छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंगाल मॉनिटर (गोह) के अवैध शिकार के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी, जांजगीर-चांपा की टीम द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध क्रमांक 607/12, दिनांक 10 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से एक बंगाल मॉनिटर (गोह), फंदा, रस्सी और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया ताकि उन्हें विधि के अनुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सके। इसके बाद, न्यायालय ने सभी पांचों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 24.07.2026 तक के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अनुसार इस मामले की विवेचना अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अवैध शिकार, तस्करी या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीव अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंगाल मॉनिटर (गोह) के अवैध शिकार के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी, जांजगीर-चांपा की टीम द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध क्रमांक 607/12, दिनांक 10 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से एक बंगाल मॉनिटर (गोह), फंदा, रस्सी और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया ताकि उन्हें विधि के अनुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सके। इसके बाद, न्यायालय ने सभी पांचों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 24.07.2026 तक के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अनुसार इस मामले की विवेचना अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अवैध शिकार, तस्करी या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीव अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में अपोलो अस्पताल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस की ओर से अस्पताल पर एक मरीज की शिफ्टिंग में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। मरीज की शिफ्टिंग के दौरान हुई इसी लापरवाही के विरोध में कांग्रेस द्वारा यह हंगामा किया गया।1
- बिलासपुर में अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन पर एक मरीज की शिफ्टिंग के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- बिलासपुर में कॉलेज छात्र पीयूष गंगवानी से कथित लूट के मामले में पुलिस ने कथित बिल्डर नरेंद्र मोटवानी को गिरफ्तार कर लिया है। SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर पचपेड़ी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। अब पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही चार FIR दर्ज हैं। इसके अलावा, पुलिस के खिलाफ आरोपी का एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो भी पहले वायरल हो चुका है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अंतर्गत हरदीबाजार में खराब सड़क को लेकर किए गए आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिला है। इस आंदोलन के प्रभाव के बाद अनोखे तरीके से दूध से नहाकर सरकार को धन्यवाद दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा में स्कूल से लौट रहे छात्रों पर हमला हुआ है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1