इटावा जिले के चकरनगर में वर्ष 2015 में गौहानी-खिरीटी मार्ग से मजरा ककरैया तक बनी इंटरलॉकिंग सड़क आज बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क नालियों के गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव के कारण अपनी पहचान खो रही है, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर आसपास के घरों से निकलने वाला नाली और समरसेबल का पानी लगातार भरता रहता है, क्योंकि जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते नालियों का कीचड़ सड़क पर फैल रहा है, जिससे दुर्गंध व्याप्त है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह मार्ग केवल आवागमन का साधन ही नहीं है, बल्कि गांव की आस्था से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि इसी रास्ते पर एक मंदिर स्थित है। श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने हेतु रोजाना कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्ग साफ-सुथरे और सुगम होने चाहिए, वहीं यहां श्रद्धालुओं को फिसलन, गंदगी और जलभराव से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। किसान, विद्यार्थी और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को हर दिन इस परेशानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सड़क की आवश्यक मरम्मत कराई जाए। उन्हें उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या को समझेंगे और जल्द ही इस बदहाल मार्ग को फिर से सुगम और स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
इटावा जिले के चकरनगर में वर्ष 2015 में गौहानी-खिरीटी मार्ग से मजरा ककरैया तक बनी इंटरलॉकिंग सड़क आज बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क नालियों के गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव के कारण अपनी पहचान खो रही है, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर आसपास के घरों से निकलने वाला नाली और समरसेबल का पानी लगातार भरता रहता है, क्योंकि जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके
चलते नालियों का कीचड़ सड़क पर फैल रहा है, जिससे दुर्गंध व्याप्त है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह मार्ग केवल आवागमन का साधन ही नहीं है, बल्कि गांव की आस्था से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि इसी रास्ते पर एक मंदिर स्थित है। श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने हेतु रोजाना कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां धार्मिक
स्थलों तक पहुंचने वाले मार्ग साफ-सुथरे और सुगम होने चाहिए, वहीं यहां श्रद्धालुओं को फिसलन, गंदगी और जलभराव से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। किसान, विद्यार्थी और
दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को हर दिन इस परेशानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सड़क की आवश्यक मरम्मत कराई जाए। उन्हें उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या को समझेंगे और जल्द ही इस बदहाल मार्ग को फिर से सुगम और स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
- इटावा जिले के चकरनगर में वर्ष 2015 में गौहानी-खिरीटी मार्ग से मजरा ककरैया तक बनी इंटरलॉकिंग सड़क आज बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क नालियों के गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव के कारण अपनी पहचान खो रही है, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर आसपास के घरों से निकलने वाला नाली और समरसेबल का पानी लगातार भरता रहता है, क्योंकि जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते नालियों का कीचड़ सड़क पर फैल रहा है, जिससे दुर्गंध व्याप्त है और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह मार्ग केवल आवागमन का साधन ही नहीं है, बल्कि गांव की आस्था से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि इसी रास्ते पर एक मंदिर स्थित है। श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुबह-शाम पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने हेतु रोजाना कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्ग साफ-सुथरे और सुगम होने चाहिए, वहीं यहां श्रद्धालुओं को फिसलन, गंदगी और जलभराव से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। किसान, विद्यार्थी और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को हर दिन इस परेशानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सड़क की आवश्यक मरम्मत कराई जाए। उन्हें उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या को समझेंगे और जल्द ही इस बदहाल मार्ग को फिर से सुगम और स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।4
- इटावा के सिविल लाइन इलाके में अदालत परिसर के भीतर एक युवक को प्रेम विवाह करने के कारण लड़की पक्ष के लोगों ने जमकर पीटा। यह घटना भरथना/इटावा में हुई, जहाँ प्रेम विवाह के चलते युवक को यह महंगा खामियाजा भुगतना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के आनंद नगर स्थित आशीष गुप्ता की बर्फ फैक्टरी में अमोनिया गैस रिसाव की सूचना मिलने के बाद फायर सर्विस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। मौके पर पहुंचकर फैक्टरी परिसर का निरीक्षण किया गया और कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। फायर सर्विस की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए और हालात पर लगातार निगरानी रखी। प्रशासन एवं संबंधित विभागों ने जनहित और सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए ऐसी किसी भी आपात स्थिति में पूरी तत्परता के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है।1
- बुधवार शाम को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) रेल लाइन पर फिरोजाबाद के निकट एक चलती मालगाड़ी के वैगन में अचानक आग लग गई, जिससे उसमें लदी करीब 10 कारें जलकर खाक हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रुपसपुर के पास मालगाड़ी के इंजन से सटे एक वैगन से धुआं उठना शुरू हुआ, जो तेजी से आग की लपटों में बदल गया। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने धुआं और आग देखकर शोर मचाया, जिससे लोको पायलट को घटना का पता चला। लोको पायलट ने तुरंत मालगाड़ी को रोककर सूझबूझ दिखाते हुए इंजन को जलते वैगन से अलग कर सुरक्षित दूरी पर कर लिया, जिससे एक बड़े हादसे को टाला जा सका और आग को अन्य वैगनों तक फैलने से रोका जा सका। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया और कुछ समय बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। हालांकि, तब तक वैगन में लदी लगभग 10 कारें पूरी तरह से जल चुकी थीं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।3
