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फरेंदा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरेंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 30 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी फरेंदा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। बरामदगी के आधार पर थाना फरेंदा में मु0अ0सं0 299/2026, 300/2026 एवं 301/2026, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला रामकिशुन पुत्र शंकर, निवासी बड़की कटईया, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर, उम्र 54 वर्ष, जिसके पास से 10 लीटर कच्ची शराब मिली। दूसरा शंकरावती देवी पत्नी सूरज, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, जिसकी उम्र लगभग 52 वर्ष है, उससे भी 10 लीटर शराब बरामद हुई। तीसरा वीरेन्द्र पुत्र राजेन्द्र, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, उम्र 34 वर्ष, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीनबन्धु, उपनिरीक्षक शैलेश सिंह, उपनिरीक्षक मनीष कुमार राम, मुख्य आरक्षी हिमांशु राय, तेजप्रताप सिंह, आरक्षी धर्मपाल सिंह, पंकज यादव तथा महिला आरक्षी सीमा और प्रियंका शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

1 hr ago
user_Kartikey pandey
Kartikey pandey
Advertising agency महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

फरेंदा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरेंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 30 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी फरेंदा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। बरामदगी के आधार पर थाना फरेंदा में मु0अ0सं0 299/2026, 300/2026 एवं 301/2026, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला रामकिशुन पुत्र शंकर, निवासी बड़की कटईया, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर, उम्र 54 वर्ष, जिसके पास से 10 लीटर कच्ची शराब मिली। दूसरा शंकरावती देवी पत्नी सूरज, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, जिसकी उम्र लगभग 52 वर्ष है, उससे भी 10 लीटर शराब बरामद हुई। तीसरा वीरेन्द्र पुत्र राजेन्द्र, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, उम्र 34 वर्ष, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीनबन्धु, उपनिरीक्षक शैलेश सिंह, उपनिरीक्षक मनीष कुमार राम, मुख्य आरक्षी हिमांशु राय, तेजप्रताप सिंह, आरक्षी धर्मपाल सिंह, पंकज यादव तथा महिला आरक्षी सीमा और प्रियंका शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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  • डीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया प्रचार वाहन को रवाना । खेतों की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए पराली न जलाने की अपील । महराजगंज। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में पराली न जलाएं। इसके स्थान पर आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता घटने और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों के नष्ट होने का खतरा रहता है। इसका असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ता है। डीएम ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं और अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों का लाभ उठाकर पराली का उचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे खेतों की उर्वरता सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पराली जलाने की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए किसानों से सहयोग की अपील की गई है। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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    डीएम ने  हरी झंडी दिखाकर किया  प्रचार वाहन  को रवाना ।

खेतों की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए पराली न जलाने की अपील ।
महराजगंज। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा।
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में पराली न जलाएं। इसके स्थान पर आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता घटने और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों के नष्ट होने का खतरा रहता है। इसका असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ता है।
डीएम ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं और अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों का लाभ उठाकर पराली का उचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे खेतों की उर्वरता सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पराली जलाने की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए किसानों से सहयोग की अपील की गई है।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_गणेश पटेल
    गणेश पटेल
