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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों के आरोपियों पर एनएसए (NSA) लगाया है। इसके तहत खुर्जा क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी पर पुलिस प्रशासन द्वारा एनएसए की कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ, जिले के अनूपशहर में यूरिया की कालाबाजारी करने के आरोपियों के खिलाफ भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएसए की कार्रवाई की है। बुलंदशहर के एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया की कालाबाजारी करने वाले और ट्रिपल मर्डर कांड के आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है।
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों के आरोपियों पर एनएसए (NSA) लगाया है। इसके तहत खुर्जा क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी पर पुलिस प्रशासन द्वारा एनएसए की कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ, जिले के अनूपशहर में यूरिया की कालाबाजारी करने के आरोपियों के खिलाफ भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएसए की कार्रवाई की है। बुलंदशहर के एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया की कालाबाजारी करने वाले और ट्रिपल मर्डर कांड के आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है।
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- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' के तहत एक रिकॉर्ड तोड़ अभियान चलाया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 12 जुलाई 2026 को पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ से भी अधिक पेड़ लगाए गए हैं। सरकार के इस महा अभियान में सभी विभागों ने मिलकर अपना सहयोग दिया और इस सपने को साकार करते हुए रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पेड़-पौधे लगाए, जिससे प्रदेश को एक नया आयाम मिल रहा है। इस अभियान के माध्यम से लोगों से जागरूक, सावधान और सतर्क रहने तथा अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर जीवन खुशहाल बनाने की अपील की गई है। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण करना है ताकि हमारा भारत वर्ष हरा-भरा हो, सभी को शुद्ध हवा मिले और लोग निरोग रहकर अपने जीवन को एक खुशहाल धरोहर बना सकें। लखनऊ से आज सुबह टाइम्स टीम के लिए लाल चंद सोनी ने यह रिपोर्ट तैयार की है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों के आरोपियों पर एनएसए (NSA) लगाया है। इसके तहत खुर्जा क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी पर पुलिस प्रशासन द्वारा एनएसए की कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ, जिले के अनूपशहर में यूरिया की कालाबाजारी करने के आरोपियों के खिलाफ भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएसए की कार्रवाई की है। बुलंदशहर के एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया की कालाबाजारी करने वाले और ट्रिपल मर्डर कांड के आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है।1
- अयोध्या के कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते हुए फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों का गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए राम जन्मभूमि थाने का घेराव करेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि एफआईआर दर्ज न होने के संबंध में एक बार फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता की जाएगी। इसके बाद बार एसोसिएशन के वकील कचहरी परिसर से सीधे थाना रामजन्म भूमि पर जाकर बैठ जाएंगे।1
- अयोध्या में कॉलेज हड़पने का एक सनसनीखेज आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रबंधक ने खुद एक प्रेसवार्ता आयोजित की और सबके सामने सबूत पेश किए हैं।1
- अयोध्या के जिला पुरुष चिकित्सालय में औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों की जान से जुड़ी जीवनरक्षक व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने सोमवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। इस दौरान सबसे बड़ी चूक ऑक्सीजन प्लांट के बंद पाए जाने पर सामने आई। जब एडी हेल्थ इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, तो वहां की ऑक्सीजन पाइपलाइन में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप थी। इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद मैट्रन को जमकर फटकार लगाई। इसके तुरंत बाद सीएमएस डॉ. राजेश सिंह को बुलाकर ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाले कर्मचारी को तलब किया गया, जिसने सफाई दी कि कंप्रेशर में पानी भरने के कारण प्लांट नहीं चल रहा है। इस तर्क पर भड़कते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि अस्पताल की यह हालत देखकर लगता है कि कोई बड़ी घटना होने पर स्टाफ सिलेंडर लेकर इधर-उधर दौड़ता नजर आएगा। उन्होंने इस भारी लापरवाही के लिए सीएमएस को भी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में अन्य खामियां भी मिलीं, जहां तैनात इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. विशाल चौधरी और फार्मासिस्ट सर्वेश निर्धारित वेशभूषा में नहीं थे। एडी हेल्थ ने सीएमएस को सख्त निर्देश दिए कि इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और एक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर अनिवार्य रूप से बैकअप के तौर पर आरक्षित रखे जाएं। साथ ही अस्पताल में बिजली और जनरेटर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डॉ. बृजेश सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और ऑक्सीजन जैसी जीवनरक्षक व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई तय है।3
- अयोध्या में आयोजित किया गया एक जन्मदिन समारोह सम्मान और संस्कार के उत्सव के रूप में मनाया गया।1
- अयोध्या के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान गबन मामले में जेल में बंद सभी आठों अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को आगामी 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद इन आठ अभियुक्तों को जेल भेजा गया था, जिनकी ज्यूडिशियल रिमांड आज पूरी हो गई थी। भ्रष्टाचार निवारण जज रजत वर्मा के आज अवकाश पर होने के कारण, इस मामले की सुनवाई प्रभारी जज प्रतिभा नारायण के ई सी एक्ट के न्यायालय में हुई, जहां न्यायिक रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने जानकारी दी है कि जांच कर रही पुलिस ने अभियुक्त सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने चोरी की कीमती वस्तुएं जैसे सोना, चांदी, जेवरात और नगद धनराशि बरामद करने के लिए यह एक हफ्ते की रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई आगामी 14 जुलाई को होगी।4
- अयोध्या में राम मंदिर प्रकरण को लेकर अधिवक्ता संघ ने पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। फैजाबाद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंडित कालिका प्रसाद मिश्रा ने ऐलान किया है कि यदि सुबह तक इस मामले में संबंधित मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो अधिवक्ता थाना राम जन्मभूमि का घेराव करेंगे। अधिवक्ता संघ ने आरोप लगाया है कि इस मामले में दी गई शिकायत पर पुलिस द्वारा अब तक कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि कानून के अनुसार इस पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है, तो अधिवक्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। संघ ने साफ किया है कि उनकी मांग मामले में निष्पक्ष जांच और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप एफआईआर दर्ज कराने की है। इस चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1