंद आए, तो लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। ऐसे ही दिल को छू लेने वाले वीडियो के लिए जुड़े रहें। ❤️
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    कभी सोचा है कि दोस्ती की कोई सीमा नहीं होती? इस दिल छू लेने वाले वीडियो में एक कुत्ता और बंदर की ऐसी अनोखी दोस्ती देखने को मिलती है, जिसे देखकर आप भी भावुक हो जाएंगे। जैसे ही दोनों एक-दूसरे को देखते हैं, बिना किसी डर या झिझक के दौड़कर गले लग जाते हैं।
ये वीडियो हमें सिखाता है कि सच्चा प्यार और अपनापन किसी भाषा, जाति या प्रजाति का मोहताज नहीं होता। आज के समय में जहां इंसान इंसान से दूर होता जा रहा है, वहीं ये जानवर हमें असली दोस्ती का मतलब समझा रहे हैं।
अगर आपको भी ये वीडियो पसंद आए, तो लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। ऐसे ही दिल को छू लेने वाले वीडियो के लिए जुड़े रहें। ❤️
    user_BL Maan (Ujaladarpan.com)
    BL Maan (Ujaladarpan.com)
    Local News Reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Rakesh Kumar Swami
    1
    Post by Rakesh Kumar Swami
    user_Rakesh Kumar Swami
    Rakesh Kumar Swami
    सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ​सरकारी विभागों की उदासीनता ​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही: ​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। ​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया। ​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका। ​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न ​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए। ​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।" ​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़
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    ​खुर्रा (लालसोट): ग्राम पंचायत किशोरपुरा के खुर्रा गाँव में आयोजित बिजासनी माता मेले में जहाँ एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के संबंधित विभागों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
​सरकारी विभागों की उदासीनता
​लाखों की संख्या में उमड़ी ग्रामीणों और किसानों की भीड़ के बावजूद, मेले में राजस्थान सरकार के प्रमुख विभागों का कोई सहयोग या स्टॉल देखने को नहीं मिला। विशेष रूप से निम्नलिखित विभागों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही:
​कृषि विभाग: किसानों का इतना बड़ा समागम होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा नई तकनीकों या बीज-खाद से जुड़ी जानकारी देने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
​पंचायती राज विभाग: ग्रामीण विकास और ग्राम उत्थान की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का यह एक सुनहरा अवसर था, जिसे विभाग ने गंवा दिया।
​लोक संस्कृति विभाग: मेले जैसे आयोजन लोक संस्कृति का केंद्र होते हैं, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संरक्षण को उचित मंच नहीं मिल सका।
​प्रशासन पर उठे प्रश्नचिह्न
​ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और इन विभागों की घोर अनदेखी के कारण लाखों किसान और ग्रामीण सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनका लाभ उठाने से वंचित रह गए।
​"जब एक ही स्थान पर लाखों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होते हैं, तो वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए थे। विभागों की यह अनुपस्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।"
​रिपोर्ट: खेमराज जोशी, ग्राउंड रिपोर्ट से शुरू न्यूज़
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में सजी फूल बंगले से आकर्षक झांकी लगी श्रद्धालुओं की भीड़ बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर जिले के चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई गई इस मौके पर पुजारी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करके आरती की गई इस दौरान काफी दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर जय जयकार लगाते हुए अपने परिवार की सुख शांति की मनोकामना मांगते हुए नजर आए यहां पर पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से किया इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा सुंदरकांड पाठ व हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया मंदिर को चारों तरफ से डेकोरेशन की तरह सजाया गया
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    चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में सजी फूल बंगले से आकर्षक झांकी लगी श्रद्धालुओं की भीड़
बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता 
जयपुर जिले के चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई गई इस मौके पर पुजारी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करके आरती की गई इस दौरान काफी दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने  मंदिर में दर्शन कर जय जयकार लगाते हुए अपने परिवार की सुख शांति  की मनोकामना मांगते हुए नजर आए यहां पर पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से किया इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा सुंदरकांड पाठ व हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया मंदिर को चारों तरफ से डेकोरेशन की तरह सजाया गया
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ'आम आदमी’ को मेरे संदेश Raghav Chadha का बयान
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    खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ'आम आदमी’ को मेरे संदेश Raghav Chadha का बयान
    user_BL Maan (Ujaladarpan.com)
    BL Maan (Ujaladarpan.com)
    Local News Reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बांदीकुई/दौसा, अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
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    बांदीकुई/दौसा, 
अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे।
स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी।
मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे।
फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    20 hrs ago
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