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गनोड़ा गांव से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे बेहद विहंगम हैं। मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस 'गंगोतापन' के पावन कार्यक्रम में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा है।गनोड़ा क्षेत्र में ऐतिहासिक हुजूम; भक्ति और भाईचारे की दिखी अनोखी मिसाल! LIVE BREAKING NEWS ​24*7 अपडेट vagadnews "नमस्कार, आप देख रहे हैं न्यूज़ 24! इस वक्त की एक बड़ी और पावन खबर राजस्थान से आ रही है। गनोड़ा गांव में आज श्रद्धा, आस्था और सामाजिक जुड़ाव का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। गनोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले गनोड़ा गांव में आज मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित 'गंगोतापन' कार्यक्रम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है। आइए आपको सीधे ले चलते हैं गनोड़ा गांव के इस भव्य आयोजन में..." ​मुख्य सुर्खियां (Ticker/Flash Lines): ​BREAKING: गनोड़ा तहसील के गनोड़ा गांव में मुकेश जी भट्ट के 'गंगोतापन' कार्यक्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब! ​BIG NEWS: धार्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा गनोड़ा गांव; हज़ारों श्रद्धालुओं की जुटी भारी भीड़! ​EXCLUSIVE: मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस पावन महोत्सव में श्रद्धा के साथ उमड़े लोग! ​LATEST UPDATE: गनोड़ा क्षेत्र में ऐतिहासिक हुजूम; भक्ति और भाईचारे की दिखी अनोखी मिसाल! ​न्यूज़ रिपोर्टर (ग्राउंड रिपोर्ट): ​"जी हां, इस वक्त गनोड़ा तहसील के गनोड़ा गांव से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे बेहद विहंगम हैं। मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस 'गंगोतापन' के पावन कार्यक्रम में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पूरा गनोड़ा गांव इस समय उत्सव के माहौल में डूबा हुआ है। इस भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में दूर-दूर से लोग मुकेश जी भट्ट के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने पहुंचे हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद, पारम्परिक उत्साह और हज़ारों लोगों की यह मौजूदगी यह साफ बयां कर रही है कि यह आयोजन गनोड़ा के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन चुका है। न्यूज़ 24 की टीम गनोड़ा गांव से इस भव्य उत्सव की हर हलचल आप तक लगातार पहुंचा रही है।"

1 hr ago
user_Pandit Repotar
Pandit Repotar
Advertising agency गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
1 hr ago

गनोड़ा गांव से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे बेहद विहंगम हैं। मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस 'गंगोतापन' के पावन कार्यक्रम में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा है।गनोड़ा क्षेत्र में ऐतिहासिक हुजूम; भक्ति और भाईचारे की दिखी अनोखी मिसाल! LIVE BREAKING NEWS ​24*7 अपडेट vagadnews "नमस्कार, आप देख रहे हैं न्यूज़ 24! इस वक्त की एक बड़ी और पावन खबर राजस्थान से आ रही है। गनोड़ा गांव में आज श्रद्धा, आस्था और सामाजिक जुड़ाव का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। गनोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले गनोड़ा गांव में आज मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित 'गंगोतापन' कार्यक्रम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है। आइए आपको सीधे ले चलते हैं गनोड़ा गांव के इस भव्य आयोजन में..." ​मुख्य सुर्खियां (Ticker/Flash Lines): ​BREAKING: गनोड़ा तहसील के गनोड़ा गांव में मुकेश जी भट्ट के 'गंगोतापन' कार्यक्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब! ​BIG NEWS: धार्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा गनोड़ा गांव; हज़ारों श्रद्धालुओं की जुटी भारी भीड़! ​EXCLUSIVE: मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस पावन महोत्सव में श्रद्धा के साथ उमड़े लोग! ​LATEST UPDATE: गनोड़ा क्षेत्र में ऐतिहासिक हुजूम; भक्ति और भाईचारे की दिखी अनोखी मिसाल! ​न्यूज़ रिपोर्टर (ग्राउंड रिपोर्ट): ​"जी हां, इस वक्त गनोड़ा तहसील के गनोड़ा गांव से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे बेहद विहंगम हैं। मुकेश जी भट्ट द्वारा आयोजित इस 'गंगोतापन' के पावन कार्यक्रम में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पूरा गनोड़ा गांव इस समय उत्सव के माहौल में डूबा हुआ है। इस भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में दूर-दूर से लोग मुकेश जी भट्ट के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने पहुंचे हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद, पारम्परिक उत्साह और हज़ारों लोगों की यह मौजूदगी यह साफ बयां कर रही है कि यह आयोजन गनोड़ा के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन चुका है। न्यूज़ 24 की टीम गनोड़ा गांव से इस भव्य उत्सव की हर हलचल आप तक लगातार पहुंचा रही है।"

