मऊ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें विपक्षियों को फंसाने और एक पुराने मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए अपने ही घर पर गोलीबारी की साजिश रची गई थी। इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना पिपरा कछार थाना मधुबन निवासी संजू यादव की शिकायत के बाद सामने आई, जिन्होंने 18 मई 2026 की रात एक मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायर कर भाग जाने की सूचना दी थी। संजू यादव द्वारा 19 मई 2026 को मधुबन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 18 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनके घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी। उस समय संजू के भाई रामभवन यादव घर पर नहीं थे, और उनके पिता लोरिक यादव घर से लगभग 50 मीटर दूर भैंस के ओसारे में थे। घर के अंदर संजू और अंजू नामक दोनों लड़कियां सो रही थीं, जबकि बाहर लोरिक यादव की वृद्ध पत्नी तख्त पर सोई हुई थीं। परिजनों ने बताया कि सफेद रंग की अपाचे बाइक पर आए तीन अज्ञात लड़कों में से आगे और पीछे बैठे लोगों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि बीच वाला बिना हेलमेट के था। उन्होंने असलहे से लोरिक के दरवाजे पर फायर किया। मौके से एक फायरशुदा बुलेट बरामद की गई, जिसे फील्ड यूनिट मऊ की टीम ने कब्जे में लिया। इस संबंध में थाना मधुबन में मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी मधुबन के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने लगातार सुरागरसी और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की। इसी क्रम में रविवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना मधुबन पुलिस ने भैरोपुर बँधा से 100 मीटर आगे पुलिया की तरफ चेकिंग के दौरान चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों में रामभवन यादव पुत्र लोरिक यादव (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी पिपरा कछार, थाना मधुबन, जनपद मऊ), रामआशीष यादव पुत्र चन्द्रिका यादव (उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी रसूलपुर जगदेव, थाना घोसी, जनपद मऊ), पीयूष कुमार यादव पुत्र जयश्री यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी ढेकवारा, थाना कोपागंज, जनपद मऊ) और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव पुत्र रामसोच यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी खानपुर मठिया, थाना सरायलखन्सी, जनपद मऊ) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 अदद तमंचा 315 बोर, तीन अदद वीवो कंपनी के मोबाइल फोन और चिटबन्दी के 3120 रुपये बरामद किए, जिन्हें पारदर्शी प्लास्टिक के डिब्बों में बंद कर सील किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (पल्सर, वाहन सं0 UP54BE4333) को भी सीज कर थाना परिसर में खड़ा कराया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने यह फायरिंग की घटना समझौते का दबाव बनाने के लिए की थी। उन्होंने जानकारी दी कि 15 मई 2026 को पिपरा कछार, थाना मधुबन में रामभवन यादव और उनके पिता लोरिक यादव द्वारा आयोजित भोज कार्यक्रम में गांव के ठाकुर समुदाय के कुछ लोगों को निमंत्रण देने और उनके शामिल होने पर लोरिक यादव के विपक्षी सगे भाई चन्द्रिका यादव पुत्र शिवकुमार और उनके पुत्र रामप्रवेश यादव ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर 16 मई 2026 को गांव में भैंस चरा रहे रामप्रवेश यादव पुत्र चन्द्रिका यादव को रामभवन और उनके कुछ सहयोगियों ने मारा-पीटा, जिससे रामप्रवेश को हाथ-पैर में चोट और फ्रैक्चर आया। रामप्रवेश तब से जिला चिकित्सालय मऊ में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे। इस मारपीट के संबंध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 150/26 धारा 3(5)/115(2)/352/351(3)/117(2) बीएनएस बनाम लोरिक यादव, रामभवन यादव, विनीत सिंह, किरीत सिंह आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। रामभवन यादव ने इसी मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के उद्देश्य से रामआशीष यादव, पीयूष कुमार यादव और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव से मिलकर अपने ही घर पर यह फायर करवाया था, ताकि विपक्षियों को फंसाया जा सके। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना मधुबन पर मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3), 61(2)/217/351(1) बी.एन.एस और 3/25 आर्म्स एक्ट बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
