बुलंदशहर में जहांगीराबाद के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी एक युवक ने सहकारी नगर चौकी पुलिस और फैंटम पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित राजकुमार ने बताया कि देरशाम अपनी गर्भवती पत्नी मुस्कान को बुलंदशहर के अस्पताल से दवाई दिलाकर भाई के साथ बाइक से जहांगीराबाद लौटते समय सहकारी नगर पुलिस चौकी के पास उनकी बाइक रोकी गई। कागजात दिखाने के बावजूद चौकी इंचार्ज और दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मी उन्हें चौकी ले गए, जहां उनसे जाति पूछी गई। पीड़ित राजकुमार का आरोप है कि जब उसने अपनी जाति दलित बताई, तो मौजूद पुलिस कर्मियों ने राजकुमार और उसके भाई छोटू के साथ जमकर मारपीट की। जब राजकुमार की गर्भवती पत्नी मुस्कान उन्हें बचाने आई, तो दरोगा ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसके पेट में ठोकर मार दी। इसके साथ ही, पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने प्रार्थी से कुछ कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और उसके भाई व पत्नी से एक वीडियो भी बनवाई, जिसमें उनसे यह कबूल करवाया गया कि गलती उन्हीं की थी। रात लगभग 09:30 बजे पुलिस ने राजकुमार को इस धमकी के साथ छोड़ा कि यदि कहीं शिकायत की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस के डर से पीड़ित राजकुमार अपने घर जहांगीराबाद न जाकर बुलंदशहर के कोठियात स्थित अपनी बुआ बबीता के घर चला गया। वहां से उसने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फैंटम पुलिस, राजकुमार और उसके परिवार को लेकर थाना कोतवाली देहात गई, जहां आरोप है कि पहले से मौजूद सहकारी नगर चौकी के पुलिस कर्मियों ने फैंटम पुलिस के साथ मिलकर पीड़ित पर 'फैसले' का दबाव बनाया। बुधवार को राजकुमार ने एसएसपी के समक्ष एक लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए मांग की कि उसका, उसके भाई छोटू और पत्नी मुस्कान का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, तथा मारपीट व डराने-धमकाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया है।
बुलंदशहर में जहांगीराबाद के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी एक युवक ने सहकारी नगर चौकी पुलिस और फैंटम पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित राजकुमार ने बताया कि देरशाम अपनी गर्भवती पत्नी मुस्कान को बुलंदशहर के अस्पताल से दवाई दिलाकर भाई के साथ बाइक से जहांगीराबाद लौटते समय सहकारी नगर पुलिस चौकी के पास उनकी बाइक रोकी गई। कागजात दिखाने के बावजूद चौकी इंचार्ज और दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मी उन्हें चौकी ले गए, जहां उनसे जाति पूछी गई। पीड़ित राजकुमार का आरोप है कि जब उसने अपनी जाति दलित बताई, तो मौजूद पुलिस कर्मियों ने राजकुमार और उसके भाई छोटू के साथ जमकर मारपीट
की। जब राजकुमार की गर्भवती पत्नी मुस्कान उन्हें बचाने आई, तो दरोगा ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसके पेट में ठोकर मार दी। इसके साथ ही, पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने प्रार्थी से कुछ कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और उसके भाई व पत्नी से एक वीडियो भी बनवाई, जिसमें उनसे यह कबूल करवाया गया कि गलती उन्हीं की थी। रात लगभग 09:30 बजे पुलिस ने राजकुमार को इस धमकी के साथ छोड़ा कि यदि कहीं शिकायत की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस के डर से पीड़ित राजकुमार अपने घर जहांगीराबाद न जाकर बुलंदशहर के कोठियात स्थित अपनी बुआ बबीता के घर चला गया। वहां से
उसने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फैंटम पुलिस, राजकुमार और उसके परिवार को लेकर थाना कोतवाली देहात गई, जहां आरोप है कि पहले से मौजूद सहकारी नगर चौकी के पुलिस कर्मियों ने फैंटम पुलिस के साथ मिलकर पीड़ित पर 'फैसले' का दबाव बनाया। बुधवार को राजकुमार ने एसएसपी के समक्ष एक लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए मांग की कि उसका, उसके भाई छोटू और पत्नी मुस्कान का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, तथा मारपीट व डराने-धमकाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया है।
