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Prasant kishor ki sena
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More news from Patna and nearby areas
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- पंडारक प्रखंड मैं दो पंचायत में सहयोग शिविर लगाया गया जिसमें गोवाशा शेखपुरा के मुखिया प्रतिनिधि के साथ अधिकारी भी सजग थे लोगों की समस्या को बारीकी से सुन रहे थे और उनके आवेदन को कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया पंडारक प्रखंड मैं दो पंचायत में सहयोग शिविर लगाया गया जिसमें गोवाशा शेखपुरा के मुखिया प्रतिनिधि के साथ अधिकारी भी सजग थे लोगों की समस्या को बारीकी से सुन रहे थे और उनके आवेदन को कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया1
- बेगूसराय एक निजी स्कूलों में तरुण तरण नाटक समिति. कार्यक्रम आयोजित समाजसेवक दिलीप सिंह और खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए.. स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने संस्कृत कार्यक्रम आयोजित.4
- चितौरा के युवक की मौत, मोकामा में करंट की चपेट में आने से हुई है दुर्घटना , गांव में पसरा मातम शेखपुरा- जिले के चितौरा गांव निवासी नंदन सिंह उम्र 45 वर्ष की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक नंदन सिंह स्व. निवास सिंह के पुत्र बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि नंदन सिंह पटना जिले के मोकामा स्थित चिंतामनचक मोहल्ले में सीमेंट का गेडुआ बनाने का काम करते थे। इसी दौरान काम करते समय वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना नंदन सिंह के परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को उनके पैतृक गांव चितौरा लाया गया। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नंदन सिंह की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों के अनुसार, नंदन सिंह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।1
- करोड़ों का नाला भी नहीं सुलझा सका गुरुदेव टोला का जलजमाव, वर्षों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण मोकामा: मोकामा के गुरुदेव टोला में वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से बुडको द्वारा नाले का निर्माण कराया गया, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हालत यह है कि सड़कें और कई घर पानी से घिरे हुए हैं। लगातार जलभराव के कारण अब बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में कई परिवारों ने अपने घर से बाहर निकलने के लिए हजारों रुपये खर्च कर बांस का अस्थायी पुल बना लिया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं हर दिन जान जोखिम में डालकर इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर दो-दो फीट तक पानी जमा है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन और विरोध किया गया। लोगों ने सड़क पर जमा पानी में धान की रोपनी कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश भी की, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच गुरुदेव टोला के लोग आज भी जलजमाव और बदहाल व्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।1
- 200 मीटर बिजली का तार चोरी, विभाग बेखबर; खुद कनेक्शन जोड़ने गए 42 वर्षीय नंदन सिंह की करंट से मौत 200 मीटर बिजली का तार चोरी, विभाग बेखबर; खुद कनेक्शन जोड़ने गए 42 वर्षीय नंदन सिंह की करंट से मौत मोकामा (पटना): मोकामा थाना क्षेत्र के चिंतामणि चक में गुरुवार को बिजली का कनेक्शन जोड़ने के दौरान करंट लगने से 42 वर्षीय नंदन सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक नंदन सिंह मूल रूप से चितौरा गांव, थाना मेहुस, जिला शेखपुरा के निवासी थे। वे वर्तमान में मोकामा के चिंतामणि चक स्थित एक किराये के मकान में रहकर सीमेंट का सोखता (सोख्ता गड्ढा) बनाने का काम करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, चिंतामणि चक इलाके से करीब 200 मीटर बिजली का तार चोरी हो गया था। आरोप है कि तार चोरी होने के बाद भी बिजली विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी या समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण उपभोक्ता मजबूरी में स्वयं बिजली का कनेक्शन जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान नंदन सिंह करंट की चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने उन्हें उठाकर मोकामा के नजारथ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगह बिजली के तार खुले, ढीले और लटकते हुए हैं, लेकिन बिजली विभाग समय रहते उनकी मरम्मत नहीं करता। लोगों का आरोप है कि यदि चोरी हुए तार को समय पर बदला जाता और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रहती, तो नंदन सिंह की जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर मोकामा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।1