वार्ड 2 में स्थित तेजाजी मंदिर प्रांगण के बाहर बरसात वह नाली के गंदे पानी की कई वर्षों से पुरानी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया राजगढ़ राजपूत समाज राजगढ़ के तेजाजी मंदिर परिषद के बाहर *बरसात व नाली के गंदे पानी की कई वर्षों पुरानी मांग थी* जिसका आज दिनांक तक कोई समाधान नहीं हो पाया था राजपूत समाज व समाज के युवा दुवारा इस बारे में कई बार लिखित ओर मौखिक रूप से अधिकारी/जनप्रतिनिधि पार्षद/ विधायक को भी बताया जा चुका था फिर भी आज तक वह समस्या कायम थी। समस्या के स्थाई समाधान हेतु सड़क निर्माण (पेयर लगाने)को लेकर राजपूत युवाओं द्वारा नगर परिषद राजगढ़ कार्यालय में निर्माण कार्य जल्द शुरू करने हेतु धरना प्रदर्शन किया गया था जिसके फलस्वरूप उक्त कार्य को पूरा करने हेतु उपयंत्री द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।अब आगे देखना यह है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने लिखित आस्वाशन पर अमल कर पाते है कि नही अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। हिम्मत बारोड की रिपोर्ट
वार्ड 2 में स्थित तेजाजी मंदिर प्रांगण के बाहर बरसात वह नाली के गंदे पानी की कई वर्षों से पुरानी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया राजगढ़ राजपूत समाज राजगढ़ के तेजाजी मंदिर परिषद के बाहर *बरसात व नाली के गंदे पानी की कई वर्षों पुरानी मांग थी* जिसका आज दिनांक तक कोई समाधान नहीं हो पाया था राजपूत समाज व समाज के युवा दुवारा इस बारे में कई बार लिखित ओर मौखिक रूप से अधिकारी/जनप्रतिनिधि पार्षद/ विधायक को भी बताया जा चुका था फिर भी आज
तक वह समस्या कायम थी। समस्या के स्थाई समाधान हेतु सड़क निर्माण (पेयर लगाने)को लेकर राजपूत युवाओं द्वारा नगर परिषद राजगढ़ कार्यालय में निर्माण कार्य जल्द शुरू करने हेतु धरना प्रदर्शन किया गया था जिसके फलस्वरूप उक्त कार्य को पूरा करने हेतु उपयंत्री द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।अब आगे देखना यह है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने लिखित आस्वाशन पर अमल कर पाते है कि नही अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। हिम्मत बारोड की रिपोर्ट
- 🎥 अरे हाँ मोटू! 🔱🙏 3️⃣ अगस्त को हमारे रणछोड़भैया उज्जैन पहुँच रहे हैं। 🚗✨ इस दिन सावन का पहला सोमवार और नाग पंचमी का पावन पर्व भी है। 🕉️🐍 बाबा महाकाल के दर्शन कर सभी के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करेंग1
- ककराना बाजार नर्मदा तट1
- एक कविता...... कलम का सिपाही.1
- इंदौर में सफर के दौरान बुजुर्ग के बैग से 12 तोले सोने के जेवर चोरी, 14 लाख के आभूषण गायब पुलिस के मुताबिक फरियादी पवन सिंह महाराष्ट्र से अपनी बेटी के साथ ट्रेन से इंदौर पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने शेयरिंग ई-रिक्शा लिया और स्कीम नंबर-78 स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए। घर पहुंचने पर जब उन्होंने बैग देखा तो उसमें रखे करीब 12 तोले सोने-चांदी के जेवर गायब थे। जेवरों की अनुमानित कीमत 13 से 14 लाख रुपये बताई जा रही है। शिकायत मिलते ही लसूडिया पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ई-रिक्शा चालक और अन्य सवारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही रेलवे स्टेशन से लेकर स्कीम नंबर-78 तक के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरी करने वाले तक पहुंचा जा सके। बाइट: पराग सैनी, एसीपी, इंदौर1
- ग्राम पंचायत सरोना तहसील कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राज्य राजस्थान आज का न्यूज़ समाचार कृपया आज का समाचार न्यूज़ का बांसवाड़ा प्रतापगढ़ डूंगरपुर उदयपुर इन जिलों में जोरदार बारिश और तूफान हर जिलों में गिरेगी पढ़ कर आगे तक शेयर कीजिए1
- वाइरल वीडियो में स्कूली छात्राओं ने अपने माता पिता से सन्देश के माध्यम से बच्चो को मोबाइल न देने की एक मार्मिक अपील1
- बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा3