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लातेहार जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त (डीसी) ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएँ लेकर इस कार्यक्रम में पहुँचे थे। कार्यक्रम के दौरान, उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसमें मुख्य रूप से जमीन, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, मनरेगा और स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। शिकायतें सुनने के बाद, उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतकर्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को निपटाए गए मामलों की रिपोर्ट नियमित रूप से कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को उसका हक मिले।

10 hrs ago
user_Shamsher Alam
Shamsher Alam
Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
10 hrs ago

लातेहार जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त (डीसी) ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएँ लेकर इस कार्यक्रम में पहुँचे थे। कार्यक्रम के दौरान, उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसमें मुख्य रूप से जमीन, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, मनरेगा और स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। शिकायतें सुनने के बाद, उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतकर्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को निपटाए गए मामलों की रिपोर्ट नियमित रूप से कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को उसका हक मिले।

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  • लातेहार जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त (डीसी) ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएँ लेकर इस कार्यक्रम में पहुँचे थे। कार्यक्रम के दौरान, उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसमें मुख्य रूप से जमीन, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, मनरेगा और स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। शिकायतें सुनने के बाद, उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतकर्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को निपटाए गए मामलों की रिपोर्ट नियमित रूप से कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को उसका हक मिले।
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    लातेहार जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त (डीसी) ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएँ लेकर इस कार्यक्रम में पहुँचे थे।

कार्यक्रम के दौरान, उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसमें मुख्य रूप से जमीन, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, मनरेगा और स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें शामिल थीं।

शिकायतें सुनने के बाद, उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतकर्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को निपटाए गए मामलों की रिपोर्ट नियमित रूप से कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

उपायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को उसका हक मिले।
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    10 hrs ago
  • लातेहार जिले में इस साल जून माह में पिछले वर्ष की तुलना में केवल 30 फीसदी वर्षा हुई है, जिससे किसान अत्यधिक चिंतित हैं। बारिश की कमी के कारण अभी तक जिले में धान, अरहर और मूंग जैसी फसलों की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने बुवाई के लिए कर्ज लेकर बिछड़ा आदि तो ले लिया है, लेकिन मौसम और मॉनसून की मौजूदा स्थिति को लेकर वे काफी परेशानी में हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई, तो उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और खेती-बाड़ी संभव नहीं हो पाएगी, जिससे खाने के लिए भी संकट पैदा हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि कृषि के लिए यहां कोई विशेष व्यवस्था नहीं है और वे पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर हैं। वहीं, जिला कृषि विभाग ने बताया है कि इस वर्ष 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण पिछले साल की अपेक्षा कम वर्षा होने का अनुमान मौसम विभाग ने पहले ही जता दिया था। इसे देखते हुए विभाग द्वारा वैकल्पिक तैयारियाँ की जा रही हैं, साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे ऐसी फसलों की बुवाई करें, जिन्हें कम वर्षा की आवश्यकता होती है, ताकि उन्हें कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।
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    लातेहार जिले में इस साल जून माह में पिछले वर्ष की तुलना में केवल 30 फीसदी वर्षा हुई है, जिससे किसान अत्यधिक चिंतित हैं। बारिश की कमी के कारण अभी तक जिले में धान, अरहर और मूंग जैसी फसलों की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है।

किसानों ने बुवाई के लिए कर्ज लेकर बिछड़ा आदि तो ले लिया है, लेकिन मौसम और मॉनसून की मौजूदा स्थिति को लेकर वे काफी परेशानी में हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई, तो उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और खेती-बाड़ी संभव नहीं हो पाएगी, जिससे खाने के लिए भी संकट पैदा हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि कृषि के लिए यहां कोई विशेष व्यवस्था नहीं है और वे पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर हैं।

वहीं, जिला कृषि विभाग ने बताया है कि इस वर्ष 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण पिछले साल की अपेक्षा कम वर्षा होने का अनुमान मौसम विभाग ने पहले ही जता दिया था। इसे देखते हुए विभाग द्वारा वैकल्पिक तैयारियाँ की जा रही हैं, साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे ऐसी फसलों की बुवाई करें, जिन्हें कम वर्षा की आवश्यकता होती है, ताकि उन्हें कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।
    user_Manish
    Manish
    लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सांसद कालीचरण सिंह और सांसद प्रतिनिधि दीपक जी के सराहनीय प्रयासों के परिणामस्वरूप आज से लोगों के सर के ऊपर से गुजर रहे 'मौत का तार' को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए वर्षों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद इसे करवाया नहीं जा सका था। हालाँकि, सांसद महोदय और दीपक जी ने मात्र एक महीने के भीतर इस महत्वपूर्ण काम को संभव कर दिखाया है। इस उपलब्धि के लिए दोनों का दिल से धन्यवाद किया गया है, और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसद महोदय ने अपना वादा निभाया है।
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    सांसद कालीचरण सिंह और सांसद प्रतिनिधि दीपक जी के सराहनीय प्रयासों के परिणामस्वरूप आज से लोगों के सर के ऊपर से गुजर रहे 'मौत का तार' को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए वर्षों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद इसे करवाया नहीं जा सका था। हालाँकि, सांसद महोदय और दीपक जी ने मात्र एक महीने के भीतर इस महत्वपूर्ण काम को संभव कर दिखाया है। इस उपलब्धि के लिए दोनों का दिल से धन्यवाद किया गया है, और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसद महोदय ने अपना वादा निभाया है।
    user_Gulam asgar
    Gulam asgar
    Electronic Store बरवाडीह, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
  • चंदवा, 07 जुलाई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, टोरी-चंदवा एनएच-99 (नया 22) पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजना को रद्द किए जाने से चतरा लोकसभा क्षेत्र के लाखों लोगों में गहरी निराशा है। इसी संबंध में, कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखा है और सोशल मीडिया एक्स पर भी उन्हें टैग करते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार कर परियोजना को बहाल करने का आग्रह किया है। अयुब खान ने सोमवार को चंदवा उपडाकघर से भेजे अपने पत्र में बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 29 जून 2026 को मंत्रालय की समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के 10 राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिसमें टोरी-चंदवा का ROB भी शामिल है। परियोजना रद्द करने का मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण में देरी को बताया गया है। उन्होंने पत्र में यह भी याद दिलाया कि इस ROB का ऑनलाइन शिलान्यास खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 03 अप्रैल 2021 को किया था, जिसके बाद इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, बजट भी आवंटित किया गया था, काम का प्रारंभिक चरण भी पूरा हो गया था, और इसका नया प्राक्कलन भी तैयार किया गया था। पत्र में अयुब खान ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग की वर्तमान स्थिति को 'देश का सबसे व्यस्त और पीड़ादायक क्रॉसिंग' करार दिया। उन्होंने बताया कि यहां से कोयला मालगाड़ियों का अनवरत परिचालन होता है, जिसके कारण फाटक घंटों बंद रहता है और सिर्फ 5 मिनट के लिए खुलता है। एनएच-99 चंदवा को अस्पताल, थाना, प्रखंड और शहर से जोड़ता है, और इस रूट पर एक साथ 3-4 मालगाड़ियां भी चलती हैं। इस भीषण जाम के चलते एम्बुलेंस में मरीजों की मौत होने, प्रसव पीड़ित महिलाओं की डिलीवरी फाटक पर ही हो जाने और स्कूल व दफ्तर जाने वालों के साथ-साथ मरीजों के घंटों फंसे रहने की खबरें आम हैं, जिससे जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। कई लोग तो ट्रेन की चपेट में आने से जान भी गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अगले दो-तीन सालों में फ्लाईओवर बन जाने से पलामू प्रमंडल के 7-8 जिलों और चतरा लोकसभा के लाखों लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन परियोजना रद्द होने की खबर ने उन्हें भारी मायूसी दी है। जनहित को देखते हुए, अयुब खान ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि टोरी-चंदवा एनएच-99 पर ROB परियोजना को रद्द करने के निर्देश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह ROB उनके लिए केवल एक पुल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक 'जीवन-रेखा' है।
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    चंदवा, 07 जुलाई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, टोरी-चंदवा एनएच-99 (नया 22) पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजना को रद्द किए जाने से चतरा लोकसभा क्षेत्र के लाखों लोगों में गहरी निराशा है। इसी संबंध में, कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखा है और सोशल मीडिया एक्स पर भी उन्हें टैग करते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार कर परियोजना को बहाल करने का आग्रह किया है।

