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चितौरा के युवक की मौत, मोकामा में करंट की चपेट में आने से हुई है दुर्घटना , गांव में पसरा मातम शेखपुरा- जिले के चितौरा गांव निवासी नंदन सिंह उम्र 45 वर्ष की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक नंदन सिंह स्व. निवास सिंह के पुत्र बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि नंदन सिंह पटना जिले के मोकामा स्थित चिंतामनचक मोहल्ले में सीमेंट का गेडुआ बनाने का काम करते थे। इसी दौरान काम करते समय वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना नंदन सिंह के परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को उनके पैतृक गांव चितौरा लाया गया। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नंदन सिंह की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों के अनुसार, नंदन सिंह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

6 hrs ago
user_कुमार सुबिद
कुमार सुबिद
पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
6 hrs ago

चितौरा के युवक की मौत, मोकामा में करंट की चपेट में आने से हुई है दुर्घटना , गांव में पसरा मातम शेखपुरा- जिले के चितौरा गांव निवासी नंदन सिंह उम्र 45 वर्ष की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक नंदन सिंह स्व. निवास सिंह के पुत्र बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि नंदन सिंह पटना जिले के मोकामा स्थित चिंतामनचक मोहल्ले में सीमेंट का गेडुआ बनाने का काम करते थे। इसी दौरान काम करते समय वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना नंदन सिंह के परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को उनके पैतृक गांव चितौरा लाया गया। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नंदन सिंह की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों के अनुसार, नंदन सिंह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

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  • करोड़ों का नाला भी नहीं सुलझा सका गुरुदेव टोला का जलजमाव, वर्षों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण मोकामा: मोकामा के गुरुदेव टोला में वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से बुडको द्वारा नाले का निर्माण कराया गया, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हालत यह है कि सड़कें और कई घर पानी से घिरे हुए हैं। लगातार जलभराव के कारण अब बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में कई परिवारों ने अपने घर से बाहर निकलने के लिए हजारों रुपये खर्च कर बांस का अस्थायी पुल बना लिया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं हर दिन जान जोखिम में डालकर इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर दो-दो फीट तक पानी जमा है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन और विरोध किया गया। लोगों ने सड़क पर जमा पानी में धान की रोपनी कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश भी की, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच गुरुदेव टोला के लोग आज भी जलजमाव और बदहाल व्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
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    करोड़ों का नाला भी नहीं सुलझा सका गुरुदेव टोला का जलजमाव, वर्षों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण
मोकामा: मोकामा के गुरुदेव टोला में वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से बुडको द्वारा नाले का निर्माण कराया गया, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हालत यह है कि सड़कें और कई घर पानी से घिरे हुए हैं। लगातार जलभराव के कारण अब बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में कई परिवारों ने अपने घर से बाहर निकलने के लिए हजारों रुपये खर्च कर बांस का अस्थायी पुल बना लिया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं हर दिन जान जोखिम में डालकर इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर दो-दो फीट तक पानी जमा है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन और विरोध किया गया। लोगों ने सड़क पर जमा पानी में धान की रोपनी कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश भी की, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच गुरुदेव टोला के लोग आज भी जलजमाव और बदहाल व्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
    user_Swaraj Bharat Live
    Swaraj Bharat Live
    Local News Reporter मोकामा, पटना, बिहार•
    6 hrs ago
  • लखीसराय । जिला निबंधन कार्यालय के समीप पेपरलेस प्रणाली लागू करने को लेकर जताया विरोध लखीसराय।जिला निबंधन कार्यालय में जमीन रजिस्ट्री में बिहार सरकार द्वारा डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली लागू करने के विरोध कातिब और स्टाम्प भेंडर ने बीते 3 अगस्त से निबंधन कार्य ठप कर दिया है। काफी संख्या में कातिब और स्टाम्प भेंडरो ने जिला निबंधन कार्यालय के समीप खड़ा होकर विरोध जताते हुए सरकार से जल्द डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली को खत्म करने का मांग किया है। नहीं तो निबंधन कार्य बाधित रखने और आंदोलन की चेतावनी दिया है।कातिब और स्टाम्प भेंडर बताते हैं कि सरकार के इस फैसले से कातिब और स्टाम्प भेंडर भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। पेपरलेस व्यवस्था से उनकी कमीशन और स्टाम्प ब्रिक्री की कमाई बंद हो जाएगी। जिससे इस काम से जूड़े परिवारों के बीच आर्थिक तंगी आ जाएगा। इसलिए कातिब और स्टाम्प भेंडर सरकार से जब तक कोई दूसरा रोजगार न मिले, पुरानी व्यवस्था जारी रखने का मांग किया है। बताते चलें कि निबंधन बंद रहने से सरकार को राजस्व को क्षति हो रही है।
