हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, बड़े टेंडर और अनुबंधों की पूरी जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर अपलोड करना और इसकी मासिक अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजना आवश्यक होगा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए पत्र में मुख्य सचिव ने अगस्त 2021 में जारी पिछले सरकारी निर्देशों के बावजूद खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने में हो रही लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग को लगभग सभी सरकारी खरीद संस्थानों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) से अपेक्षित मासिक अनुपालन प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका पालन केवल हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला द्वारा ही किया गया है। सरकार ने इस चूक को गंभीरता से लिया है और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक संस्थाओं, सोसाइटी और मिशनों को निर्धारित पारदर्शिता व्यवस्था का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी खरीद एजेंसियों को ₹5 करोड़ रुपये से अधिक के सामान, कार्य और सेवाओं से संबंधित टेंडर और अनुबंधों की विस्तृत जानकारी अपनी विभागीय वेबसाइट और राज्य खरीद पोर्टल पर प्रकाशित करनी होगी। इस जानकारी में खरीद करने वाले विभाग का नाम, कार्य का संक्षिप्त विवरण, कुल अनुबंध राशि, सफल एजेंसी का नाम और आवंटन की तारीख शामिल करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) खरीद संबंधी जानकारी को हर महीने अपलोड करवाने और पारदर्शिता नियमों के पालन का प्रमाण पत्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय को राज्य खरीद वेबसाइट पर जानकारी तुरंत अपलोड करने की सुविधा के लिए पहले ही आवश्यक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और यूजर लॉगिन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकार का यह कदम सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की निगरानी को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सभी सरकारी संस्थाएं पारदर्शिता नीति का पूरी तरह पालन करें।
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, बड़े टेंडर और अनुबंधों की पूरी जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर अपलोड करना और इसकी मासिक अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजना आवश्यक होगा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए पत्र में मुख्य सचिव ने अगस्त 2021 में जारी पिछले सरकारी निर्देशों के बावजूद खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने में हो रही लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग को लगभग सभी सरकारी खरीद संस्थानों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) से अपेक्षित मासिक अनुपालन प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका पालन केवल हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला द्वारा ही किया गया है। सरकार ने इस चूक को गंभीरता से लिया है और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक संस्थाओं, सोसाइटी और मिशनों को निर्धारित पारदर्शिता व्यवस्था का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी खरीद एजेंसियों को ₹5 करोड़ रुपये से अधिक के सामान, कार्य और सेवाओं से संबंधित टेंडर और अनुबंधों की विस्तृत जानकारी अपनी विभागीय वेबसाइट और राज्य खरीद पोर्टल पर प्रकाशित करनी होगी। इस जानकारी में खरीद करने वाले विभाग का नाम, कार्य का संक्षिप्त विवरण, कुल अनुबंध राशि, सफल एजेंसी का नाम और आवंटन की तारीख शामिल करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) खरीद संबंधी जानकारी को हर महीने अपलोड करवाने और पारदर्शिता नियमों के पालन का प्रमाण पत्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय को राज्य खरीद वेबसाइट पर जानकारी तुरंत अपलोड करने की सुविधा के लिए पहले ही आवश्यक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और यूजर लॉगिन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकार का यह कदम सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की निगरानी को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सभी सरकारी संस्थाएं पारदर्शिता नीति का पूरी तरह पालन करें।
