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सांसद कालीचरण सिंह और सांसद प्रतिनिधि दीपक जी के सराहनीय प्रयासों के परिणामस्वरूप आज से लोगों के सर के ऊपर से गुजर रहे 'मौत का तार' को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए वर्षों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद इसे करवाया नहीं जा सका था। हालाँकि, सांसद महोदय और दीपक जी ने मात्र एक महीने के भीतर इस महत्वपूर्ण काम को संभव कर दिखाया है। इस उपलब्धि के लिए दोनों का दिल से धन्यवाद किया गया है, और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसद महोदय ने अपना वादा निभाया है।
Gulam asgar
सांसद कालीचरण सिंह और सांसद प्रतिनिधि दीपक जी के सराहनीय प्रयासों के परिणामस्वरूप आज से लोगों के सर के ऊपर से गुजर रहे 'मौत का तार' को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए वर्षों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद इसे करवाया नहीं जा सका था। हालाँकि, सांसद महोदय और दीपक जी ने मात्र एक महीने के भीतर इस महत्वपूर्ण काम को संभव कर दिखाया है। इस उपलब्धि के लिए दोनों का दिल से धन्यवाद किया गया है, और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसद महोदय ने अपना वादा निभाया है।
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- सांसद कालीचरण सिंह और सांसद प्रतिनिधि दीपक जी के सराहनीय प्रयासों के परिणामस्वरूप आज से लोगों के सर के ऊपर से गुजर रहे 'मौत का तार' को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए वर्षों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद इसे करवाया नहीं जा सका था। हालाँकि, सांसद महोदय और दीपक जी ने मात्र एक महीने के भीतर इस महत्वपूर्ण काम को संभव कर दिखाया है। इस उपलब्धि के लिए दोनों का दिल से धन्यवाद किया गया है, और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसद महोदय ने अपना वादा निभाया है।1
- लातेहार जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त (डीसी) ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएँ लेकर इस कार्यक्रम में पहुँचे थे। कार्यक्रम के दौरान, उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसमें मुख्य रूप से जमीन, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, मनरेगा और स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। शिकायतें सुनने के बाद, उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतकर्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को निपटाए गए मामलों की रिपोर्ट नियमित रूप से कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को उसका हक मिले।1
- पलामू जिले के सतबरवा स्थित मुरमा मलय डैम की नहर के चैन संख्या-18 (सतवहीनी के पास) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को ब्रह्म स्थान, सतबरवा में आयोजित एक प्रेस वार्ता में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर नहर की स्थायी मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो हजारों किसान एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा, पांकी विधायक के सतबरवा प्रतिनिधि अजय उरांव, संजय यादव, राजा सिंह और मुखिया ब्रह्मदेव सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि नहर दिसंबर 2025 में टूटी थी, जिसके बाद से लगातार पानी की बर्बादी हो रही है। इस समस्या से अवगत कराने के लिए 18 दिसंबर 2025 को तत्कालीन उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग स्थायी मरम्मत करने के बजाय पाइप लगाकर पानी छोड़ने जैसी अस्थायी व्यवस्था करने की तैयारी में है, जो किसी भी समय विफल हो सकती है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से पूरे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। किसानों के अनुसार, मलय डैम से सतबरवा, मेदिनीनगर सदर और लेस्लीगंज प्रखंड के कुल 105 गांवों की लगभग 1.55 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। यदि एक सप्ताह में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो तीनों प्रखंडों के हजारों किसान मिलकर डीसी कार्यालय, पलामू का घेराव करेंगे।1