- जनपद बुलंदशहर के सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के चोला थाना इलाके में 20 अप्रैल, 2026 को एक असहाय महिला गांव चोला के मंदिर के समीप घूमती हुई दिखाई दी। राहगीरों ने इसकी सूचना समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर को दी। मौके पर पहुंचकर अनिल सोलंकी ने पाया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अपना सही पता भी नहीं बता पा रही थी, उसने केवल अपना नाम राजुल निशा निवासी जगदीशपुर बताया। समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर ने तुरंत अपना घर आश्रम शुक्रताल मुजफ्फरनगर को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद आश्रम की टीम ने चोला थाना पुलिस और अनिल सोलंकी की मदद से महिला को गाड़ी में बिठाकर मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर भेज दिया। मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर पहुंचने पर संस्था की इंचार्ज बबीता ने बताया कि महिला का पहले समुचित इलाज कराया गया। इसके उपरांत, लगभग दो महीने तक महिला के परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई, जिसके परिणामस्वरूप 9 जून, 2026, मंगलवार को राजुल निशा की पहचान वैशाली गाजियाबाद की निवासी के रूप में हुई। इसके बाद, महिला के परिवारजनों को सूचित करके बुलाया गया और उसे उनके सुपुर्द कर दिया गया। सुपुर्दगी के समय अनिल सोलंकी को फोन के माध्यम से इस बात की जानकारी दी गई, जिस पर परिवारजनों ने उनका हार्दिक शुक्रिया अदा किया। यह उल्लेखनीय है कि अनिल सोलंकी दाउदपुर पहले भी चोला थाना क्षेत्र के अन्य गांवों से कुछ महिलाओं और बच्चों को चोला पुलिस की सहायता से मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर तक पहुंचाने जैसे नेक कार्य कर चुके हैं, जहां से उनकी पहचान कर उन्हें उनके घर तक पहुंचाया जाता है। इस बार भी, अनिल सोलंकी दाउदपुर ने मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर की मदद से एक असहाय महिला को उसके परिवार से दोबारा मिलवाने का सराहनीय कार्य किया है।1
- बुलंदशहर में जहांगीराबाद के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी एक युवक ने सहकारी नगर चौकी पुलिस और फैंटम पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित राजकुमार ने बताया कि देरशाम अपनी गर्भवती पत्नी मुस्कान को बुलंदशहर के अस्पताल से दवाई दिलाकर भाई के साथ बाइक से जहांगीराबाद लौटते समय सहकारी नगर पुलिस चौकी के पास उनकी बाइक रोकी गई। कागजात दिखाने के बावजूद चौकी इंचार्ज और दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मी उन्हें चौकी ले गए, जहां उनसे जाति पूछी गई। पीड़ित राजकुमार का आरोप है कि जब उसने अपनी जाति दलित बताई, तो मौजूद पुलिस कर्मियों ने राजकुमार और उसके भाई छोटू के साथ जमकर मारपीट की। जब राजकुमार की गर्भवती पत्नी मुस्कान उन्हें बचाने आई, तो दरोगा ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसके पेट में ठोकर मार दी। इसके साथ ही, पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने प्रार्थी से कुछ कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और उसके भाई व पत्नी से एक वीडियो भी बनवाई, जिसमें उनसे यह कबूल करवाया गया कि गलती उन्हीं की थी। रात लगभग 09:30 बजे पुलिस ने राजकुमार को इस धमकी के साथ छोड़ा कि यदि कहीं शिकायत की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस के डर से पीड़ित राजकुमार अपने घर जहांगीराबाद न जाकर बुलंदशहर के कोठियात स्थित अपनी बुआ बबीता के घर चला गया। वहां से उसने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फैंटम पुलिस, राजकुमार और उसके परिवार को लेकर थाना कोतवाली देहात गई, जहां आरोप है कि पहले से मौजूद सहकारी नगर चौकी के पुलिस कर्मियों ने फैंटम पुलिस के साथ मिलकर पीड़ित पर 'फैसले' का दबाव बनाया। बुधवार को राजकुमार ने एसएसपी के समक्ष एक लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए मांग की कि उसका, उसके भाई छोटू और पत्नी मुस्कान का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, तथा मारपीट व डराने-धमकाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया है।3
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित औद्योगिक क्षेत्र की सरकारी कॉलोनी में एक घर में गैस सिलेंडर में आग लगने से भीषण अग्निकांड हो गया। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जहां घर में रह रहे लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए भागकर खुद को सुरक्षित किया। हालांकि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं, लेकिन इस हादसे के बाद परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आग की सूचना मिलते ही फायरफाइटर्स मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड के जवानों ने आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में परिवार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।4
- औरंगाबाद में एक मकान में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते घर का सारा सामान जलकर राख में तब्दील हो गया। आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन लग रहा था। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यह भीषण आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इस घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।4
