Shuru
Apke Nagar Ki App…
पानी की उपलब्धता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, पानी से जुड़ा एक कार्य 2024 में शुरू हुआ था। हालांकि, अब 2026 का साल होने के बावजूद भी पानी नहीं आया है। इस स्थिति पर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर पानी कब तक उपलब्ध होगा।
Laxman Prasad
पानी की उपलब्धता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, पानी से जुड़ा एक कार्य 2024 में शुरू हुआ था। हालांकि, अब 2026 का साल होने के बावजूद भी पानी नहीं आया है। इस स्थिति पर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर पानी कब तक उपलब्ध होगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पानी की उपलब्धता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, पानी से जुड़ा एक कार्य 2024 में शुरू हुआ था। हालांकि, अब 2026 का साल होने के बावजूद भी पानी नहीं आया है। इस स्थिति पर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर पानी कब तक उपलब्ध होगा।1
- पुष्पराजगढ़ जनपद अब एक बड़े मुरम खदान क्षेत्र में बदल गया है, जहाँ जगह-जगह पर 'मौत की खाई' बन गई है। इन खदानों के कारण उत्पन्न हुई यह खतरनाक स्थिति गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।2
- अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बड़ा ऐलान किया है। इस घोषणा के तहत, वकील चंदा चोरी के मामलों में आरोपी बनाए गए किसी भी व्यक्ति की पैरवी नहीं करेंगे। इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि चंदा चोरी के आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों को कानूनी सहायता के लिए बार एसोसिएशन के वकीलों का प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।1
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 30 जून 2026 को कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में टक्कर मार कर भागना मोटर यान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर स्कीम (जिला स्तरीय हिट एंड रन समिति) की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा सहित समिति के सदस्य मौजूद थे। परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि जिले में हिट एंड रन के कुल 28 ऐसे प्रकरणों का पता चला है जिनमें दुर्घटनाकारित वाहनों की पहचान की जा चुकी है। इन 28 प्रकरणों में पेण्ड्रारोड क्षेत्र से 13, पेण्ड्र क्षेत्र से 8 और मरवाही क्षेत्र से 7 मामले शामिल हैं। इनमें से 6 प्रकरणों को निपटान आयुक्त द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। समिति को यह भी बताया गया कि 5 प्रकरणों में साधारण बीमा परिषद द्वारा दावाकर्ता के विधिक प्रतिनिधि के बैंक खाते में ई-संदाय के माध्यम से भुगतान कर दिया गया है। भारत सरकार की इस योजना के तहत, हिट एंड रन मोटर दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मृत्यु की स्थिति में मृतक के कानूनी प्रतिनिधियों को 2 लाख रुपये और गंभीर चोट के मामले में 50 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है।1
- शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत संभाग के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुना। इस दौरान अनूपपुर जिले के ग्राम गोरसी निवासी मुखीराम कोल ने खेत तालाब निर्माण कार्य के भुगतान की मांग की, जबकि शहडोल जिले के ग्राम पिपरिया निवासी संजू चौधरी ने भूमि सीमांकन कराने का आवेदन दिया। उमरिया जिले के ग्राम देवगांव निवासी यूनुस खान ने विद्युत प्रवाह के लिए कार्यवाही करने का आग्रह किया, वहीं ग्राम चंदिया निवासी ललन सिंह ने अपनी भूमि से कब्जा हटवाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। कमिश्नर ने इन सभी आवेदनों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित करते हुए उन्हें समय-सीमा में और शीघ्रता के साथ समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। अन्य कई आवेदकों ने भी अपनी शिकायतें और समस्याओं से संबंधित आवेदन कमिश्नर को सौंपे। जनसुनवाई के दौरान संभाग स्तर के विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- डिंडौरी जिले में 30 जून 2026 को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी मामलों को प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित विभागों को समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिले के विभिन्न विकासखंडों से शिक्षा, आर्थिक सहायता, राजस्व, पेयजल, सड़क, अनुकंपा नियुक्ति, संबल योजना, नामांतरण और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित कुल 47 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर विभागीय अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील पहल भी देखने को मिली, जहाँ अमरपुर निवासी छात्रा फरहत सायमा ने पिता के निधन के बाद उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन प्रस्तुत किया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने तत्काल रेड क्रॉस मद से 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की, जिससे छात्रा को अपनी शिक्षा आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों द्वारा सड़क, हैंडपंप, संबल योजना और अनुकंपा नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय भी उठाए गए, जिन पर अधिकारियों को स्थल निरीक्षण, जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया मात्र नहीं है, बल्कि यह समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है, और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनसुनवाई में लिए गए त्वरित निर्णयों और संवेदनशील पहलों ने प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे को मजबूत करने का संदेश दिया।2
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खाम्हा उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन पर प्रशासन की जाँच में आरोपी सिद्ध होने के बावजूद जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। यह सेल्समैन रसोई, खाम्हा और बीतल बहरा गांवों के आदिवासी बैगा राशनकार्ड धारकों को राशन न देने का आरोपी है। इस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रशासन की अपनी जाँच में ही सेल्समैन दोषी साबित हो चुका है, तो फिर जिला प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है और इस विषय पर मौन क्यों धारण कर रखा है।3
- हमारे गाँव में लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि पानी हर इंसान की सबसे बुनियादी ज़रूरत है। ग्रामीणों को रोज़ाना पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद भी इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रशासन से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे इस मुद्दे पर जल्द ध्यान दें और गाँव में पर्याप्त तथा नियमित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें।1