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सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में स्थित नानौली का माजरा गांव के ग्रामीण लगातार कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में वोल्टेज का स्तर बहुत कम रहता है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला स्तर से अच्छे अधिकारी गांव आकर इस पूरे मामले की जांच करें।
Farman Thakur
सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में स्थित नानौली का माजरा गांव के ग्रामीण लगातार कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में वोल्टेज का स्तर बहुत कम रहता है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला स्तर से अच्छे अधिकारी गांव आकर इस पूरे मामले की जांच करें।
- Farman Thakurबेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेशGood Bhai14 hrs ago
More news from हरियाणा and nearby areas
- गांव जठलाना में एक बुजुर्ग की निर्मम हत्या के मामले में सीआईए-2 ने कार्रवाई की। पुलिस की निशानदेही के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया। इसी कोशिश में वह छत से कूद गया, जिससे उसका पैर टूट गया।1
- यमुनानगर के जठलाना में हिमाचल बिजली निगम के सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर जगदीश बंसल हत्याकांड में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस जब रिमांड पर चल रहे आरोपी अजय को निशानदेही के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची, तो उसने छत से कूदकर फरार होने की कोशिश की। इस प्रयास में उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। गौरतलब है कि जठलाना निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर जगदीश बंसल की उनके घर में लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी, उस समय वह घर में अकेले थे। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने गांव के एक युवक के साथ मिलकर जेल में ही इस वारदात की साजिश रची थी। फिलहाल, आरोपी अजय सहित दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।1
- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, बड़े टेंडर और अनुबंधों की पूरी जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर अपलोड करना और इसकी मासिक अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजना आवश्यक होगा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए पत्र में मुख्य सचिव ने अगस्त 2021 में जारी पिछले सरकारी निर्देशों के बावजूद खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने में हो रही लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग को लगभग सभी सरकारी खरीद संस्थानों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) से अपेक्षित मासिक अनुपालन प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका पालन केवल हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला द्वारा ही किया गया है। सरकार ने इस चूक को गंभीरता से लिया है और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक संस्थाओं, सोसाइटी और मिशनों को निर्धारित पारदर्शिता व्यवस्था का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी खरीद एजेंसियों को ₹5 करोड़ रुपये से अधिक के सामान, कार्य और सेवाओं से संबंधित टेंडर और अनुबंधों की विस्तृत जानकारी अपनी विभागीय वेबसाइट और राज्य खरीद पोर्टल पर प्रकाशित करनी होगी। इस जानकारी में खरीद करने वाले विभाग का नाम, कार्य का संक्षिप्त विवरण, कुल अनुबंध राशि, सफल एजेंसी का नाम और आवंटन की तारीख शामिल करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) खरीद संबंधी जानकारी को हर महीने अपलोड करवाने और पारदर्शिता नियमों के पालन का प्रमाण पत्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय को राज्य खरीद वेबसाइट पर जानकारी तुरंत अपलोड करने की सुविधा के लिए पहले ही आवश्यक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और यूजर लॉगिन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकार का यह कदम सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की निगरानी को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सभी सरकारी संस्थाएं पारदर्शिता नीति का पूरी तरह पालन करें।1
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक आदेश को असंवैधानिक करार दिया है, जिसमें पंचायत चुनाव संपन्न होने तक पूर्व प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपने का प्रावधान था। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए एक संशोधित नियम के खिलाफ आया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने वाला था। सामान्यतः ऐसे मामलों में, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जब तक दोबारा पंचायत चुनाव नहीं हो जाते, तब तक एडीओ को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाता है। परंतु उत्तर प्रदेश सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए आदेश दिया था कि प्रशासक के पद पर पूर्व प्रधानों को ही जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी सरकारी आदेश को अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित किया है।1
- उत्तराखंड में साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे देखते हुए एसटीएफ के एसएसपी अजय कुमार ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साइबर ठग लोगों को शिकार बनाने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं, जिनमें निवेश पर बड़े मुनाफे का लालच देना, 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाना, और खुद को फर्जी सीबीआई अधिकारी, पुलिसकर्मी या जज बताकर कॉल करना शामिल है। इसके अलावा, यूपीआई और फर्जी लिंक के माध्यम से भी ठगी की जा रही है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसे मांगे या डराए, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें। साथ ही, किसी भी तरह के लालच या दबाव में आकर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसएसपी अजय कुमार ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि "जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।" लोगों से साइबर ठगों से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की अपील दोहराई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नकुड़ तहसील और सरसावा थाना क्षेत्र के गदरहेड़ी गांव निवासी नवीन चौधरी ने अपने खेत की चकरोड को पक्की कराने की मांग की है। इस चकरोड की लंबाई लगभग 400 से 500 मीटर बताई गई है। चौधरी के अनुसार, इस संबंध में कई बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतें और मांगें दर्ज कराने के बावजूद आज तक इस चकरोड का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने अब अधिकारियों से निवेदन किया है कि चकरोड पर खड़ाऊँजा लगवाकर उसे पक्की करवाया जाए।1
- यमुनानगर में एक खनन कारोबारी और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के एक्सईन के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने प्रताप नगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। खनन कारोबारी सन्नी भमनोली का आरोप है कि HPGCL के एक्सईन विक्रांत ढांडा ने रात के समय उनकी खाली गाड़ी को रोका और कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे उनके कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई। वहीं, HPGCL के एक्सईन विक्रांत ढांडा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक ट्रक को रोककर डायल-112 और प्रताप नगर थाना पुलिस को उसकी सूचना दी थी। ढांडा ने किसी के साथ बदतमीजी करने या शराब का सेवन करने से इनकार किया और दावा किया कि उन्होंने केवल अपने स्तर पर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दी थी। दोनों पक्षों की लिखित शिकायतें मिलने के बाद, प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहतास कुमार ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई है। थाना प्रभारी रोहतास कुमार ने बताया कि उन्हें दोनों तरफ से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है, और उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी तथा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।2
- जयपुर में 19 जून, 2026 को सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाने वाली 27 वर्षीय रेशु गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गईं। रेशु का आरोप है कि VIP मूवमेंट से पहले पुलिस ने उन्हें ठेला हटाने को कहा था। उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि स्टीमर में उबलता हुआ पानी है, लेकिन कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने ठेले को जबरन धक्का दे दिया, जिससे खौलता पानी उनके सीने, हाथों और जांघों पर गिर गया। रेशु के अनुसार, इस घटना के बाद पुलिस मौके से चली गई और उनकी बहन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचीं। परिवार का आरोप है कि इस मामले में तुरंत FIR भी दर्ज नहीं की गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि VIP मूवमेंट के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा था और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि CCTV फुटेज की समीक्षा की जा रही है और यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- ऋषिकेश के नटराज चौक पर सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग मचाने के आरोप में दून पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियाँ आपसी विवाद के दौरान सार्वजनिक स्थल पर गाली-गलौज और हंगामा करने के बाद की गईं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान काले की ढाल, ऋषिकेश निवासी 25 वर्षीय दीपक और शिवाजी नगर, ऋषिकेश निवासी 38 वर्षीय विन्नू अग्रवाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने पहले दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, दोनों व्यक्ति और अधिक उग्र हो गए और मारपीट पर उतारू हो गए। किसी संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए, पुलिस ने दोनों को बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद, दून पुलिस ने आमजन से सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।1