- यमुनानगर के जठलाना में हिमाचल बिजली निगम के सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर जगदीश बंसल हत्याकांड में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस जब रिमांड पर चल रहे आरोपी अजय को निशानदेही के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची, तो उसने छत से कूदकर फरार होने की कोशिश की। इस प्रयास में उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। गौरतलब है कि जठलाना निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर जगदीश बंसल की उनके घर में लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी, उस समय वह घर में अकेले थे। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने गांव के एक युवक के साथ मिलकर जेल में ही इस वारदात की साजिश रची थी। फिलहाल, आरोपी अजय सहित दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।1
- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, बड़े टेंडर और अनुबंधों की पूरी जानकारी सरकारी वेबसाइटों पर अपलोड करना और इसकी मासिक अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजना आवश्यक होगा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए पत्र में मुख्य सचिव ने अगस्त 2021 में जारी पिछले सरकारी निर्देशों के बावजूद खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने में हो रही लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग को लगभग सभी सरकारी खरीद संस्थानों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) से अपेक्षित मासिक अनुपालन प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका पालन केवल हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला द्वारा ही किया गया है। सरकार ने इस चूक को गंभीरता से लिया है और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक संस्थाओं, सोसाइटी और मिशनों को निर्धारित पारदर्शिता व्यवस्था का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी खरीद एजेंसियों को ₹5 करोड़ रुपये से अधिक के सामान, कार्य और सेवाओं से संबंधित टेंडर और अनुबंधों की विस्तृत जानकारी अपनी विभागीय वेबसाइट और राज्य खरीद पोर्टल पर प्रकाशित करनी होगी। इस जानकारी में खरीद करने वाले विभाग का नाम, कार्य का संक्षिप्त विवरण, कुल अनुबंध राशि, सफल एजेंसी का नाम और आवंटन की तारीख शामिल करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) खरीद संबंधी जानकारी को हर महीने अपलोड करवाने और पारदर्शिता नियमों के पालन का प्रमाण पत्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय को राज्य खरीद वेबसाइट पर जानकारी तुरंत अपलोड करने की सुविधा के लिए पहले ही आवश्यक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और यूजर लॉगिन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकार का यह कदम सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की निगरानी को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सभी सरकारी संस्थाएं पारदर्शिता नीति का पूरी तरह पालन करें।1
- अंबाला के धीन गांव में शनिवार सुबह उस समय भारी विरोध की स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक जेसीबी मशीन ने स्थानीय तालाब पर ग्राम पंचायत द्वारा बनाई जा रही सुरक्षा पटरी को अचानक ढहाना शुरू कर दिया। यह निर्माण कार्य आगामी मानसून के दौरान जलभराव और बरसाती पानी की सही निकासी के लिए कराया जा रहा था। इस तोड़फोड़ की खबर फैलते ही गांव के सरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने काम को रुकवा दिया। ग्रामीणों द्वारा पूछताछ किए जाने पर जेसीबी चालक ने बताया कि उसे एनएचएआई की तरफ से भेजा गया था। इस पर पंचायत और ग्रामीणों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग ने इस कार्रवाई से पहले पंचायत को कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह जमीन ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए हाईवे अथॉरिटी द्वारा तालाब की पटरी को नुकसान पहुंचाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता। स्थिति को देखते हुए डायल-112 पुलिस को मौके पर बुलाया गया, वहीं ग्रामीणों ने एनएचएआई प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। विवाद बढ़ता देख, करीब तीन घंटे बाद एनएचएआई के असिस्टेंट हाईवे इंजीनियर वरुण कुमार मौके पर पहुंचे। धीन सरपंच ने उनके सामने जमीन और चल रहे निर्माण कार्य से जुड़े सभी पुख्ता दस्तावेज पेश किए, जिसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। इस बीच, पंचायत ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि तालाब की सफाई और पटरी का निर्माण कार्य रुकने वाला नहीं है, क्योंकि जमीन पंचायत की है और कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। धीन सरपंच सतविन्द्र सिंह सहित पंच राजपाल, कमलजीत सिंह, जसबीर कौर, संजीव कुमार, राजकुमार, लक्ष्मी देवी, रेणु बाला, सतविन्द्र कौर, करम चंद, बलविन्द्र, सुमन लता, प्रिंस सैनीं, अनिल सैनीॆ, सुखविंदर कौर, सरोज बाला, मनजीत कौर, तरसेम, राजू व अन्य ने बताया कि पिछले करीब एक साल से उन्हें ऑनलाइन शिकायतें मिल रही थीं कि बरसात के मौसम में तालाब ओवरफ्लो होकर नेशनल हाईवे 344 की सर्विस लेन पर आ जाता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार और पंचायती विभाग के नियमों के तहत सर्विस लेन से सटे तालाब की सफाई व पटरी बनाने का काम शुरू किया गया था, ताकि हाईवे और गांव दोनों को जलभराव से बचाया जा सके। सरपंच का कहना है कि एनएचएआई के आला अधिकारियों को इस पूरे प्रोजेक्ट की पहले से जानकारी है और उन्हें सारे कागजात भी दिए जा चुके हैं, फिर भी शनिवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी भेजना विभाग की मनमानी को दर्शाता है। ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह भी आरोप लगाया कि हाईवे अथॉरिटी को तालाब की पटरी तोड़ने की तो जल्दी है, लेकिन बीते कई सालों से हाईवे पर बंद पड़ी लाइटों को ठीक करने, सर्विस लेन पर बिखरी बजरी को हटाने और वहां की साफ-सफाई पर विभाग का कोई ध्यान नहीं है।3
- हरियाणा के करनाल जिले में दुकान और शोरूम के लिए हिंदी वीडियो बनवाने की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सेवाएं करनाल जिले के हर शहर में प्रदान की जाती हैं। ग्राहक अपनी दुकान या शोरूम के लिए हिंदी वीडियो के साथ-साथ किसी भी अन्य प्रकार की वीडियो बनवाने हेतु सीधे संपर्क कर सकते हैं।1
- सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में स्थित नानौली का माजरा गांव के ग्रामीण लगातार कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में वोल्टेज का स्तर बहुत कम रहता है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला स्तर से अच्छे अधिकारी गांव आकर इस पूरे मामले की जांच करें।1
- यमुनानगर में एक खनन कारोबारी और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के एक्सईन के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने प्रताप नगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। खनन कारोबारी सन्नी भमनोली का आरोप है कि HPGCL के एक्सईन विक्रांत ढांडा ने रात के समय उनकी खाली गाड़ी को रोका और कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे उनके कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई। वहीं, HPGCL के एक्सईन विक्रांत ढांडा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक ट्रक को रोककर डायल-112 और प्रताप नगर थाना पुलिस को उसकी सूचना दी थी। ढांडा ने किसी के साथ बदतमीजी करने या शराब का सेवन करने से इनकार किया और दावा किया कि उन्होंने केवल अपने स्तर पर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दी थी। दोनों पक्षों की लिखित शिकायतें मिलने के बाद, प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहतास कुमार ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई है। थाना प्रभारी रोहतास कुमार ने बताया कि उन्हें दोनों तरफ से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है, और उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी तथा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।2
- हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब रामपुर से काशापाट जा रहा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में एक महिला और उसका 12 वर्षीय बेटा भी शामिल हैं। हादसे का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि पिकअप में बैठी महिला अपने मोबाइल से वीडियो बना रही थी और अपने बेटे को अपना ननिहाल दिखा रही थी। तभी अचानक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस दुखद घटना में वीडियो बनाने वाली मां और उसके बेटे दोनों की भी जान चली गई।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक बारात नहीं आने का मामला सामने आया है। थाना मंडी क्षेत्र के 62 फुटा रोड स्थित ताज पैलेस में सहारनपुर निवासी नगमा की शादी शामली जनपद के कांधला निवासी समीर से तय हुई थी। शनिवार को दुल्हन नगमा हाथों में मेहंदी लगाए अपनी बारात का बेसब्री से इंतजार करती रही, लेकिन देर शाम तक बारात समारोह स्थल पर नहीं पहुंची। दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया है कि निकाह से ठीक पहले दूल्हा पक्ष ने दहेज में एक बुलेट बाइक और 5 लाख रुपये नकद की मांग रख दी थी। यह मांग पूरी न होने के कारण दूल्हा पक्ष ने बारात लाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। बारात के शाम तक नहीं पहुंचने से शादी की सारी खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने थाना मंडी पुलिस को लिखित शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी देते हुए सीओ सदर ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर पूरी जांच की जाएगी और फिर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1