मऊ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें विपक्षियों को फंसाने और एक पुराने मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए अपने ही घर पर गोलीबारी की साजिश रची गई थी। इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना पिपरा कछार थाना मधुबन निवासी संजू यादव की शिकायत के बाद सामने आई, जिन्होंने 18 मई 2026 की रात एक मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायर कर भाग जाने की सूचना दी थी। संजू यादव द्वारा 19 मई 2026 को मधुबन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 18 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनके घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी। उस समय संजू के भाई रामभवन यादव घर पर नहीं थे, और उनके पिता लोरिक यादव घर से लगभग 50 मीटर दूर भैंस के ओसारे में थे। घर के अंदर संजू और अंजू नामक दोनों लड़कियां सो रही थीं, जबकि बाहर लोरिक यादव की वृद्ध पत्नी तख्त पर सोई हुई थीं। परिजनों ने बताया कि सफेद रंग की अपाचे बाइक पर आए तीन अज्ञात लड़कों में से आगे और पीछे बैठे लोगों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि बीच वाला बिना हेलमेट के था। उन्होंने असलहे से लोरिक के दरवाजे पर फायर किया। मौके से एक फायरशुदा बुलेट बरामद की गई, जिसे फील्ड यूनिट मऊ की टीम ने कब्जे में लिया। इस संबंध में थाना मधुबन में मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी मधुबन के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने लगातार सुरागरसी और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की। इसी क्रम में रविवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना मधुबन पुलिस ने भैरोपुर बँधा से 100 मीटर आगे पुलिया की तरफ चेकिंग के दौरान चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों में रामभवन यादव पुत्र लोरिक यादव (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी पिपरा कछार, थाना मधुबन, जनपद मऊ),
रामआशीष यादव पुत्र चन्द्रिका यादव (उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी रसूलपुर जगदेव, थाना घोसी, जनपद मऊ), पीयूष कुमार यादव पुत्र जयश्री यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी ढेकवारा, थाना कोपागंज, जनपद मऊ) और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव पुत्र रामसोच यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी खानपुर मठिया, थाना सरायलखन्सी, जनपद मऊ) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 अदद तमंचा 315 बोर, तीन अदद वीवो कंपनी के मोबाइल फोन और चिटबन्दी के 3120 रुपये बरामद किए, जिन्हें पारदर्शी प्लास्टिक के डिब्बों में बंद कर सील किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (पल्सर, वाहन सं0 UP54BE4333) को भी सीज कर थाना परिसर में खड़ा कराया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने यह फायरिंग की घटना समझौते का दबाव बनाने के लिए की थी। उन्होंने जानकारी दी कि 15 मई 2026 को पिपरा कछार, थाना मधुबन में रामभवन यादव और उनके पिता लोरिक यादव द्वारा आयोजित भोज कार्यक्रम में गांव के ठाकुर समुदाय के कुछ लोगों को निमंत्रण देने और उनके शामिल होने पर लोरिक यादव के विपक्षी सगे भाई चन्द्रिका यादव पुत्र शिवकुमार और उनके पुत्र रामप्रवेश यादव ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर 16 मई 2026 को गांव में भैंस चरा रहे रामप्रवेश यादव पुत्र चन्द्रिका यादव को रामभवन और उनके कुछ सहयोगियों ने मारा-पीटा, जिससे रामप्रवेश को हाथ-पैर में चोट और फ्रैक्चर आया। रामप्रवेश तब से जिला चिकित्सालय मऊ में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे। इस मारपीट के संबंध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 150/26 धारा 3(5)/115(2)/352/351(3)/117(2) बीएनएस बनाम लोरिक यादव, रामभवन यादव, विनीत सिंह, किरीत सिंह आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। रामभवन यादव ने इसी मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के उद्देश्य से रामआशीष यादव, पीयूष कुमार यादव और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव से मिलकर अपने ही घर पर यह फायर करवाया था, ताकि विपक्षियों को फंसाया जा सके। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना मधुबन पर मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3), 61(2)/217/351(1) बी.एन.एस और 3/25 आर्म्स एक्ट बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
- मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, अनूप कुमार ने एक महत्वपूर्ण बात कही है। यह बयान माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन न करने और उनके खिलाफ की जा रही कार्यवाही के संबंध में आया है।1
- बिल्थरारोड के पिपरौली बड़ागांव निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर विजय मौर्य ने लाखों रुपए की अपनी नौकरी छोड़कर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने गांव के विकास के लिए कमर कस ली है और अपने इस कदम को गांव की बदहाली दूर करने का एक प्रयास बताया है। इंजीनियर विजय मौर्य का आरोप है कि अब तक गांव के जितने भी प्रधान बने, उन्होंने सर्वांगीण विकास के लोकलुभावन वादे कर जनता को केवल ठगने का काम किया है। उनके अनुसार, गांव में जो भी काम कराए गए हैं, वे सिर्फ कुछ लोगों को देखकर किए गए, जिसके चलते नालियां टूटी पड़ी हैं और बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी गरीब और असहाय लोग आवास योजना से वंचित हैं। गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा एक सड़क बनवाई जा रही है, लेकिन उसे भी अपने लोगों के घर तक बनवाकर अधूरा छोड़ दिया गया है। विजय मौर्य ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे गांव का होता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि आने वाले समय में गांव की जनता का आशीर्वाद मिला, तो सरकार की आवास, सड़क, नाली निर्माण, विधवा-वृद्धा पेंशन और स्वच्छता जैसी सभी योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए भी सरकार की मूलभूत योजनाओं का भरपूर लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। उनका लक्ष्य गांव का चौतरफा विकास कराकर समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है, और उनका मानना है कि जनता के आशीर्वाद से गांव की तस्वीर निश्चित रूप से बदलेगी।1
- तुलसीपुर स्थित ब्रह्म बाबा के पावन स्थल पर आयोजित हनुमत महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पावनधाम वृंदावन से पधारे स्वामी चित्तप्रकाशानंद गिरी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का विस्तृत और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसमें श्रीकृष्ण अवतार, कंस के अत्याचार और गोकुल की दिव्य लीलाएँ शामिल थीं। इसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए और पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष से गूंज उठा, जिसके साथ भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर, ससनाधाम बलिया से आए संत अमरजीत महाराज ने स्वर्गीय डॉ. मंगला सिंह जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनका प्रिय भोजपुरी भजन “जाए के बा राम के नगरिया सबेरे चल…” प्रस्तुत किया। इस मार्मिक प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं और वातावरण भावुक हो उठा। इसके अतिरिक्त, डॉ. अपराजिता ने सतगुरु महिमा का मधुर भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिमय आनंद से सराबोर कर दिया। वहीं, डॉ. सूर्यभान सिंह ने भक्त हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए सच्ची श्रद्धा, सेवा और समर्पण से जीवन की सफलता के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे श्रद्धालु अत्यंत प्रभावित हुए। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बना रहा, जहाँ श्रद्धालु देर रात तक कथा एवं भजन संध्या का आनंद लेते रहे।1
- आजमगढ़ जनपद में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देशों पर, ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर स्थित चंद्रमा ऋषि धाम और तमसा नदी घाट पर यह सफाई अभियान संचालित किया गया। सहायक विकास अधिकारी पंचायत सुनील कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से तमसा नदी घाट की सफाई की, जिसमें घास की कटाई, कचरा हटाना और दवा का छिड़काव जैसे कार्य शामिल थे। इस अभियान के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया, जिसमें बताया गया कि वर्तमान समय में फैल रही विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है। अभियान में भाग लेने वाले सभी लोगों ने “हम सब ने ठाना है, स्वच्छ तमसा बनाना है” का संदेश देते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत निरंतर सफाई कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सीपी यादव, गुलाब चौरसिया, अजय मौर्य, रामसमुझ, सुनील कुमार, महेंद्र राम, सभाजीत यादव, महादेव यादव, महेश यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।3
- लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों, ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद ने महंगाई के मुद्दे पर एक 'गजब' का तर्क पेश किया है। इन मंत्रियों का कहना है कि गाँवों के लोगों द्वारा एसी और कूलर लगाए जाने के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे उन्हें 'बहुत तक़लीफ़' हो रही है। उनके इस बयान में जनता को ही बढ़ती महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस 'अजीब' तर्क के सामने आने के बाद, इन मंत्रियों का चेहरा और चरित्र दोनों ही अब साफ नजर आ रहा है। एक वीडियो क्लिप में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कैसे जनता के वोटों से 'मलाई' खाने वाले ये नेता, बिजली की अधिक खपत और महंगाई के लिए सीधे जनता को ही दोषी ठहरा रहे हैं।1
- आजमगढ़ जिले के नगर पंचायत जहानागंज अंतर्गत तुलसीपुर गांव में आध्यात्मिकता की बयार बह रही है, जहाँ 'श्री ब्रह्मा बाबा सेवा समिति' द्वारा 'श्री हनुमत महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र के मानस मर्मज्ञ स्वर्गीय डॉ. मंगला सिंह की स्मृति में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो रहा है। कथा के तीसरे दिन, मथुरा-वृंदावन से पधारे पूज्य स्वामी चित्य प्रकाशानंद गिरी जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ उन्होंने हनुमान जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और अखंड दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विजय कुमार सिंह (भक्कू), ब्लॉक प्रमुख रमेश कन्नौजिया, अरुण श्रीवास्तव और राजेश सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने उनका माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। महाराज जी ने श्रद्धालुओं को सूत जी महाराज द्वारा ऋषि-मुनियों को सुनाई गई कथा का विस्तृत वर्णन सुनाया और अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा आत्मा की शुद्धि और समाज में सद्भाव स्थापित करने का सशक्त माध्यम है, जो मानव को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देती है। उनके श्रीमुख से श्रीकृष्ण की बाल लीला का प्रसंग सुनकर पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो उठा। यज्ञ स्थल पर पंडित राजेंद्र त्रिपाठी, पंडित योगेश व्यास, पंडित अभय राज गर्ग और पंडित हर्ष त्रिपाठी के कुशल निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कुंड का पूजन और यज्ञ कार्य संपन्न कराया जा रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह अध्यात्ममय बना हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालु परिक्रमा स्थल पर एकत्रित होकर धर्मलाभ ले रहे हैं। इस आयोजन में वृंदावन से पधारीं साध्वी डॉ. अपराजिता ने भी धर्म, संस्कृति और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संस्कारों को मानव जीवन की असली पूंजी बताया। तुलसीपुर गांव के ग्रामीण इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात सेवा में जुटे हैं, जिसमें श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, प्रसाद वितरण और आयोजन स्थल की स्वच्छता व सुरक्षा की जिम्मेदारी वे स्वयं संभाल रहे हैं। इस दौरान ओम प्रकाश सिंह, पुनीत सिंह, आशुतोष सिंह, रिंकल सिंह, पिंटू सिंह, राजेश सिंह (पत्रकार) और डॉ. संदीप सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह धार्मिक आयोजन जहानागंज क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है, जो आने वाले कई दिनों तक आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना रहेगा।1
- देवरिया जनपद में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शांति एवं कानून-व्यवस्था, सुरक्षा तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से संयुक्त रूप से पैदल गश्त किया। प्रशासनिक एवं पुलिस बल के साथ यह गश्त थाना कोतवाली क्षेत्र के सुभाष चौक, रेलवे चौकी सहित प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और मुख्य मार्गों में की गई, जिसका लक्ष्य आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना था। गश्त के दौरान, अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए हर समय प्रतिबद्ध है और किसी भी असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया।2