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  • महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक : महेंद्रजीत सिंह मालवीया | बांसवाड़ा समारोह 2026 बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
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    महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक : महेंद्रजीत सिंह मालवीया | बांसवाड़ा समारोह 2026
बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बांसवाड़ा के ट्राइबल केयर सेवा संस्थान ने राजकीय सेवा में कार्यरत और प्रकृति प्रेमी राजकुमार पारगी को उनके असाधारण सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए "आदिवासी गौरव प्रेरणा पुरस्कार" से सम्मानित किया है। इस अवसर पर पारगी ने इस सम्मान को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज का सम्मान बताया। पारगी अपने वीडियो और ड्रोन फोटोग्राफी के ज़रिए वागड़ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ट्राइबल केयर सेवा संस्थान, अपने परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के वरिष्ठजनों का इस उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है।
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    बांसवाड़ा के ट्राइबल केयर सेवा संस्थान ने राजकीय सेवा में कार्यरत और प्रकृति प्रेमी राजकुमार पारगी को उनके असाधारण सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए "आदिवासी गौरव प्रेरणा पुरस्कार" से सम्मानित किया है। इस अवसर पर पारगी ने इस सम्मान को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज का सम्मान बताया।

पारगी अपने वीडियो और ड्रोन फोटोग्राफी के ज़रिए वागड़ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ट्राइबल केयर सेवा संस्थान, अपने परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के वरिष्ठजनों का इस उपलब्धि के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने डूंगरपुर के एसबीपी राजकीय महाविद्यालय में निर्माणाधीन नए भवन में खराब और निम्न गुणवत्ता वाले पत्थरों के उपयोग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एसएफआई इकाई सचिव अनिल ने इस मामले को विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिलाध्यक्ष जितेश कुमार ने जोर देकर कहा कि महाविद्यालय में हो रहा यह निर्माण कार्य हजारों विद्यार्थियों के भविष्य की बुनियाद है, और इसमें घटिया सामग्री का उपयोग भ्रष्टाचार तथा प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। एसएफआई ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी है और गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे यह भवन भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसी संदर्भ में, एसएफआई ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भवन निर्माण की निगरानी के लिए एक संयुक्त देखरेख समिति के गठन की मांग की है। इस समिति में सभी छात्र संगठनों के पदाधिकारी, सेवानिवृत्त इंजीनियर एवं तकनीकी विशेषज्ञ, महाविद्यालय के पूर्व छात्र, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक प्रतिनिधि, तथा महाविद्यालय प्रशासन के सदस्य शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। एसएफआई इकाई सचिव अनिल कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई और घटिया निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगी, तो एसएफआई आंदोलन करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान महेश, गोविंद मलवात, रणजीत आमलिया, विशाल, गोकुल, विपिन भराड़ा सहित कई एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने डूंगरपुर के एसबीपी राजकीय महाविद्यालय में निर्माणाधीन नए भवन में खराब और निम्न गुणवत्ता वाले पत्थरों के उपयोग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एसएफआई इकाई सचिव अनिल ने इस मामले को विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिलाध्यक्ष जितेश कुमार ने जोर देकर कहा कि महाविद्यालय में हो रहा यह निर्माण कार्य हजारों विद्यार्थियों के भविष्य की बुनियाद है, और इसमें घटिया सामग्री का उपयोग भ्रष्टाचार तथा प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। एसएफआई ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी है और गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे यह भवन भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

