जहरीला पदार्थ खाने से महिला की मौत, इलाज के दौरान छतरपुर जिला अस्पताल में तोड़ा दम। टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के करोला गांव निवासी 36 वर्षीय महिला मनीषा पति दामोदर विश्वकर्मा ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए नौगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर अभय सिंह ने महिला की जांच के बाद हालत गंभीर बताई और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान आज 31 जुलाई शाम करीब 6:00 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। महिला के शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है।कल पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन किन कारणों से किया, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है।
जहरीला पदार्थ खाने से महिला की मौत, इलाज के दौरान छतरपुर जिला अस्पताल में तोड़ा दम। टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के करोला गांव निवासी 36 वर्षीय महिला मनीषा पति दामोदर विश्वकर्मा ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए नौगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर अभय सिंह ने महिला की जांच के बाद हालत गंभीर बताई और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान आज 31 जुलाई शाम करीब 6:00 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। महिला के शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है।कल पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन किन कारणों से किया, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है।
- नौगांव नगर पालिका के सीएमओ आर.एस. अवस्थी कलेक्ट्रेट अटैच, जांच पूरी होने तक बसंत चतुर्वेदी संभालेंगे प्रभार नौगांव नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आर.एस. अवस्थी को कर्मचारियों से जुड़े मामले की जांच पूरी होने तक अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी के आदेश पर छतरपुर कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया गया है ।1
- विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।4
- डकैती के 05 अभियुक्तों को 07-07 वर्ष सश्रम कारावास व 〒10,000-₹10,000 अर्थदण्ड, जबकि टॉप-10 शातिर अपराधी बिन्डोला उर्फ बिन्दादीन को एक अन्य प्रकरण में 02 वर्ष के कारावास व ₹1000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया * जनपद महोबा में आज दिनांक 31.07.2026 को पुलिस महानिदेशक महोदय के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक बेहतरीन कार्यवाही हुई है, जिसमें जनपद के चिन्हित टॉप-10 अपराधी बिन्डोला उर्फ बिन्दादीन, निवासी थाना खन्ना जनपद महोबा, तथा उसके 04 साथियों को डकैती के मुकदमे में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपये का अर्थदण्ड तथा बिन्डोला को मा० न्यायालय की अवहेलना के क्रम में 174ए सीआरपीसी के तहत दर्ज मुकदमे में 02 वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। * यह शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध महोबा, बांदा, हमीरपुर व छतरपुर में लगभग तीन दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं। वर्ष 2015 में इसके द्वारा मुकदमों से बचने के लिए एक व्यक्ति की हत्या कर उसके शव को अपना शव दर्शाये जाने के उद्देश्य से साक्ष्य छोड़ कर लापता हो गया था। पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए आज सश्रम कारावास हुआ है तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। *📌उक्त के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक महोबा श्री शशांक सिंह द्वारा दी गई बाइट व अन्य विवरण।*1
- टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो से एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की नीयत से किसान मुकेश कुशवाहा का अपहरण कर उन्हें दो दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। परिजनों का कहना है कि डायल-112 की मदद से किसान को मुक्त कराया गया, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान की पत्नी राजाबाई ने न्याय की मांग करते हुए गंभीर चेतावनी दी है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला और सुनिए पीड़ित परिवार का पक्ष। नोट: इस वीडियो में बताए गए आरोप पीड़ित परिवार के दावों पर आधारित हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो से एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की नीयत से किसान मुकेश कुशवाहा का अपहरण कर उन्हें दो दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। परिजनों का कहना है कि डायल-112 की मदद से किसान को मुक्त कराया गया, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान की पत्नी राजाबाई ने न्याय की मांग करते हुए गंभीर चेतावनी दी है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला और सुनिए पीड़ित परिवार का पक्ष। नोट: इस वीडियो में बताए गए आरोप पीड़ित परिवार के दावों पर आधारित हैं।1