अयुब खान ने सोमवार को चंदवा उपडाकघर से भेजे अपने पत्र में बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 29 जून 2026 को मंत्रालय की समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के 10 राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिसमें टोरी-चंदवा का ROB भी शामिल है। परियोजना रद्द करने का मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण में देरी को बताया गया है। उन्होंने पत्र में यह भी याद दिलाया कि इस ROB का ऑनलाइन शिलान्यास खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 03 अप्रैल 2021 को किया था, जिसके बाद इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, बजट भी आवंटित किया गया था, काम का प्रारंभिक चरण भी पूरा हो गया था, और इसका नया प्राक्कलन भी तैयार किया गया था।

पत्र में अयुब खान ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग की वर्तमान स्थिति को 'देश का सबसे व्यस्त और पीड़ादायक क्रॉसिंग' करार दिया। उन्होंने बताया कि यहां से कोयला मालगाड़ियों का अनवरत परिचालन होता है, जिसके कारण फाटक घंटों बंद रहता है और सिर्फ 5 मिनट के लिए खुलता है। एनएच-99 चंदवा को अस्पताल, थाना, प्रखंड और शहर से जोड़ता है, और इस रूट पर एक साथ 3-4 मालगाड़ियां भी चलती हैं। इस भीषण जाम के चलते एम्बुलेंस में मरीजों की मौत होने, प्रसव पीड़ित महिलाओं की डिलीवरी फाटक पर ही हो जाने और स्कूल व दफ्तर जाने वालों के साथ-साथ मरीजों के घंटों फंसे रहने की खबरें आम हैं, जिससे जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। कई लोग तो ट्रेन की चपेट में आने से जान भी गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अगले दो-तीन सालों में फ्लाईओवर बन जाने से पलामू प्रमंडल के 7-8 जिलों और चतरा लोकसभा के लाखों लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन परियोजना रद्द होने की खबर ने उन्हें भारी मायूसी दी है।