इसी संदर्भ में, एसएफआई ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भवन निर्माण की निगरानी के लिए एक संयुक्त देखरेख समिति के गठन की मांग की है। इस समिति में सभी छात्र संगठनों के पदाधिकारी, सेवानिवृत्त इंजीनियर एवं तकनीकी विशेषज्ञ, महाविद्यालय के पूर्व छात्र, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक प्रतिनिधि, तथा महाविद्यालय प्रशासन के सदस्य शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। एसएफआई इकाई सचिव अनिल कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई और घटिया निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगी, तो एसएफआई आंदोलन करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान महेश, गोविंद मलवात, रणजीत आमलिया, विशाल, गोकुल, विपिन भराड़ा सहित कई एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला। गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
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    सीमलवाड़ा के चाडोली गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ जर्जर विद्युत पोल गिरने से बकरियां चरा रहा 10 वर्षीय मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बालक को सिर में गंभीर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, चाडोली गांव में कुछ दिन पहले आए तेज तूफान के दौरान एक विद्युत पोल को सहारा देने वाला तार टूट गया था। इस तूफान से पोल नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया था और उससे जुड़े बिजली के तार भी झूलने लगे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लगातार दुर्घटना का कारण बन रही थी, लेकिन विभाग ने समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश भागोरा ने भी पुष्टि की है कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों की जानकारी कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवींद्र कुमावत को कई बार दी गई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने न तो पोल की मरम्मत करवाई और न ही उसे बदला।

गुरुवार को चाडोली निवासी आर्यन पुत्र शिवराम भागोरा (10 वर्ष) गांव के समीप बकरियां चरा रहा था, तभी अचानक क्षतिग्रस्त विद्युत पोल भरभराकर नीचे गिर पड़ा। पोल से जुड़ा इंसुलेटर सीधे बालक के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बालक को पोल गिरने के साथ करंट का झटका भी लगा, हालांकि उसी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है। उनकी मांग है कि बालक के उपचार का पूरा खर्च विभाग वहन करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगे सभी जर्जर विद्युत पोलों और झूलते बिजली तारों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को टाला जा सके। घटना से पूरे क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रतापगढ़ में स्वागत, राहुल गांधी पर साधा निशाना
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    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रतापगढ़ में स्वागत, राहुल गांधी पर साधा निशाना
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • अर्जुन सिंह बामनिया ने महाराणा प्रताप को किया नमन | युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश | Banswara News बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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    अर्जुन सिंह बामनिया ने महाराणा प्रताप को किया नमन | युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश | Banswara News
बांसवाड़ा में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • भारत की आवाज़ चैनल के संस्थापक प्रवीण डोडियार को बांसवाड़ा स्थित ट्राइबल केयर सेवा संस्थान (TCS) द्वारा 'आदिवासी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया है। प्रवीण डोडियार ने पिछले ढाई वर्षों से आदिवासी समाज की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने यह सम्मान पूरे आदिवासी समाज, अपने दर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया। इस अवसर पर, दर्शकों और शुभचिंतकों से प्रवीण डोडियार को बधाई देने के लिए कमेंट में "जय जोहार" लिखने का आग्रह किया गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।
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    भारत की आवाज़ चैनल के संस्थापक प्रवीण डोडियार को बांसवाड़ा स्थित ट्राइबल केयर सेवा संस्थान (TCS) द्वारा 'आदिवासी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया है। प्रवीण डोडियार ने पिछले ढाई वर्षों से आदिवासी समाज की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया है।

