मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और स्वीप के नोडल अधिकारी जय भारत सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जन-जागरूकता गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीओ ने उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो और कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे। नोडल अधिकारी स्वीप ने अभियान को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसमें सामाजिक संगठनों, ग्राम प्रधानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के माध्यम से पहुँच बनाने पर बल दिया गया। उन्होंने स्वीप टीम को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का सक्रिय सहयोग लेने के लिए भी कहा, ताकि मतदाता सूचियाँ त्रुटिहीन और पारदर्शी बन सकें। इसके अतिरिक्त, कॉलेजों और महाविद्यालयों में 18-19 वर्ष के नए व युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के माध्यम से जन-जन तक जागरूकता संदेश पहुँचाने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने नागरिकों को जानकारी दी कि निर्वाचन या मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सहायता या समस्या के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 सक्रिय है। साथ ही, मतदाताओं की सीधी सहायता के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना पंजीकरण और संशोधन समय पर पूरा कराएँ।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और स्वीप के नोडल अधिकारी जय भारत सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जन-जागरूकता गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीडीओ ने उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो और कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे। नोडल अधिकारी स्वीप ने अभियान को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसमें सामाजिक संगठनों, ग्राम प्रधानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के माध्यम से पहुँच बनाने पर बल दिया गया। उन्होंने स्वीप टीम को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का सक्रिय सहयोग लेने के लिए भी कहा, ताकि मतदाता सूचियाँ त्रुटिहीन और पारदर्शी बन सकें। इसके अतिरिक्त, कॉलेजों और महाविद्यालयों में 18-19 वर्ष के नए व युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के माध्यम से जन-जन तक जागरूकता संदेश पहुँचाने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने नागरिकों को जानकारी दी कि निर्वाचन या मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सहायता या समस्या के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 सक्रिय है। साथ ही, मतदाताओं की सीधी सहायता के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना पंजीकरण और संशोधन समय पर पूरा कराएँ।
- बुजुर्ग सरदार राजू शाह के साथ हुई मारपीट और चोरी के एक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को रिमांड पर ले लिया है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी एक आरोपी युवती साक्षी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस बीच, स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में बढ़ती चोरी और नशे से जुड़ी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नशा मुक्ति के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि युवतियों के नशे में होने, चोरी करने या झूठे आरोप लगाने जैसे दावे अभी केवल आरोप हैं, और इन्हें अंतिम तथ्य तभी माना जा सकता है जब पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया से इनकी पुष्टि हो जाए।1
- हरिद्वार के लक्सर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 112 नंबर पर मिली सूचना के बाद सुल्तानपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची थी। जब पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेना चाहा, तो वहाँ मौजूद महिलाओं ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई और मौके पर हंगामा मच गया। यह मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी युवक और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में कोतवाली मंगलौर में जब्त किए गए अवैध हथियारों पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत, कोतवाली मंगलौर ने आयुध अधिनियम से संबंधित कुल 63 मालमुकदमाती वस्तुओं का नियमानुसार निस्तारण किया है। यह कार्रवाई एसएसपी हरिद्वार के निर्देशों पर चलाए जा रहे प्रचलित माल निस्तारण अभियान के हिस्से के रूप में की गई। दिनांक 27.06.2026 को कोतवाली मंगलौर में दर्ज मामलों से संबंधित इन सभी वस्तुओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पादित किया गया। इस पूरी निस्तारण प्रक्रिया के दौरान रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रुड़की, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर, मालखाना मोहर्रिर और नगर पालिका मंगलौर के सभासद मौजूद रहे। हरिद्वार पुलिस द्वारा न्यायालय और शासन के निर्देशों के अनुरूप इस माल निस्तारण अभियान को लगातार संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मालखानों में लंबित पड़े माल का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।1
- सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में स्थित नानौली का माजरा गांव के ग्रामीण लगातार कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में वोल्टेज का स्तर बहुत कम रहता है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला स्तर से अच्छे अधिकारी गांव आकर इस पूरे मामले की जांच करें।1
