आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। गांव की सामने आई तस्वीरों में जगह-जगह जलभराव और गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और दैनिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर पानी जमा रहता है। वहीं, जगह-जगह फैली गंदगी से सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तस्वीरें गांव की मौजूदा स्थिति को काफी हद तक सामने रखती हैं। अब सवाल यह है कि पिछले छह वर्षों में गांव के विकास के लिए कितना काम हुआ और धरातल पर उसका कितना असर दिखाई दे रहा है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव में जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। #azamgarh #UttarPradesh #NewsUpdate #vairalvideo
आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। गांव की सामने आई तस्वीरों में जगह-जगह जलभराव और गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और दैनिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर पानी जमा रहता है। वहीं, जगह-जगह फैली गंदगी से सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तस्वीरें गांव की मौजूदा स्थिति को काफी हद तक सामने रखती हैं। अब सवाल यह है कि पिछले छह वर्षों में गांव के विकास के लिए कितना काम हुआ और धरातल पर उसका कितना असर दिखाई दे रहा है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव में जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। #azamgarh #UttarPradesh #NewsUpdate #vairalvideo
- आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास आजमगढ़। ग्राम मस्जिदयां में पिछले छह वर्षों में हुए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। गांव की सामने आई तस्वीरों में जगह-जगह जलभराव और गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और दैनिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर पानी जमा रहता है। वहीं, जगह-जगह फैली गंदगी से सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तस्वीरें गांव की मौजूदा स्थिति को काफी हद तक सामने रखती हैं। अब सवाल यह है कि पिछले छह वर्षों में गांव के विकास के लिए कितना काम हुआ और धरातल पर उसका कितना असर दिखाई दे रहा है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव में जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। #azamgarh #UttarPradesh #NewsUpdate #vairalvideo1
- अम्बेडकरनगर - "हंसवर में गोलियों की तड़तड़ाहट, बदमाशों की पुलिस से सीधी भिड़ंत! दोनों के पैर में लगी गोली,दरोगा भी हुआ घायल, दोनों गिरफ्तार! #अंबेडकरनगर #हंसवर #पुलिसमुठभेड़ #एनकाउंटर #बदमाश #बदमाशगिरफ्तार #गोलीकांड #पुलिसकीजवाबीकार्रवाई #दरोगाघायल #मचा_हड़कंप #गोलियों_की_तड़तड़ाहट #बड़ी_कार्रवाई #BreakingNews #BigBreaking #UPPolice #AmbedkarNagar #CrimeNews #EncounterNews #ViralNews #UPNews #ताजा_खबर #बड़ी_खबर #खुलासा #पुलिस_एक्शन1
- आजमगढ़: मंगई नदी की बाढ़ से बैलाकोल और फिनिहिनी गांव बेहाल, ग्रामीण बोले—संकट में कौन लेगा सुध? आजमगढ़। मंगई नदी के बढ़े जलस्तर ने जिले के कई गांवों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र के जहानागंज ब्लॉक के बैलाकोल गांव और मेहनगर क्षेत्र के फिनिहिनी गांव में ग्रामीण बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। मेहनगर क्षेत्र के फिनिहिनी गांव में मंगई नदी का पानी प्रवेश करने से खेत जलमग्न हैं, संपर्क मार्ग डूब गए हैं और कई घरों व पशुशालाओं तक पानी पहुंचने की खबर है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि जब चुनाव आता है तो जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचकर जनता से वोट मांगते हैं, लेकिन जब वही जनता बाढ़ और जलभराव जैसी गंभीर समस्या से जूझती है तो उसकी सुध लेने के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधि क्षेत्र में नजर नहीं आते। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या जनता की समस्याएं सिर्फ चुनाव के समय याद आती हैं? बाढ़ से प्रभावित लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तथा तत्काल राहत एवं आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के संबंध में लगाए गए आरोप ग्रामीणों की प्रतिक्रिया के रूप में हैं; संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए। Devpuria Times | सच की खबर, सबसे पहले।1