- *दहेज उत्पीड़न से तंग महिला पहुंची डीएम दफ्तर न्याय की गुहार लगाई* *दहेज उत्पीड़न से तंग महिला पहुंची डीएम दफ्तर न्याय की गुहार लगाई* *रिपोर्टर -रजनीश कुमार* औरैया - पीड़िता ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार। औरैया में पीड़िता को नहीं मिल रहा न्याय / दहेज की अतिरिक्त मांग कर रहे ससुरालीगण। मांग पूरी न होने पर पीड़िता के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाला । पीड़िता के ससुराल के लोग पीड़िता को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए अछल्दा थाने में दी तहरीर। अजीतमल क्षेत्र के बिरहुनी गांव की रहने वाली है पीड़िता।1
- अजीतमल के बाबरपुर कस्बे में महंत जी की धर्मशाला के पास आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथा व्यास आचार्य रजनीश जी महाराज ने कथा यजमान राजकुमार पोरवाल और उनकी पत्नी शिवकुमारी पोरवाल सहित उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का बखान किया। आचार्य रजनीश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अघासुर और बकासुर जैसे राक्षसों के वध का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान ने अपने बचपन में कई असुरों का संहार कर गोकुलवासियों की रक्षा की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब भी संसार में अधर्म और अन्याय बढ़ता है, भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। इस दौरान पंडाल 'जय श्रीकृष्ण' के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भगवान की लीलाओं को सुनकर भावविभोर हो गए। इसके अतिरिक्त, आचार्य जी ने गोवर्धन लीला का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के बढ़ते अहंकार को खत्म करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि मनुष्य को अहंकार त्याग कर हमेशा ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि भगवान हर परिस्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी और छप्पनभोग का प्रसाद ग्रहण किया।1
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81,30,000 रुपये है। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा को लगातार गुम हो रहे मोबाइलों के आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल को इन आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई कर मोबाइलों को ट्रेस करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, भिंड जिले के समस्त थानों को CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ट्रेस करने और थाना स्तर व साइबर सेल टीम को शीघ्र बरामद करने के लिए लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी अटेर श्री रविन्द्र वास्कले, और उपपुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री दीपक तोमर शामिल हैं, के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० मुकेश शाक्य, थाना प्रभारी देहात निरी० शिवप्रताप राजावत, साइबर सेल टीम और समस्त थानों की टीमों ने विभिन्न कंपनियों के मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। साइबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से सभी थानों को प्रशिक्षण भी दिया ताकि वे मोबाइलों को प्रभावी ढंग से ट्रेस कर सकें। इसी क्रम में, वर्ष 2025 में CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 मोबाइल खोजे गए थे और हाल ही में 325 गुमशुदा मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया है। ये मोबाइल भिंड जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों से बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए मोबाइल रियलमी, ओपो, वीवो, एमआई, सैमसंग, टेक्नो, इनफिनिक्स, मोटोरोला, वनप्लस आदि कंपनियों के हैं। इन सभी मोबाइलों को आज दिनांक 17.06.26 को पुलिस कंट्रोल रूम जिला भिंड में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में भिंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर सेल टीम और थानों की टीमों द्वारा उनके मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। ये मोबाइल भारतीय सेना, होमगार्ड, पुलिस में तैनात जवानों के साथ-साथ भूतपूर्व सैनिकों, माली, खिलाड़ियों, छात्रों, गृहणी महिलाओं, अध्यापकों, पत्रकारों और आमजनों के थे। कुछ आवेदकों ने बताया कि वे नया मोबाइल खरीद ही नहीं पाए थे, जबकि कई लोगों ने बताया कि काम पर जाते समय उनका मोबाइल गुम हो गया था, जिसे वापस पाकर उन्हें बहुत खुशी हुई। मोबाइल धारकों को अपने फोन वापस मिलने पर उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस अधिकारियों तथा साइबर सेल व थाना स्तर पर कार्यरत पुलिस टीम की सराहना की। इस उल्लेखनीय कार्य में साइबर सेल के स० उ० नि० सत्यवीर सिंह, प्रआर० प्रमोद पाराशर, प्रआर० महेश कुमार, प्रआर० सत्येन्द्र यादव, आर० आनंद दीक्षित, आर० राहुल यादव, आर० हरपाल, आर० रितिक यादव, आर० प्रशांत नरवरिया, आर० बृजेश सिंह (थाना देहात), आर० विवेक करन (थाना सिटी कोतवाली), आर० बृजेश शर्मा (थाना मेहगाँव), आर० नवीन (थाना गोहद चौराहा), आर० राहुल सिकरवार (थाना फूप), आर० कुलदीप (थाना मालनपुर), आर० बदना (थाना मिहोना), और मआर० रिकी तोमर (थाना गोरमी) ने सराहनीय भूमिका निभाई।4
- इटावा जिले के भरथना थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएनबी बैंक के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक अनियंत्रित कार ने एक नए ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो मालिक चंद्रशेखर की इलाज के दौरान मौत हो गई। चंद्रशेखर ने मात्र छह दिन पहले ही कर्ज लेकर यह नया ऑटो खरीदा था। वह अपने ऑटो के कागजात और नंबर प्लेट लगवाकर घर लौट रहे थे, जब यह हादसा हुआ। इस घटना से उनके चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, और परिवार पर पहली कमाई आने से पहले ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। टक्कर मारने वाली कार का चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।1