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    लखीसराय । जिला निबंधन कार्यालय के समीप पेपरलेस प्रणाली लागू करने को लेकर जताया विरोध
लखीसराय।जिला निबंधन कार्यालय में जमीन रजिस्ट्री में बिहार सरकार द्वारा डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली लागू करने के विरोध कातिब और स्टाम्प भेंडर ने बीते 3 अगस्त से निबंधन कार्य ठप कर दिया है। काफी संख्या में कातिब और स्टाम्प भेंडरो ने जिला निबंधन कार्यालय के समीप खड़ा होकर विरोध जताते हुए सरकार से जल्द डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली को खत्म करने का मांग किया है। नहीं तो निबंधन कार्य बाधित रखने और आंदोलन की चेतावनी दिया है।कातिब और स्टाम्प भेंडर बताते हैं कि सरकार के इस फैसले से कातिब और स्टाम्प भेंडर भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। पेपरलेस व्यवस्था से उनकी कमीशन और स्टाम्प ब्रिक्री की कमाई बंद हो जाएगी। जिससे इस काम से जूड़े परिवारों के बीच आर्थिक तंगी आ जाएगा। इसलिए कातिब और स्टाम्प भेंडर सरकार से जब तक कोई दूसरा रोजगार न मिले, पुरानी व्यवस्था जारी रखने का मांग किया है। बताते चलें कि निबंधन बंद रहने से सरकार को राजस्व को क्षति हो रही है।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    14 hrs ago
  • prasant kishor
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    prasant kishor
    user_Prasant kishor ki sena
    Prasant kishor ki sena
    Local Politician Mokameh, Patna•
    22 hrs ago
  • देशभर में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर आवाज़ बुलंद हो रही है। "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत 8 अगस्त को प्रयागराज में एक बड़े कार्यक्रम का आह्वान किया गया है। जारी अपील में आरोप लगाया गया है कि मौजूदा व्यवस्था ने छात्रों की समस्याओं की अनदेखी की है और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हुआ है। अभियान से जुड़े लोगों ने छात्रों और युवाओं से 8 अगस्त को प्रयागराज पहुँचकर अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की है। अभियान का कहना है कि उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की मांग करना है, जहाँ युवाओं को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा मिल सके। इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर #ChhatronKiGoonj अभियान भी चलाया जा रहा है।
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    देशभर में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर आवाज़ बुलंद हो रही है। "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत 8 अगस्त को प्रयागराज में एक बड़े कार्यक्रम का आह्वान किया गया है।
जारी अपील में आरोप लगाया गया है कि मौजूदा व्यवस्था ने छात्रों की समस्याओं की अनदेखी की है और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हुआ है। अभियान से जुड़े लोगों ने छात्रों और युवाओं से 8 अगस्त को प्रयागराज पहुँचकर अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की है।
अभियान का कहना है कि उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की मांग करना है, जहाँ युवाओं को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा मिल सके। इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर #ChhatronKiGoonj अभियान भी चलाया जा रहा है।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    6 hrs ago
  • चाइनीज बुद्धिस्ट टेंपल में बौद्ध गुरु डॉ. पैया लिंकारा की चौथी पुण्यतिथि पर उमड़ा अंतरराष्ट्रीय श्रद्धा का सैलाब नालंदा मोड़ स्थित चाइनीज बुद्धिस्ट टेंपल में बौद्ध गुरु डॉ. पैया लिंकारा की चौथी पुण्यतिथि श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। भारत सहित म्यांमार, फ्रांस, जापान, कंबोडिया, वियतनाम, लाओस, थाईलैंड और भूटान से आए बौद्ध भिक्षुओं व श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सामूहिक मंत्रोच्चार, मौन श्रद्धांजलि और शांति प्रार्थना का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने डॉ. पैया लिंकारा के बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार, समाजसेवा, गरीबों की सहायता तथा खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में दिए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
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    चाइनीज बुद्धिस्ट टेंपल में बौद्ध गुरु डॉ. पैया लिंकारा की चौथी पुण्यतिथि पर उमड़ा अंतरराष्ट्रीय श्रद्धा का सैलाब
नालंदा मोड़ स्थित चाइनीज बुद्धिस्ट टेंपल में बौद्ध गुरु डॉ. पैया लिंकारा की चौथी पुण्यतिथि श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। भारत सहित म्यांमार, फ्रांस, जापान, कंबोडिया, वियतनाम, लाओस, थाईलैंड और भूटान से आए बौद्ध भिक्षुओं व श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सामूहिक मंत्रोच्चार, मौन श्रद्धांजलि और शांति प्रार्थना का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने डॉ. पैया लिंकारा के बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार, समाजसेवा, गरीबों की सहायता तथा खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में दिए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
    user_Sanjay Kumar
    Sanjay Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    6 hrs ago
  • शटडाउन में भी बिजली चालू! करंट की चपेट में आया मिस्त्री, बड़ी लापरवाही ने टाली मौत शेखपुरा- जिले के उकसी गांव में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। सियानी फीडर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए विधिवत शटडाउन लेने के बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। ट्रांसफार्मर पर काम कर रहे बिजली मिस्त्री अनिल महतो अचानक करंट की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े। गनीमत रही कि हादसा जानलेवा साबित नहीं हुआ और उनकी जान बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार, उकसी गांव में ट्रांसफार्मर का बसबार जल गया था। इसकी मरम्मत के लिए गुरुवार की सुबह सियानी फीडर से शटडाउन लिया गया था। बिजली आपूर्ति बंद होने की पुष्टि के बाद मिस्त्री अनिल महतो ट्रांसफार्मर पर चढ़कर मरम्मत कार्य में जुट गए। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। ट्रांसफार्मर के दोनों बुश में तार जुड़े होने के कारण मिस्त्री करंट की चपेट में आ गए और तेज झटका लगने से नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घायल मिस्त्री को उठाकर इलाज के लिए चेवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। घटना की सूचना मिलने पर करंडे थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायल मिस्त्री से घटना की जानकारी ली। अनिल महतो ने सियानी फीडर में कार्यरत एसबीओ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब मरम्मत कार्य के लिए बाकायदा शटडाउन लिया गया था, तब बिजली आपूर्ति बहाल करने से पहले संबंधित कर्मियों को सूचना देना जरूरी था। बिना किसी पूर्व सूचना के लाइन चालू कर देना बिजली मिस्त्री की जान के साथ खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लाइन पर शटडाउन लिया गया था तो फिर बिजली आपूर्ति अचानक कैसे बहाल हुई? क्या शटडाउन की सूचना और प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया? यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। घटना ने बिजली विभाग की शटडाउन व्यवस्था, आपसी समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली मिस्त्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है, ऐसे में लाइन चालू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। अनिल महतो ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि बिजली विभाग घटना को गंभीरता से लेते हुए शटडाउन प्रक्रिया की समीक्षा करे, ताकि भविष्य में किसी बिजली कर्मी की जान खतरे में न पड़े।
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    शटडाउन में भी बिजली चालू! करंट की चपेट में आया मिस्त्री, बड़ी लापरवाही ने टाली मौत
शेखपुरा-  जिले के उकसी गांव में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। सियानी फीडर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए विधिवत शटडाउन लेने के बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। ट्रांसफार्मर पर काम कर रहे बिजली मिस्त्री अनिल महतो अचानक करंट की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े। गनीमत रही कि हादसा जानलेवा साबित नहीं हुआ और उनकी जान बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार, उकसी गांव में ट्रांसफार्मर का बसबार जल गया था। इसकी मरम्मत के लिए गुरुवार की सुबह सियानी फीडर से शटडाउन लिया गया था। बिजली आपूर्ति बंद होने की पुष्टि के बाद मिस्त्री अनिल महतो ट्रांसफार्मर पर चढ़कर मरम्मत कार्य में जुट गए। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। ट्रांसफार्मर के दोनों बुश में तार जुड़े होने के कारण मिस्त्री करंट की चपेट में आ गए और तेज झटका लगने से नीचे गिर पड़े।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घायल मिस्त्री को उठाकर इलाज के लिए चेवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। घटना की सूचना मिलने पर करंडे थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायल मिस्त्री से घटना की जानकारी ली। अनिल महतो ने सियानी फीडर में कार्यरत एसबीओ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब मरम्मत कार्य के लिए बाकायदा शटडाउन लिया गया था, तब बिजली आपूर्ति बहाल करने से पहले संबंधित कर्मियों को सूचना देना जरूरी था। बिना किसी पूर्व सूचना के लाइन चालू कर देना बिजली मिस्त्री की जान के साथ खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लाइन पर शटडाउन लिया गया था तो फिर बिजली आपूर्ति अचानक कैसे बहाल हुई? क्या शटडाउन की सूचना और प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया? यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। घटना ने बिजली विभाग की शटडाउन व्यवस्था, आपसी समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली मिस्त्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है, ऐसे में लाइन चालू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। अनिल महतो ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि बिजली विभाग घटना को गंभीरता से लेते हुए शटडाउन प्रक्रिया की समीक्षा करे, ताकि भविष्य में किसी बिजली कर्मी की जान खतरे में न पड़े।
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    10 hrs ago
  • prasant Kishor
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    prasant Kishor
    user_Prasant kishor ki sena
    Prasant kishor ki sena
    Local Politician Mokameh, Patna•
    22 hrs ago
  • 72 घंटे में दीपनगर डकैती कांड का खुलासा, चार अपराधी गिरफ्तार।
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    72 घंटे में दीपनगर डकैती कांड का खुलासा, चार अपराधी गिरफ्तार।
    user_VN News Bihar
    VN News Bihar
    Bihar Sharif, Nalanda•
    5 hrs ago
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