- आजमगढ़ : आतंकी विचारधारा के प्रचार के आरोप में एटीएस ने नबील को दबोचा दीदारगंज क्षेत्र में कार्रवाई, गतिविधियों और संपर्कों की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां आजमगढ़। दीदारगंज थाना क्षेत्र में एटीएस ने आतंकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के आरोप में मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपित की गतिविधियों और उसके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं। पुलिस के अनुसार एटीएस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उसके स्तर से आतंकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़ी गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने एटीएस की कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- तीन बच्चों की मां प्रेमी संग फरार होने का आरोप, पति ने थाने में दी तहरीर दो लाख के जेवर और 10 हजार रुपये नकद ले जाने का आरोप, परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल बूढनपुर तहसील क्षेत्र अतरौलिया। थाना क्षेत्र के महादेवपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर तीन बच्चों को साथ लेकर प्रेमी संग फरार होने का आरोप लगाया है। पति का आरोप है कि महिला घर से जाते समय करीब दो लाख रुपये के जेवरात और 10 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। मामले में पुलिस को तहरीर देकर पत्नी और बच्चों की तलाश कराने तथा कार्रवाई की मांग की गई है। महादेवपुर गांव निवासी भोला शर्मा पुत्र दयाशंकर शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी शोभा शर्मा 11 सितंबर को तीनों बच्चों को साथ लेकर घर से भाग गई । पति का आरोप है कि महिला अपने साथ करीब दो लाख रुपये के जेवर और 10 हजार रुपये नकद भी ले गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला का किसी युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह उसी के साथ चली गई है। भोला शर्मा के पास तीन बच्चे हैं। इनमें 13 वर्षीय अभय, 10 वर्षीय आदित्य और सात वर्षीय बेटी शामिल हैं। पति का कहना है कि पत्नी के इस तरह घर से चले जाने के बाद बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, प्रेमी के साथ जाने और पुलिस की कार्यशैली से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पीड़ित ने पुलिस से पत्नी और बच्चों की तलाश कराने के साथ ही मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दुबे ने बताया की तहरीर मिल चुकी है पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है ।1
- विकास के नाम पर लाखों रुपए का बंटाधार रिजल्ट मिला अंधेरा। नगर पंचायत जहानागंज बाजार जहां पर विकास के नाम पर कार्य तो किए जा रहे पर गुणवत्ता के नाम पर जीरो जीरो जीरो ओ चाहे नाली निर्माण का कार्य हो या प्रकाश का तस्वीरों में आप देख सकते है।1
- Azamgarh कोटिला सिटीजन बेकरी में 22 वर्षीय युवक की मौत, पुलिस जांच में जुटी आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिला बाजार स्थित सिटीजन बेकरी में 22 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान इस्राफील पुत्र बालू, निवासी जनपद बहराइच के रूप में हुई है। युवक बेकरी में काम करता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- आजमगढ़ : हिंदी बोलने में कैसी शर्म, यही तो है अंतर्मन की आवाज डीएम रवींद्र कुमार बोले—मातृभाषा से पहचान, हिंदी को गर्व से अपनाएं आजमगढ़। हिंदी को लेकर झिझक छोड़िए, इसे गर्व से बोलिए। यह सिर्फ भाषा नहीं, अंतर्मन की आवाज और अपनी पहचान है। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को हरिऔध कला भवन में आयोजित साहित्यानुरागी के कार्यक्रम में डीएम रवींद्र कुमार ने नई पीढ़ी को यही संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिल की बात व्यक्ति अपनी मातृभाषा या स्थानीय बोली में सबसे सहजता से कहता है। दुनिया के तमाम देश अपनी मातृभाषा को सम्मान देकर अपनी पहचान मजबूत करते हैं, ऐसे में हिंदी बोलने में शर्म नहीं, गर्व होना चाहिए। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के बीच हिंदी कविता अंत्याक्षरी और विभिन्न बोलियों पर आधारित कविता-गीत प्रतियोगिता हुई। बच्चों ने अपनी प्रतिभा से समां बांधा। विजयी प्रतिभागियों को डीएम ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। साहित्यकार शेषनारायण त्रिपाठी ने भाषा, विभाषा और बोली के अंतर पर प्रकाश डाला। कमलेश कमल ने हिंदी के प्रचलित शब्दों की उत्पत्ति और सामाजिक प्रयोग की महत्ता बताई। संस्था अध्यक्ष डॉ. मनीषा मिश्रा ने कहा कि हिंदी को बच्चों के बीच केवल विषय नहीं, बल्कि अस्मिता के रूप में स्थापित करना संस्था का लक्ष्य है। संचालन डॉ. अंशू अस्थाना ने किया। संरक्षक डॉ. मालती मिश्रा ने आभार जताया।1