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Episode - YY-47 💥 जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारो 💥 अपनी आंखों से देखिए -- जिसका कोई नहीं होता उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करता है भेष बदलकर...
Vimal Kashyap
Episode - YY-47 💥 जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारो 💥 अपनी आंखों से देखिए -- जिसका कोई नहीं होता उसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करता है भेष बदलकर...
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के ग्राम घना का पूरा स्थित खेतों में अवधूत संत बाबा पागल दास इन दिनों भीषण गर्मी के बीच खेत में तपस्या कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण के लिए साधना कर रहे हैं। संत बाबा पागल दास विभिन्न स्थानों पर रहकर निरंतर तप एवं साधना करते रहते हैं।संत बाबा पागल दास ने बताया कि यह साधना समाज में शांति, समृद्धि और गौ संरक्षण की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी गौ सम्मान आवाह्न अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि सभी सनातन प्रेमी, गौ भक्त, सकल हिंदू समाज एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में राजाखेड़ा के बिचौला रोड स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर गौ सेवा केंद्र पर सुबह 9 बजे पहुंचें। यहां से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक यात्रा पुलिस चौकी राजाखेड़ा होते हुए उपखंड कार्यालय तक निकाली जाएगी,जहां उपखंड अधिकारी को गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने,गौ हत्या बंद कराने तथा गौ संरक्षण से संबंधित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संत बाबा पागल दास ने कहा कि पूरे देशभर में गौ सम्मान आवाह्न अभियान के माध्यम से एक पुनीत कार्य किया जा रहा है और सभी नागरिकों को इसमें सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने 27 अप्रैल को गौ सम्मान दिवस के रूप में मनाने का भी आह्वान किया। इस दौरान राजाखेड़ा क्षेत्र में अभियान को लेकर सक्रिय गौ सेवक योगेंद्र सिंह राघव,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता कुश राठौर एवं स्कंध वशिष्ठ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- धौलपुर। शहर से करीब 5–7 किलोमीटर दूर जेल रोड से आगे भेंसेना मार्ग पर स्थित वनखंडी हनुमान मंदिर की गौशाला समिति को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। मामले ने प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल 2002 को “वनखंडी हनुमान जीव गौशाला समिति, धौलपुर” का विधिवत पंजीकरण हुआ था। इसके पश्चात मई 2002 में राज्य सरकार द्वारा गौशाला संचालन हेतु लगभग 20 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की गई थी। मंदिर का संचालन राघव परंपरा के अंतर्गत अयोध्या के रामघाट से होता है, जहां से महंत द्वारा अजय मिश्रा को पुजारी के रूप में यहां नियुक्त किया गया था। *नई समिति गठन पर उठे सवाल* ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि पुजारी अजय मिश्रा ने अधिकृत समिति को दरकिनार करते हुए “वनखंडी धाम गौशाला समिति” नाम से एक नई समिति का गठन कर लिया। आरोप है कि इस नई समिति के माध्यम से गौशाला से जुड़े संसाधनों व लाभों का उपयोग किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। ज्ञापन में जिला प्रशासन से निम्न मांगें की गई हैं । नई गठित समिति को तत्काल निरस्त किया जाए उसकी पंजीकरण/सूची प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए पुजारी अजय मिश्रा को पद से हटाया जाए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। *बड़ी संख्या में लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट* ज्ञापन सौंपने के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. एम.एस. दुबे, राघवेंद्र सिंह, यतीश, सतीश शर्मा, महंत कुलदीप दास, जगदीश शर्मा, भूरो सिंह राणा, तुलसी प्रसाद, केदार सिंह शर्मा और गिरराज सिंह गुर्जर शामिल थे।3
