तियाय गांव में गरमा मूंग की फसल लहलहाई, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद। तियाय गांव में गरमा मूंग की फसल लहलहाई, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद। गौरतलब है कि चेवाड़ा प्रखंड के तियाय गांव में इन दिनों खेतों में गरमा मूंग की फसल लहराती नजर आ रही है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। शुक्रवार की शाम करीब 4:00 बजे खेतों का जायजा लेने पर चारों ओर हरे-भरे पौधों की सुंदर छटा देखने को मिली। इस वर्ष मौसम की अनुकूलता और समय पर की गई खेती के कारण किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इस बार उन्होंने बेहतर बीज और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग किया है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक किसान ने कहा कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर हो सकता है। हालांकि, किसानों ने यह भी चिंता जताई कि यदि अचानक मौसम में बदलाव होता है या तेज बारिश हो जाती है, तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसान काफी उत्साहित हैं और अच्छी आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गरमा मूंग की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और यह मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल के लिए जमीन और उपजाऊ बनती है। ऐसे में तियाय गांव के किसानों का यह प्रयास न सिर्फ उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि विकास को भी नई दिशा देगा।
तियाय गांव में गरमा मूंग की फसल लहलहाई, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद। तियाय गांव में गरमा मूंग की फसल लहलहाई, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद। गौरतलब है कि चेवाड़ा प्रखंड के तियाय गांव में इन दिनों खेतों में गरमा मूंग की फसल लहराती नजर आ रही है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। शुक्रवार की शाम करीब 4:00 बजे खेतों का जायजा लेने पर चारों ओर हरे-भरे पौधों की सुंदर छटा देखने को मिली। इस वर्ष मौसम की अनुकूलता और समय पर की गई खेती के कारण किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इस बार उन्होंने बेहतर बीज और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग किया है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक किसान ने कहा कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर हो सकता है। हालांकि, किसानों ने यह भी चिंता जताई कि यदि अचानक मौसम में बदलाव होता है या तेज बारिश हो जाती है, तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसान काफी उत्साहित हैं और अच्छी आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गरमा मूंग की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और यह मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल के लिए जमीन और उपजाऊ बनती है। ऐसे में तियाय गांव के किसानों का यह प्रयास न सिर्फ उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि विकास को भी नई दिशा देगा।
- बुद्ध पूर्णिमा, का, अवसर पर BLCP ITS #ASHOK #SAMRAT का, दुनियाँ के हर इंसान को दिया नया पैगाम,1
- माँ तो माँ होती है… बरगी डेम में क्रूज हादसे के लगभग 15 घंटे बाद सामने आई यह तस्वीर हर किसी को अंदर तक झकझोर देती है। आखिरी सांस तक अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। इस माँ और अन्य दिवंगत आत्माओं को मेरा शत-शत नमन… 🙏🙏🙏 @sauravjbt1
- अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शेखपुरा जिले में सामाजिक उत्थान की एक नई पहचान दिया जा रहा है। जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद द्वारा ईंट भट्ठों पर काम करने वाले प्रवासी और स्थानीय मजदूरों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के तहत 'अक्षर लर्निंग सेंटर' का विधिवत शुभारंभ किया गया। शिक्षा के साथ सामाजिक सुरक्षा पर जोर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे अक्सर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। जिसको 'प्रोजेक्ट स्वाभिमान' का लक्ष्य इन बच्चों को न केवल साक्षर बनाना है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा हर संभव प्रयास कर रहा है कि इन परिवारों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 'अक्षर लर्निंग सेंटर' से जोड़ना। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए लेबर कार्ड, राशन कार्ड और जीविका समूह से जुड़ाव सुनिश्चित करना है। अंत्योदय योजना का लाभ मिले, साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना। जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि वर्तमान में जिले के 5 अलग-अलग स्किल सेंटरों पर 'अक्षर लर्निंग सेंटर' का संचालन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में सभी विभागों के समन्वय और मिल रहे सहयोग की सराहना भी की। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारी और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थें, जिनमें प्रमुख रूप से अपर समाहर्ता एवं उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी महोदया एवं अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी महोदया, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला परिषद् अध्यक्षा महोदया तथा ओनामा पंचायत के मुखिया जी तथा कार्यक्रम में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रमिक परिवार उपस्थित थे। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।1
- Post by S.K SINGH1
- funny videos viral video Modi aane waala hai aur request hai1
- लखीसराय ।अनुमंडल कार्यालय में जनगणना 2027 का शुभारंभ अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार के द्वारा गुब्बारा उड़ाकर किया गया। इस मौके पर नगर परिषद लखीसराय के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन भी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रगणकों, सुपरवाइजरों और जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मियों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।बताया गया कि हाउस-टू-हाउस सर्वे के तहत घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी। यह कार्य 31 मई तक चलाया जाएगा।जनगणना कार्य की निगरानी प्रगणक और सुपरवाइजर के द्वारा की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक बनी रहे।इस अवसर पर अनुमंडल कार्यालय के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है1
- मनवा अधिकार के तरफ से न्यू सभी लोगों से अनुरोध है कि आप सभी को सूचित किया जाता है कि किसी तरह का झूठ कैस हो या किसी तरह किसी उलझन में फसा दिया है उसको सुलझा ने लिया मानव अधिकार है आप लोग को किसी तरह का मदद हो आप हमसे संपर्क1
- तियाय गांव में गरमा मूंग की फसल लहलहाई, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद। गौरतलब है कि चेवाड़ा प्रखंड के तियाय गांव में इन दिनों खेतों में गरमा मूंग की फसल लहराती नजर आ रही है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। शुक्रवार की शाम करीब 4:00 बजे खेतों का जायजा लेने पर चारों ओर हरे-भरे पौधों की सुंदर छटा देखने को मिली। इस वर्ष मौसम की अनुकूलता और समय पर की गई खेती के कारण किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इस बार उन्होंने बेहतर बीज और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग किया है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक किसान ने कहा कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर हो सकता है। हालांकि, किसानों ने यह भी चिंता जताई कि यदि अचानक मौसम में बदलाव होता है या तेज बारिश हो जाती है, तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसान काफी उत्साहित हैं और अच्छी आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गरमा मूंग की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और यह मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल के लिए जमीन और उपजाऊ बनती है। ऐसे में तियाय गांव के किसानों का यह प्रयास न सिर्फ उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि विकास को भी नई दिशा देगा।1