- लातेहार और पलामू क्षेत्र में बेखौफ बालू माफिया दिनदहाड़े अवैध बालू की ढुलाई कर रहे हैं, जिस पर प्रशासन पूरी तरह मौन है। ये लोग प्राकृतिक संसाधनों का खुलेआम दोहन कर पर्यावरण और कानून दोनों से खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका गंभीर खामियाजा आम जनता और आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। इसलिए, लातेहार प्रशासन से तत्काल प्रभाव से अवैध बालू खनन और ढुलाई पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- ग्राम पंचायत रबदा का एक लड़का ग्राम पंचायत लोहड़ा में अपनी प्रेमिका के साथ पकड़ा गया। इस घटना के बाद उन दोनों की शादी करा दी गई। इस पूरे मामले में लोहड़ा ग्राम पंचायत के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, लोहड़ा के लोगों का यह 'पेशा' है कि वे बेटी को जन्म देते हैं और फिर 'ले दे के' (किसी लेन-देन के बावजूद) उसकी शादी न करने का अख्तियार रखते हैं। आरोप है कि यह उनका एक स्थापित 'पेशा' बन गया है।1
- रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत में मुखिया रीमा देवी ने एक गरीब परिवार की बेटी की शादी के अवसर पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उन्होंने जरूरतमंद परिवार को चावल उपलब्ध कराकर शादी की तैयारियों में बड़ी राहत पहुँचाई। मुखिया प्रतिनिधि अजय कुमार गुप्ता ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे इस सहयोग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुखिया रीमा देवी पंचायत के लोगों की समस्याओं के प्रति हमेशा गंभीर रहती हैं और हर सुख-दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी रहती हैं। पंचायत निवासी रामाराम की पुत्री के विवाह की जानकारी मिलने पर, मुखिया रीमा देवी ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए चावल मुहैया कराया ताकि परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कुछ कम हो सके। गुप्ता ने आगे कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना मुखिया का नैतिक दायित्व है, और भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्य लगातार जारी रखे जाएंगे।1
- लातेहार जिले में इस साल जून माह में पिछले वर्ष की तुलना में केवल 30 फीसदी वर्षा हुई है, जिससे किसान अत्यधिक चिंतित हैं। बारिश की कमी के कारण अभी तक जिले में धान, अरहर और मूंग जैसी फसलों की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने बुवाई के लिए कर्ज लेकर बिछड़ा आदि तो ले लिया है, लेकिन मौसम और मॉनसून की मौजूदा स्थिति को लेकर वे काफी परेशानी में हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई, तो उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और खेती-बाड़ी संभव नहीं हो पाएगी, जिससे खाने के लिए भी संकट पैदा हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि कृषि के लिए यहां कोई विशेष व्यवस्था नहीं है और वे पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर हैं। वहीं, जिला कृषि विभाग ने बताया है कि इस वर्ष 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण पिछले साल की अपेक्षा कम वर्षा होने का अनुमान मौसम विभाग ने पहले ही जता दिया था। इसे देखते हुए विभाग द्वारा वैकल्पिक तैयारियाँ की जा रही हैं, साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे ऐसी फसलों की बुवाई करें, जिन्हें कम वर्षा की आवश्यकता होती है, ताकि उन्हें कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।1
- पलामू में मलय डैम की चैन संख्या-18 (सतवहीनी) की स्थायी मरम्मत न होने से किसानों में गहरा आक्रोश है। मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में समाजसेवी आशिष कुमार सिन्हा और अन्य ग्रामीणों ने पलामू सांसद पर किसानों को झूठे वादे कर गुमराह करने और उनके साथ छल करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पलामू सांसद ने किसानों से छलावा किया है। प्रेस वार्ता के दौरान, ग्रामीणों ने बताया कि मई 2026 के अंतिम सप्ताह में हुई दिशा (DISHA) की बैठक में नहर की मरम्मत के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति/टेंडर की बात कही गई थी। हालांकि, जब इस संबंध में उपायुक्त से जानकारी ली गई, तो उन्होंने ऐसी किसी भी प्रक्रिया से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने इस स्थिति को किसानों के साथ किया गया 'बड़ा छल' बताया। इस 'छलावा' के मद्देनजर, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो हजारों किसान उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर गुड़ु सिंह, गणेश शुक्ला, रामेश्वर चौधरी, प्रदीप उपाध्यक्ष, महेश साव, हारून रसीद, श्रीनिवास चौधरी और प्रमोद यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।2