- खुर्जा क्षेत्र में भीषण गर्मी और 42 डिग्री से ऊपर पहुँच चुके पारे के बीच श्री सूरजमल जटिया राजकीय चिकित्सालय (SSMJ Hospital) खुद ही बदहाल स्थिति में है। अस्पताल की ओपीडी में लगा सेंट्रल एसी पिछले कई दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को गर्मी से बुरा हाल है। सेंट्रल एसी के साथ-साथ, अस्पताल के विभिन्न वार्डों में लगे पंखे भी खराब पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, ओपीडी में लगा मुख्य आरओ प्लांट भी तकनीकी खराबी के कारण बंद है, जिससे मरीजों को पीने के साफ पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉक्टर दिनेश कुमार ने इन अव्यवस्थाओं पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों अस्पताल परिसर में ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से वोल्टेज में आए उतार-चढ़ाव के कारण सेंट्रल एसी की मोटर जल गई थी। चूंकि यह एसी वारंटी या गारंटी की अवधि में नहीं है, इसलिए कंपनी से इसका रिप्लेसमेंट नहीं मिल सका है। मोटर को ठीक कराने के लिए दिल्ली और मेरठ के विशेषज्ञों से भी संपर्क किया गया है, और नई मोटर उपलब्ध होते ही सेंट्रल एसी को तत्काल चालू करवा दिया जाएगा। वार्डों में बंद पड़े पंखों के संबंध में सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुविधा के लिए ये पंखे 24 घंटे लगातार चलते हैं, और बिजली के बार-बार फ्लक्चुएशन के कारण कुछ पंखे खराब हो गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि 3 से 4 पंखे बंद होने का मामला उनके संज्ञान में है और स्टाफ को जल्द से जल्द उनके स्थान पर नए पंखे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी के आरओ प्लांट के बंद होने पर उन्होंने बताया कि अत्यधिक पानी की खपत या बिजली के किसी फाल्ट के कारण ही हाल ही में यह समस्या आई है, जिसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा। डॉ. दिनेश कुमार ने यह भी जानकारी दी कि गर्मी जनित बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। जनरल और मेडिसिन वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं, इसलिए अस्पताल के पास उपलब्ध ट्रॉमा और इमरजेंसी वार्डों के खाली बिस्तरों का उपयोग कर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के बिना वापस न लौटना पड़े।4
- हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने 'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं' वाले बयान पर बढ़ते विवाद के बाद देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस बयान को लेकर दिन भर सरकारी अस्पतालों में हंगामा चलता रहा। इस बयान के विरोध में हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन ने बुधवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक फिर से स्ट्राइक करने की घोषणा की थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने तब भी माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया, तो गुरुवार को पूरे दिन की स्ट्राइक की जाएगी। शाम तक माफी नहीं मांगने पर अड़ी रेणु भाटिया ने विवाद बढ़ता देख रात दस बजे अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजा, जिसमें उन्होंने अपने लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा और ईमानदारी से अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग के पद पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने इस कार्यकाल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। रेणु भाटिया ने अपने इस्तीफे में यह भी आश्वस्त किया कि वह महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव लड़ती रहेंगी और भविष्य में भी किसी पद पर नियुक्त होने पर पूरी निष्ठा व ईमानदारी से उसका निर्वाह करेंगी।1
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव बंचावली में एसडीएम सिकंदराबाद दीपक कुमार पाल ने एक गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी के मौसम में गौवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 122 गाय मौजूद मिलीं, और केयरटेकर भी मौके पर उपस्थित था। एसडीएम ने गौशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने गायों को छांव में रखने और उन्हें समय पर चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला के उचित रखरखाव के लिए भी आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी बीमार पशु के लिए तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाया जाए, और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक सरकारी कॉलोनी में गैस सिलेंडर में आग लगने से एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के तुरंत बाद घर में मौजूद सभी लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, जिसके चलते परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहे। हालांकि, इस दुखद घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। आग की सूचना मिलने पर तुरंत फायर फाइटर्स मौके पर पहुँचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड के कारण परिवार को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।4