जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! हाहाकार: तलवाड़ा के रामगढ़ मुराडा में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारों तरफ फैला दलदल, बीमारियों के साये में जीने को मजबूर सैकड़ों लोग! रामगढ़ मुराडा / तलवाड़ा: तहसील क्षेत्र के रामगढ़ मुराडा स्थित हताई वाली ढाणी इस समय टापू में तब्दील हो चुकी है। जल निकासी के मुकम्मल इंतजाम न होने के कारण पूरी ढाणी में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक भरे पानी ने आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जिंदगी बनी जहन्नुम, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान ढाणी के मुख्य रास्तों पर लबालब भरे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी असंभव सा हो गया है। जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खौफ फैल गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा। आक्रोश में ग्रामीण: "प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी" स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की बेरुखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पक्की नालियों का निर्माण न होना और नालों की सफाई न कराया जाना इस आपदा का मुख्य कारण है। ग्रामीणों की चेतावनी और सीधी मांग: तत्काल राहत: टैंकरों या पंपसेट के जरिए जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए। स्थाई समाधान: ढाल के अनुसार पक्की नालियों और बड़े नाले का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। कीटनाशक छिड़काव: महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र में तुरंत फोगिंग और चूने का छिड़काव हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! हाहाकार: तलवाड़ा के रामगढ़ मुराडा में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारों तरफ फैला दलदल, बीमारियों के साये में जीने को मजबूर सैकड़ों लोग! रामगढ़ मुराडा / तलवाड़ा: तहसील क्षेत्र के रामगढ़ मुराडा स्थित हताई वाली ढाणी इस समय टापू में तब्दील हो चुकी है। जल निकासी के मुकम्मल इंतजाम न होने के कारण पूरी ढाणी में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक भरे पानी ने आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जिंदगी बनी जहन्नुम, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान ढाणी के मुख्य रास्तों पर लबालब भरे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी असंभव सा हो गया है। जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खौफ फैल गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा। आक्रोश में ग्रामीण: "प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी" स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की बेरुखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पक्की नालियों का निर्माण न होना और नालों की सफाई न कराया जाना इस आपदा का मुख्य कारण है। ग्रामीणों की चेतावनी और सीधी मांग: तत्काल राहत: टैंकरों या पंपसेट के जरिए जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए। स्थाई समाधान: ढाल के अनुसार पक्की नालियों और बड़े नाले का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। कीटनाशक छिड़काव: महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र में तुरंत फोगिंग और चूने का छिड़काव हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
- जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! हाहाकार: तलवाड़ा के रामगढ़ मुराडा में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारों तरफ फैला दलदल, बीमारियों के साये में जीने को मजबूर सैकड़ों लोग! रामगढ़ मुराडा / तलवाड़ा: तहसील क्षेत्र के रामगढ़ मुराडा स्थित हताई वाली ढाणी इस समय टापू में तब्दील हो चुकी है। जल निकासी के मुकम्मल इंतजाम न होने के कारण पूरी ढाणी में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक भरे पानी ने आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जिंदगी बनी जहन्नुम, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान ढाणी के मुख्य रास्तों पर लबालब भरे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी असंभव सा हो गया है। जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खौफ फैल गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा। आक्रोश में ग्रामीण: "प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी" स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की बेरुखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पक्की नालियों का निर्माण न होना और नालों की सफाई न कराया जाना इस आपदा का मुख्य कारण है। ग्रामीणों की चेतावनी और सीधी मांग: तत्काल राहत: टैंकरों या पंपसेट के जरिए जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए। स्थाई समाधान: ढाल के अनुसार पक्की नालियों और बड़े नाले का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। कीटनाशक छिड़काव: महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र में तुरंत फोगिंग और चूने का छिड़काव हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।1
- गंगापुर सिटी फव्वारा चौक के दोनों तरफ नालों की सफाई नहीं होने से नया बाजार व्यापारियों में रोष व्याप्त दुकानों में पानी भरा अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौपा1
- डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली भारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू रत्न राहुल गोयल ने गौ सेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया1
