मोहन बड़ोदिया के ग्राम गाडराखेड़ी में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। इस अभियान से पहले गांव में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो संदेश प्रसारित कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया गया था। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रवीणा व्यास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे तक पोलियो की दवा पहुँचाना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वे अपने बच्चों को हर पल्स पोलियो अभियान में दवा अवश्य पिलाएँ। अभियान में प्रवीणा व्यास के साथ आशा कार्यकर्ता प्रेम बाई भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन अभियान के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण अभियान को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मोहन बड़ोदिया के ग्राम गाडराखेड़ी में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। इस अभियान से पहले गांव में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो संदेश प्रसारित कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया गया था। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रवीणा व्यास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे तक पोलियो की दवा पहुँचाना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वे अपने बच्चों को हर पल्स पोलियो अभियान में दवा अवश्य पिलाएँ। अभियान में प्रवीणा व्यास के साथ आशा कार्यकर्ता प्रेम बाई भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन अभियान के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण अभियान को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम गाडराखेड़ी में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। इस अभियान से पहले गांव में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो संदेश प्रसारित कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया गया था। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रवीणा व्यास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे तक पोलियो की दवा पहुँचाना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वे अपने बच्चों को हर पल्स पोलियो अभियान में दवा अवश्य पिलाएँ। अभियान में प्रवीणा व्यास के साथ आशा कार्यकर्ता प्रेम बाई भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन अभियान के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण अभियान को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।1
- रविवार को मोहन बड़ोदिया के मोहना नगर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया गया, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के 222 बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए 'दो बूंद जीवन की' दवा पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने नगर में तीन पल्स पोलियो केंद्र स्थापित किए थे, जहां दिनभर स्वास्थ्य कर्मियों ने यह कार्य किया। अभियान में अभिभावकों ने भी उत्साह दिखाया और अपने बच्चों को केंद्रों तक पहुंचाया, जिससे यह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अभियानों में प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ मोहना के इन केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बच्चों को खुराक दी और अभिभावकों को अभियान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता रीना नागौरा, मंजू शर्मा, संगीता सेन, कविता कुम्भकार एवं अभिलाषा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। दवा पिलाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों की उंगलियों पर निशान लगाकर प्रक्रिया पूरी की और अभिभावकों को भविष्य में भी अपने बच्चों को दवा पिलाने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भले ही भारत पोलियो मुक्त हो चुका है, लेकिन इस बीमारी को दोबारा फैलने से रोकने के लिए निरंतर सतर्कता और नियमित टीकाकरण अपरिहार्य है, इसीलिए राष्ट्रीय स्तर पर समय-समय पर पल्स पोलियो अभियान संचालित किए जाते हैं। विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा किसी कारणवश पोलियो की खुराक लेने से वंचित रह गया हो, तो वे स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क कर उसे जल्द से जल्द दवा अवश्य दिलाएं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोर दिया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बलबूते ही पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखा जा सकता है, तथा बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए प्रत्येक परिवार का सहयोग इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है।1
- शाजापुर जिले में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पेट्रोल भरवाने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थिति यह है कि कई पेट्रोल पंपों पर तो अब पेट्रोल उपलब्ध ही नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया ब्लॉक के बिजाना सेक्टर अंतर्गत ग्राम मटेवा में रविवार सुबह 8 बजे से त्रिदिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में 0 से 5 वर्ष आयु के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखना है। ग्राम स्तरीय इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर दिनेश कुमार कलमोदिया ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का विधिवत आगाज़ किया। इस अवसर पर जन अभियान परिषद, नवांकुर संस्था, और कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड मटेवा के प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाने का संकल्प लिया और इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।1
- अगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी धाम में पर्यावरण प्रेमियों ने स्वच्छता की अलख जगाते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। इस पहल के तहत, पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर स्वच्छता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य धाम में स्वच्छ और पवित्र वातावरण बनाए रखना है।1
- पचोर क्षेत्र के सुल्तानिया गांव में एक पहाड़ी के पास स्थित एक गड्ढे से मानव कंकाल मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जेसीबी की मदद से गड्ढे की खुदाई कर कंकाल को बाहर निकाला गया। घटनास्थल से महिला के कपड़े, एक खोपड़ी, चप्पल, साड़ी और पेटीकोट जैसी चीजें भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस ने कंकाल को जाँच के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले के हर पहलू से जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल, कंकाल की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कंकाल कितना समय पुराना है, यह पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लापता लोगों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।4
- Post by Ram Solanki1
- नरसिंहगढ़ के बड़े महादेव मंदिर के पास बारिश के दौरान एक 10 फुट लंबा अजगर देखा गया। अजगर को देखकर स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई है। इस घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है।1