- उत्तराखंड के लक्सर/खानपुर सीमावर्ती जंगली इलाके से आज एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पिछले 15 दिनों से लापता 35 वर्षीय युवक प्रमोद सैनी का शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। प्रमोद की लाश कई टुकड़ों में बिखरी हुई पाई गई, जिसे देखकर पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, शेरपुर बेला निवासी 35 वर्षीय प्रमोद सैनी अचानक गायब हो गया था। परिजन और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। आज जंगल में एक स्थानीय व्यक्ति की नजर शव के टुकड़ों पर पड़ी, जिसके बाद उसने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जैसे ही यह खबर आसपास के इलाकों में फैली, कई गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुँच गए। इस वीभत्स घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- उत्तराखंड में साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे देखते हुए एसटीएफ के एसएसपी अजय कुमार ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साइबर ठग लोगों को शिकार बनाने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं, जिनमें निवेश पर बड़े मुनाफे का लालच देना, 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाना, और खुद को फर्जी सीबीआई अधिकारी, पुलिसकर्मी या जज बताकर कॉल करना शामिल है। इसके अलावा, यूपीआई और फर्जी लिंक के माध्यम से भी ठगी की जा रही है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसे मांगे या डराए, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें। साथ ही, किसी भी तरह के लालच या दबाव में आकर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसएसपी अजय कुमार ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि "जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।" लोगों से साइबर ठगों से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की अपील दोहराई गई है।1
- जयपुर में 19 जून, 2026 को सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाने वाली 27 वर्षीय रेशु गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गईं। रेशु का आरोप है कि VIP मूवमेंट से पहले पुलिस ने उन्हें ठेला हटाने को कहा था। उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि स्टीमर में उबलता हुआ पानी है, लेकिन कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने ठेले को जबरन धक्का दे दिया, जिससे खौलता पानी उनके सीने, हाथों और जांघों पर गिर गया। रेशु के अनुसार, इस घटना के बाद पुलिस मौके से चली गई और उनकी बहन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचीं। परिवार का आरोप है कि इस मामले में तुरंत FIR भी दर्ज नहीं की गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि VIP मूवमेंट के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा था और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि CCTV फुटेज की समीक्षा की जा रही है और यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- हरिद्वार पुलिस ने शिवमूर्ति चौक से रेलवे गेट की ओर यात्रियों को अपनी तरफ आकर्षित कर वेश्यावृत्ति में लिप्त चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार के निर्देशों पर, शान्ति और कानून व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के तहत की गई। दिनांक 26/27-06-26 की रात, चौकी प्रभारी मायापुर अपने हमराही दल के साथ चौकी मायापुर से शिवमूर्ति चौक की तरफ होटल, ढाबे और धर्मशालाओं की चेकिंग के साथ-साथ सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में तैनात थे। तभी उन्होंने रेलवे गेट के सामने दो पक्षों की महिलाओं को आपस में गाली-गलौज और मारपीट करते देखा। जाँच में पता चला कि ये महिलाएँ आने-जाने वाले व्यक्तियों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से झगड़ रही थीं। शान्ति भंग या किसी संज्ञेय अपराध की घटना को रोकने के लिए, महिला एस.आई. हेमलता पाण्डेय, महिला कांस्टेबल मुन्नी राणा और महिला होमगार्ड प्रीति की सहायता से इन चारों महिलाओं को धारा 126/135/170 BNS के तहत हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार की गई महिलाओं में एक नियर केनरा बैंक, जगजीतपुर, थाना कनखल, हरिद्वार निवासी (मूल रूप से ग्राम ऊजा, पानीपत, हरियाणा) है; दूसरी नियर केनरा बैंक, जगजीतपुर, थाना कनखल, हरिद्वार निवासी (मूल रूप से मनीमाझरा, चंडीगढ़) है; तीसरी ग्राम कोटसराय, थाना नागल, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश निवासी है; और चौथी हाल झुग्गी झोपड़ी, रोडीबेलवाला, थाना कोतवाली नगर, जनपद हरिद्वार निवासी (मूल रूप से सराय रोयला, दिल्ली) है। इस पुलिस टीम में व.उ.नि. श्री गोपाल दत्त भट्ट, उ.नि. ऋषिकॉन्त पतवाल, म.अ.उ.नि. हेमलता पाण्डेय, म.कानि. मुन्नी राणा, म.होगा प्रीति और कानि. नापु सचिन भी शामिल थे। इस मामले में आवश्यक एवं विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- रुद्रपुर के ट्रंचिंग ग्राउंड क्षेत्र स्थित पार्क को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है, क्योंकि यह पार्क अब जुआ खेलने और नशा करने वाले युवकों का अड्डा बन गया है। आरोप है कि शाम होते ही पार्क में ऐसे युवकों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों, महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस पार्क को बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए बनाया गया था, वह अब असामाजिक तत्वों का गढ़ बनता जा रहा है। इस स्थिति के चलते इलाके का माहौल भी बिगड़ रहा है और लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है, साथ ही पार्क में आए दिन लड़ाई-झगड़े भी होते रहते हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पार्क में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाना, नगर निगम द्वारा निगरानी में वृद्धि करना, जुआ खेलने और नशा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना, और पार्क को दोबारा सुरक्षित व परिवारों के लिए अनुकूल बनाना शामिल है।1