Shuru
Apke Nagar Ki App…
श्योपुर शहर में आयोजित मेले के दौरान एक महिला के साथ मंगलसूत्र चोरी की घटना सामने आई है। पंडोला निवासी पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह 13 जून को मेला घूमने गई थी। इसी बीच, कुछ महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाते हुए उसे धक्का दिया और उसके गले से मंगलसूत्र काटकर मौके से फरार हो गईं।
Irsad News
श्योपुर शहर में आयोजित मेले के दौरान एक महिला के साथ मंगलसूत्र चोरी की घटना सामने आई है। पंडोला निवासी पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह 13 जून को मेला घूमने गई थी। इसी बीच, कुछ महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाते हुए उसे धक्का दिया और उसके गले से मंगलसूत्र काटकर मौके से फरार हो गईं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- चौथकाबरवाड़ा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भगवतगढ़ के पास एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक ट्रक नीचे गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मोर्य ने उपस्थित लोगों को उनके विभिन्न विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। न्यायिक मजिस्ट्रेट मोर्य ने विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित प्रतिकर योजना सहित अन्य पीड़ित प्रतिकर स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें राहत पहुंचाना है। उन्होंने आमजन से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लोगों को न्याय तक आसान पहुंच और विधिक सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर पैनल एडवोकेट लोकेश कुमार सीठा और एडवोकेट जसपाल गुर्जर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।1
- सवाई माधोपुर में राजीविका के तहत स्वयं सहायता समूह गठित करने वाली आरसीआरपी (RCRP) महिलाओं ने बकाया मानदेय नहीं मिलने पर जिला परिषद कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। ये महिलाएँ अपनी वर्षों की लंबित मजदूरी का भुगतान तुरंत किए जाने की मांग कर रही थीं। उनका कहना है कि 1 जनवरी, 2024 से 15 जून, 2026 तक का उनका मानदेय अभी भी बकाया है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आरसीआरपी महिलाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब महिलाओं का सर्वेक्षण करके उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ती हैं, जिसके लिए राजीविका द्वारा उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से ₹700 का मानदेय दिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि इस बकाया मानदेय के लिए उन्होंने ब्लॉक स्तर पर सभी स्टाफ और डीपीएम से कई बार शिकायत की, लेकिन उनके द्वारा बकाया वेतन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत बाधित हो रहा है, और वे अपने बाल-बच्चों को छोड़कर दूरदराज जाकर समूह बनाती हैं, फिर भी उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। आक्रोशित महिलाएँ जब अपनी मांग लेकर जिला परिषद कार्यालय पहुँचीं तो उन्होंने डीपीएम को खरी खोटी सुनाई। इसी दौरान राजीविका के प्रबंधक वित्त (मैनेजर फाइनेंस) दिनेश सोनी और संबंधित अधिकारियों ने महिलाओं पर 'फर्जी' होने का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी और पुलिस को बुला लिया। इस दौरान क्लस्टर मैनेजर को भी गिरफ्तार करने की बात कही गई। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुँचकर महिलाओं को समझाइश दी और वापस लौट गई। इस मामले की सूचना मिलने पर सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी अपना पल्ला झाड़ते हुए महिलाओं को जिला कलेक्टर के पास जाने को कहा। महिलाओं का कहना है कि जहाँ एक ओर महिलाओं के सम्मान की बात होती है, वहीं दूसरी ओर अपने वाजिब मजदूरी और मानदेय की मांग करने पर पुलिस बुलाना न्यायसंगत नहीं है। अब यह देखना बाकी है कि इन आरसीआरपी महिलाओं को राजीविका के माध्यम से उनका बकाया मानदेय कब तक मिलेगा।1
- आज सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल द्वारा कन्या भोज और चुनरी वितरण का एक विशेष आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर, सभी कन्याओं को अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ भोजन कराया गया और उन्हें चुनरी भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। आयोजकों ने इस पुण्य कार्य के पीछे की भारतीय सांस्कृतिक मान्यता को रेखांकित किया, जिसके अनुसार कन्याओं को साक्षात माता शक्ति का स्वरूप माना जाता है। इसी कारण उनका सम्मान और सेवा करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह भी बताया गया कि सोमवती अमावस्या का दिन दान, सेवा और अन्य पुण्य कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस आयोजन के माध्यम से माँ भगवती से यह प्रार्थना की गई कि वे सभी कन्याओं पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली प्रदान करें। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) ने इस बात पर जोर दिया कि 'सेवा, सम्मान और मानवता' ही उनका सबसे बड़ा धर्म है, और इसी भावना के साथ यह पूरा कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।1
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सीताबाड़ी में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार सुबह 8 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में आयोजित एक दिवसीय मेले में राजस्थान सहित मध्यप्रदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। इन श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंडों में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में इंतजार किया। इस मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ विभिन्न दुकानों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने भी सभी का आकर्षण बढ़ाया। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप सीताबाड़ी एक बार फिर आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनी रही।1
- टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा एवं सीमा में स्थित सुरेली रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 5:30 बजे एक प्रेमी युगल ट्रेन के आगे आ गया, जिससे मौके पर ही दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद शव कई जगह बिखर गए, जिन्हें समेटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को चौथ का बरवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहाँ उनका पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी हरीमन ने बताया कि मृतकों की पहचान टोंक जिले के सुरजा भेरू निवासी 25 वर्षीय मनचेता पुत्री रूपनारायण गुर्जर और 26 वर्षीय विमल गुर्जर पुत्र रामनिवास गुर्जर के रूप में हुई है। ट्रेन से कटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके से शवों को कब्जे में लिया और परिजनों की सहायता से दोनों के शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौथ का बरवाड़ा की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाए गए हैं। प्राथमिक जाँच में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, और यह भी सामने आया है कि दोनों पहले से शादीशुदा थे। पुलिस इस मामले को लेकर दोनों पक्षों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।2
- सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया। किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- टोंक जिले के सुरेली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक युवक और युवती की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बनेठा थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चौथ का बरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बनेठा क्षेत्र के सूरज्या भैरू गांव निवासी विमल और मंचिता के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि युवक और युवती रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आगे आ गए थे, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है।1