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डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खाम्हा उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन पर प्रशासन की जाँच में आरोपी सिद्ध होने के बावजूद जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। यह सेल्समैन रसोई, खाम्हा और बीतल बहरा गांवों के आदिवासी बैगा राशनकार्ड धारकों को राशन न देने का आरोपी है। इस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रशासन की अपनी जाँच में ही सेल्समैन दोषी साबित हो चुका है, तो फिर जिला प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है और इस विषय पर मौन क्यों धारण कर रखा है।
Santosh Ahirwar
डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खाम्हा उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन पर प्रशासन की जाँच में आरोपी सिद्ध होने के बावजूद जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। यह सेल्समैन रसोई, खाम्हा और बीतल बहरा गांवों के आदिवासी बैगा राशनकार्ड धारकों को राशन न देने का आरोपी है। इस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रशासन की अपनी जाँच में ही सेल्समैन दोषी साबित हो चुका है, तो फिर जिला प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है और इस विषय पर मौन क्यों धारण कर रखा है।
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- डिंडौरी जिले में 30 जून 2026 को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी मामलों को प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित विभागों को समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिले के विभिन्न विकासखंडों से शिक्षा, आर्थिक सहायता, राजस्व, पेयजल, सड़क, अनुकंपा नियुक्ति, संबल योजना, नामांतरण और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित कुल 47 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर विभागीय अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील पहल भी देखने को मिली, जहाँ अमरपुर निवासी छात्रा फरहत सायमा ने पिता के निधन के बाद उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन प्रस्तुत किया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने तत्काल रेड क्रॉस मद से 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की, जिससे छात्रा को अपनी शिक्षा आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों द्वारा सड़क, हैंडपंप, संबल योजना और अनुकंपा नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय भी उठाए गए, जिन पर अधिकारियों को स्थल निरीक्षण, जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया मात्र नहीं है, बल्कि यह समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है, और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनसुनवाई में लिए गए त्वरित निर्णयों और संवेदनशील पहलों ने प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे को मजबूत करने का संदेश दिया।2
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खाम्हा उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन पर प्रशासन की जाँच में आरोपी सिद्ध होने के बावजूद जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। यह सेल्समैन रसोई, खाम्हा और बीतल बहरा गांवों के आदिवासी बैगा राशनकार्ड धारकों को राशन न देने का आरोपी है। इस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रशासन की अपनी जाँच में ही सेल्समैन दोषी साबित हो चुका है, तो फिर जिला प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है और इस विषय पर मौन क्यों धारण कर रखा है।3
- आज उमरिया जिले के बेलसरा गाँव निवासी मानिक राम सिंह, पिता रामसखा सिंह, ने करकेली जनपद पंचायत के तहत आने वाले अपने गाँव के राशन डीलर के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने शिकायत की है कि बेलसरा के कोटेदार ने उनसे मई और जून महीने का राशन देने के लिए अंगूठा लगवा लिया था, लेकिन जब वे अपना राशन लेने पहुँचे तो उन्हें बताया गया कि अभी राशन उपलब्ध नहीं है और जब आएगा तभी मिलेगा, क्योंकि अभी राशन खत्म हो गया है। मानिक राम सिंह के अनुसार, इस राशन डीलर के यहाँ आए दिन यही स्थिति रहती है, जिससे वे काफी परेशान हैं। अपनी इस परेशानी के चलते उन्होंने आज जनसुनवाई में आकर उचित कार्रवाई की मांग उठाई है, ताकि एक गरीब व्यक्ति होने के नाते उन्हें उनका राशन मिल सके।2
- पानी की उपलब्धता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, पानी से जुड़ा एक कार्य 2024 में शुरू हुआ था। हालांकि, अब 2026 का साल होने के बावजूद भी पानी नहीं आया है। इस स्थिति पर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर पानी कब तक उपलब्ध होगा।1
- अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बड़ा ऐलान किया है। इस घोषणा के तहत, वकील चंदा चोरी के मामलों में आरोपी बनाए गए किसी भी व्यक्ति की पैरवी नहीं करेंगे। इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि चंदा चोरी के आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों को कानूनी सहायता के लिए बार एसोसिएशन के वकीलों का प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।1
- शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत संभाग के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुना। इस दौरान अनूपपुर जिले के ग्राम गोरसी निवासी मुखीराम कोल ने खेत तालाब निर्माण कार्य के भुगतान की मांग की, जबकि शहडोल जिले के ग्राम पिपरिया निवासी संजू चौधरी ने भूमि सीमांकन कराने का आवेदन दिया। उमरिया जिले के ग्राम देवगांव निवासी यूनुस खान ने विद्युत प्रवाह के लिए कार्यवाही करने का आग्रह किया, वहीं ग्राम चंदिया निवासी ललन सिंह ने अपनी भूमि से कब्जा हटवाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। कमिश्नर ने इन सभी आवेदनों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित करते हुए उन्हें समय-सीमा में और शीघ्रता के साथ समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। अन्य कई आवेदकों ने भी अपनी शिकायतें और समस्याओं से संबंधित आवेदन कमिश्नर को सौंपे। जनसुनवाई के दौरान संभाग स्तर के विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- मंडला जिला योजना भवन में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई में आज प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर ने जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए 117 आवेदकों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना। प्रभारी कलेक्टर ने इन शिकायतों और मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया और उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसामान्य की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी कलेक्टर श्री राठौर ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पात्र आवेदकों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ एवं श्री संस्कार बावरिया, तथा एसडीम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम ने भी आवेदनों की समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- मानसून की पहली तेज बारिश ने डिंडोरी नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था और तैयारियों के सारे दावों को उजागर कर दिया है। जिन नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर समय रहते तैयारी होनी चाहिए थी, उनकी पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति हो गई कि पानी सड़कों से निकलकर सीधे घरों और दुकानों में घुस गया। शहर के कई वार्डों में जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। वार्ड क्रमांक 08 स्थित कृष्ण मंदिर क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद एक किराना दुकान के भीतर तक पानी पहुंच गया, जिससे दुकानदार को काफी नुकसान हुआ और स्थानीय लोगों में गहरा रोष फैल गया। वार्डवासियों का कहना है कि बरसात कोई अचानक आने वाली आपदा नहीं बल्कि हर साल आने वाला मौसम है, ऐसे में पहली बारिश में ही नालियों का जवाब दे जाना नगर परिषद की तैयारी की कमी और घोर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि समय रहते सफाई और जल निकासी पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। इस प्रारंभिक विफलता के बाद अब सवाल उठ रहा है कि जब शुरुआत में ही व्यवस्था चरमरा गई, तो पूरे मानसून के दौरान शहर की क्या स्थिति होगी। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से तत्काल नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल निरीक्षण करेंगे या समस्याओं का समाधान भी प्रदान करेंगे।2