- मऊ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें विपक्षियों को फंसाने और एक पुराने मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए अपने ही घर पर गोलीबारी की साजिश रची गई थी। इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना पिपरा कछार थाना मधुबन निवासी संजू यादव की शिकायत के बाद सामने आई, जिन्होंने 18 मई 2026 की रात एक मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायर कर भाग जाने की सूचना दी थी। संजू यादव द्वारा 19 मई 2026 को मधुबन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 18 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनके घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी। उस समय संजू के भाई रामभवन यादव घर पर नहीं थे, और उनके पिता लोरिक यादव घर से लगभग 50 मीटर दूर भैंस के ओसारे में थे। घर के अंदर संजू और अंजू नामक दोनों लड़कियां सो रही थीं, जबकि बाहर लोरिक यादव की वृद्ध पत्नी तख्त पर सोई हुई थीं। परिजनों ने बताया कि सफेद रंग की अपाचे बाइक पर आए तीन अज्ञात लड़कों में से आगे और पीछे बैठे लोगों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि बीच वाला बिना हेलमेट के था। उन्होंने असलहे से लोरिक के दरवाजे पर फायर किया। मौके से एक फायरशुदा बुलेट बरामद की गई, जिसे फील्ड यूनिट मऊ की टीम ने कब्जे में लिया। इस संबंध में थाना मधुबन में मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी मधुबन के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने लगातार सुरागरसी और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की। इसी क्रम में रविवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना मधुबन पुलिस ने भैरोपुर बँधा से 100 मीटर आगे पुलिया की तरफ चेकिंग के दौरान चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों में रामभवन यादव पुत्र लोरिक यादव (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी पिपरा कछार, थाना मधुबन, जनपद मऊ), रामआशीष यादव पुत्र चन्द्रिका यादव (उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी रसूलपुर जगदेव, थाना घोसी, जनपद मऊ), पीयूष कुमार यादव पुत्र जयश्री यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी ढेकवारा, थाना कोपागंज, जनपद मऊ) और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव पुत्र रामसोच यादव (उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी खानपुर मठिया, थाना सरायलखन्सी, जनपद मऊ) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 01 अदद तमंचा 315 बोर, तीन अदद वीवो कंपनी के मोबाइल फोन और चिटबन्दी के 3120 रुपये बरामद किए, जिन्हें पारदर्शी प्लास्टिक के डिब्बों में बंद कर सील किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (पल्सर, वाहन सं0 UP54BE4333) को भी सीज कर थाना परिसर में खड़ा कराया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने यह फायरिंग की घटना समझौते का दबाव बनाने के लिए की थी। उन्होंने जानकारी दी कि 15 मई 2026 को पिपरा कछार, थाना मधुबन में रामभवन यादव और उनके पिता लोरिक यादव द्वारा आयोजित भोज कार्यक्रम में गांव के ठाकुर समुदाय के कुछ लोगों को निमंत्रण देने और उनके शामिल होने पर लोरिक यादव के विपक्षी सगे भाई चन्द्रिका यादव पुत्र शिवकुमार और उनके पुत्र रामप्रवेश यादव ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर 16 मई 2026 को गांव में भैंस चरा रहे रामप्रवेश यादव पुत्र चन्द्रिका यादव को रामभवन और उनके कुछ सहयोगियों ने मारा-पीटा, जिससे रामप्रवेश को हाथ-पैर में चोट और फ्रैक्चर आया। रामप्रवेश तब से जिला चिकित्सालय मऊ में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे। इस मारपीट के संबंध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 150/26 धारा 3(5)/115(2)/352/351(3)/117(2) बीएनएस बनाम लोरिक यादव, रामभवन यादव, विनीत सिंह, किरीत सिंह आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। रामभवन यादव ने इसी मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के उद्देश्य से रामआशीष यादव, पीयूष कुमार यादव और राकेश यादव उर्फ टीपू यादव से मिलकर अपने ही घर पर यह फायर करवाया था, ताकि विपक्षियों को फंसाया जा सके। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना मधुबन पर मु0अ0सं0 151/2026 धारा 109(1), 351(3), 61(2)/217/351(1) बी.एन.एस और 3/25 आर्म्स एक्ट बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।2