सुलतानपुर जिले में कटका से मायंग जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ राहगीरों के लिए एक गंभीर खतरा बन गए हैं। शंकरगढ़ बाजार से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे कई बड़े पेड़ खतरनाक तरीके से सड़क की ओर झुके हुए हैं, जिससे कभी भी एक बड़ा हादसा होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान ये पेड़ गिर सकते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। क्षेत्र के अधिवक्ता आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि वे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं और उन्होंने कई बार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने भी वीडियो जारी कर संबंधित विभाग को चेताने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित वन विभाग से तत्काल सर्वे कराकर सड़क किनारे खड़े इन खतरनाक और जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।
सुलतानपुर जिले में कटका से मायंग जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ राहगीरों के लिए एक गंभीर खतरा बन गए हैं। शंकरगढ़ बाजार से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे कई बड़े पेड़ खतरनाक तरीके से सड़क की ओर झुके हुए हैं, जिससे कभी भी एक बड़ा हादसा होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा
या बारिश के दौरान ये पेड़ गिर सकते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। क्षेत्र के अधिवक्ता आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि वे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं और उन्होंने कई बार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों
ने भी वीडियो जारी कर संबंधित विभाग को चेताने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित वन विभाग से तत्काल सर्वे कराकर सड़क किनारे खड़े इन खतरनाक और जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।
- सुलतानपुर जिले में कटका से मायंग जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ राहगीरों के लिए एक गंभीर खतरा बन गए हैं। शंकरगढ़ बाजार से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे कई बड़े पेड़ खतरनाक तरीके से सड़क की ओर झुके हुए हैं, जिससे कभी भी एक बड़ा हादसा होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान ये पेड़ गिर सकते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। क्षेत्र के अधिवक्ता आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि वे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं और उन्होंने कई बार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने भी वीडियो जारी कर संबंधित विभाग को चेताने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित वन विभाग से तत्काल सर्वे कराकर सड़क किनारे खड़े इन खतरनाक और जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।3
- लोगों से अयोध्याधाम जाकर प्रभु श्रीराम जी के दर्शन करने का आह्वान किया गया है। यह तीर्थ स्थल एक ऐसा अलौकिक, दिव्य और नव्य अनुभव करा रहा है, जो श्रद्धालुओं को एक नया एहसास देता है।1
- अरविंद केजरीवाल ने एक बयान में चंदा चोरी को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चंदा चोरी एक 'महापाप' है। केजरीवाल ने आगे यह भी कहा कि जो लोग इस तरह के कृत्यों को अंजाम देते हैं, वे 'राक्षस' प्रवृत्ति के हैं।1
- Post by Vikas kumar1
- अयोध्या जिले की रामनगरी में स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवत दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार के बीच एक हृदयस्पर्शी दृश्य सामने आया। इस कतार में एक भक्त के कंधे पर बैठे एक नन्हे बालक ने अपने बगल में खड़े एक अन्य श्रद्धालु द्वारा प्रसाद खोलते ही उसे चुपके-चुपके चख लिया। इस मनमोहक क्षण को देखकर यह कथन एक बार फिर सत्य साबित हो गया कि "ना जाने किस भेष में नारायण मिल जाए"। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी दिखा।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट पर श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि "राम मंदिर में चोरी नहीं, महाडकैती हुई है" और कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाया गया दान सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित हो जाएं तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए, और उन्होंने भाजपा पर इस मामले को दबाने का आरोप भी लगाया। दूसरी ओर, भाजपा और संबंधित पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि इस वीडियो में व्यक्त आरोप और दावे अरविंद केजरीवाल के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; संबंधित पक्ष इन आरोपों से असहमत हैं और अपना पक्ष रख चुके हैं।1
- छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के उपलक्ष्य में, सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में आज सुबह 6:00 बजे एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राष्ट्र, समाज और भारतीय संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र शैक्षिक बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण ने इस दौरान महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा राष्ट्रनिर्माण केवल व्यक्तिगत स्वार्थ से संभव नहीं है। उनके अनुसार, 'मैं' के साथ-साथ भारत और भारतीयता के प्रति समर्पण का भाव भी अत्यंत आवश्यक है। नारायण ने समाज में फैली भ्रांतियों और विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए आत्मचिंतन, मंथन और सकारात्मक सोच पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को ऐसे एक लाख 'शिवाओं' की आवश्यकता है, जो 'गुरु दक्षिणा' के भाव से राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हों। इस संगोष्ठी में नगर संचालक सुदीप पाल सिंह, विभाग संघ चालक डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. रमाशंकर मिश्रा, विभाग प्रचारक श्री प्रकाश, प्रांत प्रचारक रमेश जी, सह प्रांत प्रचारक सुनील, सह क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर, नगर कार्यवाह रमेश उपाध्याय सहित विजय त्रिपाठी, मुरारी सिंह, रमेश सिंह, डॉ. आर.ए. वर्मा, डॉ. डी.एस. मिश्रा, शशिकांत पाण्डेय, एच.डी. राम, नवीन श्रीवास्तव, अजय गुप्ता, अजय सिंह, भोलनाथ अग्रवाल, श्रीभद्र सिंह, रूपेश सिंह जैसे कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं सैकड़ों स्वयंसेवकों तथा नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।3
- एक अत्यंत मुखर और भावनात्मक टिप्पणी में, मौजूदा स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है, जिसमें 'करोड़ों हिंदुओं का भरोसा चुराने' वाले 'चोरों' पर तीखा हमला किया गया है। यह टिप्पणी रामायण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताती है कि रावण ने तो 'सिर्फ माता जानकी का हरण किया था', लेकिन वर्तमान 'चोरों' का कृत्य उससे भी कहीं अधिक गंभीर है, जिन्होंने व्यापक स्तर पर हिंदुओं के विश्वास को पूरी तरह से भंग कर दिया है।1
- Post by Vikas kumar1