जनहित को देखते हुए, अयुब खान ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि टोरी-चंदवा एनएच-99 पर ROB परियोजना को रद्द करने के निर्देश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह ROB उनके लिए केवल एक पुल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक 'जीवन-रेखा' है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार से आई खबर के अनुसार, डॉ. इरफ़ान अंसारी से एक फौजी परिवार के दर्द को समझने की मार्मिक अपील की गई है। इस अपील में स्पष्ट किया गया है कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक और उनके परिवार न्याय व सम्मान के हकदार हैं। उम्मीद जताई गई है कि डॉ. इरफ़ान अंसारी इस फौजी परिवार की पीड़ा को गंभीरता से सुनेंगे और समझेंगे।
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    झारखंड के लातेहार से आई खबर के अनुसार, डॉ. इरफ़ान अंसारी से एक फौजी परिवार के दर्द को समझने की मार्मिक अपील की गई है। इस अपील में स्पष्ट किया गया है कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक और उनके परिवार न्याय व सम्मान के हकदार हैं। उम्मीद जताई गई है कि डॉ. इरफ़ान अंसारी इस फौजी परिवार की पीड़ा को गंभीरता से सुनेंगे और समझेंगे।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    22 hrs ago
  • पलामू जिले के सतबरवा स्थित मुरमा मलय डैम की नहर के चैन संख्या-18 (सतवहीनी के पास) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को ब्रह्म स्थान, सतबरवा में आयोजित एक प्रेस वार्ता में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर नहर की स्थायी मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो हजारों किसान एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा, पांकी विधायक के सतबरवा प्रतिनिधि अजय उरांव, संजय यादव, राजा सिंह और मुखिया ब्रह्मदेव सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि नहर दिसंबर 2025 में टूटी थी, जिसके बाद से लगातार पानी की बर्बादी हो रही है। इस समस्या से अवगत कराने के लिए 18 दिसंबर 2025 को तत्कालीन उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग स्थायी मरम्मत करने के बजाय पाइप लगाकर पानी छोड़ने जैसी अस्थायी व्यवस्था करने की तैयारी में है, जो किसी भी समय विफल हो सकती है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से पूरे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। किसानों के अनुसार, मलय डैम से सतबरवा, मेदिनीनगर सदर और लेस्लीगंज प्रखंड के कुल 105 गांवों की लगभग 1.55 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। यदि एक सप्ताह में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो तीनों प्रखंडों के हजारों किसान मिलकर डीसी कार्यालय, पलामू का घेराव करेंगे।
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    पलामू जिले के सतबरवा स्थित मुरमा मलय डैम की नहर के चैन संख्या-18 (सतवहीनी के पास) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को ब्रह्म स्थान, सतबरवा में आयोजित एक प्रेस वार्ता में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर नहर की स्थायी मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो हजारों किसान एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।

समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा, पांकी विधायक के सतबरवा प्रतिनिधि अजय उरांव, संजय यादव, राजा सिंह और मुखिया ब्रह्मदेव सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि नहर दिसंबर 2025 में टूटी थी, जिसके बाद से लगातार पानी की बर्बादी हो रही है। इस समस्या से अवगत कराने के लिए 18 दिसंबर 2025 को तत्कालीन उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग स्थायी मरम्मत करने के बजाय पाइप लगाकर पानी छोड़ने जैसी अस्थायी व्यवस्था करने की तैयारी में है, जो किसी भी समय विफल हो सकती है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से पूरे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। किसानों के अनुसार, मलय डैम से सतबरवा, मेदिनीनगर सदर और लेस्लीगंज प्रखंड के कुल 105 गांवों की लगभग 1.55 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। यदि एक सप्ताह में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो तीनों प्रखंडों के हजारों किसान मिलकर डीसी कार्यालय, पलामू का घेराव करेंगे।
    user_अपडेट पलामू न्यूज़
    अपडेट पलामू न्यूज़
    Press advisory Medininagar(Daltonganj), Palamu•
    14 hrs ago
  • पलामू में मलय डैम की चैन संख्या-18 (सतवहीनी) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में गहरा आक्रोश है। मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा और अन्य ग्रामीणों ने पलामू सांसद पर किसानों को झूठे वादे कर गुमराह करने और उनके साथ छल करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पलामू सांसद ने किसानों से छलावा किया है। प्रेस वार्ता के दौरान, ग्रामीणों ने बताया कि मई 2026 के अंतिम सप्ताह में हुई दिशा (DISHA) की बैठक में नहर की मरम्मत के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति/टेंडर की बात कही गई थी। हालांकि, जब इस संबंध में उपायुक्त से जानकारी ली गई, तो उन्होंने ऐसी किसी भी प्रक्रिया से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने इस स्थिति को किसानों के साथ किया गया 'बड़ा छल' बताया। इस 'छलावा' के मद्देनजर, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो हजारों किसान उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर गुड़ु सिंह, गणेश शुक्ला, रामेश्वर चौधरी, प्रदीप उपाध्यक्ष, महेश साव, हारून रसीद, श्रीनिवास चौधरी और प्रमोद यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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    पलामू में मलय डैम की चैन संख्या-18 (सतवहीनी) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में गहरा आक्रोश है। मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा और अन्य ग्रामीणों ने पलामू सांसद पर किसानों को झूठे वादे कर गुमराह करने और उनके साथ छल करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पलामू सांसद ने किसानों से छलावा किया है।