- लोकेशन मुरैना जिस क्षेत्र में रेत माफिया उन्हें वनरक्षक को कुचला उसी क्षेत्र में जमकर हो रहा रेत का अवैध परिवहन। ऐसाह कुथीयाना घाट पर आज भी हो रहा अवैध रेत उत्खनन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की रेट माफिया उड़ा रहे धजिया पुलिस और वन विभाग ने बंदिया को पर पट्टी चंबल के कुथियाना और ऐसाह घाट से रेत का उत्खनन अभी भी जारी है। लोग पूछ रहे हैं कि एसएएफ के जवान कहां हैं1
- एक मां के आंसू पूरे देश ने देखे हैं… 💔 अब पूरा देश देखेगा, यही मां बंगाल की विधानसभा में बैठकर इंसाफ की आवाज बनेगी। जो भी इन आंसुओं की वजह बने हैं, उनका हिसाब करेगी। बंगाल की हर बेटी सुरक्षित हो ये भी सुनिश्चित करेगी।1
- Post by Babulal1
- धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र के गढ़ाइच गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहाँ रविवार दोपहर पार्वती नदी में नहाने गए 8 बच्चों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तीनों बच्चों को नदी से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीण सौरभ पुत्र रघुवीर ने बताया कि वह नदी के पास अपनी भैंसें चरा रहा था, तभी उसने कुछ बच्चों को गहरे पानी में डूबते देखा। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की मदद से पांच बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी एएसआई प्रेम सिंह ने जानकारी दी कि मृतकों की पहचान सोनम (11 वर्ष) पुत्री रघुवीर, निशु (14 वर्ष) पुत्री भूरी सिंह और भूरा (12 वर्ष) पुत्र रामबरन कुशवाह के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, ये बच्चे रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण गर्मी से राहत पाने के लिए अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि सोनम राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ाइच में कक्षा 5 की छात्रा थी, जबकि निशु और भूरा दोनों कक्षा 6 के छात्र थे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- 💥जय मारुति नंदन जय हनुमान💥4
- खड़ियाहार में आस्था का अनोखा विवाह: 42 वर्षीय रेखा तोमर ने श्री ठाकुर जी महाराज संग रचाई शादी मुरैना। जिले के ग्राम खड़ियाहार में भक्ति और आस्था का एक अनोखा उदाहरण सामने आया है, जहां 42 वर्षीय रेखा तोमर ने पूरे विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ श्री ठाकुर जी महाराज के साथ विवाह रचा लिया। यह अनूठा आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से भगवान श्री ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं और उन्होंने अपना जीवन प्रभु को समर्पित करने का संकल्प लिया था। इसी भावना के साथ उन्होंने खड़ियाहार स्थित पुराने देवालय में विराजमान श्री ठाकुर जी महाराज को अपना दूल्हा मानकर विवाह संपन्न किया। विवाह समारोह पूरी तरह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया। मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं। लग्न पत्रिका वाचन, प्रधान पूजन, पैर पुजाई सहित अन्य सभी परंपरागत रस्मों को विधिपूर्वक निभाया गया। इस विशेष विवाह में रेखा तोमर का कन्यादान उनके भाई सुरेंद्र द्वारा किया गया, जो इस आयोजन का भावनात्मक क्षण रहा। समारोह में गांव के कई लोग और सहयोगकर्ता भी उपस्थित रहे, जिनमें केशव प्रसाद भारद्वाज, मालिक शर्मा, ज्ञानसिंह तोमर, रामरूप डण्डोंतिया, रामराज तोमर, गुड्डी परमार सहित अन्य ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और “राधे-राधे” के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस आयोजन में भाग लेकर इसे आस्था और समर्पण की अनूठी मिसाल बताया। इस तरह का विवाह क्षेत्र में कम ही देखने को मिलता है, जिससे यह आयोजन लोगों के बीच खास आकर्षण और चर्चा का विषय बन गया है।3
- एक मां के आंसू पूरे देश ने देखे हैं… 💔 अब पूरा देश देखेगा, यही मां बंगाल की विधानसभा में बैठकर इंसाफ की आवाज बनेगी। जो भी इन आंसुओं की वजह बने हैं, उनका हिसाब करेगी। बंगाल की हर बेटी सुरक्षित हो ये भी सुनिश्चित करेगी।1