महेंद्रगढ़ शहर के रेलवे रोड स्थित मास्टर कॉलोनी के किशोरी कुंज में श्रीमती कौशल्या देवी शिव मंदिर ट्रस्ट और कॉलोनी के भक्तों द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का समापन 28 मई को हो गया। कथा का समापन पंडित रामनिवास शास्त्री द्वारा हवन-पूजन और व्यास पूजा के साथ करवाया गया। इससे पूर्व, वृन्दावन धाम से पधारे कथा व्यास श्री अक्षय कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने सातवें दिन की भागवत कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। इस अवसर पर मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में श्रीकृष्ण-सुदामा और रुक्मणी की मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम के मुख्य यजमान कथा प्रबंधक श्री मामन चौधरी और श्रीमती आशा गर्ग सपरिवार थे। सुरेश चौधरी, रतन राठी, नरेश नांगलिया, सुरेन्द्र चौधरी, प्रेम चौधरी एवं रमेश शर्मा सहित अन्य यजमान भी सपरिवार उपस्थित रहे और उन्होंने व्यास पूजा एवं हवन की पूर्णाहुति का कार्य सम्पन्न करवाया। गुरु जी ने बताया कि हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, कथा, अनुष्ठान या पाठ की पूर्णता के लिए अंत में हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हवन से नकारात्मकता समाप्त होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है। मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि में दी गई आहुतियाँ सीधे देवी-देवताओं तक पहुँचती हैं, जिससे वे प्रसन्न होकर मनोकामनाएँ पूरी करते हैं और आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता हमें सिखाती है कि सच्चा मित्र बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के जीवन भर साथ निभाता है, यह अमर प्रसंग प्रेम, त्याग और समानता का महत्वपूर्ण संदेश देता है। अंत में, कथा प्रबंधक मामन चौधरी और आशा गर्ग ने इस सात दिवसीय कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी कॉलोनी वासियों, भक्तों, कलाकारों, मीडिया कर्मचारियों, टेंट हाउस वालों और साउंड सिस्टम वालों का आभार व्यक्त किया, जिसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।
महेंद्रगढ़ शहर के रेलवे रोड स्थित मास्टर कॉलोनी के किशोरी कुंज में श्रीमती कौशल्या देवी शिव मंदिर ट्रस्ट और कॉलोनी के भक्तों द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का समापन 28 मई को हो गया। कथा का समापन पंडित रामनिवास शास्त्री द्वारा हवन-पूजन और व्यास पूजा के साथ करवाया गया। इससे पूर्व, वृन्दावन धाम से पधारे कथा व्यास श्री अक्षय कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने सातवें दिन की भागवत कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। इस अवसर पर मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में श्रीकृष्ण-सुदामा और रुक्मणी की मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम के मुख्य यजमान कथा प्रबंधक श्री मामन चौधरी और श्रीमती आशा गर्ग सपरिवार थे। सुरेश चौधरी, रतन राठी, नरेश नांगलिया, सुरेन्द्र चौधरी, प्रेम चौधरी एवं रमेश शर्मा सहित अन्य यजमान भी सपरिवार उपस्थित रहे और उन्होंने व्यास पूजा एवं हवन की पूर्णाहुति का कार्य सम्पन्न करवाया। गुरु जी ने बताया कि हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, कथा, अनुष्ठान या पाठ की पूर्णता के लिए अंत में हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हवन से नकारात्मकता समाप्त होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है। मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि में दी गई आहुतियाँ सीधे देवी-देवताओं तक पहुँचती हैं, जिससे वे प्रसन्न होकर मनोकामनाएँ पूरी करते हैं और आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता हमें सिखाती है कि सच्चा मित्र बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के जीवन भर साथ निभाता है, यह अमर प्रसंग प्रेम, त्याग और समानता का महत्वपूर्ण संदेश देता है। अंत में, कथा प्रबंधक मामन चौधरी और आशा गर्ग ने इस सात दिवसीय कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी कॉलोनी वासियों, भक्तों, कलाकारों, मीडिया कर्मचारियों, टेंट हाउस वालों और साउंड सिस्टम वालों का आभार व्यक्त किया, जिसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।
- वीरवार को महेन्द्रगढ़ में जिला जांगिड़ ब्राह्मण कल्याण सभा की नवनिर्मित छात्रावास की नवनियुक्त कार्यकारिणी ने विधायक कंवर सिंह यादव को सम्मानित किया। महेन्द्रगढ़ विधायक के कार्यालय पर यह सम्मान उन्हें पगड़ी पहनाकर और लड्डू खिलाकर दिया गया, जिसके माध्यम से कार्यकारिणी ने विधायक का आभार व्यक्त किया।1
- महेंद्रगढ़ शहर के रेलवे रोड स्थित मास्टर कॉलोनी के किशोरी कुंज में श्रीमती कौशल्या देवी शिव मंदिर ट्रस्ट और कॉलोनी के भक्तों द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानोत्सव का समापन 28 मई को हो गया। कथा का समापन पंडित रामनिवास शास्त्री द्वारा हवन-पूजन और व्यास पूजा के साथ करवाया गया। इससे पूर्व, वृन्दावन धाम से पधारे कथा व्यास श्री अक्षय कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने सातवें दिन की भागवत कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। इस अवसर पर मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में श्रीकृष्ण-सुदामा और रुक्मणी की मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम के मुख्य यजमान कथा प्रबंधक श्री मामन चौधरी और श्रीमती आशा गर्ग सपरिवार थे। सुरेश चौधरी, रतन राठी, नरेश