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शासन कोल माइस अमरोलीय माइस में कोयला,लोडिंग हो रहा ,जिला, सिंगरौली 🥀🥀 से दोस्तो शासन कोल माइस अमरोलीय माइस में कोयला लोडिंग हो रहा है एक साथ में दो दो गाड़ी आप देख रहे हैं,, बहुत, दस्त,हो रहा कोयला लोडिंग पर
सिंगरौली,
शासन कोल माइस अमरोलीय माइस में कोयला,लोडिंग हो रहा ,जिला, सिंगरौली 🥀🥀 से दोस्तो शासन कोल माइस अमरोलीय माइस में कोयला लोडिंग हो रहा है एक साथ में दो दो गाड़ी आप देख रहे हैं,, बहुत, दस्त,हो रहा कोयला लोडिंग पर
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- दोस्तो शासन कोल माइस अमरोलीय माइस में कोयला लोडिंग हो रहा है एक साथ में दो दो गाड़ी आप देख रहे हैं,, बहुत, दस्त,हो रहा कोयला लोडिंग पर1
- आईजी के सख्त निर्देशों के बावजूद कोरेक्स, गांजा, ब्राउन शुगर का खुलेआम कारोबार — ग्रामीणों ने लगाया संरक्षण का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग सिंगरौली। 28 मार्च 2026 जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर रीवा रेंज के आईजी द्वारा लगातार नशामुक्ति अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। क्षेत्र में कोरेक्स, हीरोइन, गांजा और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री खुलेआम जारी है। क्षेत्र में इस समय नशे के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि माड़ा, छतौली, धनहा सहित कई गांवों में नशे का जाल गहराई तक फैल चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नशे के सौदागर अब बेखौफ होकर दिन-दहाड़े अपना धंधा चला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे कई परिवारों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। अभिभावक अपने बच्चों को इस दलदल से निकालने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप? समाजसेवी संगठनों और ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप माड़ा थाना प्रभारी पर लगाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे अवैध कारोबार को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है — कभी कुछ पुड़िया बरामद कर प्रेस नोट जारी कर दिया जाता है, तो कभी अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर ली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े सौदागर और इस कारोबार के असली सरगना आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। चौराहों पर यह चर्चा आम है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है और बड़े लोगों तक हाथ नहीं पहुंचता। कार्रवाई की मांग हुई तेज। माड़ा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और क्षेत्र में विशेष टीम भेजकर सघन कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक बड़े स्तर पर सख्ती नहीं होगी, तब तक नशे के इस जाल को खत्म करना संभव नहीं है। सवालों के घेरे में व्यवस्था? माड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि समाज के भविष्य पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है, जबकि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर ठोस कार्रवाई करेगा? पुलिस विभाग अपने ही सिस्टम पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगा? या फिर नशे का यह काला कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा…?1
- जनपद सोनभद्र से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस पवित्र घाट पर रोज़ाना लोग आस्था के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की खुशहाली और संतानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी स्थान पर एक नवजात शिशु के लावारिस हालत में मिलने की खबर ने माहौल को शोक और आक्रोश में बदल दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। हर चेहरे पर हैरानी, हर आंख में सवाल और हर दिल में दर्द साफ देखा जा सकता था। लोग एक-दूसरे से यही पूछते नजर आए कि आखिर ऐसा कौन सा कारण रहा होगा, जिसने किसी को इस मासूम को इस हालत में छोड़ने पर मजबूर कर दिया। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। बताया जा रहा है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों को लेकर पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव जैसे कारण आज भी कई परिवारों को अमानवीय फैसले लेने पर मजबूर कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा और आधुनिकता के तमाम दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर बदलाव अभी अधूरा है।इसके अलावा, आर्थिक तंगी, सामाजिक बदनामी का डर और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। कई बार लोग समाज के डर से ऐसे कठोर कदम उठा लेते हैं, जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है। संबंधित विभागों और पुलिस टीम द्वारा जांच शुरू कर दी गई है और आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।यह घटना एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सच में आधुनिक समाज की ओर बढ़ रहे हैं, या अब भी पुरानी कुरीतियों के बोझ तले दबे हुए हैं। जरूरत है न सिर्फ कानून के सख्त पालन की, बल्कि समाज की सोच में बदलाव लाने की—ताकि कोई भी मासूम इस तरह बेबस और लावारिस न छोड़ा जाए।2