प्रेस वार्ता के दौरान, ग्रामीणों ने बताया कि मई 2026 के अंतिम सप्ताह में हुई दिशा (DISHA) की बैठक में नहर की मरम्मत के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति/टेंडर की बात कही गई थी। हालांकि, जब इस संबंध में उपायुक्त से जानकारी ली गई, तो उन्होंने ऐसी किसी भी प्रक्रिया से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने इस स्थिति को किसानों के साथ किया गया 'बड़ा छल' बताया।

इस 'छलावा' के मद्देनजर, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो हजारों किसान उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर गुड़ु सिंह, गणेश शुक्ला, रामेश्वर चौधरी, प्रदीप उपाध्यक्ष, महेश साव, हारून रसीद, श्रीनिवास चौधरी और प्रमोद यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
    user_अपडेट पलामू न्यूज़
    अपडेट पलामू न्यूज़
    Press advisory Medininagar(Daltonganj), Palamu•
    14 hrs ago
  • लातेहार के न्यू परिसदन के सामने तीनमुहान चौक से पाण्डेयपुरा तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहले भी सवाल उठाए थे, लेकिन निरीक्षण के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। अब इस सड़क पर लगाए गए शिलापट्ट में कथित बदलाव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिलापट्ट पर पहले से अंकित जानकारी पर लीपापोती कर केवल सड़क निर्माण का उल्लेख छोड़ा गया है, जबकि उद्घाटन करने वाले अतिथि का नाम भी मिटा दिया गया है। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि संवेदक अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा है। सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव, नगर उपाध्यक्ष संतोष रंजन और नगर अध्यक्ष महेश सिंह ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद 13 जून 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण भी किया था, लेकिन लगभग 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई जांच रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। राहगीरों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद उसकी परत उखड़ने लगी है और कई जगहों पर गिट्टियां साफ दिखाई दे रही हैं। उनका दावा है कि सड़क बने अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, फिर भी उसकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के किनारे मोरम डालने के बजाय मिट्टी भर दी गई, जिससे हल्की बारिश में भी पूरा मार्ग कीचड़मय हो जाता है और राहगीरों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की घोर अनदेखी और विभाग की उदासीनता पर सवाल उठाया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, शिलापट्ट में कथित बदलाव और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    लातेहार के न्यू परिसदन के सामने तीनमुहान चौक से पाण्डेयपुरा तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहले भी सवाल उठाए थे, लेकिन निरीक्षण के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

अब इस सड़क पर लगाए गए शिलापट्ट में कथित बदलाव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिलापट्ट पर पहले से अंकित जानकारी पर लीपापोती कर केवल सड़क निर्माण का उल्लेख छोड़ा गया है, जबकि उद्घाटन करने वाले अतिथि का नाम भी मिटा दिया गया है। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि संवेदक अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा है।

सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव, नगर उपाध्यक्ष संतोष रंजन और नगर अध्यक्ष महेश सिंह ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद 13 जून 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण भी किया था, लेकिन लगभग 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई जांच रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है।

राहगीरों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद उसकी परत उखड़ने लगी है और कई जगहों पर गिट्टियां साफ दिखाई दे रही हैं। उनका दावा है कि सड़क बने अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, फिर भी उसकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के किनारे मोरम डालने के बजाय मिट्टी भर दी गई, जिससे हल्की बारिश में भी पूरा मार्ग कीचड़मय हो जाता है और राहगीरों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की घोर अनदेखी और विभाग की उदासीनता पर सवाल उठाया है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, शिलापट्ट में कथित बदलाव और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    16 hrs ago
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