    Lawyer महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • फरेंदा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरेंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 30 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी फरेंदा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। बरामदगी के आधार पर थाना फरेंदा में मु0अ0सं0 299/2026, 300/2026 एवं 301/2026, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला रामकिशुन पुत्र शंकर, निवासी बड़की कटईया, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर, उम्र 54 वर्ष, जिसके पास से 10 लीटर कच्ची शराब मिली। दूसरा शंकरावती देवी पत्नी सूरज, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, जिसकी उम्र लगभग 52 वर्ष है, उससे भी 10 लीटर शराब बरामद हुई। तीसरा वीरेन्द्र पुत्र राजेन्द्र, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, उम्र 34 वर्ष, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीनबन्धु, उपनिरीक्षक शैलेश सिंह, उपनिरीक्षक मनीष कुमार राम, मुख्य आरक्षी हिमांशु राय, तेजप्रताप सिंह, आरक्षी धर्मपाल सिंह, पंकज यादव तथा महिला आरक्षी सीमा और प्रियंका शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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    फरेंदा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरेंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 30 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी फरेंदा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। बरामदगी के आधार पर थाना फरेंदा में मु0अ0सं0 299/2026, 300/2026 एवं 301/2026, धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला रामकिशुन पुत्र शंकर, निवासी बड़की कटईया, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर, उम्र 54 वर्ष, जिसके पास से 10 लीटर कच्ची शराब मिली। दूसरा शंकरावती देवी पत्नी सूरज, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, जिसकी उम्र लगभग 52 वर्ष है, उससे भी 10 लीटर शराब बरामद हुई। तीसरा वीरेन्द्र पुत्र राजेन्द्र, निवासी मथुरानगर, टोला भारी बैसी, थाना फरेंदा, उम्र 34 वर्ष, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब मिली।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीनबन्धु, उपनिरीक्षक शैलेश सिंह, उपनिरीक्षक मनीष कुमार राम, मुख्य आरक्षी हिमांशु राय, तेजप्रताप सिंह, आरक्षी धर्मपाल सिंह, पंकज यादव तथा महिला आरक्षी सीमा और प्रियंका शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    user_Kartikey pandey
    Kartikey pandey
    Advertising agency महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी, किसानों को किया जागरूक महराजगंज, 29 अक्टूबर। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। डीएम ने किसानों से अपील की कि पराली न जलाएं, बल्कि कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने एवं दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है। पराली नहीं जलाएं, पर्यावरण बचाएं और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें! #PublicMaharajganj #Maharajganj #BreakingNews
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    डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी, किसानों को किया जागरूक
महराजगंज, 29 अक्टूबर। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा।
डीएम ने किसानों से अपील की कि पराली न जलाएं, बल्कि कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने एवं दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
पराली नहीं जलाएं, पर्यावरण बचाएं और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें!
#PublicMaharajganj #Maharajganj #BreakingNews
    user_PUBLIC MAHARAJGANJ
    PUBLIC MAHARAJGANJ
    महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • महराजगंज में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रचार वाहन रवाना, किसानों को किया जाएगा जागरूक महराजगंज में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रचार वाहन रवाना, किसानों को किया जाएगा जागरूक डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट से दिखाई हरी झंडी, पराली जलाने पर जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान महराजगंज, 29 अक्टूबर 2026। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत संचालित यह प्रचार वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी देगा। अभियान के माध्यम से किसानों को जागरूक करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेषों को न जलाएं, बल्कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उनका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव भी नष्ट होते हैं, जिससे कृषि उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं, अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ उठाकर पराली का समुचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे खेतों की उर्वरता सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी। पराली जलाने पर हो सकती है कार्रवाई डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पराली जलाने की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए किसानों का सहयोग आवश्यक है। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और पराली जलाने के बजाय जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को अपनाएं। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    महराजगंज में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रचार वाहन रवाना, किसानों को किया जाएगा जागरूक
महराजगंज में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रचार वाहन रवाना, किसानों को किया जाएगा जागरूक
डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट से दिखाई हरी झंडी, पराली जलाने पर जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान
महराजगंज, 29 अक्टूबर 2026। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत संचालित यह प्रचार वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी देगा। अभियान के माध्यम से किसानों को जागरूक करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेषों को न जलाएं, बल्कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उनका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव भी नष्ट होते हैं, जिससे कृषि उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन पर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं, अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ उठाकर पराली का समुचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे खेतों की उर्वरता सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
पराली जलाने पर हो सकती है कार्रवाई
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पराली जलाने की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए किसानों का सहयोग आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और पराली जलाने के बजाय जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को अपनाएं।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_S.P.RAWAT
    S.P.RAWAT
    Local News Reporter महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना का विरोध। महराजगंज ब्रेकिंग। निचलौल तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध, SDM को सौंपा पत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना का विरोध। निचलौल तहसील के अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर जताई नाराजगी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद। हाईकोर्ट की घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने दर्ज कराया विरोध।
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    इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना का विरोध।
महराजगंज ब्रेकिंग।
निचलौल तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध, SDM को सौंपा पत्र
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना का विरोध।
निचलौल तहसील के अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर जताई नाराजगी।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद।
हाईकोर्ट की घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने दर्ज कराया विरोध।
    user_Munna Ansari
    Munna Ansari
    निचलाउल, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बरगदवा में लाखों की लागत से बना आरआरसी सेंटर बदहाल, जिम्मेदार मौन क्षतिग्रस्त गेट, ध्वस्त पार्टिशन और बाहर फेंका जा रहा कचरा महराजगंज। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरा प्रबंधन के लिए लाखों रुपये की लागत से बना नौतनवा विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदवा का आरआरसी सेंटर बदहाली का शिकार है। सेंटर का मुख्य गेट क्षतिग्रस्त है, जबकि परिसर के भीतर पार्टिशन की गई दीवाल ध्वस्त हो चुकी है। कचरे का समुचित निस्तारण करने के बजाय उसे परिसर के बाहर फेंका जा रहा है। इससे योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। नौतनवा विकास खंड स्थित इस सेंटर का उद्देश्य गांव में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है, लेकिन मौजूदा हालात सरकारी धन के सदुपयोग और निगरानी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहे हैं। निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही सामने आ रही है। एडीओ पंचायत रामकृष्ण प्रसाद ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। संबंधित को निर्देशित किया जाएगा। अब देखना है कि जिम्मेदार कब तक सेंटर की व्यवस्था दुरुस्त कराते हैं।
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    बरगदवा में लाखों की लागत से बना आरआरसी सेंटर बदहाल, जिम्मेदार मौन

क्षतिग्रस्त गेट, ध्वस्त पार्टिशन और बाहर फेंका जा रहा कचरा
महराजगंज।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरा प्रबंधन के लिए लाखों रुपये की लागत से बना नौतनवा विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदवा का आरआरसी सेंटर बदहाली का शिकार है। सेंटर का मुख्य गेट क्षतिग्रस्त है, जबकि परिसर के भीतर पार्टिशन की गई दीवाल ध्वस्त हो चुकी है। कचरे का समुचित निस्तारण करने के बजाय उसे परिसर के बाहर फेंका जा रहा है। इससे योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।
नौतनवा विकास खंड स्थित इस सेंटर का उद्देश्य गांव में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है, लेकिन मौजूदा हालात सरकारी धन के सदुपयोग और निगरानी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहे हैं। निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही सामने आ रही है।
एडीओ पंचायत रामकृष्ण प्रसाद ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। संबंधित को निर्देशित किया जाएगा। अब देखना है कि जिम्मेदार कब तक सेंटर की व्यवस्था दुरुस्त कराते हैं।
    user_ASHUTOSH KUMAR RAUNIYAR
    ASHUTOSH KUMAR RAUNIYAR
    Local News Reporter निचलाउल, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हिंदू रक्षक दल ने गौ शाला प्रकरण में उठाई आवाज DM से जांच की मांग? #vairalreels #reelsviralシ #vairlpost #NewsUpdate #vairalvideo #Postres #ANNEWS #PostViral #vairlvideo #sorts #BJPUttarPradesh हिंदू रक्षक दल ने गौ शाला प्रकरण में उठाई आवाज DM से जांच की मांग? #vairalreels #reelsviralシ #vairlpost #NewsUpdate #vairalvideo #Postres #ANNEWS #PostViral #vairlvideo #sorts #BJPUttarPradesh
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    हिंदू रक्षक दल ने गौ शाला प्रकरण में उठाई आवाज DM  से जांच की मांग?



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हिंदू रक्षक दल ने गौ शाला प्रकरण में उठाई आवाज DM  से जांच की मांग?