- सोनभद्र: रॉन्ग साइड ट्रक की टक्कर से 34 वर्षीय युवक की मौत, पत्नी-बेटा घायल सोनभद्र जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरमुरा और परासपानी के बीच रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने एक परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने सामने से आ रही चारपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि 34 वर्षीय किशोर कुमार निवासी झुसी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी नीतू और मासूम पुत्र वैदिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे आर्यन दुबे और उनकी टीम ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत एवं बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल उपचार हेतु भेजवाया। सूचना मिलते ही 112 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसी घातक लापरवाही को उजागर करता है। ऐसी असावधानी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि निर्दोष लोगों की जान के लिए भी सीधा खतरा बनती जा रही है। स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करते हुए नियमित जांच और जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल चोपन थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- सोनभद्र.... - वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसे के बाद मची अफरा-तफरी - ट्रक और कार की आमने-सामने की टक्कर में एक की मौत - रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने कार को मारी जोरदार टक्कर - 38 वर्षीय कार चालक किशोर कुमार की मौके पर मौत - कार सवार पत्नी नितू देवी और 3 साल का मासूम बेटा घायल - घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुरू किया रेस्कीयू - जेसीबी से कार काटकर निकाले गए सवार - घायलों को चोपन अस्पताल में कराया गया भर्ती - हादसे के बाद फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस - बताया जा रहा है कि परिवार अंबिकापुर की ओर जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया - चोपन थाना क्षेत्र के चोरपनिया गांव के पास हादसा।2
- समुद्र एंजॉय करने के लिए गए थे1
- जनपद सोनभद्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पवित्र घाट पर लोग सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी घाट पर एक नवजात शिशु का इस हालत में मिलना मानवता पर गहरा धब्बा बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हर किसी की आंखों में सवाल और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। आखिर वह कौन सी मजबूरी या निर्दयता थी, जिसने एक मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने पर मजबूर कर दिया? यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच पर गहरा प्रहार है। आधुनिकता और विकास के दावों के बीच आज भी कई जगहों पर बेटियों को लेकर पुरानी कुरीतियाँ जीवित हैं। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव आज भी कई परिवारों को ऐसे अमानवीय कदम उठाने के लिए विवश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद बेटियों को ‘बोझ’ समझने की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई मामलों में आर्थिक तंगी, सामाजिक भय और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। हेडिंग1
- प्रकरण–2:* इसी क्रम में दिनांक 28.03.2026 को रात्रि लगभग 11:15 बजे लोढ़ी टोल प्लाजा के पास उपखनिज से लदे वाहन संख्या UP64BT2221 की चेकिंग के दौरान वाहन ओवरलोड पाया गया। वाहन स्वामी *विनोद कुमार सिंह* द्वारा स्कॉर्पियो वाहन (UP64AS2100) से मौके पर आकर खनन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। उक्त प्रकरण में थाना रॉबर्ट्सगंज पर मु0अ0सं0 239/2026 धारा 121(1), 352 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर वाहन स्वामी विनोद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन (UP64AS2100) को भी सीज किया गया है। *गिरफ्तार अभियुक्त:* * विनोद कुमार सिंह (वाहन स्वामी) पुत्र कमला प्रसाद सिंह निवासी ग्राम बहुआर थाना रॉबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र उम्र लगभग 38 वर्ष। *गिरफ्तारी/बरामदगी करने वाली पुलिस टीम:* 1. प्रभारी निरीक्षक रामस्वरुप वर्मा, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र 2. उ0नि0 दिनानाथ, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र 3. हे0का0 नन्दलाल, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र 4. हे0का0 जयराम राय, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र 5. का0 रमेश कुमार, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र 6. का0 रुपेश कुमार, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र *जनपद पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा अवैध खनन/ओवरलोडिंग में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी1