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खड़ेहरी पोस्ट अक्छोर में एक लगभग 1200 मीटर लंबी सड़क की बदहाली को लेकर शिकायत की गई है। इस सड़क का उपयोग प्रतिदिन 50 लोगों द्वारा आवागमन के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी खराब हालत इतनी है कि बाइक भी इस पर बड़ी मुश्किल से आ-जा पाती हैं। बताया गया है कि इस सड़क के संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है, परंतु इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
Pramod kumar
खड़ेहरी पोस्ट अक्छोर में एक लगभग 1200 मीटर लंबी सड़क की बदहाली को लेकर शिकायत की गई है। इस सड़क का उपयोग प्रतिदिन 50 लोगों द्वारा आवागमन के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी खराब हालत इतनी है कि बाइक भी इस पर बड़ी मुश्किल से आ-जा पाती हैं। बताया गया है कि इस सड़क के संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है, परंतु इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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- तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के आदेश के बाद एक जिला कलेक्टर को एक विकलांग व्यक्ति के सामने झुकना पड़ा। इस घटना को राज्य में ‘जनता राज’ स्थापित होने का प्रतीक बताया जा रहा है।1
- चंदौली जिले में 12 जून, 2026 को प्रशासन ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों 'रॉयल' और 'आर एल (RL)' पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान इन नामी ब्रांड्स की फैक्ट्रियों पर औचक छापा मारकर भारी मात्रा में तैयार और कच्चे मसालों के नमूने जब्त किए गए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अलीगंज, लखनऊ) और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त आदेशों के बाद पूरे जिले में मसालों के खिलाफ यह महा-अभियान शुरू किया गया है। प्रशासनिक टीम ने जनपद की सीमाओं में संचालित होने वाली 'रॉयल मसाले' और 'आर एल (RL) मसाले' नामक इन दो प्रमुख इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर गहन जांच करते हुए हल्दी, धनिया, मिर्चा और अन्य तैयार व कच्चे मसालों के भारी मात्रा में सैंपल जब्त किए। इन सभी संदिग्ध मसालों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। इस विशेष अभियान का निर्देशन सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। विशेष अभियान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव भी शामिल थे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।4
- जनपद चन्दौली की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर के लोगों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" जैसी कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर धनराशि जमा कराते थे, लेकिन बाद में न तो ऋण देते थे और न ही जमा राशि वापस करते थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के विश्लेषण से आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज मिलीं, साथ ही गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी उनके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज होना सामने आया है। चन्दौली में एक कार्यालय से इस गिरोह के संचालन की सूचना मिलने पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की, जहाँ पुलिस को देखकर आरोपियों ने सामान हटाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का संचालन कर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देश भर में होने वाली अन्य साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसका वे करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार (निवासी बर्थरा बुर्द), आशीष पटवा (निवासी बबुरी बाजार) और सोनी (निवासी शाहपुर, चकिया) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें, और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।3
- सोनभद्र जिले के दुद्धी में स्थित एक पेंट एंड ग्लास हाउस में भीषण आग लग गई। इस आग पर घंटों की कड़ी मशक्कत और प्रयासों के बाद आखिरकार काबू पा लिया गया।1
- सोनभद्र के दुद्धी में बघाडू वन रेंज के वन विभाग में अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। ग्राम तुर्रीडीह वनरेंज बघाडू निवासी शिवलाल गोंड ने बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह पर ₹40 हजार की अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, एक माह पहले रेंजर सरोज गौतम पर भी नंदू राम नामक दलित व्यक्ति से ₹40 हजार अवैध रूप से वसूलने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता शिवलाल गोंड ने बताया कि वे अपनी आराजी संख्या 597 व 97 ख भूमधरी भूमि पर काम करा रहे थे, तभी वन दरोगा लवलेश सिंह मौके पर पहुंचे। सिंह ने भूमि को वन भूमि बताकर काम रोकने का दबाव बनाया और जब शिवलाल ने इसे अपनी निजी भूमि बताया, तो दरोगा ने कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे ₹80 हजार की मांग की। गोंड के आरोप के अनुसार, दबाव में आकर उन्होंने अपनी जमीन रेहन रखकर ₹40 हजार की राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा। वहीं, एक माह पूर्व नंदू राम को भी रेंज ऑफिस में रात भर रोककर रखा गया था, और रेंजर सरोज गौतम द्वारा उनसे ₹1 लाख की मांग की गई थी। किसी तरह उनकी पत्नी शारदा देवी ने ₹40 हजार की व्यवस्था करके दिए, जिसके बाद ही नंदू राम को छोड़ा गया। इन घटनाओं के बाद, ग्रामीण, प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के आवास पर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। त्वरित कार्रवाई करते हुए जुबेर आलम ने ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) रेणुकूट के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सेल फोन पर डीएफओ रेणुकूट से बात करने के बाद, ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें एक दर्जन ग्रामीण भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रेंजर और वन दरोगा को तत्काल तलब किया। उन्होंने उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए शिकायतकर्ता की राशि जल्द वापस करने को कहा, और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने पीड़ित पक्ष की धन राशि तत्काल लौटाने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और आम जनता का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चाएं हो रही हैं, और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो वे एक व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।2
- सोनभद्र के डाला स्थित गोरादह पुलिया के नीचे 30 वर्षीय युवक रवि धयिकार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना की जानकारी तब हुई जब एक चरवाहे को दुर्गंध महसूस हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला चोपन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- यह एक महत्वपूर्ण जीवन की सीख है कि वे लोग जो अक्सर हिंदू और मुस्लिम के नाम पर बातें करते हैं, असल में जनता को आपस में लड़ाने का काम करते हैं। इस संदेश के अनुसार, ऐसे लोग खुद तो एकजुट होकर रहते हैं, लेकिन आम जनता को वैमनस्य और आपसी कलह में उलझा देते हैं।1
- चंदौली में रॉयल और आरएल मसाला फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की गई, जिसके तहत दोनों फैक्ट्रियों से नमूने (सैंपल) लिए गए।1