उन्होंने यह सम्मान पूरे आदिवासी समाज, अपने दर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया। इस अवसर पर, दर्शकों और शुभचिंतकों से प्रवीण डोडियार को बधाई देने के लिए कमेंट में "जय जोहार" लिखने का आग्रह किया गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।
    user_Aadiwasi Manch news
    Aadiwasi Manch news
    Local News Reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जिसे न केवल सत्ता परिवर्तन का विषय बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा हुआ बताया गया। इस महत्वपूर्ण चुनाव में पूरे देश की विशेष निगाहें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मांडली और वर्तमान में गुजरात के सूरत निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) को प्रभारी के रूप में सौंपी। डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया। उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर सीट पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। भवानीपुर की इस ऐतिहासिक विजय में डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना गया है, और उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से डॉ. पटेल का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। यह गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहाँ के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उनका जीवन और कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
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    देश की स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया, जिसे न केवल सत्ता परिवर्तन का विषय बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदू समाज की अपेक्षाओं से भी जुड़ा हुआ बताया गया। इस महत्वपूर्ण चुनाव में पूरे देश की विशेष निगाहें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी थीं, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के मांडली और वर्तमान में गुजरात के सूरत निवासी डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल (चौधरी) को प्रभारी के रूप में सौंपी।

डॉ. पटेल ने लगभग साढ़े तीन माह तक पश्चिम बंगाल में रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी अभियान को गति देने का कार्य किया। उस समय पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, भय और आतंक का वातावरण था, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का संकल्प जगाया। उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर सीट पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।

भवानीपुर की इस ऐतिहासिक विजय में डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का महत्वपूर्ण योगदान माना गया है, और उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने भी विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यक्षमता की प्रशंसा की। हाल ही में पश्चिम बंगाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने मंच से डॉ. पटेल का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया।

यह गुजरात और विशेष रूप से सूरत के लिए गर्व का विषय है कि वहाँ के एक समर्पित कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन कर अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल का यह योगदान समर्पण, साहस, संगठन कौशल और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उनका जीवन और कार्यशैली उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो संगठन और राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानते हैं।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • गुजरात के अहमदाबाद हाईवे पर कटलाल चौकड़ी के पास एक भीषण सड़क हादसे में बड़ोदिया निवासी विनोद शुक्ला (62) और उनकी पत्नी रमिला शुक्ला (58) का दुखद निधन हो गया। यह हृदयविदारक घटना गुरुवार सुबह उस वक्त हुई जब दंपती उपचार के लिए अहमदाबाद जा रहे थे और उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रॉले से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रॉले में बुरी तरह धंस गया, जिसके कारण दंपती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन तुरंत अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए। स्वर्गीय रमिला शुक्ला राजकीय विद्यालय में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थीं, और दंपती अपने पीछे एक पुत्र व एक पुत्री छोड़ गए हैं। इस दर्दनाक घटना से बड़ोदिया सहित पूरे क्षेत्र में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। क्षेत्रवासियों ने दोनों पुण्यात्माओं के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
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    गुजरात के अहमदाबाद हाईवे पर कटलाल चौकड़ी के पास एक भीषण सड़क हादसे में बड़ोदिया निवासी विनोद शुक्ला (62) और उनकी पत्नी रमिला शुक्ला (58) का दुखद निधन हो गया। यह हृदयविदारक घटना गुरुवार सुबह उस वक्त हुई जब दंपती उपचार के लिए अहमदाबाद जा रहे थे और उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रॉले से टकरा गई।

टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रॉले में बुरी तरह धंस गया, जिसके कारण दंपती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन तुरंत अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए। स्वर्गीय रमिला शुक्ला राजकीय विद्यालय में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थीं, और दंपती अपने पीछे एक पुत्र व एक पुत्री छोड़ गए हैं।

इस दर्दनाक घटना से बड़ोदिया सहित पूरे क्षेत्र में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। क्षेत्रवासियों ने दोनों पुण्यात्माओं के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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