Shuru
Apke Nagar Ki App…
अगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी धाम में पर्यावरण प्रेमियों ने स्वच्छता की अलख जगाते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। इस पहल के तहत, पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर स्वच्छता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य धाम में स्वच्छ और पवित्र वातावरण बनाए रखना है।
राकेश बिकुन्दीया
अगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी धाम में पर्यावरण प्रेमियों ने स्वच्छता की अलख जगाते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। इस पहल के तहत, पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर स्वच्छता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य धाम में स्वच्छ और पवित्र वातावरण बनाए रखना है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- अगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी धाम में पर्यावरण प्रेमियों ने स्वच्छता की अलख जगाते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। इस पहल के तहत, पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर स्वच्छता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य धाम में स्वच्छ और पवित्र वातावरण बनाए रखना है।1
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।1
- Post by Ram Solanki1
- Post by Manish Dhakd1
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम गाडराखेड़ी में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। इस अभियान से पहले गांव में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो संदेश प्रसारित कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया गया था। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रवीणा व्यास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे तक पोलियो की दवा पहुँचाना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए वे अपने बच्चों को हर पल्स पोलियो अभियान में दवा अवश्य पिलाएँ। अभियान में प्रवीणा व्यास के साथ आशा कार्यकर्ता प्रेम बाई भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन अभियान के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण अभियान को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।1
- रविवार को मोहन बड़ोदिया के मोहना नगर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया गया, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के 222 बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए 'दो बूंद जीवन की' दवा पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने नगर में तीन पल्स पोलियो केंद्र स्थापित किए थे, जहां दिनभर स्वास्थ्य कर्मियों ने यह कार्य किया। अभियान में अभिभावकों ने भी उत्साह दिखाया और अपने बच्चों को केंद्रों तक पहुंचाया, जिससे यह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अभियानों में प्रत्येक 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ मोहना के इन केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बच्चों को खुराक दी और अभिभावकों को अभियान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता रीना नागौरा, मंजू शर्मा, संगीता सेन, कविता कुम्भकार एवं अभिलाषा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। दवा पिलाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों की उंगलियों पर निशान लगाकर प्रक्रिया पूरी की और अभिभावकों को भविष्य में भी अपने बच्चों को दवा पिलाने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भले ही भारत पोलियो मुक्त हो चुका है, लेकिन इस बीमारी को दोबारा फैलने से रोकने के लिए निरंतर सतर्कता और नियमित टीकाकरण अपरिहार्य है, इसीलिए राष्ट्रीय स्तर पर समय-समय पर पल्स पोलियो अभियान संचालित किए जाते हैं। विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा किसी कारणवश पोलियो की खुराक लेने से वंचित रह गया हो, तो वे स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क कर उसे जल्द से जल्द दवा अवश्य दिलाएं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोर दिया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बलबूते ही पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखा जा सकता है, तथा बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए प्रत्येक परिवार का सहयोग इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है।1
- सुसनेर के इतवारिया क्षेत्र में विधायक 'बापू' सड़कों पर उतरकर सीधे जनता के बीच पहुँचे। उन्होंने जनसंवाद के जरिए लोगों का हाल जाना और उनकी विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- आगर मालवा जिले के ग्राम गुन्दीकलां से ठीकरिया तक प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क को बने लगभग पाँच वर्ष से अधिक समय हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया, जिसके कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में हरिजन मोहल्ले सहित आसपास के घरों में पानी भर जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान जलभराव की इस समस्या से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। घरों में पानी घुसने से न केवल घरेलू सामान खराब होते हैं, बल्कि गंदगी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन जनपद पंचायत अध्यक्ष और भाजपा मंडल अध्यक्ष का आवागमन होता है, फिर भी इस गंभीर समस्या पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिलेगी और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी टल जाएगी।3