- मलारना डूंगर। थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही केबल चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चोरों ने अब सरकारी विद्यालय को निशाना बनाते हुए केबल चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोर बुधवार रात चकबिलोली ग्राम पंचायत के गोखरूपुरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के ट्यूबवेल से करीब 120 फीट लंबी केबल काट कर ले गए। मलारना डूंगर। थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही केबल चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चोरों ने अब सरकारी विद्यालय को निशाना बनाते हुए केबल चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोर बुधवार रात चकबिलोली ग्राम पंचायत के गोखरूपुरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के ट्यूबवेल से करीब 120 फीट लंबी केबल काट कर ले गए। घटना के बाद विद्यालय की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार बुधवार रात अज्ञात चोर विद्यालय परिसर में घुसे और ट्यूबवेल में लगी मोटर की केबल को काटकर ले गए। गुरुवार सुबह विद्यालय खुलने पर चोरी का पता चला। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने इसी तुरंत संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस को सूचना दी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक हेमंत शर्मा ने बताया कि ट्यूबवेल से विद्यार्थियों के लिए पेयजल उपलब्ध कराया जाता था तथा विद्यालय परिसर में लगे पौधों की सिंचाई भी इस ट्यूबवेल से होती है। केबल चोरी होने से दोनों व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इसी विद्यालय में इससे पहले भी दो बार केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक चोर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। प्रधानाध्यापक ने मामले की सूचना मलारना स्टेशन चौकी पुलिस, संबंधित पीईईओ तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी और नई केबल उपलब्ध कराने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में मलारना डूंगर थाना क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक केबल चोरी की वारदातें सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही चोरियों से किसानों के साथ-साथ अब सरकारी संस्थान भी प्रभावित होने लगे हैं। महंगी केबल चोरी होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि विद्यालयों जैसी सार्वजनिक सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों और किसानों ने पुलिस से केबल चोर गिरोह का जल्द पर्दाफाश कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- लालसोट : जलभराव से परेशान स्कूली छात्र-छात्राओं का फूटा गुस्सा, रास्ता जाम कर किया प्रदर्शन उपखंड की टोडा ठेकला पंचायत में बारिश के बाद स्कूल के रास्ते में जलभराव से परेशान राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, जागा बस्ती टोडा ठेकला के छात्र-छात्राओं ने धरना देकर रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने सरपंच किशन लाल डोई को मौके पर बुलाने की मांग की। छात्रों और ग्रामीणों का आरोप है कि नाली-नाले की व्यवस्था नहीं होने से रास्ते में लंबे समय तक पानी जमा रहता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की।2
- बिहार के खान सर ने अपनी असम में फंसे लोगों की सहायता के लिए फिजिक्स वाला गुरु जी ने असम में जाकर गरीब परिवार को पानी से बाहर निकलना और खाने पीने की सामग्री देने असम के लोगों को पानी के भाव से बचने की तरीका1
- जिला चिकित्सालय लालसोट में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित *विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जिला चिकित्सालय लालसोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित* उप नियंत्रक डॉ अनुराग दैमन ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह (01 से 07 अगस्त 2026) के अवसर पर राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय लालसोट में स्तनपान को बढ़ावा देने एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार सेहरा के मार्गदर्शन एवं एमसीएच विंग प्रभारी डॉ. लक्ष्मी चंद मीणा के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा स्तनपान प्रोत्साहन की शपथ के साथ किया गया। इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र सिंह चौहान ने गर्भवती एवं धात्री माताओं को जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान प्रारंभ करने, शिशु को छह माह तक केवल माँ का दूध (Exclusive Breastfeeding) पिलाने तथा उसके पश्चात पूरक आहार के साथ दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश शर्मा ने नवजात एवं शिशुओं के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए माताओं को सही स्तनपान तकनीक, शिशु को सही स्थिति (Positioning), सही Latch तथा स्तनपान के बाद शिशु को डकार दिलाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन कर आवश्यक परामर्श दिया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में स्तनपान संबंधी पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई तथा उपस्थित माताओं एवं उनके परिजनों को स्तनपान के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नर्सिंग ऑफिसर उर्मिला, सविता एवं आरती का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री माताओं, उनके परिजनों तथा अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्तनपान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।4
- गंगापुर सिटी इंदरगढ़ बिजासन सेवा समिति की आम सभा संपन्न धर्मशाला निर्माण में सहयोग का किया आव्हान1