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    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? अमेरिका-ब्रिटेन-जापान ने नागरिकों से कहा- घर में राशन, पानी और पावर बैंक जमा करो अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में सरकारें अचानक अपने नागरिकों को घर में इमरजेंसी राशन, पावर बैंक, पीने का पानी और जरूरी सामान जमा करने को कह रही हैं। ब्रिटेन कह रहा है कि रूस उस पर बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिका अपने सैन्य अड्डों में 90 दिन का खाना, हथियार और ईंधन जुटा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि तीसरा विश्व युद्ध नजदीक है। क्या वाकई दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? *1. ब्रिटेन का 'बी रेडी' कैंपेन: 3 दिन का राशन स्टोर करो* ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर से 'बी रेडी' कैंपेन शुरू किया है। वेबसाइट पर लिखा है कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक जरूरी चीजें कम नहीं पड़नी चाहिए, इसके लिए 3 दिन काफी हैं। लोगों से 9 लीटर पानी, 3 दिन का खाना, टॉर्च, बैटरी, फर्स्ट-एड किट, कैश, पावर बैंक, बाथरूम प्रोडक्ट, कंबल, ID प्रूफ की फोटोकॉपी और रेडियो रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद प्राकृतिक आपदा, जंग, आतंकी हमलों और जंग जैसी इमरजेंसी के लिए तैयारी है। रेस्क्यू टीम हर जगह एक साथ नहीं पहुंच सकती। डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, "दुश्मन के हमले हमारे रोजमर्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये खतरे अब मनगढ़ंत नहीं, असली हैं।" *2. अमेरिका का 'किला' प्रोजेक्ट: 90 दिन बिना मदद के चलेंगे सैन्य बेस* अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन अपने मुख्य सैन्य अड्डों को बिना बाहरी मदद के 90 दिन तक काम करने लायक बना रहा है। अमेरिकी चैनल फॉक्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'फोर्ट्रेस' यानी किला नाम की योजना लॉन्च की। इसके तहत सैन्य ठिकाने खुद बिजली बनाएंगे। जंग में अगर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो जाए तो भी ये अड्डे चलते रहेंगे। वहां पानी, बिना बिजली-इंटरनेट के कम्युनिकेशन, गोला-बारूद, मेडिकल सप्लाई और जरूरी मिनरल्स का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाया जा रहा है। हर जरूरी चीज के दो सप्लायर होंगे ताकि एक के खत्म होने पर ऑपरेशन न रुके। अमेरिका 17 नवंबर को अपना इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (EAS) भी पूरे देश में टेस्ट करेगा। *3. जापान और यूरोप में भी तैयारी* जापान ने भूकंप और ज्वालामुखी की तैयारी के नाम पर 2 नवंबर को लोगों से कम से कम 3 से 7 दिन का खाना-पानी जमा करने को कहा है। यूरोपियन यूनियन ने 'प्रिपेयर्डनेस यूनियन स्ट्रैटेजी' अपनाई है, जिसमें लोगों को 72 घंटे बिना मदद के रहने को कहा गया है। फिनलैंड ने 9 महीने का अनाज भंडार किया है, तो स्वीडन ने डिफेंस सिस्टम अपग्रेड किए हैं। पोलैंड, एस्टोनिया, लातविया ने शेल्टर होम्स सुधारे हैं। *आखिर क्यों हो रही है ये तैयारी? दो बड़े कारण* *पहला- बड़ी जंग का डर:* 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि रूस NATO के खिलाफ 'हाइब्रिड वॉरफेयर' तेज कर रहा है। 2030 तक दुश्मन हमला करने लायक हो जाएंगे। NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी कहा कि रूस का अगला टारगेट यूरोप हो सकता है। ट्रंप कह चुके हैं कि रूस-यूक्रेन जंग तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती है। वहीं अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है और खाड़ी देशों में वॉरशिप और पैट्रियट मिसाइल तैनात कर रहा है। जापान को चीन-ताइवान तनाव का डर है। *दूसरा- बड़ा साइबर अटैक:* चीन, अमेरिका और रूस में AI पावर्ड ड्रोन, मिसाइल और नई साइबर तकनीक की होड़ बढ़ रही है। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने चेतावनी जारी की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने भी नागरिकों को साइबर अटैक के लिए तैयार रहने को कहा है।
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    दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? अमेरिका-ब्रिटेन-जापान ने नागरिकों से कहा- घर में राशन, पानी और पावर बैंक जमा करो

अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में सरकारें अचानक अपने नागरिकों को घर में इमरजेंसी राशन, पावर बैंक, पीने का पानी और जरूरी सामान जमा करने को कह रही हैं। ब्रिटेन कह रहा है कि रूस उस पर बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिका अपने सैन्य अड्डों में 90 दिन का खाना, हथियार और ईंधन जुटा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि तीसरा विश्व युद्ध नजदीक है। क्या वाकई दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है?