नांगलिया, सुरेन्द्र चौधरी, प्रेम चौधरी एवं रमेश शर्मा सहित अन्य यजमान भी सपरिवार उपस्थित रहे और उन्होंने व्यास पूजा एवं हवन की पूर्णाहुति का कार्य सम्पन्न करवाया। गुरु जी ने बताया कि हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, कथा, अनुष्ठान या पाठ की पूर्णता के लिए अंत में हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हवन से नकारात्मकता समाप्त होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है। मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि में दी गई आहुतियाँ सीधे देवी-देवताओं तक पहुँचती हैं, जिससे वे प्रसन्न होकर मनोकामनाएँ पूरी करते हैं और आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता हमें सिखाती है कि सच्चा मित्र बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के जीवन भर साथ निभाता है, यह अमर प्रसंग प्रेम, त्याग और समानता का महत्वपूर्ण संदेश देता है। अंत में, कथा प्रबंधक मामन चौधरी और आशा गर्ग ने इस सात दिवसीय कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी कॉलोनी वासियों, भक्तों, कलाकारों, मीडिया कर्मचारियों, टेंट हाउस वालों और साउंड सिस्टम वालों का आभार व्यक्त किया, जिसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।1
- भीषण गर्मी में मोबाइल फोन के ज्यादा गरम होने की समस्या से बचने और उसे खराब होने से बचाने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए गए हैं। इन उपायों में फोन को सीधी धूप से बचाना, इस्तेमाल न होने पर ब्लूटूथ, जीपीएस और हॉटस्पॉट जैसे फीचर्स को बंद रखना, साथ ही हैवी गेम्स और कई ऐप्स एक साथ न चलाने की सलाह शामिल है। यह भी सुझाव दिया गया है कि हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें और चार्जिंग के दौरान फोन का कम से कम उपयोग करें। जब फोन ज्यादा गरम लगे, तो उसका कवर हटाकर थोड़ी देर ठंडा होने दें और बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स को बंद करें। चेतावनी दी गई है कि अत्यधिक गरम होने पर फोन हैंग हो सकता है, उसकी बैटरी खराब हो सकती है और यहां तक कि धमाका भी हो सकता है। इसलिए, गर्मी के मौसम में अपने मोबाइल का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।1
- हरियाणा राज्य में कार्यरत हजारों अध्यापकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जिससे उनके बीच हर्ष का माहौल है।1
- शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के 'दोगलेपन' का एक वायरल वीडियो के माध्यम से खुलासा हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद, विद्यार्थियों के लिए गर्मियों की छुट्टियां होनी चाहिए या नहीं, यह एक बड़ा 'जी का जंजाल' बन गया है।1
- भीषण गर्मी के मौजूदा दौर में एक महत्वपूर्ण अपील की गई है कि लोग अपने आस-पास, अपनी छतों और बालकनी पर बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए दाना-पानी का प्रबंध ज़रूर करें। इस पहल का उद्देश्य है कि इन जीव-जंतुओं को अत्यधिक गर्मी से निजात मिल सके और उनका जीवन बचाया जा सके।1
- चरखी दादरी में वीरवार को बकरीद की नमाज अदा होने के बाद एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल देखने को मिली, जहाँ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग फिर से उठी। चिड़िया रोड स्थित मस्जिद में नमाज के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की मौजूदगी में देश में सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक सम्मान को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष शपथ दिलाई। इस अवसर पर मौलवी स्वालुहीन ने बल दिया कि इस्लाम वतन की संस्कृति, परंपराओं और पड़ोसियों की भावनाओं का सम्मान करना सिखाता है, और गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है, जिसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलने से आपसी भाईचारा, मोहब्बत और सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत होगा। उन्होंने बकरीद के मुकद्दस मौके पर इस नेक पहल का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। संजय रामफल ने नमाजियों को संबोधित करते हुए देश के सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व को रेखांकित किया और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मांग केवल किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों और मुस्लिम धर्मगुरुओं सहित तमाम सामाजिक व धार्मिक संगठनों की रही है। रामफल के अनुसार, गाय देश की संस्कृति और पहचान से गहराई से जुड़ी है, और बकरीद के पावन अवसर पर मुस्लिम भाइयों द्वारा ली गई यह शपथ साबित करती है कि भारत का हर नागरिक देश के सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करता है। इस पहल का समाज के सभी वर्गों ने समर्थन किया, जो देश की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। वहाँ मौजूद लोगों ने देश की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और जीव दया के संकल्प के साथ इस मांग का पुरजोर समर्थन करने की शपथ ली। इस पहल की सभी ने सराहना की और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुँचाने का संकल्प लिया। इस मौके पर सरीफ, तहजीब, रफीक, हमराज, सुमेर, शरीफ प्रधान, मौलवी मदीना मस्जिद, अब्बास मिस्त्री और मुस्लिम कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद रहे।4
- महेंद्रगढ़ शहर में हाल ही में धूल भरी आंधी चलने के बाद बारिश की शुरुआत हुई है। इस मौसमी बदलाव से क्षेत्रवासियों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।1