*1. ब्रिटेन का 'बी रेडी' कैंपेन: 3 दिन का राशन स्टोर करो*
ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर से 'बी रेडी' कैंपेन शुरू किया है। वेबसाइट पर लिखा है कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक जरूरी चीजें कम नहीं पड़नी चाहिए, इसके लिए 3 दिन काफी हैं।
लोगों से 9 लीटर पानी, 3 दिन का खाना, टॉर्च, बैटरी, फर्स्ट-एड किट, कैश, पावर बैंक, बाथरूम प्रोडक्ट, कंबल, ID प्रूफ की फोटोकॉपी और रेडियो रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद प्राकृतिक आपदा, जंग, आतंकी हमलों और जंग जैसी इमरजेंसी के लिए तैयारी है। रेस्क्यू टीम हर जगह एक साथ नहीं पहुंच सकती।
डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, "दुश्मन के हमले हमारे रोजमर्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये खतरे अब मनगढ़ंत नहीं, असली हैं।"
*2. अमेरिका का 'किला' प्रोजेक्ट: 90 दिन बिना मदद के चलेंगे सैन्य बेस*
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन अपने मुख्य सैन्य अड्डों को बिना बाहरी मदद के 90 दिन तक काम करने लायक बना रहा है। अमेरिकी चैनल फॉक्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'फोर्ट्रेस' यानी किला नाम की योजना लॉन्च की।
इसके तहत सैन्य ठिकाने खुद बिजली बनाएंगे। जंग में अगर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो जाए तो भी ये अड्डे चलते रहेंगे। वहां पानी, बिना बिजली-इंटरनेट के कम्युनिकेशन, गोला-बारूद, मेडिकल सप्लाई और जरूरी मिनरल्स का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाया जा रहा है। हर जरूरी चीज के दो सप्लायर होंगे ताकि एक के खत्म होने पर ऑपरेशन न रुके। अमेरिका 17 नवंबर को अपना इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (EAS) भी पूरे देश में टेस्ट करेगा।
*3. जापान और यूरोप में भी तैयारी*
जापान ने भूकंप और ज्वालामुखी की तैयारी के नाम पर 2 नवंबर को लोगों से कम से कम 3 से 7 दिन का खाना-पानी जमा करने को कहा है। यूरोपियन यूनियन ने 'प्रिपेयर्डनेस यूनियन स्ट्रैटेजी' अपनाई है, जिसमें लोगों को 72 घंटे बिना मदद के रहने को कहा गया है। फिनलैंड ने 9 महीने का अनाज भंडार किया है, तो स्वीडन ने डिफेंस सिस्टम अपग्रेड किए हैं। पोलैंड, एस्टोनिया, लातविया ने शेल्टर होम्स सुधारे हैं।
*आखिर क्यों हो रही है ये तैयारी? दो बड़े कारण*
*पहला- बड़ी जंग का डर:* 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि रूस NATO के खिलाफ 'हाइब्रिड वॉरफेयर' तेज कर रहा है। 2030 तक दुश्मन हमला करने लायक हो जाएंगे। NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी कहा कि रूस का अगला टारगेट यूरोप हो सकता है। ट्रंप कह चुके हैं कि रूस-यूक्रेन जंग तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती है। वहीं अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है और खाड़ी देशों में वॉरशिप और पैट्रियट मिसाइल तैनात कर रहा है। जापान को चीन-ताइवान तनाव का डर है।
*दूसरा- बड़ा साइबर अटैक:* चीन, अमेरिका और रूस में AI पावर्ड ड्रोन, मिसाइल और नई साइबर तकनीक की होड़ बढ़ रही है। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने चेतावनी जारी की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने भी नागरिकों को साइबर अटैक के लिए तैयार रहने को कहा है।
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    Kartikey pandey
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    2 hrs ago
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